दूध हिलाने पर बनने लगे ज्यादा झाग? FSSAI के इस टेस्ट से घर पर पहचानें डिटर्जेंट मिलावट FSSAI ने दूध में डिटर्जेंट की मिलावट भांपने के लिए एक आसान घरेलू टेस्ट बताया है, जिसमें दूध को हिलाकर बनने वाले झाग और बुलबुलों को परखा जाता है। बचपन से बुढ़ापे तक हर उम्र के लोगों की थाली में शामिल दूध सिर्फ खाने-पीने की एक चीज नहीं, बल्कि हड्डियों को मजबूत बनाने वाला टॉनिक भी माना जाता है। पहले जहां लोग इसे सिर्फ पीने या चाय-कॉफी में इस्तेमाल करते थे, वहीं अब यह कई तरह के पकवान बनाने में भी काम आने लगा है। लेकिन दिक्कत तब शुरू होती है जब बाजार से खरीदा गया यही दूध मिलावटी निकल जाए, क्योंकि ऐसे में यह फायदे की बजाय सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। पानी के साथ अब डिटर्जेंट की मिलावट भी दूध और उससे बनने वाले उत्पादों में मिलावट की खबरें अक्सर सामने आती रहती हैं, जिसकी वजह से इस्तेमाल से पहले इसकी शुद्धता परखना जरूरी हो गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि दूध में सिर्फ पानी नहीं बल्कि डिटर्जेंट जैसे केमिकल भी मिलाए जा रहे हैं। इसी खतरे को देखते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने घर बैठे दूध में डिटर्जेंट की मिलावट भांपने का एक आसान तरीका बताया है। हालांकि प्राधिकरण ने साफ किया है कि यह घरेलू जांच सिर्फ शुरुआती इशारा दे सकती है, मिलावट की पक्की पुष्टि के लिए लैब टेस्ट कराना ही जरूरी होगा। इंस्टाग्राम वीडियो में बताया टेस्ट का तरीका FSSAI ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल @fssaisafefood पर एक वीडियो पोस्ट कर दूध जांचने की यह विधि साझा की है। इसके लिए ज्यादा सामान की जरूरत नहीं, बस थोड़ा-सा दूध चाहिए। सबसे पहले किसी छोटे गिलास में करीब 5 से 10 मिलीलीटर दूध लें। इसके बाद गिलास को कसकर पकड़कर दूध को तेजी से और अच्छी तरह हिलाएं। हिलाने के तुरंत बाद गिलास में दूध की सतह पर बनने वाले झाग या बुलबुलों को गौर से देखें। बुलबुलों से कैसे लगेगा मिलावट का अंदाजा अगर हिलाने के बाद दूध में ज्यादा झाग नहीं बनता या बना हुआ झाग जल्दी बैठ जाता है, तो इसे सामान्य दूध का संकेत माना जा सकता है। लेकिन अगर दूध में खूब सारा झाग या बुलबुले बन जाएं और वे लंबे समय तक बने रहें, आसानी से न बैठें, तो यह डिटर्जेंट जैसे पदार्थ की मिलावट की तरफ इशारा कर सकता है। हालांकि, FSSAI ने यह भी साफ किया है कि सिर्फ इस एक घरेलू तरीके के आधार पर किसी दूध को पूरी तरह मिलावटी करार नहीं दिया जा सकता, इसके लिए लैब जांच ही अंतिम कसौटी है। आखिर दूध में बुलबुले बनते क्यों हैं इसके पीछे की वजह विज्ञान से जुड़ी है। शुद्ध दूध में सतही तनाव यानी सरफेस टेंशन स्वाभाविक रूप से ज्यादा होता है, इसलिए हिलाने पर बनने वाली हवा की छोटी-छोटी जेबें बहुत जल्दी फूट कर खत्म हो जाती हैं। वहीं डिटर्जेंट या साबुन में मौजूद सर्फैक्टेंट नाम का तत्व इस सतही तनाव को कम कर देता है। इससे हवा और पानी के बीच एक पतली परत बन जाती है, जिसकी वजह से झाग और बुलबुले काफी देर तक टिके रहते