दोपहर के खाने में तैयार करें पारंपरिक बिहारी कढ़ी-बड़ी, जानें बेसन और दही से बनाने की पूरी विधि दैनिक दाल और सब्जी से हटकर दोपहर के भोजन में बेसन की सुनहरी बड़ियों और दही की मसालेदार कढ़ी का पारंपरिक स्वाद घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है। रोजमर्रा के भोजन में सामान्य दाल और सब्जी के विकल्प अक्सर एकरस लगने लगते हैं। ऐसे में दोपहर के खाने को खास और स्वादिष्ट बनाने के लिए पारंपरिक बिहारी कढ़ी-बड़ी एक बेहतरीन और तृप्त करने वाला व्यंजन साबित होती है। दही, बेसन और भारतीय रसोई में मिलने वाले बुनियादी मसालों के संतुलन से तैयार होने वाली यह डिश गरमा-गरम उबले चावल के साथ बेहद पसंद की जाती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत बेसन की छोटी तली हुई बड़ियां हैं, जो पकी हुई कढ़ी का रस सोखकर बेहद मुलायम और जायकेदार बन जाती हैं। आवश्यक सामग्री का विवरण इस व्यंजन को घर पर तैयार करने के लिए किसी दुर्लभ सामग्री की आवश्यकता नहीं होती है। रसोई में सामान्य रूप से उपलब्ध चीजों से ही इसे बनाया जा सकता है • बड़ी के लिए सामग्री: बेसन, अजवाइन, कलौंजी, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, स्वादानुसार नमक, 2 बड़े चम्मच बारीक कटा प्याज और आवश्यकतानुसार पानी। • कढ़ी के लिए मिश्रण: ताजा दही, बेसन, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, नमक और लगभग 2 कप पानी। • तड़के की सामग्री: 2 छोटे चम्मच तेल, जीरा, सूखी लाल मिर्च, करी पत्ते और 1 छोटा चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट। • तलने के लिए: बड़ियों को सुनहरा करने के लिए कड़ाही में तलने हेतु पर्याप्त तेल। बड़ी के लिए घोल तैयार करने का तरीका बिहारी कढ़ी-बड़ी बनाने की शुरुआत बड़ी का मिश्रण तैयार करने से होती है। एक साफ बर्तन में बेसन निकालें और उसमें अजवाइन, कलौंजी, हल्दी, बारीक कटा प्याज, स्वादानुसार नमक और लाल मिर्च पाउडर डालें। अब इसमें एक साथ बहुत सारा पानी डालने के बजाय थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाते हुए एक गाढ़ा और चिकना घोल तैयार करें। घोल का गाढ़ापन इतना होना चाहिए कि जब उसे चम्मच से उठाया जाए तो वह आसानी से गर्म तेल में छोड़ा जा सके। सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाने के बाद इस घोल को लगभग 15 मिनट के लिए ढककर एक तरफ रख दें, ताकि बेसन अच्छी तरह फूल जाए। दही और बेसन की कढ़ी का घोल बनाना जब तक बड़ी का बैटर आराम कर रहा हो, तब तक कढ़ी का आधार तैयार किया जा सकता है। एक बड़े बर्तन में दही, बेसन, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और नमक निकालें। अब इसमें करीब 2 कप पानी मिलाएं और व्हिस्क या चम्मच की सहायता से खूब अच्छी तरह फेंटें। इस चरण पर विशेष ध्यान दें कि मिश्रण में बेसन की कोई गांठ न रहे। यदि आपको मिश्रण बहुत अधिक गाढ़ा महसूस हो, तो जरूरत के अनुसार थोड़ा अतिरिक्त पानी मिलाया जा सकता है ताकि कढ़ी पकने के बाद एकदम सही स्थिरता में रहे। तड़का लगाना और कढ़ी को पकाना एक गहरे पैन को गैस पर रखें और उसमें 2 छोटे चम्मच तेल डालकर गर्म करें। तेल गर्म होते ही जीरा डालें और उसे अच्छी तरह चटकने दें। इसके बाद सूखी लाल मिर्च, करी पत्ते और 1 छोटा चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर धीमी आंच पर थोड़ी देर भूनें ताकि मसालों का कच्चापन खत्म हो जाए और उनकी खुशबू तेल में समा जाए। मसाले भुनने के बाद आंच को मध्यम करें और तैयार किया गया दही-बेसन का घोल पैन में डाल दें। कढ़ी को मध्यम आंच पर करीब 15 मिनट तक लगातार या बीच-बीच में चलाते हुए पकाएं। दही के कारण मिश्रण को नियमित रूप से चलाना आवश्यक होता है ताकि वह तले में चिपके नहीं। कढ़ी को पकाते समय तापमान और हलचल पर ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि तेज आंच पर लगातार न चलाने से दही के फटने की संभावना रहती है। बड़ियों को तलना