# घर में सहजन खाने से बचते हैं बच्चे, इन आसान देशी मसालों से बनाएं नया चटपटा स्नैक

> सहजन यानी मोरिंगा की साधारण सब्जी खाने में आनाकानी करने वाले बच्चों के लिए चाट मसाला, अमचूर और नींबू के साथ एक खास चटपटा स्नैक तैयार किया जा सकता है। उबालने और सही तरीके से मसाला मिलाने की यह सरल विधि बड़ों को भी खूब पसंद आएगी।

**Type:** article · **Category:** खानपान · **Published:** 2026-10-06 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/ghara-men-sahjan-khane-se-bachate-hain-bachche-ina-asana-deshi-masalon-se-banaen-naya-chatapata-snaika-43990 · **Language:** Hindi
**Tags:** सहजन, मोरिंगा रेसिपी, चटपटा स्नैक, बच्चों का खाना, किचन टिप्स, हेल्दी रेसिपी

ज्यादातर घरों में हरी सब्जियों की थाली सामने आते ही बच्चों के चेहरे के भाव बदल जाना एक आम बात है। विशेष रूप से सहजन यानी मोरिंगा की पारंपरिक सब्जी देखते ही कई बच्चे उसे खाने से साफ इनकार कर देते हैं। सहजन का खास स्वाद और रेशेदार बनावट कई बार बच्चों की पसंद के अनुकूल नहीं बैठती। ऐसे हालात में माता-पिता के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि वे इस गुणकारी सब्जी को बच्चों की खुराक में किस तरह शामिल करें। हर बार एक ही ढर्रे पर सब्जी पकाने के बजाय अगर इसे परोसने का अंदाज और स्वाद पूरी तरह बदल दिया जाए, तो बच्चे खुद इसमें दिलचस्पी दिखाने लगेंगे।

सहजन को सही विधि से उबालकर उसमें चाट मसाला, अमचूर और बहुत हल्की लाल मिर्च मिला दी जाए तो यह साधारण सब्जी एक बेहतरीन चटपटे स्नैक में तब्दील हो जाती है। इस रेसिपी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए बाजार से किसी महंगी या दुर्लभ सामग्री को खरीदने की आवश्यकता नहीं होती। रसोई घर में मौजूद रोजमर्रा के बुनियादी मसालों से ही यह स्वादिष्ट व्यंजन झटपट तैयार हो जाता है, जिसे बच्चे ही नहीं बल्कि घर के बड़े सदस्य भी बड़े चाव से खा सकते हैं।

## सहजन की कटाई और उबालने का सही तरीका
इस चटपटे स्नैक को तैयार करने के लिए सबसे पहले बाजार से ताजी सहजन की फलियां चुनकर लाएं। इन्हें साफ और बहते पानी में अच्छी तरह धोकर पूरी गंदगी साफ कर लें। धोने के उपरांत इन्हें छोटे-छोटे बराबर आकार के टुकड़ों में काट लें। टुकड़ों का आकार बहुत बड़ा नहीं रखना चाहिए, क्योंकि बड़े टुकड़ों के अंदर मसाले की परत समान रूप से नहीं चढ़ पाती और छोटे बच्चों को उन्हें चबाकर खाने में भी असुविधा होती है।

कटाई पूरी होने के बाद एक गहरे बर्तन में पर्याप्त मात्रा में पानी लें और उसमें थोड़ा नमक मिला दें। कटे हुए मोरिंगा के सभी टुकड़ों को इस नमक मिले पानी के भीतर करीब 30 मिनट तक डूबा रहने दें। आधा घंटा बीतने पर उसी नमक वाले पानी के साथ बर्तन को आंच पर चढ़ाएं और टुकड़ों को लगभग 25 मिनट तक अच्छी तरह उबालें। पकाने का यह समय सहजन की कुल मात्रा और फलियों की मोटाई के आधार पर थोड़ा कम या ज्यादा हो सकता है। मुख्य उद्देश्य यह है कि सहजन भीतर तक पूरी तरह नरम हो जाए ताकि उसे आसानी से खाया जा सके।

