घर पर मलाई से शुद्ध बिलोना घी तैयार करने की पूरी विधि दूध की मलाई को सीधे पकाने के बजाय दही जमाकर पारंपरिक तरीके से बिलोना घी बनाने की आसान विधि जानिए। इस प्रक्रिया से घर पर ही बिना मिलावट वाला शुद्ध और सेहतमंद घी तैयार किया जा सकता है। भारतीय रसोई में घी का स्थान हमेशा से सबसे खास रहा है, लेकिन आज के समय में घी बनाने के तरीकों में भारी बदलाव आ चुका है। शहरों में ज्यादातर लोग दूध से मलाई उतारकर सीधे कढ़ाई में गर्म करके घी बना लेते हैं, वहीं बाजार में उपलब्ध अधिकांश घी भी सीधे दूध की क्रीम अलग करके तैयार किया जाता है। क्रीम से बनने वाला यह घी अपेक्षाकृत सस्ता पड़ता है, क्योंकि इसमें डेयरी कंपनियां क्रीम से घी भी निकाल लेती हैं और बचे हुए दूध को अलग से बेच देती हैं। इसके विपरीत, पारंपरिक भारतीय पद्धति में हमेशा दही मथकर मक्खन निकाला जाता है और फिर उसे धीमी आंच पर पकाकर शुद्ध बिलोना घी प्राप्त किया जाता है। पारंपरिक बिलोना घी और आम घी में फर्क आमतौर पर प्रामाणिक बिलोना घी बनाने के लिए लोग ए2 दूध का उपयोग करते हैं, जिसमें दूध और मलाई को एक साथ उबालकर जमाया जाता है। मलाई से सीधे पकाए गए घी की तुलना में बिलोना घी की प्रक्रिया में कुछ अतिरिक्त चरण शामिल होते हैं, लेकिन यही अतिरिक्त मेहनत घी को असली शुद्धता और बेहतर पोषण प्रदान करती है। यदि आपके पास रोजाना भारी मात्रा में दूध उपलब्ध नहीं भी है, तब भी आप घर में सामान्य रूप से एकत्रित होने वाली मलाई या क्रीम की मदद से शुद्ध बिलोना घी तैयार कर सकते हैं। इसके लिए बस कुछ आसान चरणों का पालन करना होता है। मलाई एकत्र करना और दूध मिलाना घर में इस विधि से घी तैयार करने का सबसे पहला चरण मलाई को सुरक्षित रखना है। इसके लिए करीब 4 से 5 दिनों की ताजी मलाई इकट्ठा कर लें। मलाई में किसी तरह की गंध न आए और वह खराब न हो, इसके लिए उसे नियमित रूप से फ्रिज में ही स्टोर करके रखें। जब घी बनाने की तैयारी करनी हो, तब मलाई को फ्रिज से बाहर निकालें और उसे सामान्य तापमान पर आने दें। मलाई जब कमरे के तापमान पर आ जाए, तब उसमें आधा लीटर तेज गर्म दूध अच्छी तरह मिला दें। दही जमाना और मक्खन निकालना दूध और मलाई के मिश्रण में थोड़ा सा जामन वाला दही डालकर अच्छी तरह मिला लें। इसके बाद इस बर्तन को ढककर किसी हल्की गर्म जगह पर 6 से 7 घंटे के लिए रख दें, ताकि मलाई और दूध जमकर गाढ़े दही के रूप में बदल जाएं। बिलोना घी की सबसे बड़ी खूबी यही है कि इसमें पहले दही तैयार किया जाता है और उसके बाद मक्खन अलग किया जाता है। जब दही पूरी तरह जमकर तैयार हो जाए, तब उसे पारंपरिक हाथ वाली मथनी से मथ लें अथवा मिक्सी में डालकर चलाएं। आजकल बाजार में घी बनाने वाली आधुनिक मशीनें भी बेहद आसानी से मिल जाती हैं, जिनका उपयोग करके आप चंद मिनटों में मक्खन अलग कर सकते हैं। मक्खन से घी पकाने की अंतिम प्रक्रिया मथने के बाद जब सारा मक्खन मट्ठा छोड़कर ऊपर तैरने लगे, तो उसे सावधानी से अलग बर्तन में निकाल लें। मक्खन अलग हो जाने के बाद उसे एक साफ कढ़ाई में डालें और गैस पर गर्म होने के लिए रख दें। सीधे मलाई पकाने की तुलना में मक्खन से घी बहुत तेजी से और कम समय में अलग