घर पर बनाएं खट्टा और मसालेदार करोंदे का अचार, कृषि वैज्ञानिक डॉ. ममता त्रिपाठी से समझें सही रेसिपी गर्मी और मानसून के मौसम में मिलने वाले करोंदे से घर पर ही स्वाद और सेहत से भरपूर अचार तैयार किया जा सकता है। गोंडा की गृह विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. ममता त्रिपाठी ने अचार बनाने का सटीक तरीका और सही मसाले बताए हैं। गर्मी और बरसात के मौसम में बाजार में करोंदे की आवक बढ़ जाती है। खाने की थाली का स्वाद बढ़ाने के लिए करोंदे का खट्टा-मीठा या मसालेदार देसी अचार एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है। इसे सही विधि और संतुलित मसालों के साथ घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में स्थित दीनदयाल शोध संस्थान कृषि विज्ञान केंद्र, गोपाल ग्राम की गृह विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. ममता त्रिपाठी ने करोंदे का पारंपरिक और स्वादिष्ट अचार बनाने की पूरी रेसिपी साझा की है। इस पारंपरिक विधि का पालन करके अचार को बिना खराब हुए लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। आवश्यक सामग्री और मसालों का सटीक अनुपात अचार में बेहतरीन स्वाद और सही टिकाऊपन लाने के लिए मसालों का सही मात्रा में होना जरूरी है। डॉ. ममता त्रिपाठी के अनुसार, 1 किलो ताजा करोंदा का अचार तैयार करने के लिए निम्नलिखित सामग्रियों की आवश्यकता होती है • मुख्य फल: 1 किलो ताजा करोंदा • राई या सरसों: 100 ग्राम • मेथी दाना: 10 ग्राम • जीरा: 10 ग्राम • सौंफ: 2 बड़े चम्मच • नमक: 100 ग्राम • अतिरिक्त मसाले: हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और हींग (स्वाद अनुसार) • माध्यम: शुद्ध सरसों का तेल मसाला तैयार करने और तेल शुद्धिकरण की तकनीक करोंदे के अचार की खुशबू और स्वाद काफी हद तक भुने हुए मसालों और सरसों के तेल पर निर्भर करती है। सबसे पहले एक कड़ाही में शुद्ध सरसों का तेल डालकर अच्छी तरह गर्म करें। तेल गर्म करते समय उसमें थोड़ी सी मेथी के दाने, काली मिर्च या लौंग डाल दें। इस प्रक्रिया से सरसों के तेल की तीखापन संतुलित होती है और तेल शुद्ध हो जाता है। तेल गर्म होने के बाद उसे गैस से उतारकर थोड़ा ठंडा होने दें। दूसरी तरफ, सरसों, मेथी दाना, जीरा और सौंफ को किसी सूखे बर्तन में हल्का गर्म या भून लें। जब मसाले ठंडे हो जाएं, तो उन्हें मिक्सी या सिलबट्टे पर दरदरा पीस लें। ध्यान रहे कि मसालों का महीन पाउडर नहीं बनाना है, क्योंकि दरदरा मसाला ही अचार में असली रंगत देता है। इस पिस चुके मसाले में अपनी पसंद के अनुसार लाल मिर्च पाउडर और थोड़ी हींग मिला लें। अंत में, हल्के ठंडे हो चुके सरसों के तेल में इस तैयार मसाले को डालकर अच्छी तरह मिला लें। करोंदे का प्रसंस्करण और 24 घंटे की सुखाने की प्रक्रिया अचार बनाने के लिए सबसे पहले ताजे करोंदों को पानी से अच्छी तरह धोकर साफ कर लें। इसके बाद करोंदों को दो टुकड़ों में काट लें। कटे हुए करोंदों में निर्धारित मात्रा के अनुसार नमक और हल्दी पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला दें। इस मिश्रण को लगभग 24 घंटे के लिए ढककर रख दें। नमक और हल्दी के संपर्क में आने से करोंदे का प्राकृतिक पानी बाहर निकल आता है और उसमें हल्दी का रंग चढ़ जाता है। 24 घंटे पूरे होने के बाद, करोंदों को बर्तन से निकालकर एक साफ और सूखे कपड़े पर फैला दें। इन्हें धूप या हवा में तब तक सुखाएं जब तक कि ऊपरी सतह की नमी पूरी तरह खत्म न हो जाए। जब करोंदे अच्छी तरह सूख जाएं, तो उन्हें पहले से तैयार किए गए तेल और मसाले के मिश्रण में डालकर अच्छी तरह मिला दें ताकि हर करोंदे पर मसाले की परत चढ़ जाए। भंडारण और रखरखाव के महत्वपूर्ण नियम इस आसान विधि से तैयार करोंदे का अचार खाने के लिए तैयार हो जाता है। अचार को लंबे समय तक खराब होने से बचाने के लिए उसे हमेशा साफ और पूरी तरह सूखे कांच के जार (बर्नी) में भरकर रखना चाहिए। जब भी जार से अचार निकालना हो, तो हमेशा सूखे और साफ चम्मच का ही प्रयोग करें। नमी या गीले हाथों का संपर्क होने पर अचार में फफूंद लगने का खतरा रहता है। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप पूरे साल करोंदे के चटपटे अचार का आनंद ले सकते हैं। इसका आप पर असर भारत में: गर्मी और मानसून के मौसम में बाजारा में मिलने वाली मौसमी सब्जियों और फलों से कम खर्च में बिना प्रिजर्वेटिव के पौष्टिक अचार बनाने की पारंपरिक जानकारी मिलती है। गोंडा में: कृषि विज्ञान केंद्र की इस पहल से स्थानीय महिलाओं और गृहणियों को घरेलू स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण और अचार संरक्षण की सही तकनीक सीखने को मिल रही है। सवाल-जवाब 1. 1 किलो करोंदे का अचार बनाने के लिए कितने मसालों की आवश्यकता होती है? 1 किलो करोंदे के लिए 100 ग्राम सरसों, 10 ग्राम मेथी दाना, 10 ग्राम जीरा, 100 ग्राम नमक और 2 बड़े चम्मच सौंफ की आवश्यकता होती है। हल्दी, लाल मिर्च और हींग स्वाद अनुसार मिलाएं। 2. करोंदे को मसाले में मिलाने से पहले 24 घंटे क्यों रखा जाता है? कटे हुए करोंदों में नमक और हल्दी मिलाकर 24 घंटे रखने से करोंदे का प्राकृतिक पानी बाहर निकल आता है और अचार लंबे समय तक खराब नहीं होता। 3. सरसों के तेल को शुद्ध करने के लिए क्या डालना चाहिए? तेल गर्म करते समय उसमें थोड़ी सी मेथी, काली मिर्च या लौंग डालने से तेल का तीखापन कम होता है और वह शुद्ध हो जाता है। 4. करोंदे के अचार को खराब होने से कैसे बचाएं? अचार को हमेशा साफ और सूखे कांच के जार में रखें और निकालते समय हमेशा सूखे और साफ चम्मच का ही प्रयोग करें ताकि नमी न पहुंचे। https://trendkia.com/food/ghara-para-banaen-khatta-aura-masaledara-karonda-ka-achara-krishi-vaijnanika-dr-mamta-tripathi-se-samajhen-sahi-resipi-16500 TrendKia — Har trend, sabse pehle.