चना दाल संग पालक मिलाकर बनाएं स्वादिष्ट चीला, सुबह के नाश्ते में मिलेंगे जबरदस्त सेहतमंद फायदे सुबह के नाश्ते में प्रोटीन और फाइबर से भरपूर चना दाल और पालक का चीला सेहत के लिए एक बेहतरीन विकल्प है। यह वजन नियंत्रित करने के साथ-साथ डायबिटीज रोगियों के लिए भी अत्यधिक लाभकारी माना जाता है। सुबह की भागदौड़ भरी दिनचर्या में शरीर को ऊर्जावान बनाए रखने के लिए एक पौष्टिक और सुपाच्य नाश्ता बेहद आवश्यक होता है। ऐसे में चना दाल और पालक के मेल से तैयार किया गया चीला न केवल स्वाद में बेहतरीन होता है बल्कि पोषण के मामले में भी काफी समृद्ध माना जाता है। वनस्पति प्रोटीन और डाइट्री फाइबर से भरपूर यह डिश उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी है जो अपने बढ़ते वजन को नियंत्रित करना चाहते हैं या फिर अपने रक्त शर्करा के स्तर को संतुलित रखना चाहते हैं। इसे बनाने की प्रक्रिया बहुत सरल है और कम समय में इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है। आवश्यक सामग्री और उनकी सही मात्रा इस पौष्टिक चीले को तैयार करने के लिए रसोई में आसानी से उपलब्ध होने वाली साधारण सामग्री की आवश्यकता होती है। सही स्वाद और बनावट प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित सामग्री और उनकी तय मात्रा का उपयोग करें • भीगी हुई चना दाल: 1 कप (दाल को लगभग 4-5 घंटे तक पानी में भिगोकर रखना अनिवार्य है) • ताजा पालक: 1 कप (अच्छी तरह से धोकर बारीक काटी हुई) • हरी मिर्च: 2 (बारीक कटी हुई) • अदरक: 1 इंच लंबा टुकड़ा • जीरा: 1 छोटा चम्मच • हींग: 1 चुटकी (पाचन क्रिया को सुगम बनाने के लिए) • हल्दी पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच • नमक: स्वादानुसार • तेल या घी: चीला सेकने की आवश्यकता अनुसार चीला बनाने की चरणबद्ध आसान विधि स्वादिष्ट और कुरकुरा चीला बनाने के लिए नीचे दी गई चार आसान प्रक्रियाओं का सही क्रम में पालन करें प्रथम चरण: बैटर तैयार करनासबसे पहले 4-5 घंटे से भीगी हुई चना दाल का पानी पूरी तरह से निकाल लें। अब इस दाल को मिक्सी के जार में डालें। इसके साथ 1 इंच अदरक का टुकड़ा, 2 बारीक कटी हरी मिर्च, 1 छोटा चम्मच जीरा और आवश्यकता अनुसार बहुत थोड़ा सा पानी मिलाएं। मिक्सी को चलाकर एक गाढ़ा, एकसार और चिकना बैटर तैयार कर लें। ध्यान रखें कि पानी की मात्रा अधिक न हो ताकि बैटर ज्यादा पतला न बने। द्वितीय चरण: सामग्री का मिश्रणतैयार किए गए बैटर को एक साफ और बड़े बर्तन में निकालें। अब इसमें 1 कप बारीक कटी हुई ताजा पालक, 1/2 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, एक चुटकी हींग और अपने स्वादानुसार नमक डालें। चम्मच की सहायता से सभी सामग्रियों को अच्छी तरह से मिलाएं। यदि आपको बैटर अत्यधिक गाढ़ा महसूस हो, तो इसमें 1-2 चम्मच पानी मिलाकर सही गाढ़ापन प्राप्त कर सकते हैं। तृतीय चरण: तवे पर चीला फैलानाएक नॉन-स्टिक तवे को मध्यम आंच पर गैस पर रखकर गरम करें। तवे की सतह पर हल्का सा तेल या घी लगाकर ग्रीस करें। जब तवा सही तापमान पर आ जाए, तब एक बड़े चम्मच में बैटर लेकर तवे के बीच में डालें और उसे गोल आकार देते हुए बाहर की ओर धीरे-धीरे फैलाएं। चतुर्थ चरण: सेकना और सर्व करनाचीले के किनारों