# बोकारो के तेनु चौक पर मिल रहा है खास लाई का अनरसा, बारिश के सीजन में दूर-दूर से स्वाद चखने पहुंच रहे लोग

> झारखंड के बोकारो में स्थित वृंदावन लस्सी और चाय की दुकान पर अनोखा लाई का अनरसा मिल रहा है, जिसकी लोकप्रियता के कारण लोग दूर-दराज से इसका स्वाद लेने पहुंच रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** खानपान · **Published:** 2026-07-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/bokaro-ke-tenu-chowk-para-mila-raha-hai-khasa-lai-ka-anarsa-barisha-ke-sijana-men-dura-dura-se-svada-chakhane-pahuncha-rahe-loga-10392 · **Language:** Hindi
**Tags:** बोकारो समाचार, लाई का अनरसा, वृंदावन लस्सी और चाय, झारखंड पर्यटन, भारतीय मिठाइयाँ, बोकारो फूड

मॉनसून की दस्तक के साथ ही तली-भुनी चीजों और पारंपरिक मिठाइयों की मांग काफी बढ़ जाती है। झारखंड के बोकारो जिले में इन दिनों एक खास तरह की मिठाई लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। आमतौर पर लोग तिल से बना अनरसा खाना पसंद करते हैं, लेकिन बोकारो के तेनु चौक पर एक ऐसी दुकान है जहां बिल्कुल अलग अंदाज में 'लाई का अनरसा' तैयार किया जा रहा है। इस अनोखे स्वाद का लुत्फ उठाने के लिए स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज के इलाकों से भी मिठाई प्रेमी यहां खींचे चले आ रहे हैं। झारखंड के बोकारो में पारंपरिक तौर पर कई तरह के पकवान बनाए जाते हैं, लेकिन लाई का यह नया प्रयोग इस क्षेत्र में बेहद लोकप्रिय हो चुका है।

## स्वाद का अनोखा सफर और अनूप की दुकान
तेनु चौक पर स्थित 'वृंदावन लस्सी और चाय' नाम की यह दुकान पिछले आठ सालों से अपनी खास पहचान बनाए हुए है। दुकान के संचालक अनूप ने बताया कि वह लगभग आठ वर्षों से इस इलाके में ग्राहकों को तिल और लाई का अनरसा परोस रहे हैं। उनके हाथों से बनी इस अनूठी मिठाई को लोग बेहद पसंद करते हैं। कीमत की बात करें तो लाई का अनरसा 40 रुपये प्रति पीस के हिसाब से बेचा जाता है, जबकि यदि कोई इसे वजन के हिसाब से खरीदना चाहे तो इसके लिए 800 रुपये प्रति किलोग्राम की दर तय की गई है। इसके अलावा, दुकान पर पारंपरिक तिल खोया अनरसा भी उपलब्ध है, जिसकी कीमत 700 रुपये प्रति किलोग्राम है।

## इस तरह तैयार होता है लजीज लाई का अनरसा
इस अनोखे अनरसे को तैयार करने की विधि भी बेहद खास और पारंपरिक है। दुकान संचालक अनूप ने इसकी मेकिंग को लेकर बताया कि सबसे पहले शुद्ध और ताजे दूध को कड़ाही में अच्छी तरह उबालकर गाढ़ा खोया तैयार किया जाता है। खोया तैयार होने के बाद उसे लगभग एक घंटे तक सामान्य तापमान पर ठंडा होने के लिए छोड़ दिया जाता है। जब खोया पूरी तरह ठंडा हो जाता है, तब उसमें लाई के चुनिंदा दानों को मिलाया जाता है और इस पूरे मिश्रण को अच्छी तरह से तैयार किया जाता है। इसके बाद, इस मिश्रण को हाथों से गोल आकार दिया जाता है। परोसने से ठीक पहले इसके ऊपर बादाम और पिस्ता के टुकड़ों को खूबसूरती से सजाया जाता है, जिससे इसका स्वाद और लुक दोनों ही बढ़ जाते हैं।

## रोजाना की बिक्री और ग्राहकों की दीवानगी
इस दुकान की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह सुबह 7:30 बजे खुल जाती है और रात 10:30 बजे तक यहां ग्राहकों का आना-जाना लगा रहता है। सामान्य दिनों में भी यहां रोजाना 50 किलो से लेकर 100 किलो तक लाई के अनरसे की बिक्री आसानी से हो जाती है। बारिश के मौसम और विभिन्न त्योहारों के दौरान इसकी मांग कई गुना बढ़ जाती है। त्योहारों के दिनों में लोग पहले से ही इसके ऑर्डर बुक करा लेते हैं ताकि मेहमानों को कुछ नया परोसा जा सके। इस दुकान पर नियमित रूप से आने वाले एक ग्राहक चंदन ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि लाई से बना अनरसा आमतौर पर हर जगह देखने को नहीं मिलता है। चंदन इस लजीज मिठाई का स्वाद चखने के लिए अक्सर अपने घर से 2 किलोमीटर का सफर तय करके यहां आते हैं। उनका कहना है कि इसका लाजवाब स्वाद उनके पूरे परिवार को बेहद पसंद है।

## इसका आप पर असर
- **भारत भर में:** यह कहानी स्थानीय व्यंजनों में नवाचार के महत्व को दर्शाती है, जिससे छोटे व्यवसायों को अपनी पहचान बनाने में मदद मिलती है।
- **बोकारो और झारखंड में:** स्थानीय खाद्य प्रेमियों को एक अनोखी मिठाई का स्वाद लेने का अवसर मिल रहा है, जिससे क्षेत्र के स्थानीय पर्यटन और खाद्य उद्योग को बढ़ावा मिल रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. यह अनोखा 'लाई का अनरसा' कहां मिलता है?
यह मिठाई झारखंड के बोकारो जिले में स्थित तेनु चौक पर 'वृंदावन लस्सी और चाय' की दुकान पर मिलती है।

### 2. इस दुकान पर लाई के अनरसे की कीमत क्या है?
लाई का अनरसा 40 रुपये प्रति पीस और 800 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जाता है।

### 3. इस खास अनरसे को बनाने का तरीका क्या है?
ताजे दूध से गाढ़ा खोया बनाकर उसे एक घंटे ठंडा किया जाता है। फिर उसमें लाई के दाने मिलाकर गोल आकार दिया जाता है और बादाम-पिस्ता से सजाया जाता है।

### 4. वृंदावन लस्सी और चाय की दुकान के खुलने और बंद होने का समय क्या है?
यह दुकान रोजाना सुबह 7:30 बजे से रात 10:30 बजे तक खुली रहती है।

### 5. इस दुकान पर रोजाना औसतन कितनी बिक्री होती है?
यहाँ रोजाना लगभग 50 से 100 किलोग्राम लाई के अनरसे की बिक्री हो जाती है, जो बारिश और त्योहारों में और बढ़ जाती है।

## प्रेरणा और सबक
- **परंपरा में नया प्रयोग:** पारंपरिक रेसिपी में थोड़ा बदलाव (जैसे तिल की जगह लाई का उपयोग) आपको बाजार में एक अनोखी पहचान दिला सकता है।
- **गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं:** दूध से ताजा खोया बनाना और उसे सही तरीके से ठंडा करना यह साबित करता है कि स्वाद की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए समय देना जरूरी है।
- **निरंतरता ही सफलता की कुंजी है:** अनूप ने पिछले 8 वर्षों से अपनी गुणवत्ता को बनाए रखा है, जिससे उन्हें एक वफादार ग्राहक आधार मिला है जो दूर-दूर से उनकी दुकान पर आता है।

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