# घर पर ऐसे बनाएं हलवाई जैसी दानेदार मोहनथाल, जानें आसान विधि

> गुजरात की पारंपरिक मिठाई मोहनथाल को घर पर बेहद आसानी से तैयार किया जा सकता है। इसके लिए बेसन और दूध के सही मिश्रण के साथ धीमी आंच पर भूनने की कला जरूरी होती है।

**Type:** article · **Category:** खानपान · **Published:** 2026-09-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/ghara-para-aise-banaen-halavai-jaisi-danedara-mohanthal-janen-asana-vidhi-29832 · **Language:** Hindi
**Tags:** मोहनथाल, मिठाई रेसिपी, गुजराती व्यंजन, त्योहार की मिठाई, बेसन की रेसिपी

मिठाइयों के शौकीन लोगों के बीच गुजरात की पारंपरिक मोहनथाल का एक अलग ही मुकाम है। इसकी दानेदार बनावट, मुंह में जाते ही घुल जाने वाला अहसास और शुद्ध देशी घी की खुशबू इसे हर बड़े त्योहार और उत्सव की शान बना देती है। बाजार में मिलने वाली मिठाइयों में अक्सर मिलावट की आशंका बनी रहती है, जिससे सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। ऐसे में आप चाहें तो पूरी शुद्धता के साथ इस लाजवाब मिठाई को अपने घर की रसोई में ही तैयार कर सकते हैं। इसकी पूरी प्रक्रिया बहुत सरल है और कुछ आसान चरणों में इसे बनाया जा सकता है।

 

## जरूरी सामग्री

इस स्वादिष्ट व्यंजन को बनाने के लिए आपको कुछ बुनियादी चीजों की जरूरत होगी। इनमें मुख्य सामग्री के रूप में मोटा पिसा हुआ बेसन दो कप चाहिए होगा। इसके अलावा मोयन के लिए चार से पांच चम्मच दूध और भूनते समय डालने के लिए एक चौथाई कप दूध की आवश्यकता पड़ेगी। साथ ही तीन चौथाई कप देशी घी, एक कप चीनी और आधा कप पानी लें। स्वाद और खुशबू को बढ़ाने के लिए आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर, एक चुटकी जायफल और थोड़ा सा केसर अपने पास रखें। सजावट और स्वाद के लिए कटे हुए ड्राई फ्रूट्स जैसे बादाम और पिस्ता की भी जरूरत होगी।

 

## बेसन तैयार करने की प्रक्रिया

मिठाई बनाने की शुरुआत सबसे पहले बेसन को सही तरीके से तैयार करने से होती है। इसके लिए एक बड़े बर्तन में सारा मोटा बेसन निकाल लें। अब इसमें तीन से चार चम्मच गुनगुना दूध और तीन चम्मच पिघला हुआ घी मिला लें। अपने दोनों हाथों की हथेलियों की मदद से इस मिश्रण को अच्छी तरह आपस में मलें, ताकि दूध और घी का अंश बेसन के एक-एक कण तक पहुंच जाए। इस प्रक्रिया को पूरा करने के बाद मिश्रण को ढंककर करीब पंद्रह मिनट के लिए एक तरफ रख दें। तय समय के बाद इस बेसन को किसी मोटी छलनी की सहायता से छान लें। यह चरण बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी से मोहनथाल को उसका पारंपरिक दानेदार टेक्सचर मिलता है।

 

