दीपावली पर घर में तैयार करें खस्ता मावा गुजिया, आसान स्टेप्स में सीखें खोया और मेवों की भरावन विधि दिवाली के पावन अवसर पर खोया और सूखे मेवों के मेल से हलवाई जैसी कुरकुरी गुजिया घर पर आसानी से बनाई जा सकती है। सही मोयन और धीमी आंच पर तलने से यह पारंपरिक मिठाई बेहद स्वादिष्ट और खस्ता बनती है। रोशनी और खुशियों का पावन पर्व बिना पारंपरिक मिठाइयों के अधूरा माना जाता है। खासकर त्योहारों की थाली में जब तक बाहर से कुरकुरी परत और भीतर से मीठे खोये से भरी गुजिया न हो, तब तक उत्सव का रंग पूरा नहीं जमता। पारंपरिक स्वाद और शुद्धता के साथ यह मिठाई घर की रसोई में बहुत ही सरल तरीके से तैयार की जा सकती है। सही माप और तलने की उचित तकनीक का ध्यान रखकर कोई भी इसे हलवाई जैसा रूप और स्वाद दे सकता है। गुजिया तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री इस पारंपरिक मिष्ठान्न को दो मुख्य भागों में तैयार किया जाता है, जिसमें बाहरी परत का आटा और आंतरिक भरावन शामिल है। इन दोनों के लिए सामग्री का सटीक अनुपात इस प्रकार है • आटे के लिए सामग्री: दो कप मैदा, एक बड़ा चम्मच शुद्ध घी और आवश्यकतानुसार सादा पानी। • स्टफिंग के लिए सामग्री: आधा कप कद्दूकस किया हुआ सूखा नारियल, आधा कप सूजी, चार बड़े चम्मच काजू, दो बड़े चम्मच बादाम, चार बड़े चम्मच पिस्ता, एक कप मावा यानी खोया, एक छोटा चम्मच इलायची पाउडर, आधा कप पिसी हुई चीनी, दो बड़े चम्मच घी और तलने के लिए पर्याप्त कुकिंग ऑयल। स्वादिष्ट भरावन तैयार करने का तरीका गुजिया की जान उसका आंतरिक मिश्रण होता है। सबसे पहले गैस चूल्हा जलाकर उस पर एक कड़ाही रखें। कड़ाही में आधा कप सूखा नारियल और आधा कप सूजी को अलग अलग डालकर धीमी आंच पर हल्का भूरा होने तक भून लें। इसके बाद कड़ाही में एक चम्मच घी डालें और उसमें बारीक कटे या कद्दूकस किए हुए काजू, बादाम और पिस्ता को डालकर अच्छी खुशबू आने तक भून लें। जब मेवे अच्छी तरह भून जाएं, तब उसी कड़ाही में एक कप मावा डालें। मावे को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए तब तक पकाएं जब तक वह पिघल न जाए। जब मावा अच्छी तरह से पिघलकर मेवों के साथ मिल जाए, तब आंच बंद कर दें। इसके बाद इसमें पहले से भुनी हुई सूजी, सूखा नारियल, पिसी इलायची और पिसी हुई चीनी डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें। इस पूरे मिश्रण को एक अलग बर्तन में निकालकर ठंडा होने के लिए रख दें। परत के लिए आटा गूंथना और भरावन भरना गुजिया को बाहर से खस्ता बनाने के लिए मैदे में मोयन का सही होना सबसे आवश्यक है। दो कप मैदे में एक बड़ा चम्मच घी डालें और हथेलियों की मदद से अच्छी तरह मिलाएं जब तक कि मैदे में घी का कण कण समा न जाए। जब मोयन सही लग जाए, तब इसमें थोड़ा थोड़ा पानी डालते हुए एक लचीला और मुलायम आटा गूंथ लें। गूंथे हुए आटे को कुछ देर ढककर रख दें ताकि वह अच्छी तरह सेट हो जाए। इसके बाद तैयार आटे से छोटी छोटी लोइयां तोड़ लें। प्रत्येक लोई को बेलन की सहायता से गोल पूरी या रोटी की तरह पतला बेल लें। अब इस पूरी को गुजिया बनाने वाले सांचे पर रखें। सांचे के एक हिस्से में तैयार किया हुआ मावे का भरावन डालें। किनारों को अच्छी तरह सील करने के लिए हल्का सा पानी लगाएं और सांचे को दबाकर बंद कर दें। किनारे से निकले अतिरिक्त आटे को हटा लें। इसी प्रक्रिया को दोहराते हुए सारी गुजिया तैयार कर लें। तलने की सही विधि और परोसने का तरीका एक भारी तले की कड़ाही में तलने के लिए कुकिंग ऑयल गर्म करें। जब