घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसे कच्चे केले के कोफ्ते, नोट करें आसान विधि रोज की सामान्य सब्जियों से हटकर कुछ नया और लजीज चखना चाहते हैं, तो घर की रसोई में कच्चे केले के स्वादिष्ट कोफ्ते और गाढ़ी तरी तैयार कर सकते हैं। दैनिक भोजन में सामान्य सब्जियों से हटकर यदि कोई खास और पौष्टिक पकवान तैयार करने का मन हो, तो कच्चे केले के कोफ्ते एक बेहतरीन चुनाव बनकर सामने आते हैं। उत्तर भारत के खानपान में बेहद चाव से बनाई जाने वाली यह पारंपरिक डिश अपने अनोखे स्वाद के लिए जानी जाती है। कुरकुरे और अंदर से बेहद नरम कोफ्तों को जब मसालों से भरी गाढ़ी ग्रेवी के साथ पकाया जाता है, तो यह रोटी, चावल अथवा पराठे के साथ भोजन के आनंद को कई गुना बढ़ा देती है। कोफ्ते का मिश्रण और तैयारी इस लजीज पकवान की शुरुआत कच्चे केलों को अच्छी तरह साफ पानी से धोने के साथ होती है। सबसे पहले धुले हुए केलों को प्रेशर कुकर में डालकर 2 सीटी आने तक उबाल लिया जाता है। जब केले पूरी तरह ठंडे हो जाएं, तब उनके छिलके हटाकर गूदे को अच्छी तरह मसल लें। इसके बाद मैश किए गए केले में बांधने के लिए बेसन मिलाएं। साथ ही अदरक-लहसुन का पेस्ट, पिसी लाल मिर्च, धनिया पाउडर, गरम मसाला और स्वादानुसार नमक डालकर पूरे मिश्रण को आटे की तरह गूंथकर एकसार बना लें। कोफ्तों को सुनहरा तलने का तरीका तैयार किए गए मसालेदार मिश्रण से हथेलियों की मदद से छोटे-छोटे गोल आकार के कोफ्ते बना लिए जाते हैं। फिर एक गहरी कढ़ाही में पर्याप्त तेल गर्म किया जाता है। तैयार कोफ्तों को मध्यम आंच पर तब तक तला जाता है, जब तक कि उनकी बाहरी परत सुनहरी और खस्ता न हो जाए। तलने के उपरांत अतिरिक्त तेल सोखने के लिए इन्हें टिश्यू पेपर पर निकालकर अलग रख लें। मसालेदार ग्रेवी तैयार करना ग्रेवी तैयार करने के लिए एक दूसरी कढ़ाही में थोड़ा तेल गर्म करें और बारीक कटे प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें। इसके बाद अदरक-लहसुन का पेस्ट मिलाएं और उसका कच्चापन दूर होने तक धीमी आंच पर चलाएं। फिर टमाटर की प्यूरी डालें और उसके साथ हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और नमक डालकर तब तक भूनें जब तक मसाले से तेल अलग न दिखने लगे। इसके पश्चात फेंटा हुआ ताजा दही डालें और लगातार चलाते हुए 2 से 3 मिनट तक अच्छी तरह पकाएं। अंत में आवश्यकतानुसार 1 से 1½ कप पानी डालकर तरी में उबाल आने दें और फिर महक के लिए थोड़ा गरम मसाला छिड़कें। सर्व करने का शाही अंदाज ग्रेवी तैयार होने के बाद परोसने से ठीक 5 मिनट पहले तले हुए कोफ्तों को उबलती ग्रेवी में डाला जाता है और धीमी आंच पर कुछ देर पकने दिया जाता है। इस प्रक्रिया से कोफ्ते ग्रेवी के संपूर्ण स्वाद और नमी को भीतर तक सोख लेते हैं। परोसने से पूर्व ऊपर से ताजी कटी हरी धनिया पत्ती से सजावट करें। यह खास व्यंजन जीरा