बोकारो में हर दिन बिकती हैं 150 प्लेट मशरूम बिरयानी, वजह जान चौंक जाएंगे बोकारो के सेक्टर-1 स्थित बलराम बिरयानी स्टॉल पर मशरूम, अंडा, अंबुर और चिकन दम बिरयानी मिलती है, जो महज 3 घंटे में बिक जाती है। बोकारो में बिरयानी के शौकीनों के लिए सेक्टर-1 का बलराम बिरयानी स्टॉल इन दिनों खासा चर्चा में है। यहां एक ही जगह पर मशरूम बिरयानी, अंडा बिरयानी, साउथ स्पेशल अंबुर बिरयानी और चिकन दम बिरयानी, कुल चार वैरायटी चखने को मिलती हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि स्टॉल खुलने के बाद महज 3 घंटे के भीतर ही ज्यादातर बिरयानी बिक जाती है। रोजाना बड़ी तादाद में लोग यहां स्वाद लेने पहुंचते हैं और भीड़ इतनी रहती है कि देर से आने वालों को कई बार अपनी पसंदीदा वैरायटी हाथ से जाती हुई भी दिखती है। बेंगलुरु के होटलों से बोकारो के बाजार तक का सफर इस स्टॉल के पीछे बलराम की मेहनत और सीख की एक पूरी कहानी है। उन्होंने करीब 12 सालों तक बेंगलुरु के बड़े-बड़े होटलों में कुक के तौर पर काम किया। इसी दौरान उन्होंने बिरयानी बनाने की बारीकियां बारीकी से सीखीं, मसालों की मात्रा से लेकर दम देने के तरीके तक हर चीज पर पकड़ बनाई। बरसों की इस ट्रेनिंग के बाद वे अपने शहर बोकारो लौटे और यहीं अपना खुद का बिरयानी स्टॉल शुरू करने का फैसला किया। आज उनके स्टॉल की बिरयानी शहर में काफी लोकप्रिय हो चुकी है। मशरूम बिरयानी की सबसे ज्यादा डिमांड बलराम बताते हैं कि उनके स्टॉल पर चार तरह की बिरयानी मिलती है, लेकिन ग्राहकों की पहली पसंद मशरूम बिरयानी ही रहती है। इसकी वजह यह है कि बोकारो में मशरूम बिरयानी बहुत कम जगहों पर मिलती है, इसलिए लोग खासतौर पर इसे चखने के लिए उनके स्टॉल तक पहुंचते हैं। यही वजह है कि रोजाना करीब 100 से 150 प्लेट मशरूम बिरयानी अकेले बिक जाती है। जानिए किस वैरायटी की क्या है कीमत स्टॉल पर हर वैरायटी की अलग कीमत रखी गई है। फुल प्लेट मशरूम बिरयानी 90 रुपये में मिलती है, जबकि हाफ प्लेट के लिए 65 रुपये चुकाने होते हैं। अंडा बिरयानी की हाफ प्लेट 55 रुपये में उपलब्ध है। चिकन दम बिरयानी की फुल प्लेट का दाम 170 रुपये है, वहीं फुल प्लेट अंबुर बिरयानी 180 रुपये में मिलती है। अगर किसी को अतिरिक्त चावल चाहिए तो उसके लिए 30 रुपये अलग से देने होते हैं और एक्स्ट्रा चिकन पीस के लिए 45 रुपये चुकाने पड़ते हैं। कैसे बनती है खास मशरूम बिरयानी मशरूम बिरयानी बनाने की प्रक्रिया के बारे में बलराम बताते हैं कि सबसे पहले बासमती चावल को खास मसालों के साथ करीब 70 प्रतिशत तक पकाया जाता है। इसके बाद ताजे मशरूम को अलग से मसालों में पकाया जाता है और फिर चावल के साथ मिलाकर दम दिया जाता है। इसी प्रक्रिया की वजह से बिरयानी का स्वाद और खुशबू दोनों बेहतरीन बनते हैं। स्टॉल रोजाना दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक ही खुलता है और ग्राहकों की भीड़ इतनी होती है कि इन 3 घंटों के भीतर ही सभी चारों वैरायटी की बिरयानी खत्म हो जाती है। इसका आप पर असर • भारत में: यह कहानी बताती है कि बड़े शहरों में सीखा हुनर लेकर अपने शहर लौटने पर भी स्ट्रीट फूड बिजनेस में अच्छी कमाई और पहचान बनाई जा सकती है। • बोकारो में: सेक्टर-1 के इस स्टॉल पर दोपहर 12 से 3 बजे के बीच पहुंचकर 55 से 180 रुपये के बीच अलग-अलग वैरायटी की बिरयानी का स्वाद लिया जा सकता है, लेकिन देर से पहुंचने पर पसंदीदा वैरायटी खत्म भी हो सकती है। सवाल-जवाब 1. बलराम के स्टॉल पर कौन-कौन सी बिरयानी मिलती है? यहां मशरूम बिरयानी, अंडा बिरयानी, साउथ स्पेशल अंबुर बिरयानी और चिकन दम बिरयानी, कुल चार वैरायटी मिलती हैं। 2. स्टॉल किस समय खुलता है? यह स्टॉल रोजाना दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक ही संचालित होता है। 3. सबसे ज्यादा किस बिरयानी की मांग रहती है? मशरूम बिरयानी की मांग सबसे ज्यादा रहती है और रोजाना करीब 100 से 150 प्लेट बिक जाती है। 4. फुल प्लेट मशरूम बिरयानी की कीमत क्या है? फुल प्लेट मशरूम बिरयानी 90 रुपये और हाफ प्लेट 65 रुपये में मिलती है। 5. बलराम ने बिरयानी बनाना कहां से सीखा? उन्होंने करीब 12 सालों तक बेंगलुरु के बड़े होटलों में कुक के तौर पर काम करते हुए बिरयानी बनाना सीखा। 6. अतिरिक्त चावल और एक्स्ट्रा चिकन पीस की कीमत क्या है? अतिरिक्त चावल 30 रुपये में और एक्स्ट्रा चिकन पीस 45 रुपये में मिलता है। प्रेरणा और सबक बलराम की कहानी से सीखने को कई बातें हैं: • धैर्य के साथ हुनर सीखना: बलराम ने करीब 12 साल बेंगलुरु के होटलों में काम करके बिरयानी बनाने की बारीकियां सीखीं, कोई शॉर्टकट नहीं अपनाया। • अपनी जड़ों की ओर लौटना: बड़े शहर में अनुभव लेने के बाद वे अपने शहर बोकारो लौटे और वहीं अपना कारोबार खड़ा किया। • बाजार की कमी पहचानना: उन्होंने देखा कि बोकारो में मशरूम बिरयानी कम जगहों पर मिलती है और इसी खाली जगह को अपनी ताकत बनाया। • गुणवत्ता पर फोकस: चावल को खास तरीके से पकाना और मशरूम को अलग से मसालों में तैयार कर दम देना, यह मेहनत ही उनके स्वाद को खास बनाती है। https://trendkia.com/food/bokaro-men-hara-dina-bikati-hain-150-pleta-masharuma-birayani-vajaha-jana-chaunka-jaenge-5421 TrendKia — Har trend, sabse pehle.