तेल मध्यम गर्म हो जाए, तब इसमें धीरे से बनाई गई गुजिया डालें। गैस की आंच को मध्यम रखें और दोनों तरफ से पलटते हुए तब तक तलें जब तक कि बाहरी परत सुनहरी और खस्ता न हो जाए। तेज आंच पर तलने से गुजिया बाहर से जल्दी पक जाएगी लेकिन अंदर से खस्ता नहीं बनेगी, इसलिए मध्यम आंच ही रखें। तलने के बाद इन्हें बाहर निकालें और पूरी तरह ठंडा होने पर एक एयर टाइट कंटेनर में सुरक्षित रखें और गरमा-गरम या सामान्य तापमान पर इस स्वादिष्ट मिठाई का आनंद लें। इसका आप पर असर दिवाली की तैयारियों के दौरान इस रेसिपी को अपनाकर आप कम खर्च में शुद्ध और मिलावट रहित मिठाई तैयार कर सकते हैं। • त्योहारी बजट: घर पर बनी मिठाई बाजार की तुलना में काफी सस्ती और शुद्ध पड़ती है। सही अनुपात का पालन करके आप कम लागत में अधिक मात्रा में स्वादिष्ट गुजिया तैयार कर सकते हैं। • भंडारण और ताजगी: अच्छी तरह से तली हुई मावा गुजिया कई दिनों तक खराब नहीं होती। इसे किसी एयर टाइट डिब्बे में रखकर पूरे हफ्ते भर मेहमानों और परिजनों को परोसा जा सकता है। • स्वास्थ्य और स्वच्छता: त्योहारों के समय बाजार में मिलावटी मावे का जोखिम बढ़ जाता है। घर पर ताजा सामग्री और साफ तेल का उपयोग करके आप परिवार को सेहतमंद मिष्ठान्न खिला सकते हैं। • पकाने की तकनीक: मध्यम आंच पर तलने से गुजिया लंबे समय तक खस्ता बनी रहती है। तेज आंच से बचकर आप इसे सही बनावट और बेहतरीन सुनहरा रंग दे सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ दिवाली पर मावा गुजिया को सबसे खास और पसंदीदा व्यंजन माना जाता है, क्योंकि इसका समृद्ध स्वाद और कुरकुरी बनावट उत्सव के माहौल को दोगुना कर देती है। • त्योहारी परंपरा: उत्तर और मध्य भारत में पीढ़ियों से दिवाली और होली जैसे बड़े उत्सवों पर गुजिया बनाने की परंपरा रही है। घर पर बनी यह मिठाई उत्सव की मिठास और आतिथ्य का अभिन्न अंग मानी जाती है। • सूखे मेवे और खोये का संतुलन: भुनी हुई सूजी, सूखा नारियल, इलायची और मेवों का मिश्रण खोये के साथ मिलकर इसे संतुलित मिठास और खुशबू प्रदान करता है। सूजी मिश्रण की नमी को सोखकर गुजिया को फटने से बचाती है। • मोयन की भूमिका: मैदे में घी का सही मोयन डालने से गुजिया की ऊपरी परत सख्त होने के बजाय खस्ता और कुरकुरी बनती है। यह पारंपरिक पाक कला का अहम हिस्सा है जिससे मिठाई लंबे समय तक ताजा रहती है। सवाल-जवाब 1. मावा गुजिया के लिए आटा गूंथते समय कितना मैदा और घी चाहिए? इस रेसिपी के अनुसार दो कप मैदा में एक बड़ा चम्मच घी का मोयन डालकर पानी की मदद से मुलायम आटा गूंथा जाता है। 2. गुजिया की स्टफिंग में कौन-कौन से सूखे मेवे डाले जाते हैं? भरावन में चार बड़े चम्मच काजू, दो बड़े चम्मच बादाम, चार बड़े चम्मच पिस्ता और आधा कप सूखा नारियल मिलाया जाता है। 3. मावा को मेवों के साथ कब तक पकाना चाहिए? भुने हुए मेवों में मावा डालकर तब तक धीमी आंच पर मिलाना चाहिए जब तक कि मावा पूरी तरह पिघल न जाए। 4. गुजिया को किस तरह की आंच पर तलना चाहिए? कड़ाही में तेल गर्म करके गुजिया को मध्यम आंच पर दोनों तरफ से हल्का भूरा और कुरकुरा होने तक तलना चाहिए। 5. तैयार गुजिया को खराब होने से बचाने के लिए कैसे रखें? गुजिया के पूरी तरह ठंडा हो जाने के बाद उसे एक एयर टाइट कंटेनर में बंद करके रखना चाहिए। https://trendkia.com/food/dipavali-para-ghara-men-taiyara-karen-khasta-mawa-gujiya-asana-stepsa-men-sikhen-khoya-aura-mevon-ki-bharavana-vidhi-56539 TrendKia — Har trend, sabse pehle.