घर पर बनाएं बुरहानपुर की प्रसिद्ध रवा मावा बर्फी, इस त्योहार बाजार की महंगी मिठाइयों को कहें अलविदा रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बुरहानपुर की पारंपरिक रवा मावा बर्फी घर पर आसानी से तैयार की जा सकती है। कम लागत और सीमित सामग्री में बनने वाली यह शुद्ध मिठाई स्वाद में लाजवाब होती है। रक्षाबंधन का पावन अवसर भाई और बहन के बीच अटूट स्नेह और प्रेम का प्रतीक माना जाता है। इस खास पर्व के आगमन के साथ ही हर घर में खुशियों का माहौल बन जाता है और तरह-तरह के पकवानों के साथ मिठाइयों की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। यदि आप इस बार बाजार से मिलावटी या महंगी मिठाइयां खरीदने के बजाय घर पर ही कुछ खास और स्वादिष्ट व्यंजन बनाने का विचार कर रहे हैं, तो मध्य प्रदेश के निमाड़ अंचल में स्थित बुरहानपुर की प्रसिद्ध रवा मावा बर्फी एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। यह पारंपरिक मिठाई स्वाद में जितनी लाजवाब है, इसे बनाना उतना ही सरल और आसान है। रवा मावा बर्फी की विशेषताएं और सामग्री इस खास बर्फी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे तैयार करने के लिए किसी विशेष या दुर्लभ सामग्री की आवश्यकता नहीं पड़ती। इसे आप अपनी रसोई में आसानी से उपलब्ध रहने वाली सामान्य चीजों से झटपट तैयार कर सकते हैं। इसके लिए मुख्य रूप से सूजी जिसे रवा भी कहा जाता है, मावा यानी खोया, शक्कर, देसी घी और स्वाद को बढ़ाने के लिए इलायची पाउडर की जरूरत होती है। घर पर तैयार किए जाने के कारण यह मिठाई पूरी तरह से शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक रहती है, क्योंकि इसमें इस्तेमाल होने वाले सभी सामानों की गुणवत्ता पर आपका पूरा नियंत्रण रहता है। बनाने की आसान और सटीक विधि बुरहानपुर के पकवान विशेषज्ञ सतीश ने इस पारंपरिक बर्फी को सही तरीके से बनाने का पूरा तरीका साझा किया है। सबसे पहले एक भारी तले की कड़ाही में थोड़ा देसी घी डालकर मध्यम आंच पर गर्म करें। जब घी अच्छी तरह पिघल जाए, तब कड़ाही में रवा डालें और आंच को धीमा करके लगातार चलाते हुए भूनें। रवे को तब तक भूनना चाहिए जब तक कि उसका रंग हल्का सुनहरा न हो जाए और उसमें से मनमोहक खुशबू न आने लगे। रवा अच्छी तरह भुन जाने के बाद उसमें मावा मिलाएं। मावा डालने के बाद इस मिश्रण को धीमी आंच पर कुछ मिनटों तक और पकाएं ताकि रवा और मावा आपस में अच्छी तरह घुलमिल जाएं। इसके पश्चात तैयार मिश्रण में चाशनी या शक्कर मिलाकर सामग्री को लगातार चलाते रहें। जैसे ही मिश्रण गाढ़ा होने लगे और कड़ाही का तला छोड़ने लगे, तुरंत गैस बंद कर दें। बर्फी को जमाने और सजाने का तरीका अब एक सपाट थाली या ट्रे लें और उसकी सतह पर थोड़ा सा घी लगाकर उसे चिकना कर लें। तैयार गर्म मिश्रण को तुरंत इस थाली में डालें और चम्मच या स्पैटुला की मदद से समान रूप से फैला दें। मिश्रण को पूरी तरह से ठंडा होने और जमने के लिए कुछ समय के लिए छोड़ दें। जब बर्फी का मिश्रण अच्छी तरह सेट हो जाए, तब एक तेज चाकू की सहायता से इसे अपनी पसंद के मनचाहे आकार जैसे वर्गाकार या डायमंड कट में काट लें। अंत में इसके ऊपर बारीक कटे हुए बादाम और पिस्ता छिड़ककर हल्का सा दबा दें। इससे बर्फी का स्वाद और उसकी बनावट दोनों ही देखने में बेहद आकर्षक लगती हैं। भंडारण और सर्विंग से जुड़े सुझाव निमाड़ क्षेत्र में रवा मावा बर्फी को हर शुभ अवसर पर एक प्रमुख पारंपरिक मिठाई के रूप में बेहद पसंद किया जाता है। रक्षाबंधन के दिन इसे घर आए मेहमानों और अपने भाइयों या बहनों को परोसकर त्योहार की खुशियों को दोगुना किया जा सकता है। बच्चे हों या बुजुर्ग, इसका संतुलित स्वाद हर उम्र के व्यक्ति को लुभाता है। यदि आप इसे सही तरीके से बनाकर किसी साफ और हवा बंद डिब्बे में सुरक्षित रखते हैं, तो यह कई दिनों तक बिल्कुल ताजा और स्वादिष्ट बनी रहती है। इस बार त्योहार पर अपने हाथों से बनी इस शुद्ध मिठाई से सभी का मुंह मीठा कराएं। इसका आप पर असर • भारत भर में: रक्षाबंधन पर मिलावटी मिठाइयों से बचकर घर पर ही कम लागत में शुद्ध और स्वादिष्ट रवा मावा बर्फी तैयार की जा सकती है। • मध्य प्रदेश और बुरहानपुर में: निमाड़ अंचल की इस पारंपरिक रेसिपी के जरिए स्थानीय खाद्य संस्कृति और पारंपरिक मिठाइयों को घर-घर में बढ़ावा मिलता है। सवाल-जवाब 1. रवा मावा बर्फी बनाने के लिए किन मुख्य सामग्रियों की आवश्यकता होती है? इसे बनाने के लिए सूजी (रवा), मावा (खोया), शक्कर या चाशनी, देसी घी, इलायची और सजावट के लिए कटे हुए बादाम तथा पिस्ता की आवश्यकता होती है। 2. बुरहानपुर की इस प्रसिद्ध बर्फी की क्या खासियत है? यह मिठाई कम खर्च और कम समय में घर में उपलब्ध सामान्य सामग्री से बन जाती है और पूरी तरह शुद्ध होती है। 3. रवे को भूनते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? रवे को कड़ाही में देसी घी के साथ धीमी आंच पर तब तक भूनना चाहिए जब तक वह सुनहरा न हो जाए और खुशबू न देने लगे। 4. रवा मावा बर्फी को कितने दिनों तक स्टोर किया जा सकता है? इसे सही तरीके से बनाकर साफ और हवा बंद डिब्बे में रखने पर यह कई दिनों तक तरोताजा और स्वादिष्ट बनी रहती है। https://trendkia.com/food/ghara-para-banaen-burhanpur-ki-prasiddha-rava-mava-barphi-isa-tyohara-bajara-ki-mahngi-mithaiyon-ko-kahen-alavida-22651 TrendKia — Har trend, sabse pehle.