# बिना तंदूर साधारण लोहे के तवे पर बनाएं ढाबा स्टाइल बेहद नरम बटर नान

> घर की रसोई में रखे साधारण लोहे के तवे पर बिना किसी तंदूर के बेहद मुलायम और मक्खन से भरपूर रेस्टोरेंट जैसी नान तैयार की जा सकती है। सही तापमान, दही के फर्मेंटेशन और पानी की खास ट्रिक से यह आसान रेसिपी तैयार होती है।

**Type:** article · **Category:** खानपान · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/bina-tandoor-sadharana-lohe-ke-tawa-para-banaen-dhaba-staila-behada-narama-butter-naan-34738 · **Language:** Hindi
**Tags:** बटर नान, तवा नान रेसिपी, बिना तंदूर नान, गार्लिक नान, होममेड नान, दाल मखनी नान

होटल अथवा ढाबे के भोजन की बात जब भी चलती है, तो मक्खन से तरबतर और मुंह में घुल जाने वाली गर्मागर्म नान का ख्याल सबसे पहले मन में आता है। दाल मखनी, शाही पनीर, मिक्स वेज या फिर तीखे छोले के साथ नान की जुगलबंदी हर किसी की पहली पसंद होती है। आमतौर पर लोगों की यही धारणा रहती है कि ऐसी जालीदार और कोमल नान सिर्फ भट्टी, तंदूर या किसी विशेष ओवन में ही तैयार हो सकती है। असलियत यह है कि किसी भी महंगे उपकरण के बगैर, घर की रसोई में मौजूद साधारण लोहे के तवे की मदद से वही पारंपरिक स्वाद और बनावट हासिल की जा सकती है।

## घर पर स्वादिष्ट नान बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
इस व्यंजन को तैयार करने के लिए रसोई में मिलने वाले बुनियादी तत्वों की आवश्यकता होती है। इसमें रूम टेम्परेचर यानी सामान्य तापमान पर रखा हुआ आधा कप दही और आटा गूंथने के लिए जरूरत के मुताबिक हल्का गुनगुना पानी लिया जाता है। इसके साथ ही मैदे में मिलाने के लिए नमक, चीनी, बेकिंग पाउडर और बेकिंग सोडा का इस्तेमाल होता है। टॉपिंग और स्वाद बढ़ाने के लिए ताज़ा मक्खन, बारीक कटा हुआ हरा धनिया और यदि गार्लिक नान पसंद हो तो बारीक कटा हुआ लहसुन लिया जाता है। चिकनाई के लिए थोड़ा तेल भी इस्तेमाल में लाया जाता है।

## आटा गूंथने और फर्मेंटेशन की सही तकनीक
नान को लाजवाब और स्पंजी बनाने का सारा दारोमदार उसके आटे पर टिका होता है। सबसे पहले एक फैले हुए बड़े बर्तन में मैदा लें और उसमें स्वादानुसार नमक, थोड़ी चीनी, बेकिंग पाउडर तथा बेकिंग सोडा डालकर अच्छी तरह मिला लें। इसके पश्चात मिश्रण में आधा कप दही और थोड़ा तेल डालें। दही मैदे को प्राकृतिक रूप से जालीदार बनाने का काम करता है। अब आवश्यकतानुसार गुनगुने पानी की मदद से मैदे को गूंथना शुरू करें। इस बात का खास ख्याल रखें कि आटा सख्त बिल्कुल न हो, बल्कि काफी नरम और लचीला होना चाहिए। जब आटा अच्छी तरह बंध जाए, तो उसके ऊपर हल्का सा तेल लगाकर चिकनाई दें और बर्तन को किसी कपड़े या ढक्कन से ढक दें। इस आटे को कम से कम 1 से 2 घंटे के लिए आराम करने दें ताकि खमीर अच्छी तरह उठ सके और नान एकदम कोमल बने।

## लोई बनाना और आकार देने की प्रक्रिया
जब आटा 1 से 2 घंटे तक रेस्ट कर ले, तब उसे दोबारा हाथों से हल्का सा मसल कर एकसार कर लें। अब आटे से छोटी-छोटी लोइयां तोड़ें। एक लोई उठाएं और चकले पर थोड़ा सूखा मैदा छिड़कते हुए उसे बेलन की मदद से बेलें। ढाबा शैली का अहसास पाने के लिए इसे थोड़ा लंबा या अंडाकार आकार में बेला जाता है। यदि गार्लिक नान तैयार करनी हो, तो बेली गई लोई की ऊपरी सतह पर थोड़ा सा बारीक कटा लहसुन और ताज़ा हरा धनिया फैला दें। इसके बाद बेलन को हल्के हाथों से ऊपर चला दें ताकि धनिया और लहसुन आटे में मजबूती से चिपक जाएं।

## तवे पर नान पकाने की खास तंदूरी विधि
नान को पकाने के लिए लोहे के तवे का चुनाव करें। नॉन-स्टिक तवे का इस्तेमाल भूलकर भी न करें, क्योंकि नॉन-स्टिक कोटिंग पर गीला आटा चिपकता नहीं है और उलटते ही गिर जाता है। गैस चूल्हे को जलाकर तवे को तेज आंच पर खूब गर्म होने दें। अब बेली हुई नान के पिछले हिस्से पर, जिस तरफ धनिया या लहसुन नहीं लगा है, हाथों या ब्रश की मदद से साफ पानी की एक समान परत लगा दें। इस पानी वाली सतह को सीधे गर्म तवे के ऊपर रखें।