हो जाता है। धीमी आंच पर पकते ही मक्खन पिघलकर साफ, सुगंधित घी में तब्दील हो जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया से तैयार घी ही असली पारंपरिक बिलोना घी कहलाता है, जिसे बिना किसी बड़ी परेशानी के घर पर ही शुद्ध रूप से बनाया जा सकता है। इसका आप पर असर घर पर मलाई से पारंपरिक बिलोना घी बनाने की विधि अपनाने से परिवार को शुद्ध और मिलावट मुक्त पोषण मिलता है। • शुद्धता की गारंटी: बाजार में मिलने वाले मिलावटी या सिर्फ क्रीम से बने घी की जगह घर का बना प्रामाणिक घी मिलता है। इससे पाचन तंत्र मजबूत रहता है और शरीर को जरूरी पोषण प्राप्त होता है। • रसोई का बजट: रोजाना के दूध से बची मलाई का पूरा इस्तेमाल हो जाता है। इससे बाजार से महंगे डिब्बाबंद घी खरीदने का खर्च बचता है। • इस्तेमाल में आसानी: केवल 4-5 दिन की मलाई और आधा लीटर गर्म दूध से यह घी तैयार हो जाता है। आम घरेलू मथनी या मिक्सी से भी मक्खन आसानी से निकाला जा सकता है। • समय की बचत: सीधे मलाई पकाने की तुलना में मक्खन से घी काफी तेजी से पककर तैयार होता है। इससे गैस की खपत भी कम होती है और बर्तन जलने की समस्या नहीं होती। ऐसा क्यों हुआ शहरी जीवन में समय की कमी के कारण लोगों ने मलाई को सीधे उबालकर या केवल क्रीम निकालकर घी बनाना शुरू कर दिया, जिससे पारंपरिक बिलोना घी का चलन कम हो गया। हालांकि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ने के बाद लोग दोबारा इस पारंपरिक पद्धति की ओर लौट रहे हैं। • सस्ते उत्पादन की वजह: डेयरी उद्योग में क्रीम से घी निकालना व्यावसायिक रूप से फायदेमंद होता है। इससे कंपनियां दूध और घी दोनों को अलग-अलग बेचकर दोहरा मुनाफा कमाती हैं। • पारंपरिक चरण: बिलोना घी बनाने में पहले दूध और मलाई को जमाकर दही बनाया जाता है और फिर मक्खन निकाला जाता है। इस प्रक्रिया में एक-दो कदम अतिरिक्त होने के कारण लोग आसान शॉर्टकट अपनाने लगे थे। • ए2 दूध का बढ़ता महत्व: शुद्ध बिलोना घी के लिए पारंपरिक रूप से ए2 दूध को सर्वोत्तम माना जाता है। अब लोग घर में मलाई और दही के जामन से इसी प्रामाणिक गुण को वापस पाने की कोशिश कर रहे हैं। सवाल-जवाब 1. बिलोना घी बनाने के लिए कितने दिन की मलाई एकत्र करनी चाहिए? इस विधि से घी बनाने के लिए 4 से 5 दिनों की मलाई इकट्ठा करके फ्रिज में रखनी चाहिए। 2. मलाई में कितना गर्म दूध मिलाना होता है? सामान्य तापमान पर आई मलाई में आधा लीटर तेज गर्म दूध मिलाया जाता है। 3. मलाई और दूध के मिश्रण में जामन डालने के बाद कितनी देर रखना चाहिए? दही जमाने के लिए मिश्रण को 6 से 7 घंटे तक किसी हल्की गर्म जगह पर रखना होता है। 4. पारंपरिक बिलोना घी में मुख्य रूप से किस दूध का उपयोग होता है? पारंपरिक रूप से बिलोना घी तैयार करने के लिए लोग ए2 दूध का इस्तेमाल करते हैं। 5. मक्खन निकालने के लिए किन उपकरणों का इस्तेमाल किया जा सकता है? मक्खन निकालने के लिए हाथ की मथनी, मिक्सी या बाजार में मिलने वाली घी बनाने की मशीन का उपयोग किया जा सकता है। https://trendkia.com/food/ghar-par-malai-se-shuddh-bilona-ghee-taiyar-karne-ki-puri-vidhi-36397 TrendKia — Har trend, sabse pehle.