घर पर बनाएं हलवाई जैसा स्वादिष्ट और पौष्टिक लौकी का हलवा, बेहद आसान है यह तरीका लौकी की सादी सब्जी पसंद न करने वालों के लिए लौकी का हलवा एक बेहतरीन और पौष्टिक विकल्प है। जानिए दूध, मावा और मेवों के साथ इसे तैयार करने की पूरी विधि। अक्सर घरों में लौकी की सब्जी बनते ही बच्चे और बड़े दोनों ही खाने से कतराने लगते हैं। पौष्टिकता से भरपूर होने के बावजूद सादे स्वाद के कारण लोग इसे अपनी थाली में शामिल करना पसंद नहीं करते। हालांकि, इसी लौकी से एक ऐसी लाजवाब और स्वादिष्ट मीठी डिश तैयार की जा सकती है, जो स्वाद के साथ सेहत का भी बेहतरीन ख्याल रखती है। हम बात कर रहे हैं पारंपरिक लौकी के हलवे की, जो अपनी मलाईदार बनावट और मनमोहक खुशबू के कारण हर किसी की पसंद बन जाता है। इसे सही अनुपात और सही विधि के साथ घर पर तैयार करना बेहद आसान है। आवश्यक सामग्री और सही माप एक शानदार स्वाद वाला हलवा तैयार करने के लिए सामग्री की सही मात्रा बेहद आवश्यक है। इसके लिए आपको जरूरत होगी • 500 ग्राम ताजी और बिल्कुल नरम लौकी • 2 कप फुल क्रीम दूध • 3 से 4 बड़े चम्मच शुद्ध देसी घी • आधा कप चीनी • आधा कप मावा (खोया) अथवा मिल्क पाउडर • आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर • बारीक कतरे हुए सूखे मेवे: 10 से 12 बादाम, 10 से 12 काजू और 8 से 10 पिस्ता तैयारी और कद्दूकस करने की विधि हलवा बनाने की शुरुआत लौकी को अच्छी तरह पानी से धोने और छीलने से करें। छीलने के पश्चात इसे कद्दूकस करना होता है, लेकिन यहां एक विशेष सावधानी बरतनी जरूरी है। लौकी के भीतरी हिस्से में मौजूद बीजों वाले गूदे को पूरी तरह काटकर अलग कर दें। केवल सख्त और बाहरी हरे हिस्से को ही कद्दूकस करें, क्योंकि बीजों का आंतरिक हिस्सा हलवे के स्वाद और बनावट को बिगाड़ सकता है। घी में भूनने और दूध पकाने का चरण अब एक भारी तले वाली कढ़ाई लें और उसमें 1 चम्मच देसी घी डालकर मध्यम आंच पर गर्म करें। घी पिघलने पर इसमें कद्दूकस की गई लौकी डालें और लगातार चलाते हुए 4 से 5 मिनट तक भूनें। इस प्रक्रिया से लौकी का कच्चापन दूर हो जाता है और उसमें मौजूद अतिरिक्त नमी भी सूख जाती है। इसके तुरंत बाद कढ़ाई में 2 कप फुल क्रीम दूध मिला दें। गैस की आंच को मध्यम रखें और मिश्रण को बीच-बीच में चलाते रहें। इसे तब तक धीमी व मध्यम आंच पर पकने दें जब तक कि लौकी पूरी तरह से दूध को सोख न ले और मिश्रण गाढ़ा न होने लगे। मीठा मिलाने और भूनने की प्रक्रिया जब दूध पूरी तरह सूख जाए, तब कढ़ाई में आधा कप चीनी मिलाएं। चीनी घुलते ही अपनी नमी छोड़ेगी जिससे मिश्रण एक बार फिर थोड़ा पतला नजर आने लगेगा। इसे लगातार चलाते हुए तब तक पकाएं जब तक कि चीनी की चाशनी पूरी तरह सूखकर गाढ़ी न हो जाए। इसके बाद बचा हुआ 2 से 3 चम्मच देसी घी हलवे में डालें और 4 से 5 मिनट तक अच्छी तरह भून लें। मावा और सूखे मेवों से सजावट अब मिश्रण में आधा कप मावा या मिल्क पाउडर के साथ आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर मिलाएं। मावा मिलते ही हलवे में पारंपरिक हलवाई जैसा समृद्ध, मलाईदार और शाही स्वाद आ जाता है। इसे धीमी आंच पर 2 से 3 मिनट तक तब तक भूनें