बुरहानपुर की पारंपरिक मोन थाल मिठाई घर पर कैसे बनाएं, जानें इसकी आसान रेसिपी और खास बातें मध्य प्रदेश के बुरहानपुर की प्रसिद्ध मोन थाल मिठाई न केवल बेहद स्वादिष्ट और सेहतमंद है, बल्कि इसे 20 दिनों तक सुरक्षित स्टोर किया जा सकता है। बुरहानपुर की खास पहचान है यह मिठाई मध्य प्रदेश का बुरहानपुर जिला अपनी ऐतिहासिक धरोहरों के साथ-साथ लाजवाब खानपान के लिए भी जाना जाता है। यहां कई प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन और मिठाइयां तैयार की जाती हैं, जिन्हें लोग खूब पसंद करते हैं। इन्हीं में से एक बेहद लोकप्रिय पारंपरिक मिठाई है जिसका नाम मोन थाल है। मुख्य रूप से बेसन, देसी घी और मेवों के मेल से बनने वाली यह मिठाई स्वाद में बेजोड़ होती है। सेहत के लिए भी है फायदेमंद इस मिठाई की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह सेहत के लिए बहुत फायदेमंद मानी जाती है। TrendKia से बातचीत में एक्सपर्ट महिला फूलाबाई ने बताया कि डॉक्टर भी इस मिठाई को खाने की सलाह देते हैं। बच्चे हों या बुजुर्ग, सभी इसे बड़े चाव से खाते हैं। इसके अलावा, मोन थाल की शेल्फ लाइफ काफी लंबी होती है। इसे बनाने में भले ही एक दिन का समय लगता है, लेकिन इसे बनाकर रखने के बाद यह करीब 20 दिनों तक बिल्कुल खराब नहीं होती है। ऐसे में आप इसे मेहमानों के सामने परोसने या सफर में ले जाने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं। घर पर मोन थाल बनाने की आसान विधि अगर आप भी इस पारंपरिक स्वाद को अपने घर पर चखना चाहते हैं, तो इसे बेहद सरल तरीके से तैयार किया जा सकता है। इसके लिए आप नीचे दिए गए स्टेप्स का पालन कर सकते हैं: • सामग्री: 1 किलो बेसन, कुल 500 ग्राम देसी घी (100 ग्राम मोयन के लिए और 400 ग्राम भूनने के लिए), 300 ग्राम पिसी हुई शक्कर, स्वादानुसार बारीक कटे ड्राई फ्रूट्स और इच्छानुसार मावा (मावे के बिना भी यह मिठाई बनाई जा सकती है)। • मोयन लगाना: सबसे पहले 1 किलो बेसन में 100 ग्राम देसी घी मिलाकर अच्छी तरह मोयन लगा लें। • बेसन को भूनना: अब एक कड़ाही लें और उसे हल्की आंच पर रखें। उसमें 400 ग्राम देसी घी डालकर गर्म करें। इसके बाद मोयन लगा हुआ बेसन कड़ाही में डालें और उसे लगातार चलाते रहें। बेसन को तब तक भूनें जब तक कि उसका रंग हल्का भूरा (ब्राउन) न हो जाए। • मीठा और मेवे मिलाना: बेसन अच्छे से भून जाने के बाद, आंच बंद कर दें या बिल्कुल धीमी कर दें। अब इसमें 300 ग्राम पिसी हुई शक्कर और स्वादानुसार मनपसंद ड्राई फ्रूट्स मिला लें। सभी सामग्रियों को अच्छे से मिक्स करें। • मिठाई जमाना: जब मिश्रण तैयार हो जाए, तो इसे एक ट्रे या थाली में समान रूप से फैलाकर जमा लें। ठंडा होने पर इसे अपने मनपसंद आकार में काट लें। आपकी स्वादिष्ट और हेल्दी मोन थाल मिठाई पूरी तरह तैयार है। इसे आप किसी साफ और सूखे स्टील के डब्बे में स्टोर करके रख सकते हैं। यह अगले 20 दिनों तक बिल्कुल ताजी और खाने योग्य बनी रहेगी। इसका आप पर असर • भारत में: भोजन प्रेमी आसानी से घर पर एक पारंपरिक और स्वास्थ्यवर्धक भारतीय मिठाई तैयार कर सकते हैं, जिसे त्योहारों या मेहमानों के लिए 20 दिनों तक स्टोर किया जा सकता है। • मध्य प्रदेश में: बुरहानपुर और उसके आसपास के लोग स्थानीय पारंपरिक व्यंजनों को घर पर बनाने के लिए इस विशेषज्ञ रेसिपी का उपयोग कर सकते हैं। सवाल-जवाब 1. मोन थाल मिठाई कितने दिनों तक सुरक्षित रह सकती है? यह मिठाई लगभग 20 दिनों तक खराब नहीं होती है और इसे स्टील के डिब्बे में आसानी से सुरक्षित रखा जा सकता है। 2. मोन थाल बनाने के लिए किन मुख्य सामग्रियों की आवश्यकता होती है? इसे बनाने के लिए मुख्य रूप से बेसन, देसी घी, पिसी हुई शक्कर, ड्राई फ्रूट्स और मावा (वैकल्पिक) की आवश्यकता होती है। 3. इस मिठाई को बनाने में कितना समय लगता है? इस पारंपरिक मिठाई को पूरी तरह तैयार होने में एक दिन का समय लगता है। 4. मोन थाल बनाने के लिए बेसन और घी का क्या अनुपात होना चाहिए? रेसिपी के अनुसार, 1 किलो बेसन में 100 ग्राम घी का मोयन लगाएं और फिर 400 ग्राम देसी घी में इसे धीमी आंच पर भूनें। https://trendkia.com/food/burhanpur-ki-parnparika-mon-thal-mithai-ghara-para-kaise-banaen-janen-isaki-asana-resipi-aura-khasa-baten-2013 TrendKia — Har trend, sabse pehle.