घर का आम का अचार सालों तक रहेगा ताजा, बनाते समय डालें ये तीन चीजें और महकती रहेगी रसोई फूड एक्सपर्ट्स के मुताबिक सरसों का तेल, मेथी दाना और हींग के सही इस्तेमाल से आम का अचार 4 से 5 साल तक सुरक्षित और खुशबूदार बना रह सकता है, बशर्ते नमी और लापरवाही से बचा जाए। गर्मियों में एक बार बनाया गया आम का अचार पूरे साल, कई बार तो कई सालों तक, खाने का स्वाद बढ़ाता रहता है। ढंग से बनाया और संभाला गया अचार 4 से 5 साल तक तक खराब नहीं होता। लेकिन यही अचार थोड़ी सी लापरवाही पर जल्दी जवाब भी दे जाता है। बनाते या भरते वक्त हुई एक छोटी गलती फफूंदी को न्योता दे देती है और मेहनत से तैयार किया गया अचार बेकार हो जाता है। फूड एक्सपर्ट्स की राय में अगर सही सामग्री चुनी जाए, तेल की मात्रा पर्याप्त रखी जाए और नमी को पूरी तरह दूर रखा जाए, तो अचार लंबे अरसे तक न सिर्फ टिका रहता है बल्कि उसका स्वाद और खुशबू भी जस की तस बनी रहती है। सरसों का तेल: सबसे भरोसेमंद प्राकृतिक प्रिजर्वेटिव अचार को सालों तक बचाए रखने में सबसे बड़ा हाथ सरसों के तेल का होता है। पारंपरिक रेसिपी में यह तेल सिर्फ स्वाद नहीं देता, बल्कि अचार और हवा-नमी के बीच एक परत बनकर ढाल का काम करता है। ध्यान रखें कि अचार में तेल इतना हो कि आम के टुकड़े और मसाले पूरी तरह उसमें डूबे रहें। तेल की यही ऊपरी परत कुदरती प्रिजर्वेटिव की तरह काम करती है और अचार के खराब होने का खतरा काफी घटा देती है। मेथी दाना: स्वाद को गहराई और लंबी उम्र दोनों मेथी दाना अचार के स्वाद में गहराई लाने के साथ-साथ उसकी शेल्फ लाइफ भी बढ़ाता है। हल्का भूनकर दरदरा पीसा हुआ मेथी दाना मिलाने से अचार ज्यादा संतुलित और देसी अंदाज वाला बनता है। पुराने घरेलू नुस्खों में मेथी को अचार का जरूरी हिस्सा यूं ही नहीं माना गया, यह मसालों की महक को देर तक बनाए रखने में मदद करती है। इसलिए अचार बनाते समय इसे मिलाना भूलें नहीं। हींग: चुटकीभर में दोगुनी खुशबू थोड़ी सी हींग अचार के स्वाद और सुगंध को कई गुना बढ़ा देती है। परंपरागत रेसिपी में हींग को उन मसालों में गिना जाता है जो अचार को देर तक ताजा रखते हैं। इसे डालते ही अचार में एक अलग ही खुशबू उठती है, जो खाने का मजा और बढ़ा देती है। उत्तर भारत के आम के अचार में हींग का जमकर इस्तेमाल होता है। साथ ही यह सेहत के लिहाज से भी फायदेमंद मानी जाती है। सिर्फ मसाले काफी नहीं, नमी से जंग जरूरी अचार लंबे समय तक चले, इसके लिए सही मसाले डालना ही पर्याप्त नहीं है। जिन बर्तनों में अचार बनाया या भरा जाए, वे पूरी तरह सूखे होने चाहिए। आम के टुकड़ों पर भी जरा सी नमी नहीं रहनी चाहिए, क्योंकि यही हल्की सी नमी फफूंदी की जड़ बन जाती है। अचार निकालते समय हमेशा साफ और सूखे चम्मच का ही इस्तेमाल करें, गीला चम्मच डालते ही अचार जल्दी खराब होने लगता है। भंडारण के लिए साफ कांच या फूड-ग्रेड कंटेनर सबसे बेहतर माने जाते हैं। शुरुआती दिनों में आम के अचार को नियमित रूप से धूप दिखाने की सलाह दी जाती है, इससे मसाले अच्छी तरह पकते हैं और अचार का असली स्वाद खुलकर सामने आता है। इसका आप पर असर आपके लिए इसका मतलब: • सरसों का तेल, मेथी दाना और हींग सही तरीके से मिलाने पर आपका घर का आम का अचार 4 से 5 साल तक खराब नहीं होगा, यानी बार-बार बनाने की मेहनत और खर्च बचेगा। • बर्तन और आम के टुकड़े पूरी तरह सूखे रखकर और हर बार साफ-सूखे चम्मच से निकालकर आप फफूंदी से बच सकते हैं और एक पूरी बरनी बर्बाद होने से रोक सकते हैं। सवाल-जवाब 1. आम का अचार कितने साल तक सुरक्षित रह सकता है? सही तरीके से बनाकर और स्टोर किया गया आम का अचार 4 से 5 साल तक खराब नहीं होता। 2. अचार को लंबे समय तक टिकाने के लिए कौन सी तीन चीजें जरूरी हैं? सरसों का तेल, मेथी दाना और हींग, ये तीन चीजें अचार को लंबे समय तक सुरक्षित और खुशबूदार रखती हैं। 3. अचार में फफूंदी क्यों लग जाती है? बर्तन या आम के टुकड़ों में बची नमी और गीले चम्मच के इस्तेमाल से अचार में फफूंदी लग जाती है और वह जल्दी खराब होने लगता है। 4. अचार को शुरुआती दिनों में धूप क्यों दिखाई जाती है? धूप दिखाने से मसाले अच्छी तरह पकते हैं और अचार का स्वाद निखरकर सामने आता है। https://trendkia.com/food/ghara-ka-ama-ka-achara-salon-taka-rahega-taja-banate-samaya-dalen-ye-tina-chijen-1286 TrendKia — Har trend, sabse pehle.