तवे पर पड़ते ही पानी के कारण नान सतह से मजबूती से चिपक जाएगी और कुछ ही पलों में उसकी ऊपरी सतह पर छोटे-छोटे बुलबुले उभरने लगेंगे। जैसे ही बुलबुले दिखाई दें, तवे के हैंडल को पकड़ें और उसे गैस की सीधी आंच के ऊपर उल्टा कर दें। तवे को चारों तरफ घुमाते हुए आग की लपटों पर नान को तब तक सेकें जब तक कि उस पर गहरे सुनहरे और भूरे रंग के तंदूरी चकत्ते न उभर आएं।

## परोसने का तरीका और ध्यान रखने योग्य बातें
सेंकने के बाद तवे को सीधा करें और किसी चिमटे या खुरपी की सहायता से नान को तवे से अलग कर लें। तवे से उतारते ही गर्मागर्म नान की सतह पर भरपूर मात्रा में मक्खन लगाएं। मक्खन की गर्माहट आटे की नमी को सोखकर उसे लंबे समय तक मुलायम बनाए रखती है। इस तैयार बटर नान को गरमागरम दाल मखनी, शाही पनीर या अपनी पसंदीदा ग्रेवी वाली सब्जी के साथ परोसें। आटा गूंथते समय सदैव गुनगुने पानी का प्रयोग करें ताकि बेकिंग सोडा सक्रिय हो सके, आटे को 1 से 2 घंटे का विश्राम अवश्य दें और सेंकने के लिए केवल लोहे के तवे का ही चयन करें।

## इसका आप पर असर
घर पर साधारण तवे से रेस्टोरेंट जैसी नान बनाने की यह विधि बाहर के महंगे खाने पर होने वाले खर्च को कम करती है और शुद्धता सुनिश्चित करती है।

- **बजट पर असर:** बाहर के रेस्टोरेंट में 50 से 80 रुपये प्रति पीस बिकने वाली बटर नान घर पर मात्र कुछ रुपयों की बुनियादी सामग्री में तैयार हो जाती है। इससे किसी पारिवारिक समारोह या वीकेंड डिनर पर बाहर खाने का भारी-भरकम खर्च काफी कम हो जाता है।
- **स्वास्थ्य और शुद्धता:** घर पर बनाने से बासी तेल, मिलावटी मक्खन या अत्यधिक सोडे से बचा जा सकता है। परिवार के सदस्यों को ताजा और स्वच्छ सामग्री से बना भोजन खाने को मिलता है।
- **रसोई का प्रबंधन:** इसके लिए किसी महंगे तंदूर, बिजली से चलने वाले ओवन या अतिरिक्त उपकरणों को खरीदने की कोई आवश्यकता नहीं है। सामान्य लोहे का तवा हर भारतीय घर में उपलब्ध होता है, जिससे बिना किसी अतिरिक्त खर्चे के काम चल जाता है।
- **कुकिंग स्किल:** 1 से 2 घंटे के रेस्ट और पानी लगाने की साधारण तकनीक सीखकर कोई भी बिगिनर कुक परफेक्ट ढाबा स्टाइल भोजन घर पर परोस सकता है। यह छोटी पार्टी या मेहमानों के आने पर तुरंत काम आने वाला हुनर है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह आसान घरेलू विधि इसलिए कारगर साबित होती है क्योंकि पारंपरिक तंदूर की कार्यप्रणाली को सामान्य रसोई के बर्तनों के जरिए दोहराया जाता है। दही का रासायनिक प्रभाव और खुली आंच का संपर्क इसे बिल्कुल भट्टी जैसा परिणाम देता है।

- **वैज्ञानिक कारण:** मैदे में डाला गया दही, बेकिंग पाउडर और बेकिंग सोडा मिलकर कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनाते हैं। 1 से 2 घंटे का समय मिलने पर यह मिश्रण मैदे को भीतर से हल्का और जालीदार बना देता है।
- **तवे पर चिपकने का सिद्धांत:** नान की पिछली सतह पर लगाया गया पानी गर्म लोहे से छूते ही भाप बनाता है और आटे को धातु से चिपका देता है। यही कारण है कि तवे को उल्टा करने पर भी नान नीचे नहीं गिरती और भट्टी की दीवार जैसा अनुभव मिलता है।
- **सीधी आंच की सिकाई:** तवे को उल्टा करके गैस की लपटों पर घुमाने से मैदे की ऊपरी सतह पर सीधा तापमान पड़ता है। इससे कुछ ही सेकंड में वही पारंपरिक भूरे चकत्ते और कुरकुरापन आ जाता है जो मिट्टी के तंदूर में मिलता है।

## सवाल-जवाब

### 1. नान बनाने के लिए आटा कितनी देर तक रेस्ट पर रखना चाहिए?
आटे को कम से कम 1 से 2 घंटे के लिए ढककर रेस्ट करने देना चाहिए ताकि खमीर अच्छी तरह उठ सके।

### 2. क्या इस रेसिपी में नॉन-स्टिक तवे का इस्तेमाल किया जा सकता है?
नहीं, नॉन-स्टिक तवे का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योंकि उस पर पानी लगी नान चिपकती नहीं है और उल्टा करने पर गिर जाएगी।

### 3. नान को सेकने के लिए किस तरह के तवे की जरूरत होती है?
नान सेकने के लिए केवल साधारण लोहे के तवे का ही उपयोग करना चाहिए।

### 4. गार्लिक नान बनाने के लिए क्या अतिरिक्त सामग्री डालनी होती है?
गार्लिक नान के लिए लोई बेलते समय ऊपर से बारीक कटा हुआ लहसुन और हरा धनिया चिपकाया जाता है।

### 5. आटा गूंथते समय पानी कैसा होना चाहिए?
आटा गूंथने के लिए हमेशा हल्के गुनगुने पानी का ही इस्तेमाल करना चाहिए।

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