बिना वजन बढ़ने के डर के खाएं मखाना रसमलाई, कम कैलोरी में पाएं भरपूर प्रोटीन पारंपरिक मिठाइयों में चीनी और फैट की अधिकता से बचने के लिए मखाने से तैयार यह लो कैलोरी रसमलाई एक पौष्टिक विकल्प पेश करती है। प्रति सर्विंग करीब 180 कैलोरी और 8 ग्राम प्रोटीन देने वाली यह डिश घर पर बेहद कम सामग्री से झटपट तैयार हो जाती है। मिठाइयों के शौकीन लोगों के सामने अक्सर वजन नियंत्रित रखने और मीठे की लालसा को शांत करने के बीच संतुलन बनाना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। पारंपरिक रसमलाई में गाढ़ी रबड़ी, भारी मलाई और भरपूर चीनी का इस्तेमाल होता है, जिसकी वजह से फिटनेस पर ध्यान देने वाले लोग इससे दूरी बना लेते हैं। मखाने से तैयार की जाने वाली खास रसमलाई एक ऐसा बेहतरीन और पौष्टिक विकल्प बनकर सामने आई है जो स्वाद से समझौता किए बिना डाइट को पटरी पर बनाए रखती है। यह पूरी रेसिपी छह लोगों को परोसने के लिए पर्याप्त है और इसकी हर एक सर्विंग में शरीर को लगभग 180 कैलोरी के साथ करीब 8 ग्राम प्रोटीन प्राप्त होता है। रसमलाई तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री इस पौष्टिक मिठाई को बनाने के लिए रसोई में मिलने वाले बुनियादी तत्वों की आवश्यकता होती है। रेसिपी के मुताबिक 1 लीटर टोंड दूध, थोड़े से पानी में पहले से भिगोकर रखा गया केसर और 2 चम्मच स्किम्ड मिल्क पाउडर (जिसे थोड़े से पानी में घोल लिया गया हो) की जरूरत पड़ती है। मेवों के तौर पर 5 कटे हुए बादाम, बारीक कटे काजू और पिस्ता लिए जाते हैं। मखाने को दो तरह से शामिल किया जाता है, जिसमें आधा कप भुना हुआ मखाना पीसकर पाउडर के रूप में और 70 ग्राम भुना हुआ साबुत मखाना रखा जाता है। इसके अलावा स्वाद के मुताबिक ज़ीरो कैलोरी स्वीटनर, सजावट के लिए ताजी गुलाब की पंखुड़ियां और स्वाद बढ़ाने के लिए सीताफल का गूदा चाहिए होता है। दूध पकाने और गाढ़ा करने की शुरुआत तैयारी की शुरुआत एक भारी तले वाले बर्तन या कढ़ाई से होती है। कढ़ाई में 1 लीटर टोंड दूध डालकर उसे हल्की आंच पर चढ़ाया जाता है। दूध को करीब 10 से 15 मिनट तक बिना रुके लगातार चलाना बेहद जरूरी होता है, ताकि वह तली में चिपककर जले नहीं। जब दूध उबलते हुए थोड़ा कम और गाढ़ा होने लगे, तब कटोरी में घोला गया 2 चम्मच स्किम्ड मिल्क पाउडर का मिश्रण धीरे-धीरे इसमें मिलाया जाता है। इसी चरण पर केसर का पानी भी दूध में शामिल कर दिया जाता है। धीमी आंच पर लगातार चलाते रहने से दूध में केसर का खूबसूरत रंग और गाढ़ापन एक समान घुलने लगता है। मखाना और मेवों का क्रीमी मेल रसमलाई का मुख्य आधार मखाना होता है। मखानों को सूखा भूनकर कुरकुरा बना लिया जाता है। इसके बाद आधा कप भुने हुए मखानों को मिक्सी में पीसकर बारीक चूर्ण बना लें। इस मखाना पाउडर को पकते हुए दूध में धीरे-धीरे डालकर मिलाया जाता है। पाउडर दूध को प्राकृतिक रूप से रबड़ी जैसा गाढ़ा और मखमली टेक्सचर देने का काम करता है। इसके तुरंत बाद बाकी बचा हुआ 70 ग्राम साबुत भुना मखाना कढ़ाई में डाला जाता है, जिससे रसमलाई में पारंपरिक छेने जैसी बनावट मिलती है। साथ ही बारीक कटे हुए बादाम, काजू और पिस्ता भी डाल दिए जाते हैं और पूरे मिश्रण को अच्छी तरह मिलाया जाता है। मिठास, ठंडा करने का तरीका और परोसना पूरी सामग्री मिल जाने के बाद मिश्रण में स्वादानुसार ज़ीरो कैलोरी स्वीटनर मिलाया जाता है। इसे धीमी आंच पर दो से तीन मिनट और पकाने के बाद गैस बंद