और कढ़ी में मिलाना एक अलग कड़ाही में तलने के लिए तेल गर्म करें। बेसन के तैयार घोल को एक चम्मच की मदद से छोटे-छोटे हिस्सों में गर्म तेल में डालें। बड़ियों को मध्यम आंच पर तब तक तलें जब तक वे बाहर से सुनहरी और कुरकुरी न हो जाएं। तेल का तापमान संतुलित रखना बेहद महत्वपूर्ण है। यदि तेल अत्यधिक गर्म होगा, तो बड़ियां ऊपर से तुरंत रंग पकड़ लेंगी लेकिन अंदर से कच्ची रह जाएंगी। जब बड़ियां अच्छी तरह पक जाएं, तो उन्हें तेल से निकालकर सीधे पक रही कढ़ी में डाल दें। इसके बाद धीमी आंच पर कढ़ी और बड़ी को लगभग 5 मिनट तक साथ में पकने दें। इस प्रक्रिया से बड़ियां अंदर तक कढ़ी का खट्टा और मसालेदार स्वाद सोख लेती हैं और बेहद नरम हो जाती हैं। यदि किसी को बड़ियां थोड़ी कुरकुरी खाना पसंद हो, तो उन्हें पहले से कढ़ी में पकाने के बजाय थाली परोसने से ठीक पहले कढ़ी में डाला जा सकता है। इसका आप पर असर घर के दोपहर के भोजन में यह पारंपरिक व्यंजन शामिल करने से रोजमर्रा के खाने में विविधता और स्वाद दोनों बढ़ते हैं। • समय प्रबंधन: बड़ी का घोल 15 मिनट आराम करते समय ही कढ़ी का मिश्रण तैयार किया जा सकता है। इससे रसोई में अतिरिक्त समय बर्बाद नहीं होता और पूरा भोजन आधे घंटे में तैयार हो जाता है। • किफायती सामग्री: बेसन, दही और सामान्य तड़का मसाले हर भारतीय रसोई में आसानी से उपलब्ध रहते हैं। इसके लिए बाजार से किसी महंगी या विशेष सामग्री को खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ती। • पकाने में सावधानी: कढ़ी को मध्यम आंच पर लगातार चलाते हुए पकाना जरूरी है। ऐसा करने से दही फटने से बचता है और कढ़ी की बनावट चिकनी बनी रहती है। • स्वाद का चयन: यदि आपको मुलायम बड़ी पसंद है तो 5 मिनट कढ़ी में उबालें। वहीं कुरकुरी बड़ी पसंद करने वाले लोग इसे सीधे परोसते समय प्लेट में डाल सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ बिहारी कढ़ी-बड़ी की विशिष्ट बनावट और स्वाद इसके दोहरे पकाने के तरीके और मसालों के संयोजन पर निर्भर करता है। • घोल का आराम: बेसन के घोल को 15 मिनट के लिए ढककर रखने से कण पूरी तरह नमी सोख लेते हैं। इस प्रक्रिया से तली जाने वाली बड़ियां अंदर से स्पंजी और हल्की बनती हैं। • आंच का संतुलन: मध्यम आंच पर तलने से बड़ियां अंदर तक पकती हैं। तेज आंच पर तलने से केवल बाहरी परत सिकती है और अंदरूनी हिस्सा कच्चा रह जाता है। • दही का फटना: कढ़ी को पकाते समय लगातार चलाना और आंच मध्यम रखना आवश्यक होता है। तेज आंच या बिना हिलाए पकाने पर तापमान में अचानक वृद्धि से दही और पानी अलग हो जाते हैं। • स्वाद का अवशोषण: तली हुई बड़ियों को कढ़ी में 5 मिनट धीमी आंच पर पकाने से वे कढ़ी का रस सोख लेती हैं। इससे बड़ी अंदर से मुलायम और खट्टी-मसालेदार हो जाती है। सवाल-जवाब 1. कढ़ी बनाते समय दही क्यों फट जाती है? यदि कढ़ी को बहुत तेज आंच पर पकाया जाए या पकाते समय बीच-बीच में न चलाया जाए, तो दही फट सकती है। इसे हमेशा मध्यम आंच पर चलाते हुए पकाना चाहिए। 2. बड़ी का घोल कितनी देर रखना चाहिए? बेसन और मसालों को मिलाकर तैयार किए गए बड़ी के घोल को तलने से पहले लगभग 15 मिनट के लिए ढककर रखना चाहिए। 3. कढ़ी को कितने समय तक पकाने की सलाह दी जाती है? तड़के में दही और बेसन का घोल डालने के बाद कढ़ी को मध्यम आंच पर करीब 15 मिनट तक पकाया जाता है। 4. बड़ी को कढ़ी में कितनी देर तक उबालना चाहिए? तली हुई बड़ियों को कढ़ी में डालने के बाद धीमी आंच पर लगभग 5 मिनट तक पकाना चाहिए ताकि वे रस सोखकर नरम हो जाएं। 5. अगर कुरकुरी बड़ी पसंद हो तो क्या करें? यदि आपको बड़ी नरम की जगह थोड़ी कुरकुरी पसंद है, तो उसे कढ़ी में उबालने के बजाय भोजन परोसते समय ही कढ़ी में डालें। https://trendkia.com/food/dopahara-ke-khane-men-taiyara-karen-parnparika-bihar-i-kadhi-bari-janen-besana-aura-dahi-se-banane-ki-puri-vidhi-49124 TrendKia — Har trend, sabse pehle.