दही बैंगन मसाला की स्वादिष्ट विधि, लंच और डिनर के लिए बेहद आसान तरीका अगर आप बैंगन की सामान्य सब्जी खाकर बोर हो चुके हैं, तो सरसों के तेल, भुने मसालों और फेंटे हुए दही के साथ तैयार होने वाली यह डिश एक बेहतरीन विकल्प है। रोजमर्रा के खाने में अगर बैंगन की साधारण सब्जी खाकर मन भर गया हो, तो दही बैंगन मसाला एक बेहतरीन और जायकेदार विकल्प बन सकता है। इस खास रेसिपी में बैंगन की प्राकृतिक मिठास, गाढ़े दही की खटास और भुने हुए देसी मसालों का मेल इसे एकदम अनोखा स्वाद देता है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसे तैयार करने के लिए किसी खास सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि रसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाली चीजों से ही यह झटपट बनकर तैयार हो जाती है। सरसों के तेल की तीखी खुशबू में तले हुए बैंगन, साबुत जीरा, सूखी लाल मिर्च, खुशबूदार करी पत्ता और भुने हुए प्याज का तड़का इस सब्जी के स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है। इसके साथ ही भुने जीरे और काले नमक से तैयार दही का मिश्रण ग्रेवी को एक अलग ही बनावट और ताजगी भरा स्वाद सौंपता है। आप इस गाढ़ी और मसालेदार सब्जी को गरमा-गरम फुल्के, पराठे या फिर उबले हुए चावल के साथ आसानी से परोस सकते हैं। आइए जानते हैं इसे घर पर बनाने का पूरा तरीका और कुछ जरूरी कुकिंग टिप्स। दही वाले बैंगन बनाने की जरूरी सामग्री इस डिश को तैयार करने के लिए लंबे बैंगन, डेढ़ छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर (जिसमें से एक छोटा चम्मच बैंगन की मैरीनेशन के लिए और आधा छोटा चम्मच दही के घोल के लिए चाहिए), हल्दी, नमक, काला नमक स्वादानुसार, जीरा, भुना जीरा पाउडर, सूखी लाल मिर्च, ताजे करी पत्ते, बारीक कटा प्याज, हरा धनिया और तलने व तड़के के लिए शुद्ध सरसों का तेल मुख्य रूप से इस्तेमाल होता है। बैंगन को काटकर मसाला लगाने का तरीका सब्जी बनाने की शुरुआत करने के लिए सबसे पहले ताजे लंबे बैंगन को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद इन्हें न ज्यादा मोटे और न बहुत पतले, मध्यम आकार के गोल-गोल टुकड़ों में काट लें। अब एक खुले बर्तन में बैंगन के सारे टुकड़े डालें। इनमें स्वादानुसार हल्दी पाउडर, एक छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, साधारण नमक और थोड़ा सा कच्चा सरसों का तेल डालें। अपने हाथों से हल्के दबाव के साथ इन मसालों को सभी टुकड़ों पर अच्छी तरह लपेट दें, ताकि हर टुकड़े पर मसालों की एक समान परत चढ़ जाए। सरसों के तेल में सुनहरा तलने की विधि अब एक भारी तले वाली कड़ाही में पर्याप्त मात्रा में सरसों का तेल डालकर अच्छी तरह गर्म करें। जब तेल से हल्का धुआं निकलने लगे, तब गैस की आंच मध्यम कर दें और उसमें मसाले लगे बैंगन के टुकड़े डालें। टुकड़ों को दोनों तरफ से पलटते हुए तब तक तलें जब तक कि वे बाहर से सुनहरे और अंदर से बिल्कुल नरम न हो जाएं। अच्छी तरह पक जाने के बाद तले हुए बैंगन के टुकड़ों को एक अलग प्लेट में निकाल कर रख लें। मसालेदार तड़का और बैंगन का मिलन उसी कड़ाही में थोड़ा सा सरसों का तेल बचाकर बाकी अतिरिक्त तेल निकाल लें। तेल गर्म होने पर उसमें साबुत जीरा, सूखी लाल मिर्च और ताजे करी पत्ते डालकर चटकाएं। कुछ ही सेकंड बाद इसमें बारीक कटा हुआ प्याज डालें और उसे तब तक भूनें जब तक कि प्याज का रंग हल्का सुनहरा न हो जाए। जब प्याज भुन जाए, तो कड़ाही में पहले से तले हुए बैंगन डाल दें। इन सभी चीजों को बेहद हल्के हाथों से चलाएं, ताकि बैंगन के नाजुक टुकड़े टूटने न पाएं और तड़के का स्वाद उनके भीतर तक समा जाए। दही का घोल तैयार करना और धीमी आंच पर पकाना एक अलग कटोरी में ताजा दही लें और उसमें भुना हुआ जीरा