उत्तराखंड की राजधानी में छाई एक अनोखी पारंपरिक मिठाई, घेवर जैसी दिखने वाली इस डिश के दीवाने हुए लोग देहरादून के बाजारों में इन दिनों चावल के आटे से बनने वाली अनरसा मिठाई की भारी मांग है, जो अपनी क्रिस्पी बनावट और अनोखे स्वाद से सबका दिल जीत रही है। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के स्थानीय बाजारों इन दिनों एक विशेष प्रकार की मिठाई को लेकर जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है। देखने में बिल्कुल मिनी घेवर जैसी दिखने वाली यह पारंपरिक डिश लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है, हालांकि अभी भी तमाम लोग इसके नाम और खूबियों से पूरी तरह वाकिफ नहीं हैं। इस लजीज और पारंपरिक पकवान का नाम अनरसा है। आमतौर पर बाजार में मिलने वाली ज्यादातर मिठाइयां मैदे से तैयार की जाती हैं, लेकिन अनरसा को बनाने के लिए पूरी तरह से चावल के आटे का उपयोग किया जाता है। यही वजह है कि यह स्वाद के साथ-साथ सेहत की कसौटी पर भी काफी अलग और अनूठी साबित होती है। इस पारंपरिक मिठाई को तैयार करने की प्रक्रिया अपने आप में काफी अनोखी है। इसकी शुरुआत में अरवा चावल को पानी से अच्छी तरह साफ करके सुखाया जाता है, और फिर इसे या तो चक्की पर या घर पर ही बेहद बारीक पीस लिया जाता है। इसके बाद गुड़ या चीनी की गाढ़ी चाशनी तैयार करके इस पिसे हुए आटे में मिलाया जाता है और पकाया जाता है। यदि आप इस मिठाई को अपने घर की रसोई में आजमाना चाहते हैं, तो इसके लिए किसी भी तरह की दुर्लभ या महंगी सामग्री की आवश्यकता नहीं पड़ती है। यह बेहद साधारण और आसानी से उपलब्ध होने वाले सामान से बनकर तैयार हो जाती है, जो आमतौर पर हर भारतीय घर की रसोई में आसानी से मिल जाते हैं। देहरादून के प्रसिद्ध हलवाई अरुण कुमार अग्रवाल ने इस बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इसे बनाने के लिए एक कप चावल का आटा, आधा कप पिसी हुई चीनी, दो से तीन चम्मच घी, आधा कप दूध, थोड़ी मात्रा में सफेद तिल और तलने के वास्ते तेल या घी की जरूरत होती है। बाजार के पैकेटबंद आटे के बजाय घर पर ही ताजा चावल पीसकर इस्तेमाल करने से इसका जायका कई गुना बढ़ जाता है। इसकी रेसिपी की बात करें तो सबसे पहले एक बर्तन में चावल का आटा, पिसी चीनी, दूध और थोड़ा सा घी डालकर एक मुलायम लोई या आटा गूंथ लिया जाता है। इसके पश्चात इस गुंथे हुए आटे को कुछ देर के लिए एक साफ सूती कपड़े से ढककर आराम करने यानी सेट होने के वास्ते छोड़ दिया जाता है। जब आटा अच्छी तरह सेट हो जाता है, तब इसकी छोटी-छोटी लोइयां या गोलियां तैयार की जाती हैं। इसके बाद एक कढ़ाई में घी या तेल गर्म करके इन गोलियों को मध्यम आंच पर तब तक डीप फ्राई किया जाता है जब तक कि इनका रंग आकर्षक और सुनहरा भूरा न हो जाए। कढ़ाई से निकालने के बाद इन तली हुई गोलियों को सफेद तिल के ऊपर अच्छी तरह से लपेट दिया जाता है। इस प्रकार तैयार होने वाला गरमा-गरम अनरसा बाहर से बेहद कुरकुरा और भीतर से मीठा व लजीज होता है, जिसका हर एक टुकड़ा देहरादून के स्थानीय नागरिकों को खूब भा रहा है। इसका आप पर असर भारत में: पारंपरिक और क्षेत्रीय मिठाइयों के प्रति लोगों का रुझान बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय खान-पान और घरेलू कारीगरों को बढ़ावा मिलता है। देहरादून में: स्थानीय निवासियों और मिठाई प्रेमियों को बाजारों में एक नया और पारंपरिक जायका चखने का अवसर मिल रहा है। सवाल-जवाब 1. अनरसा मिठाई मुख्य रूप से किस चीज से बनाई जाती है? अनरसा पूरी तरह से चावल के आटे से तैयार किया जाता है, जिसे गुड़ या चीनी की चाशनी के साथ पकाया जाता है। 2. अनरसा किस लोकप्रिय मिठाई जैसी दिखाई देती है? यह दिखने में बिल्कुल मिनी घेवर जैसी नजर आती है। 3. इसे घर पर बनाने के लिए किन मुख्य सामग्रियों की आवश्यकता होती है? इसके लिए चावल का आटा, पिसी चीनी, घी, दूध, सफेद तिल और तलने के लिए तेल या घी की जरूरत पड़ती है। 4. देहरादून में इस मिठाई को लेकर क्या खास स्थिति है? देहरादून के बाजारों में इन दिनों अनरसा की जबरदस्त धूम है और लोग इसके अनूठे स्वाद को बेहद पसंद कर रहे हैं। https://trendkia.com/food/deharaduna-men-chhai-anarasa-mithai-21314 TrendKia — Har trend, sabse pehle.