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  "type": "article",
  "title": "छतरपुर की यह पारंपरिक मिठाई सर्दियों और त्योहारों में मचाती है धमाल, स्वाद और खुशबू के दीवाने हैं लोग",
  "summary": "मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में सिंघाड़ा और मावा से बनने वाली एक खास मिठाई ठंड और त्योहारी सीजन में खासी लोकप्रिय होती है। नवरात्रि से दीपावली तक बिकने वाले इस खोवा सिंघाड़ पाक की कीमत 350 रुपये प्रति किलो है।",
  "content": "मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में ठंड और त्योहारों के सीजन के दौरान एक बेहद लोकप्रिय मिठाई बाजारों की शोभा बढ़ाती है। इस अनूठी मिठाई को मुख्य रूप से सिंघाड़ा और मावा के मिश्रण से तैयार किया जाता है। नवरात्रि के पावन पर्व से लेकर दीपावली तक इस लजीज व्यंजन की मांग बाजार में काफी अधिक बढ़ जाती है। स्थानीय बाजारों में इस मिठाई को 350 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जाता है, जिसे खाने के लिए दूर-दूर से लोग खिंचे चले आते हैं।\n\nप्रेम पैलेस होटल के बब्बी चौरसिया की जुबानी\nस्थानीय प्रेम पैलेस होटल के संचालक बब्बी चौरसिया के अनुसार, सर्दियों के मौसम की शुरुआत के साथ ही बाजारों में सिंघाड़े की आवक शुरू हो जाती है। इस मौसम में कई प्रमुख व्रत और त्योहार आते हैं, जिनके दौरान सिंघाड़े से कई तरह के पकवान और व्यंजन बनाए जाते हैं। इन्हीं व्यंजनों में से एक प्रमुख नाम मावा सिंघाड़े के पाक का है, जो अपनी खास महक और स्वाद के लिए जाना जाता है।\n\nनवरात्रि से शुरू होती है बंपर मांग\nबब्बी चौरसिया बताते हैं कि इस खास मिठाई की मांग की शुरुआत मुख्य रूप से नवरात्रि के दिनों से हो जाती है। व्रत रखने वाले श्रद्धालु उपवास के दौरान इस मिठाई का सेवन करना पसंद करते हैं। जब तक छतरपुर जिले में ताजे सिंघाड़े की उपलब्धता बनी रहती है, तब तक यह मिठाई लगातार तैयार की जाती है। इस पारंपरिक व्यंजन को छतरपुर क्षेत्र में खोवा सिंघाड़ पाक के नाम से पुकारा जाता है, जबकि कई लोग इसे खोवा सेव के रूप में भी जानते हैं।\n\nदिखने में अनोखी और मेलों की शान\nबब्बी का कहना है कि यह मिठाई देखने में फ्रेंच फिंगर जैसी नजर आती है, लेकिन इसका रंग और स्वाद बिल्कुल अलग होता है। इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में खोया सेव की तरह तैयार किया जाता है। पहले यह मिठाई केवल नवरात्रि के दौरान लगने वाले छोटे-छोटे मेलों में ही नजर आती थी, लेकिन अब इसकी लोकप्रियता इतनी बढ़ चुकी है कि यह छतरपुर के प्रमुख होटलों और दुकानों पर भी आसानी से मिलने लगी है।\n\nव्यापार और दैनिक बिक्री के आंकड़े\nउपवास के इस विशेष समय में इस मिठाई की बिक्री अपने चरम पर होती है। अकेले एक दिन में लगभग 10,000 रुपये तक का खोवा सिंघाड़ पाक बिक जाता है। स्थानीय भाषा और परंपरा के अनुसार छतरपुर में मावा को खोवा कहा जाता है। वर्तमान समय में इस लजीज खोवा सिंघाड़ पाक का खुदरा बाजार भाव 350 रुपये प्रति किलो तय किया गया है, जो ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. छतरपुर में यह खास मिठाई किस चीज से बनाई जाती है?\nयह मिठाई सिंघाड़ा और मावा के मिश्रण से तैयार की जाती है।\n\n2. इस मिठाई को बाजार में क्या कीमत है?\nइस मिठाई का बाजार भाव 350 रुपये प्रति किलोग्राम है।\n\n3. खोवा सिंघाड़ पाक की मांग किस दौरान सबसे ज्यादा होती है?\nइसकी मांग नवरात्रि से लेकर दीपावली तक और विशेषकर उपवास के दिनों में सबसे अधिक होती है।\n\n4. इस मिठाई को स्थानीय रूप से किन अन्य नामों से जाना जाता है?\nइसे छतरपुर में खोवा सिंघाड़ पाक और खोवा सेव के नाम से भी जाना जाता है।\n\n5. प्रेम पैलेस होटल के संचालक का क्या नाम है?\nप्रेम पैलेस होटल के मालिक का नाम बब्बी चौरसिया है।",
  "url": "https://trendkia.com/food/chhatarpur-s-unique-khova-singhada-pak-becomes-the-star-of-winter-and-festive-season-50127",
  "category": "खानपान",
  "publishedAt": "2026-10-21",
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    "छतरपुर",
    "सिंघाड़ा पाक",
    "मावा मिठाई",
    "मध्य प्रदेश",
    "त्योहारी मिठाई",
    "नवरात्रि",
    "पारंपरिक पकवान"
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  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
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