# घर पर आसानी से बनाएं स्वादिष्ट राजस्थानी चूरमा लड्डू, जानिए पूरी रेसिपी

> त्योहारों के सीजन में मिलावटी मिठाइयों से बचने के लिए आप घर पर आसानी से पारंपरिक राजस्थानी चूरमा लड्डू तैयार कर सकते हैं। यह रेसिपी बहुत सरल है और लंबे समय तक सुरक्षित रहती है।

**Type:** article · **Category:** खानपान · **Published:** 2026-10-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/ghar-par-asani-se-banaye-swadisht-rajasthani-churma-laddu-janiye-puri-recipe-50069 · **Language:** Hindi
**Tags:** चूरमा लड्डू रेसिपी, राजस्थानी मिठाई, त्योहार की मिठाई, घर पर बनाएं मिठाई, पारंपरिक व्यंजन

त्योहारों का मौसम शुरू होते ही घरों में तरह-तरह के पकवान और मिठाइयां बनने लगती हैं। बाजार में मिलने वाली मिठाइयों में अक्सर मिलावट की आशंका रहती है, जिसमें नकली मावा, दूध, पनीर और हानिकारक रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बाजार से मिठाई खरीदने के बजाय घर पर ही शुद्ध और ताजा सामग्री से मिठाइयां तैयार करना बेहतर विकल्प है। आज हम आपको पारंपरिक राजस्थानी चूरमा लड्डू बनाने की बहुत ही आसान विधि बताने जा रहे हैं, जिसे आप घर पर ही झटपट तैयार कर सकते हैं। यह स्वादिष्ट मिठाई घर आने वाले मेहमानों को भी बहुत पसंद आएगी और इसकी खास बात यह है कि ये लड्डू लंबे समय तक खराब नहीं होते हैं, जिन्हें घर के बड़े और बच्चे सभी चाव से खाते हैं।

 

## चूरमा लड्डू बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप रेसिपी
 **पहला स्टेप:** सबसे पहले चूरमा लड्डू तैयार करने के लिए एक बर्तन में 2 कटोरी गेहूं का आटा छानकर लें। इसके बाद इसमें 1 कटोरी बारीक सूजी मिला लें। यदि आपके पास सूजी थोड़ी मोटी है, तो उसे मिक्सी में पीसकर बारीक कर सकते हैं। अब इसमें आधा कटोरी बेसन मिलाएं और फिर 3 चम्मच देसी घी डालकर आटे में हाथों की मदद से अच्छी तरह मिला लें।

 **दूसरा स्टेप:** अब आटे की इस सूखी मिश्रण को मुट्ठी में लेकर दबाएं ताकि यह जांचा जा सके कि पर्याप्त मोयन डला है या नहीं, यानी आटा अच्छी तरह बंध जाना चाहिए। इसके बाद गुनगुने पानी की मदद से एक सख्त आटा गूंथ लें। अब इस गूंथे हुए आटे को दो हिस्सों में बांट लें और इसकी छोटी-छोटी लोइयां तैयार कर लें। इन लोइयों को हथेली की मुट्ठी में रखकर दबा लें, जिससे पारंपरिक मुट्ठियां तैयार हो जाएं।

 **तीसरा स्टेप:** इसके बाद गैस पर एक कड़ाही रखें और उसमें 2 चम्मच घी डालकर गर्म करें। इस घी में थोड़े से काजू और बादाम को हल्का भून लें। आप अपनी पसंद के अनुसार मेवे की मात्रा कम या ज्यादा कर सकते हैं और चाहें तो अन्य मेवे भी इसमें शामिल कर सकते हैं। अब कड़ाही में आधा कटोरी घी और डालें और तैयार की गई सभी मुट्ठियों को इसमें मध्यम से धीमी आंच पर फ्राई करें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि गैस की आंच एकदम धीमी होनी चाहिए और मुट्ठियों को तब तक तलना है जब तक वे सुनहरी भूरे रंग की न हो जाएं।

 **चौथा स्टेप:** अब तली हुई मुट्ठियों को बाहर निकालकर छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ लें ताकि इन्हें पीसना आसान हो जाए। इन टूटे हुए टुकड़ों को मिक्सी में पीसकर एकदम बारीक पाउडर जैसा बना लें। यदि पीसने के बाद पाउडर में कुछ मोटे टुकड़े रह जाते हैं, तो उसे एक मोटी छन्नी की सहायता से छान लें। अब कड़ाही में 3 से 4 चम्मच घी डालकर गर्म करें और इसमें 1 कटोरी गुड़ छोटे-छोटे टुकड़ों में काट कर डाल दें। अब लगातार चलाते हुए इस गुड़ को धीमी आंच पर पूरी तरह पिघला लें।