पाउडर, आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर और स्वादानुसार काला नमक मिलाएं। एक कांटे या चम्मच की मदद से दही को तब तक फेंटें जब तक कि उसकी सारी गांठें खत्म न हो जाएं और वह बिल्कुल चिकना न दिखे। अब गैस की आंच को एकदम धीमा कर दें और कड़ाही में यह दही का मिश्रण धीरे-धीरे डालें। बैंगन के साथ दही को लगातार हल्के हाथों से मिलाते हुए 6 से 7 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें। तेज आंच पर पकाने से दही फट सकता है, इसलिए आंच का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। जब ग्रेवी तेल छोड़ने लगे, तब ऊपर से करी पत्ता और बारीक कटा हुआ ताजा हरा धनिया डालकर गैस बंद कर दें। इसका आप पर असर यह रेसिपी घर पर आसानी से बनने वाली ऐसी सब्जी है जो बिना ज्यादा खर्च या फैंसी सामग्री के रोज के खाने का स्वाद बदल सकती है। • किफायती और आसान: इस डिश को बनाने के लिए घर में मौजूद आम मसालों और दही का ही उपयोग होता है। किसी भी अतिरिक्त या महंगे सामान को बाजार से अलग से खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती है। • स्वाद में बदलाव: अगर परिवार के सदस्य सादी बैंगन की सब्जी खाने से कतराते हैं, तो यह गाढ़ी ग्रेवी वाली डिश एक बेहतरीन विकल्प बन सकती है। इसे बच्चे और बड़े दोनों ही रोटी या पराठे के साथ चाव से खा सकते हैं। • समय की बचत: बैंगन को तलने और तड़का तैयार करने में कुल मिलाकर 15 से 20 मिनट का समय लगता है। व्यस्त दिनों में लंच या डिनर के लिए यह झटपट तैयार होने वाली पौष्टिक सब्जी है। • पकाने की सावधानी: दही डालते समय आंच धीमी रखना जरूरी है ताकि ग्रेवी फटने से बच सके। सही तरीके से फेंटा गया दही सब्जी को रेस्टोरेंट जैसी मखमली बनावट देता है। ऐसा क्यों हुआ दही और बैंगन का यह संयोजन पारंपरिक भारतीय पाक कला में स्वाद और बनावट के संतुलन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। • स्वाद का सही मेल: तले हुए बैंगन की अपनी खास मिठास होती है जिसे दही की हल्की खटास पूरी तरह संतुलित कर देती है। साथ ही भुने जीरे की खुशबू इस डिश को एक गहरा देसी स्वाद देती है। • सरसों के तेल का प्रभाव: सरसों के तेल का तीखापन सब्जियों में मसालों को गहराई से सोखने में मदद करता है। मध्यम आंच पर तलने से बैंगन अंदर से नरम और बाहर से बिल्कुल सही बनावट में पकते हैं। • दही फटने से रोकने की विधि: खट्टे पदार्थों को तेज आंच पर पकाने से उनका पानी अलग होने लगता है। इसी कारण दही को पहले अच्छी तरह फेंटा जाता है और हमेशा धीमी आंच पर ही 6 से 7 मिनट पकाया जाता है। सवाल-जवाब 1. दही बैंगन मसाला बनाने के लिए किस तरह के बैंगन का इस्तेमाल करना चाहिए? इस रेसिपी के लिए लंबे बैंगन सबसे उपयुक्त होते हैं, जिन्हें गोल-गोल मध्यम आकार के टुकड़ों में काटा जाता है। 2. बैंगन को तलने से पहले किन मसालों से मैरीनेट किया जाता है? कटे हुए टुकड़ों पर हल्दी, एक छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, नमक और थोड़ा सा सरसों का तेल लगाकर मिलाया जाता है। 3. दही को कड़ाही में डालते समय फटने से कैसे बचाएं? दही को अच्छी तरह फेंटकर उसकी गांठें खत्म कर लें और कड़ाही में डालते समय गैस की आंच एकदम धीमी रखें। 4. दही के मिश्रण में कौन-कौन से मसाले मिलाए जाते हैं? फेंटे हुए दही में भुना जीरा पाउडर, आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर और स्वादानुसार काला नमक मिलाया जाता है। 5. दही डालने के बाद सब्जी को कितनी देर तक पकाना चाहिए? धीमी आंच पर बैंगन और दही के मिश्रण को लगातार हल्के हाथों से मिलाते हुए 6 से 7 मिनट तक पकाना चाहिए। https://trendkia.com/food/dahi-baingan-masala-ki-svadishta-vidhi-lncha-aura-dinara-ke-lie-behada-asana-tarika-45574 TrendKia — Har trend, sabse pehle.