## धीमी आंच पर भूनने की कला

अब एक भारी तले वाली कढ़ाई लें और उसमें बचा हुआ सारा घी गर्म करें। इसके बाद तैयार किया हुआ बेसन इस कढ़ाई में डाल दें। इस पूरे चरण के दौरान गैस की आंच को बिल्कुल धीमा रखना बेहद जरूरी है। बेसन को लगातार चलाते हुए भूनते रहें ताकि यह नीचे से जले नहीं। जैसे-जैसे समय बीतेगा और बेसन भुनेगा, इसका रंग सुनहरा होने लगेगा और इसकी सौंधी महक से पूरी रसोई महक उठेगी। जब बेसन का रंग हल्का भूरा हो जाए, तब इसमें एक चौथाई कप दूध थोड़ा-थोड़ा करके मिलाना शुरू करें। दूध के संपर्क में आते ही बेसन में हल्के झाग उठने लगेंगे और यह फूलने लगेगा। इसे तब तक लगातार चलाते रहें जब तक कि सारा दूध अच्छी तरह सोख न लिया जाए। यह खास कदम बेसन को मावे जैसी मलाईदार सॉफ्टनेस और एक समृद्ध स्वाद प्रदान करता है, जिसके बाद गैस को बंद कर देना चाहिए।

 

## चाशनी तैयार करने का तरीका

एक अलग बर्तन में चीनी और पानी को एक साथ मिलाकर मध्यम आंच पर उबलने के लिए रख दें। इस मिश्रण से हमें लगभग डेढ़ तार की चाशनी तैयार करनी है। जब चाशनी अपनी सही अवस्था में आ जाए, तब इसमें केसर, इलायची पाउडर और जायफल अच्छी तरह मिला दें और आंच बंद कर दें। इसके बाद इस गर्म चाशनी को थोड़ा-थोड़ा करके अपने भुने हुए बेसन के मिश्रण में उड़ेल दें और दोनों को अच्छी तरह आपस में मिला लें। अब एक थाली या ट्रे को थोड़े से घी से अच्छी तरह चिकना कर लें और सारा तैयार मिश्रण उसमें पलट दें। इसके ऊपर से कटे हुए बादाम और पिस्ता छिड़ककर हल्के हाथों से दबा दें, ताकि वे मिठाई में अच्छी तरह सेट हो जाएं। जब यह मिश्रण ठंडा हो जाए, तो इसे मनचाहे टुकड़ों में काट लें और इस पारंपरिक मिठाई का आनंद लें।

## इसका आप पर असर
घर पर शुद्ध सामग्री से मोहनथाल तैयार करने से मिलावटी खाद्य पदार्थों से बचाव होता है और त्योहारों पर शुद्धता बनी रहती है।

- **भारत में:** पारंपरिक मिठाइयों को घर पर बनाने से त्योहारी सीजन में बाहरी मिलावट और मिलावटी खोये से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम पूरी तरह टल जाता है।

- **घरेलू बजट:** घर पर कम लागत में बाजार जैसी महंगी मिठाई तैयार हो जाती है, जिससे त्योहारी खर्च को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

## ऐसा क्यों हुआ
त्योहारों के दौरान बाजार में मिठाइयों की मांग बढ़ने से मिलावट की आशंका बढ़ जाती है, जिसके कारण लोग घर पर पारंपरिक तरीकों से शुद्ध चीजें बनाना पसंद करते हैं।

- **शुद्धता की आवश्यकता:** व्यावसायिक बाजारों में मिलावटी मावे और घटिया घी के इस्तेमाल से बचने के लिए लोग घर की बनी रेसिपी अपनाते हैं।

- **पारंपरिक तकनीक:** धीमी आंच पर भूनने और दूध के इस्तेमाल से मिठाई में बाजार जैसी सोंधी खुशबू और दानेदार बनावट प्राकृतिक रूप से आती है।

## सवाल-जवाब

### 1. मोहनथाल बनाने के लिए किस तरह का बेसन चाहिए?
इस मिठाई के लिए दो कप मोटा पिसा हुआ बेसन इस्तेमाल किया जाता है।

### 2. बेसन में दूध और घी मिलाने का क्या उद्देश्य है?
यह प्रक्रिया बेसन के कण-कण में नमी पहुंचाती है और छानने के बाद दानेदार टेक्सचर देती है।

### 3. चाशनी की सही कंसिस्टेंसी क्या होनी चाहिए?
चाशनी लगभग डेढ़ तार की बनाई जाती है।

### 4. भूनते समय गैस की आंच कैसी रखनी चाहिए?
बेसन को भूनते समय गैस की आंच बिल्कुल धीमी रखनी चाहिए।

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