कर दी जाती है। कढ़ाई को सामान्य तापमान पर ठंडा होने के लिए रख दिया जाता है। जब मिश्रण पूरी तरह ठंडा हो जाए, तो इसे किसी बर्तन में निकालकर कुछ घंटों के लिए फ्रिज में रख दिया जाता है ताकि यह अच्छी तरह चिल्ड हो जाए। परोसने से ठीक पहले इसे गुलाब की पंखुड़ियों से सजाया जा सकता है। स्वाद में अतिरिक्त ताजगी जोड़ने के लिए इसमें आम या सीताफल का प्राकृतिक गूदा मिलाकर ठंडा-ठंडा परोसा जाता है। इसका आप पर असर यह रेसिपी वजन घटाने और फिटनेस की दिनचर्या में बिना किसी अपराधबोध के पारंपरिक स्वाद का आनंद लेने का मौका देती है। • कैलोरी नियंत्रण: भारी मलाईदार मिठाइयों की तुलना में यह विकल्प प्रति सर्विंग केवल 180 कैलोरी देता है। इससे डाइटिंग कर रहे लोग बिना एक्स्ट्रा कैलोरी जमा किए अपनी मीठे की क्रेविंग पूरी कर सकते हैं। • प्रोटीन की मात्रा: इस डिश की हर सर्विंग से शरीर को लगभग 8 ग्राम प्रोटीन प्राप्त होता है। यह दैनिक प्रोटीन की जरूरत को पूरा करने और मांसपेशियों की मरम्मत में मदद करता है। • ब्लड शुगर प्रबंधन: रेसिपी में चीनी की जगह ज़ीरो कैलोरी स्वीटनर का प्रयोग किया गया है। यह अचानक ब्लड शुगर स्पाइक होने के जोखिम को काफी हद तक नियंत्रित रखता है। • बजट और उपलब्धता: इसके लिए टोंड दूध और मखाने जैसी आम रसोई सामग्री की आवश्यकता होती है। इसे बहुत कम खर्च में और सामान्य बर्तनों की मदद से घर पर बनाया जा सकता है। ऐसा क्यों हुआ पारंपरिक मिठाइयों में चीनी और संतृप्त वसा की अत्यधिक मात्रा के कारण स्वास्थ्य के प्रति सचेत लोग पौष्टिक विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। मखाना एक हल्का, सुपाच्य और पोषक तत्वों से भरपूर तत्व है जो आसानी से तरल को सोखकर मिठाइयों की बनावट ले लेता है। • पारंपरिक मिठाइयों की वसा: सामान्य रसमलाई में फुल क्रीम दूध और खोया होने से कैलोरी बहुत बढ़ जाती है। इसी समस्या को सुलझाने के लिए टोंड दूध और मखाने का हल्का मेल चुना गया। • मखाने की प्राकृतिक गाढ़ा करने की क्षमता: मखाने को पीसकर डालने से बिना कॉर्नफ्लोर या मैदे के दूध गाढ़ा हो जाता है। यह प्राकृतिक स्टार्च और फाइबर के जरिए रबड़ी जैसी स्थिरता प्रदान करता है। • छेना डंपलिंग्स का सीधा विकल्प: भुने हुए साबुत मखाने दूध में भीगकर छेने की रसमलाई जैसा स्पंजी टेक्सचर हासिल कर लेते हैं। इससे बिना पनीर फाड़े और छेना मसले तुरंत रसमलाई का अनुभव मिल जाता है। सवाल-जवाब 1. मखाना रसमलाई की एक सर्विंग में कितनी कैलोरी और प्रोटीन होता है? इस रेसिपी की प्रत्येक सर्विंग में लगभग 180 कैलोरी और करीब 8 ग्राम प्रोटीन मिलता है। 2. इस रेसिपी से कितने लोगों के लिए रसमलाई तैयार होती है? यह सामग्री माप कुल 6 लोगों को परोसने के लिए पर्याप्त मात्रा में रसमलाई तैयार करती है। 3. दूध को गाढ़ा और क्रीमी बनाने के लिए किस सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है? दूध को क्रीमी और गाढ़ा बनाने के लिए स्किम्ड मिल्क पाउडर के घोल और आधा कप भुने हुए मखाने के पाउडर का इस्तेमाल होता है। 4. रसमलाई में स्वाद और सुगंध बढ़ाने के लिए कौन से फल या गार्निश जोड़े जा सकते हैं? इसे ठंडा परोसते समय गुलाब की पंखुड़ियों के अलावा सीताफल या आम का ताजा गूदा मिलाया जा सकता है। https://trendkia.com/food/bina-vajana-barhane-ke-dara-ke-khaen-makhana-rasmalai-kama-kailori-men-paen-bharapura-protina-41515 TrendKia — Har trend, sabse pehle.