 **पांचवां स्टेप:** अब पिघले हुए गुड़ में पहले से भुने और काटे गए मेवे मिला दें। इसके साथ ही मिश्रण में 2 चम्मच खसखस, आधा चम्मच इलायची पाउडर और थोड़े से कटे हुए पिस्ता भी डाल दें। अब इसमें पिघला हुआ गुड़ वाला मिश्रण डालें और करछी की मदद से सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें। जब यह मिश्रण हल्का ठंडा हो जाए, तो इसे हाथों से अच्छी तरह समेटते हुए गोल-गोल लड्डू का आकार देकर तैयार कर लें। आप अपनी पसंद और जरूरत के हिसाब से छोटे या बड़े आकार के लड्डू बनाकर इनका आनंद ले सकते हैं।

## इसका आप पर असर
घर पर शुद्ध सामग्री से चूरमा लड्डू बनाने से बाजार की मिलावटी मिठाइयों से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों से बचाव होता है।

- **स्वास्थ्य लाभ:** **शुद्धता की गारंटी:** घर पर बने इन लड्डुओं में मिलावटी मावा या हानिकारक रंगों का उपयोग नहीं होता है, जिससे परिवार की सेहत सुरक्षित रहती है।

- **आर्थिक बचत:** **कम खर्च में बेहतरीन स्वाद:** घर पर उपलब्ध सामान्य और किफायती सामग्री से बाजार जैसी महंगी मिठाई तैयार की जा सकती है।

- **लंबे समय तक स्टोरेज:** **आसानी से टिकने वाले:** ये लड्डू जल्दी खराब नहीं होते हैं, जिससे इन्हें त्योहारों के दौरान कई दिनों तक स्टोर करके इस्तेमाल किया जा सकता है।

- **मेहमान नवाज़ी:** **पारंपरिक आतिथ्य:** घर आए मेहमानों को शुद्ध देशी घी और मेवों से बनी यह पारंपरिक मिठाई परोसकर खास अनुभव दिया जा सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
त्योहारों के दिनों में बाजार की मिठाइयों में मिलावट बढ़ने और घर पर पारंपरिक व्यंजन बनाने की प्राचीन भारतीय संस्कृति के कारण लोग शुद्ध घरेलू व्यंजनों को अपनाते हैं।

- **मिलावट से बचाव:** **बाजार की मिलावट:** त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने पर बाजार में बिकने वाले मावा और दूध में कृत्रिम रंगों व पदार्थों की मिलावट की आशंका बहुत बढ़ जाती है।

- **पारंपरिक संस्कृति:** **उत्सव का उल्लास:** भारतीय त्योहारों पर पारंपरिक पकवान और मिठाइयां घर पर ही बनाने की परंपरा रही है जो स्वाद और शुद्धता दोनों में बेहतर होती हैं।

- **लंबे समय तक टिकाऊपन:** **संग्रहण क्षमता:** चूरमा लड्डू में इस्तेमाल होने वाले घी, आटे और गुड़ की प्रकृति ऐसी होती है कि ये बिना फ्रिज के भी काफी लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. चूरमा लड्डू बनाने के लिए मुख्य रूप से किन चीजों की आवश्यकता होती है?
इसके लिए गेहूं का आटा, बारीक सूजी, बेसन, देसी घी, गुड़ और सूखे मेवे चाहिए।

### 2. सूजी अगर मोटी हो तो क्या करना चाहिए?
मोटी सूजी को मिक्सी में एक बार चलाकर बारीक कर लेना चाहिए।

### 3. मुट्ठियों को फ्राई करते समय गैस की फ्लेम कैसी रखनी चाहिए?
मुट्ठियों को फ्राई करते समय गैस की फ्लेम एकदम कम रखनी चाहिए ताकि वे अंदर तक अच्छे से सिक जाएं।

### 4. मीठे के लिए इसमें क्या मिलाया जाता है?
मीठे के लिए इसमें पिघला हुआ गुड़ मिलाया जाता है।

### 5. क्या चूरमा लड्डू जल्दी खराब होते हैं?
नहीं, चूरमा लड्डू जल्दी खराब नहीं होते और इन्हें लंबे समय तक रखा जा सकता है।

### 6. इसमें कौन-से ड्राई फ्रूट्स डाले जाते हैं?
इसमें काजू, बादाम, पिस्ता और खसखस का इस्तेमाल किया जाता है।

## प्रेरणा और सबक
घर पर पारंपरिक कला और व्यंजनों को सहेजने की प्रेरणा पारंपरिक व्यंजनों के माध्यम से मिलती है।

- **पारंपरिक ज्ञान:** **खानपान की विरासत:** पुरानी और पारंपरिक रेसिपी को सहेज कर रखना हमारी सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखता है।

- **आत्मनिर्भरता:** **खुद बनाएं शुद्ध:** बाजार पर निर्भर रहने के बजाय अपनी रसोई में शुद्ध चीजें तैयार करने का कौशल विकसित होता है।

- **पोषण का ध्यान:** **स्वस्थ विकल्प:** घर पर बनने वाले पकवानों में पोषण और गुणवत्ता का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में रहता है।

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