दीर्घायु और तंदुरुस्ती के लिए सुबह का पहला भोजन बनाएं पौष्टिक, घर पर यूं तैयार करें आसान मॉर्निंग मील स्वस्थ और लंबा जीवन जीने के लिए सुबह का पौष्टिक नाश्ता बेहद अहम भूमिका निभाता है। जानिए ओट्स, चिया सीड्स, ग्रीक योगर्ट और स्प्राउट्स से तैयार होने वाले आसान विकल्पों की पूरी विधि। मानव शरीर को निरोगी रखने और लंबी उम्र हासिल करने में रोजाना के खानपान की सबसे बड़ी भूमिका होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार शरीर को दशकों तक बीमारियों से मुक्त रख सकता है। दुनिया के उन चुनिंदा इलाकों के खानपान पर भी व्यापक शोध किए गए हैं जहां लोग सौ साल या उससे अधिक समय तक पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त जिंदगी जीते हैं। ऐसे क्षेत्रों की जीवनशैली दर्शाती है कि वहां के निवासी मुख्य रूप से पर्याप्त प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, जरूरी खनिज और सेहतमंद वसा से लैस खाद्य पदार्थों को अपनी थाली में जगह देते हैं। यदि कोई व्यक्ति खुद को बुढ़ापे तक सक्रिय रखना चाहता है, तो उसे अपने दिन की शुरुआत यानी सुबह के पहले भोजन को सबसे अधिक पौष्टिक बनाना चाहिए। बिना किसी भारी मशक्कत के घर पर ही झटपट तैयार होने वाले ऐसे ही कुछ सुबह के पौष्टिक विकल्पों को दैनिक दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है, जिनकी शुरुआती तैयारी रात में ही पूरी हो जाती है। स्टील कट ओट्स और बीजों से भरपूर ओवरनाइट ब्रेकफास्ट शरीर को भरपूर पोषण देने के लिए स्टील कट ओट्स का यह आसान नुस्खा सप्ताह में चार से पांच दिन आजमाया जा सकता है। इसे बनाने के लिए रात के समय एक साफ बर्तन में थोड़े स्टील कट ओट्स लें और उन्हें भीगने के लिए रख दें। इसके बाद ओट्स के ऊपर दो चम्मच चिया सीड्स डालें। फिर इस मिश्रण में तीन से चार चम्मच सोया मिल्क मिलाएं। अब इसमें दो चम्मच उच्च प्रोटीन वाला ग्रीक योगर्ट अथवा सादा दही शामिल करें। अंत में स्वाद और पाचन को बेहतर बनाने के लिए आधी छोटी चम्मच पिसी हुई दालचीनी का पाउडर छिड़कें। अगली सुबह इन सभी सामग्रियों को एक साथ अच्छी तरह मिला लें और सीधे सेवन करें। यह मिश्रण शरीर को प्रचुर मात्रा में आहार फाइबर और शुद्ध प्रोटीन उपलब्ध कराता है। इस तरह के भोजन में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा काफी कम होती है और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी बेहद धीमा होता है। निम्न ग्लाइसेमिक इंडेक्स के चलते रक्त में शुगर का स्तर अचानक नहीं बढ़ता और पेट घंटों तक भरा हुआ महसूस होता है, जिससे दिनभर अनावश्यक भूख नहीं सताती। नाश्ते की पौष्टिकता को और अधिक बढ़ाने के लिए खाने से ठीक पहले इसमें रातभर पानी में भिगोए गए बादाम और अखरोट के टुकड़े भी मिलाए जा सकते हैं, जो मस्तिष्क और हृदय के लिए लाभकारी माने जाते हैं। दालों के स्प्राउट्स और चीला से भरपूर प्रोटीन की खुराक यदि कोई व्यक्ति सुबह के समय पारंपरिक और गरमा-गरम नमकीन भोजन पसंद करता है, तो उसके लिए बेसन का चीला एक बेहतरीन दूसरा विकल्प है। इसके साथ ताजा अंकुरित चना और मूंग दाल के स्प्राउट्स अपनी प्लेट में जरूर शामिल करें। संपूर्ण पोषण प्राप्त करने के लिए इस पूरे संयोजन के साथ एक उबला या पकाया हुआ अंडा भी खाया जा सकता है। यह संयोजन शरीर को उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन प्रदान करता है। लंबे समय तक इस डाइट को नियमित रखने से अनचाहा वजन घटाने और शारीरिक वसा को नियंत्रित रखने में खासी मदद मिलती है। इस नाश्ते से शरीर की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और दिनभर सक्रिय रहने के लिए आवश्यक माइक्रोन्यूट्रिएंट्स भी आसानी से प्राप्त हो जाते हैं। इसका आप पर असर सुबह के नाश्ते में साधारण बदलाव करके आप दिनभर ऊर्जावान रह सकते हैं और लंबे समय में गंभीर बीमारियों का जोखिम घटा सकते हैं। • कार्यक्षमता पर असर: निम्न ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले नाश्ते से शरीर को धीमी और स्थिर ऊर्जा मिलती है। इससे दोपहर तक बार-बार लगने वाली भूख और सुस्ती से राहत मिलती है। • वजन प्रबंधन: ओट्स, चिया सीड्स और स्प्राउट्स में प्रचुर फाइबर पेट को लंबे समय तक तृप्त रखता है। यह अवांछित कैलोरी सेवन को रोककर मोटापे को नियंत्रित करने में सहायक होता है। • मांसपेशियों की मजबूती: ग्रीक योगर्ट, अंडे और दालों से मिलने वाला प्रोटीन ऊतकों की मरम्मत करता है। दैनिक दिनचर्या में यह आदत उम्र बढ़ने के साथ होने वाली कमजोरी को टालती है। • रसोई की सुविधा: रात में की जाने वाली दो मिनट की तैयारी सुबह की भागदौड़ कम करती है। बिना खाना पकाए भी कामकाजी लोग समय पर पौष्टिक भोजन कर पाते हैं। ऐसा क्यों हुआ वैज्ञानिक अध्ययनों और लंबी उम्र वाले क्षेत्रों की आदतों से साफ हुआ है कि असंतुलित खानपान जीवन प्रत्याशा को घटाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सुबह के भोजन में प्रोटीन और फाइबर को प्राथमिकता देने की सलाह इसलिए देते हैं ताकि शरीर की आंतरिक प्रणाली दुरुस्त रहे। • पोषक तत्वों की आवश्यकता: रातभर के उपवास के बाद शरीर को तुरंत स्थिर पोषक तत्वों की दरकार होती है। केवल कार्बोहाइड्रेट लेने से शुगर तेजी से बढ़ती है, जबकि फाइबर और प्रोटीन उसे नियंत्रित रखते हैं। • दीर्घायु क्षेत्रों का खानपान: 100 वर्ष तक जीने वाले समुदायों में प्राकृतिक और अनप्रोसेस्ड भोजन की प्रधानता होती है। वहां के लोग दालें, बीज और असंतृप्त वसा बहुतायत में खाते हैं। • पाचन स्वास्थ्य: चिया सीड्स और भीगे हुए ओट्स पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं। स्वस्थ आंत पूरे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता और मेटाबॉलिज्म की रीढ़ मानी जाती है। सवाल-जवाब 1. स्टील कट ओट्स का नाश्ता हफ्ते में कितने दिन खाना चाहिए? इस नाश्ते को सप्ताह में चार से पांच दिन तक आराम से खाया जा सकता है। 2. ओट्स के साथ कौन से बीज और मेवे मिलाए जा सकते हैं? ओट्स में दो चम्मच चिया सीड्स के अलावा भीगे हुए बादाम और अखरोट के टुकड़े मिलाए जा सकते हैं। 3. इस ओवरनाइट नाश्ते में कौन सा दूध और दही इस्तेमाल करें? इसमें तीन से चार चम्मच सोया मिल्क और दो चम्मच हाई प्रोटीन ग्रीक योगर्ट या सादा दही मिलाया जाता है। 4. नमकीन नाश्ते के तौर पर क्या विकल्प सुझाया गया है? नमकीन नाश्ते के लिए बेसन का चीला, चना और मूंग दाल के स्प्राउट्स और साथ में एक अंडा लिया जा सकता है। https://trendkia.com/food/dirghayu-aura-tndurusti-ke-lie-subaha-ka-pahala-bhojana-banaen-paushtika-ghara-para-yun-taiyara-karen-asana-morning-meal-36820 TrendKia — Har trend, sabse pehle.