हैं। दूध खरीदते वक्त इन बातों का रखें खास ख्याल मिलावट के खतरे से बचने के लिए हमेशा भरोसेमंद और नियमों का पालन करने वाले ब्रांड से ही दूध खरीदना चाहिए। पैकेट या कार्टन लेने से पहले उसकी सील, पैकिंग और लेबल पर दी गई जानकारी जरूर जांच लें। अगर पैकिंग में किसी तरह की छेड़छाड़ या नुकसान दिखे, तो ऐसा पैकेट कतई न खरीदें। पैकेट पर छपे FSSAI लाइसेंस नंबर और उससे जुड़ी जानकारी को भी ध्यान से देखना चाहिए। इसके अलावा दूध को सही तापमान पर ही स्टोर करें और पैकेट पर दी गई स्टोरेज व एक्सपायरी डेट से जुड़ी हिदायतों का पालन जरूर करें। इसका आप पर असर यह जांच सीधे आपकी रसोई और सेहत से जुड़ी है, क्योंकि मिलावटी दूध रोज के इस्तेमाल में सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। • घर पर तुरंत जांच संभव: अब बाजार से लाए हर पैकेट या खुले दूध को लैब भेजे बिना भी शुरुआती जांच घर पर हो सकती है. सिर्फ 5-10 मिलीलीटर दूध हिलाकर झाग देखने भर से एक अंदाजा मिल जाता है. • बच्चों और बुजुर्गों पर असर: दूध छह महीने के बच्चे से लेकर बुजुर्गों तक सभी पीते हैं, इसलिए मिलावट का खतरा हर उम्र के सदस्य को झेलना पड़ सकता है. परिवार में दूध खरीदते समय अब यह टेस्ट आदत में शामिल किया जा सकता है. • पक्की पुष्टि के लिए लैब जरूरी: सिर्फ घरेलू टेस्ट के आधार पर दूध को मिलावटी घोषित नहीं कर सकते. शक होने पर नजदीकी लैब में सैंपल जांच कराना ही सही कदम होगा. • पैकेट खरीदते समय सतर्कता: सील, पैकिंग, लेबल और FSSAI लाइसेंस नंबर चेक करना अब जरूरी आदत बननी चाहिए. छेड़छाड़ या क्षतिग्रस्त पैकेट दिखे तो उसे न खरीदें. • स्टोरेज पर ध्यान: पैकेट पर लिखी स्टोरेज और एक्सपायरी डेट का पालन न करने पर दूध जल्दी खराब हो सकता है, इसलिए इसे सही तापमान पर ही रखें. सवाल-जवाब 1. घर पर दूध में मिलावट की जांच कैसे करें? करीब 5 से 10 मिलीलीटर दूध एक छोटे गिलास में लेकर उसे तेजी से हिलाएं और बनने वाले झाग या बुलबुलों को देखें। 2. दूध में ज्यादा झाग बनने का क्या मतलब है? अगर हिलाने के बाद दूध में काफी झाग बनता है और वह जल्दी नहीं बैठता, तो इसमें डिटर्जेंट जैसे पदार्थ की मिलावट की आशंका हो सकती है। 3. क्या यह घरेलू टेस्ट पूरी तरह भरोसेमंद है? नहीं, FSSAI के मुताबिक यह सिर्फ शुरुआती संकेत देता है, मिलावट की पक्की पुष्टि के लिए लैब जांच जरूरी है। 4. शुद्ध दूध में बुलबुले जल्दी क्यों बैठ जाते हैं? शुद्ध दूध में सतही तनाव ज्यादा होता है, जिससे हिलाने पर बनी हवा की जेबें जल्दी खत्म हो जाती हैं। 5. FSSAI ने यह टेस्ट कहां शेयर किया? FSSAI ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल @fssaisafefood पर एक वीडियो के जरिए यह तरीका बताया है। 6. दूध खरीदते समय किन चीजों की जांच करनी चाहिए? पैकेट की सील, पैकिंग, लेबल, FSSAI लाइसेंस नंबर और स्टोरेज-एक्सपायरी जानकारी जरूर जांचें। https://trendkia.com/food/dudha-hilane-para-banane-lage-jyada-jhaga-fssai-ke-isa-testa-se-ghara-para-pahachanen-ditarjenta-milavata-28663 TrendKia — Har trend, sabse pehle.