## उबालने के बाद पानी सुखाना बेहद जरूरी
जब मोरिंगा पूरी तरह से गल जाए और नरम पड़ जाए, तो आंच बंद करके उसे एक बड़ी छलनी में निकाल लें। ऐसा करने से उसका सारा अतिरिक्त पानी पूरी तरह निथर जाता है। पानी निकल जाने के बाद इन उबले टुकड़ों को एक चौड़े बर्तन या बड़े कटोरे में निकालें, जिससे सभी मसाले एकसार मिलाए जा सकें।

यहाँ एक महत्वपूर्ण बात का ध्यान रखना आवश्यक है। यदि मोरिंगा के टुकड़ों पर ज्यादा नमी या गीलापन रह जाएगा, तो सूखे मसाले उनकी सतह पर सही तरीके से नहीं चिपकेंगे और सारा स्वाद बह जाएगा। इसलिए छलनी से छानने के बाद टुकड़ों को कुछ मिनटों के लिए खुला छोड़ दें ताकि भाप निकल जाए और अतिरिक्त गीलापन सूख जाए। इसके बाद ही अगले चरण में मसाले मिलाने का काम शुरू करें।

## चटपटे मसालों का सही अनुपात और मिश्रण
हल्के सूखे और उबले हुए मोरिंगा के ऊपर सबसे पहले थोड़ा काला नमक छिड़कें। इसके तुरंत बाद चाट मसाला और खटाई के लिए अमचूर पाउडर डालें। अगर बच्चे हल्का तीखा खाना पसंद करते हों, तो मामूली मात्रा में लाल मिर्च पाउडर शामिल किया जा सकता है। स्वाद की गहराई बढ़ाने के लिए बेहद थोड़ी मात्रा में गरम मसाला भी ऊपर से बुरक सकते हैं।

सादा नमक मिलाते समय खास सावधानी बरतें और केवल जरूरत महसूस होने पर ही इसकी चुटकी भर मात्रा डालें, क्योंकि उबालते समय भी पानी में नमक का प्रयोग किया गया था। अब किसी चम्मच या हल्के हाथों से सभी मसालों को मोरिंगा के साथ आहिस्ता-आहिस्ता मिलाएं। ऐसा करने से हर एक टुकड़े के ऊपर मसालों की एक पतली और चटपटी परत बराबर ढंग से चढ़ जाएगी।

यदि यह व्यंजन खासतौर पर छोटे बच्चों के लिए तैयार किया जा रहा है, तो लाल मिर्च की मात्रा को न्यूनतम रखना ही समझदारी भरा फैसला होगा। परिवार के वयस्क सदस्यों के लिए प्लेट में निकालते समय ऊपर से अतिरिक्त चाट मसाला, तीखापन या नींबू का रस अलग से मिलाया जा सकता है। इस तरह एक ही प्रयास में बच्चों और बड़ों दोनों की पसंद का स्वाद आसानी से संतुलित हो जाता है।

## नींबू के रस और हरे धनिए से लाएं ताजगी
सूखे मसाले अच्छी तरह मिल जाने के बाद तैयार टुकड़ों पर थोड़ा सा ताजा नींबू का रस निचोड़ें। नींबू का रस मिलते ही अमचूर पाउडर के खट्टेपन में एक नया निखार आ जाता है और स्वाद दोगुना हो जाता है। सबसे अंत में ताजी हरी धनिया पत्ती को बारीक काटकर ऊपर से सजाएं। हरा धनिया इस पूरे चटपटे व्यंजन को एक ताजी महक और देखने में बेहद आकर्षक रंगत प्रदान करता है।

## बच्चों को परोसते समय अपनाएं यह रणनीति
यदि कोई बच्चा सहजन की सब्जी देखते ही हमेशा खाने से भागता रहा हो, तो पहले ही दिन उसकी प्लेट में इसे बड़ी मात्रा में न परोसें। शुरुआत में उबले और मसालेदार सहजन के केवल दो-चार टुकड़े एक हल्के स्नैक या चाट के तौर पर खाने को दें। जब बच्चे को यह नया और चटपटा स्वाद भाने लगे और उसकी झिझक खत्म हो जाए, तब धीरे-धीरे इसकी खुराक और मात्रा बढ़ाई जा सकती है।