राइस, मिस्सी रोटी, तंदूरी रोटी या नान के साथ मेहमानों और पारिवारिक अवसरों पर शाही भोजन का अहसास कराता है। इसका आप पर असर यह आसान घरेलू रेसिपी रोजमर्रा के भोजन में पोषण और स्वाद का शानदार संतुलन जोड़ने का अवसर देती है। • रसोई का बजट: कच्चा केला बाजार में काफी किफायती और आसानी से उपलब्ध होता है। इसलिए बिना अधिक खर्च किए घर पर ही होटल जैसी शाही सब्जी तैयार की जा सकती है। • सेहत के लिए: कच्चे केले में पर्याप्त फाइबर और जरूरी पोषक तत्व मौजूद रहते हैं। बेसन और घर के मसालों के साथ यह पेट के लिए हल्की और पौष्टिक साबित होती है। • भोजन में विविधता: नियमित सब्जियों से बोरियत होने पर यह एक नया विकल्प देती है। इसे खास दावतों या पारिवारिक डिनर के लिए आसानी से बनाया जा सकता है। • पकाने में आसानी: कुकर में केवल 2 सीटी में केला उबलकर तैयार हो जाता है। सामान्य मसालों से 30 से 40 मिनट में पूरी डिश तैयार की जा सकती है। ऐसा क्यों हुआ दैनिक जीवन में एक ही तरह की सब्जियां खाते-खाते जब स्वाद में बदलाव की आवश्यकता महसूस होती है, तब पारंपरिक भारतीय रसोई में ऐसे रचनात्मक प्रयोग किए जाते हैं। कच्चे केले की बनावट कोफ्तों के लिए उपयुक्त मानी जाती है। • केले की बनावट: उबलने के बाद कच्चा केला बेहद नरम हो जाता है जिसे आसानी से मैश किया जा सकता है। बेसन के साथ मिलकर यह तलने के दौरान बिल्कुल नहीं बिखरता। • तरी का स्वाद: टमाटर प्यूरी और फेंटे हुए दही का मिश्रण खट्टा-मीठा तीखा संतुलन देता है। जब तले हुए कोफ्ते इस ग्रेवी में डाले जाते हैं, तो वे इसका पूरा रस सोख लेते हैं। • शाही अंदाज: उत्तर भारत में दावतों के लिए पनीर या मेवे के विकल्पों के स्थान पर कच्चे केले से शाही कोफ्ते तैयार करने की पुरानी परंपरा रही है। सवाल-जवाब 1. कच्चे केले को कुकर में कितनी देर उबालना चाहिए? कच्चे केलों को धोकर प्रेशर कुकर में मध्यम आंच पर 2 सीटी आने तक उबालना चाहिए। 2. कोफ्ते का मिश्रण बनाते समय बेसन क्यों मिलाया जाता है? मैश किए गए केले में बेसन मिलाने से मिश्रण में अच्छी बाइंडिंग आती है और तलते समय कोफ्ते फूटते नहीं हैं। 3. कोफ्तों को ग्रेवी में कब डालना चाहिए? कोफ्तों को परोसने से ठीक 5 मिनट पहले तैयार ग्रेवी में डालकर धीमी आंच पर पकाना चाहिए ताकि वे रस सोख सकें। 4. ग्रेवी में दही मिलाते समय किस बात का ध्यान रखें? दही को अच्छी तरह फेंटकर डालें और मसाले में मिलाने के बाद 2 से 3 मिनट तक लगातार चलाते रहें ताकि दही फटे नहीं। 5. कच्चे केले के कोफ्ते किन रोटियों या चावल के साथ परोसना सबसे अच्छा होता है? यह कोफ्ते नान, तंदूरी रोटी, मिस्सी रोटी, सादे पराठे या जीरा राइस के साथ सबसे ज्यादा स्वादिष्ट लगते हैं। https://trendkia.com/food/ghar-par-banayein-restaurant-jaise-raw-banana-kofta-note-karein-aasan-vidhi-35173 TrendKia — Har trend, sabse pehle.