पर और ऊपर की सतह पर थोड़ा सा तेल या घी की बूंदें छिड़कें। जब चीले की निचली सतह हल्की सुनहरी और पकी हुई दिखाई देने लगे, तो इसे सावधानीपूर्वक पलट दें। दूसरी तरफ से भी चीले को तब तक सेकें जब तक वह क्रिस्पी और सुनहरा न हो जाए। तैयार गरमा-गरम चीले को हरी चटनी या दही के साथ परोसें। चना दाल और पालक चीला के मुख्य स्वास्थ्य लाभ यह डिश केवल स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि शरीर को अनेक तरह के न्यूट्रिशन देने में भी सक्षम है। इसके प्रमुख स्वास्थ्य लाभ इस प्रकार हैं प्रोटीन का समृद्ध स्रोत: चना दाल में भारी मात्रा में प्लांट-बेस्ड प्रोटीन पाया जाता है। प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों की मरम्मत और मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके सेवन से पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है, जिससे बार-बार खाने की इच्छा नहीं होती। आवश्यक विटामिन्स और आयरन: हरी पालक में आयरन, फोलेट तथा विटामिन A और C प्रचुर मात्रा में मौजूद होते हैं। यह पोषक तत्व शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को सुधारने और लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में बेहद सहायक होते हैं। वजन नियंत्रण में सहायक: इसमें मौजूद उच्च फाइबर और प्रोटीन का संयोजन पाचन क्रिया को संतुलित रखता है। असमय भूख लगने की समस्या खत्म होती है, जिससे वजन घटाने के प्रयास में लगे लोगों को काफी मदद मिलती है। ब्लड शुगर का संतुलन: चना दाल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम होता है। इसका अर्थ है कि इसके सेवन से रक्त में शर्करा का स्तर अचानक नहीं बढ़ता। इसी कारण डायबिटीज के मरीजों के लिए यह नाश्ता एक सुरक्षित और लाभदायक विकल्प माना जाता है। इसका आप पर असर स्वास्थ्य और दिनचर्या पर प्रभाव: • नाश्ते में पोषण: यह चीला दैनिक आहार में आसानी से प्रोटीन और फाइबर शामिल करने का त्वरित तरीका है, जिससे दिनभर ऊर्जा बनी रहती है। • बीमारियों में राहत: कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स और उच्च आयरन सामग्री के कारण यह वजन घटाने के इच्छुक लोगों और डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहतरीन भोजन है। सवाल-जवाब 1. चना दाल को कितने समय तक भिगोना चाहिए? चना दाल को चीला बनाने से पहले कम से कम 4-5 घंटे तक पानी में भिगोकर रखना आवश्यक है। 2. क्या यह चीला वजन घटाने के लिए फायदेमंद है? जी हां, इसमें प्रोटीन और फाइबर की प्रचुर मात्रा होती है जो पेट को लंबे समय तक भरा रखती है और वजन नियंत्रण में मदद करती है। 3. क्या डायबिटीज के मरीज चना दाल और पालक का चीला खा सकते हैं? हां, चना दाल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे यह डायबिटीज के मरीजों के लिए एक सुरक्षित और लाभदायक नाश्ता है। 4. चीले के बैटर में कौन-कौन से मसाले मिलाए जाते हैं? चीले के बैटर में अदरक, हरी मिर्च, जीरा, हींग, हल्दी पाउडर और स्वादानुसार नमक मिलाया जाता है। https://trendkia.com/food/chana-dala-snga-palaka-milakara-banaen-svadishta-chila-subaha-ke-nashte-men-milenge-jabaradasta-sehatamnda-phayade-19941 TrendKia — Har trend, sabse pehle.