## इसका आप पर असर
इस आसान और किफायती विधि को अपनाकर माता-पिता बच्चों के खाने की आदतों में बिना किसी झंझट के सुधार कर सकते हैं।

- **दैनिक खानपान पर:** बच्चों को पौष्टिक हरी सब्जियां खिलाने के लिए महंगे विदेशी सप्लीमेंट्स पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। साधारण रसोई मसालों की मदद से घर में ही बच्चों के लिए पौष्टिक और रुचिकर स्नैक तैयार किया जा सकता है।
- **रसोई के बजट पर:** इस नाश्ते को बनाने में कोई अतिरिक्त या महंगी सामग्री नहीं लगती। घर में मौजूद अमचूर, चाट मसाला और नींबू से यह कम खर्च में तुरंत तैयार हो जाता है।
- **समय की बचत पर:** 30 मिनट भिगोने और 25 मिनट उबालने की प्रक्रिया बेहद सीधी और झंझटमुक्त है। इसे दिन के किसी भी समय बच्चों के लिए हल्का नाश्ता बनाते समय आसानी से पकाया जा सकता है।
- **खानपान की आदत पर:** जो बच्चे सब्जी देखकर खाने से इनकार कर देते हैं, वे धीरे-धीरे इसके स्वाद के आदी होने लगेंगे। शुरुआत में 2-3 टुकड़े परोसने से बच्चों की हिचकिचाहट आसानी से दूर की जा सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
बच्चे अक्सर सहजन की रेशेदार बनावट और पारम्परिक तरीदार सब्जियों के भारी स्वाद की वजह से उसे खाने से कतराते हैं। स्वाद और रूप बदलने से उनके भोजन में रुचि पैदा होती है।

- **बनावट और स्वाद की अरुचि:** अधिकांश बच्चे हरी सब्जियों के कड़वेपन या रेशेदार बनावट को आसानी से स्वीकार नहीं कर पाते। चाट मसाला, अमचूर और नींबू का खट्टा-चटपटा मिश्रण इस तीखेपन और रेशेदार अहसास को दबा देता है।
- **उबालने की सही तकनीक:** नमक के पानी में 30 मिनट भिगोने और 25 मिनट उबालने से रेशेदार फलियां पूरी तरह नरम हो जाती हैं। इससे सहजन को चबाना और उसका गूदा निकालना बच्चों के लिए बेहद आसान हो जाता है।
- **सूखा स्नैक स्वरूप:** तरीदार सब्जी की जगह सूखा चाट रूप बच्चों को खेल-खेल में खाने के लिए अधिक अनुकूल और मजेदार लगता है। उंगली से उठाकर खाने वाले स्नैक्स को बच्चे बिना किसी दबाव के खुशी-खुशी स्वीकार कर लेते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. सहजन को उबालने से पहले नमक के पानी में कितनी देर भिगोना चाहिए?
कटे हुए सहजन के टुकड़ों को पकाने से पहले लगभग 30 मिनट तक नमक वाले पानी में भिगोकर रखना चाहिए।

### 2. सहजन के टुकड़ों को कितनी देर तक उबालना जरूरी है?
नमक वाले पानी में सहजन को करीब 25 मिनट तक उबालना चाहिए ताकि वे पूरी तरह नरम हो जाएं।

### 3. उबालने के बाद मसालों को मिलाने से पहले क्या ध्यान रखना चाहिए?
उबले सहजन को छलनी में छानकर कुछ मिनट छोड़ देना चाहिए ताकि अतिरिक्त पानी निकल जाए और मसाले अच्छी तरह चिपक सकें।

### 4. इस चटपटे सहजन स्नैक में कौन-कौन से मुख्य मसाले डाले जाते हैं?
इसमें काला नमक, चाट मसाला, अमचूर पाउडर, हल्की लाल मिर्च, थोड़ा गरम मसाला, नींबू का रस और हरा धनिया मिलाया जाता है।

### 5. शुरुआत में बच्चों को यह व्यंजन किस तरह परोसना चाहिए?
शुरुआत में बहुत ज्यादा मात्रा देने के बजाय स्नैक के रूप में केवल दो-चार टुकड़े परोसने चाहिए ताकि बच्चे स्वाद के आदी हो सकें।

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