जब तक कि हलवा कढ़ाई के किनारों को छोड़ने न लगे। अंत में बारीक कटे हुए काजू, बादाम और पिस्ता डालकर अच्छी तरह मिलाएं। गरमा-गरम या हल्का ठंडा कर इसे परोसें। इसका आप पर असर यह रेसिपी रोजमर्रा की पौष्टिक सब्जी को एक स्वादिष्ट पारंपरिक मिष्ठान में बदलने का एक आसान घरेलू तरीका प्रदान करती है। • स्वाद और सेहत के लिए: जो सदस्य लौकी की सादी सब्जी खाने से बचते हैं, वे इस हलवे के जरिए इसके पोषक तत्व आसानी से ले सकते हैं। इससे पोषण समझौता किए बिना मीठे की लालसा पूरी हो जाती है। • रसोई की सुविधा के लिए: यह मिठाई पूरी तरह से घर में मौजूद सामान्य सामग्री जैसे दूध, घी और चीनी से तैयार हो जाती है। बाजार की मिलावटी मिठाइयों की तुलना में यह अधिक शुद्ध और सुरक्षित विकल्प है। • त्योहार और मेहमाननवाजी के लिए: मावा और मेवे मिलाने से यह हलवा हलवाई जैसी शाही बनावट देता है। इसे किसी भी पारिवारिक उत्सव या दावत में मुख्य मीठे के रूप में परोसा जा सकता है। • बनाने के समय के लिए: भारी तले की कढ़ाई में मध्यम आंच पर पकाने से हलवा जलता नहीं है और कम मेहनत में तैयार हो जाता है। कद्दूकस करते समय बीज हटाने से तैयारी का समय भी व्यवस्थित रहता है। ऐसा क्यों हुआ लौकी की सामान्य सब्जी के प्रति बच्चों और बड़ों की अनिच्छा को देखते हुए इस पौष्टिक सब्जी को स्वादिष्ट और आकर्षक रूप में परोसने के लिए यह पारंपरिक हलवा बनाया जाता है। • सब्जी की अरुचि: सादे स्वाद के कारण अधिकतर लोग लौकी की नियमित सब्जी खाने से कतराते हैं। दूध, चीनी और मेवों के संयोजन से इसका मूल कच्चापन छिप जाता है और यह एक पसंदीदा व्यंजन बन जाता है। • दूध और मावे का समृद्ध प्रभाव: फुल क्रीम दूध और खोया मिलाने से लौकी का सूखापन खत्म हो जाता है। यह घटक हलवे को पारंपरिक हलवाई जैसी गाढ़ी और मलाईदार बनावट प्रदान करते हैं। • अतिरिक्त पानी और कच्चापन सुखाना: लौकी में प्राकृतिक नमी अधिक होती है, इसलिए घी में पहले भूनने से उसका पानी सूख जाता है। यह चरण हलवे को अधिक समय तक टिकाऊ और स्वादिष्ट बनाए रखने में मदद करता है। सवाल-जवाब 1. लौकी का हलवा बनाने के लिए कितनी लौकी की आवश्यकता होती है? इस रेसिपी के अनुसार 500 ग्राम ताजी और नरम लौकी की आवश्यकता होती है। 2. कद्दूकस करते समय लौकी के किस हिस्से को हटा देना चाहिए? लौकी के बीच वाले बीजों के गूदे को काटकर अलग कर देना चाहिए और केवल बाहरी कड़े हिस्से को ही कद्दूकस करना चाहिए। 3. हलवे में कितने दूध और मावे का इस्तेमाल किया जाता है? इसमें 2 कप फुल क्रीम दूध और आधा कप मावा या मिल्क पाउडर का उपयोग किया जाता है। 4. हलवे में कौन-कौन से सूखे मेवे डाले जाते हैं? बारीक कटे हुए 10-12 बादाम, 10-12 काजू और 8-10 पिस्ता गार्निशिंग के लिए डाले जाते हैं। 5. चीनी डालने के बाद हलवे को कितनी देर तक पकाना चाहिए? चीनी डालने के बाद तब तक पकाना चाहिए जब तक उसका पानी पूरी तरह न सूख जाए, फिर घी डालकर 4-5 मिनट भूनना चाहिए। https://trendkia.com/food/ghara-para-banaen-halavai-jaisa-svadishta-aura-paushtika-lauki-ka-halava-behada-asana-hai-yaha-tarika-42181 TrendKia — Har trend, sabse pehle.