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  "type": "article",
  "title": "घर पर बनाएं सहजन की पत्तियों की जायकेदार चटनी, जानिए भूनने से लेकर पीसने तक की पूरी विधि",
  "summary": "सहजन की कोमल पत्तियों को मूंगफली और तिल के साथ भूनकर घर पर आसानी से स्वादिष्ट चटनी तैयार की जा सकती है, जो साधारण भोजन का स्वाद बढ़ा देती है।",
  "content": "साधारण भोजन के साथ अगर स्वादिष्ट चटनी परोसी जाए, तो पूरे खाने का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है। अगर आप अपनी रसोई में कुछ नया और सेहतमंद प्रयोग करना चाहते हैं, तो सहजन यानी मोरिंगा की पत्तियों की चटनी एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। इसे बनाने की प्रक्रिया काफी आसान है और इसमें बहुत ज्यादा सामग्री या समय की आवश्यकता भी नहीं पड़ती है। सहजन की कोमल और ताजी पत्तियों से बेहद कम समय में एक चटपटी और स्वादिष्ट चटनी तैयार की जा सकती है।\n\nसामग्री का सटीक माप और पत्तियों का अनुपात\nइस चटनी को तैयार करने के लिए सबसे पहले सहजन की पत्तियों के अनुपात को समझना जरूरी है। दीनदयाल शोध संस्थान कृषि विज्ञान केंद्र गोपालग्राम की गृह विज्ञान एक्सपर्ट डॉ. ममता त्रिपाठी के अनुसार, करीब 250 ग्राम ताजी और कोमल पत्तियां लेने के बाद जब उन्हें हल्का भून लिया जाता है, तो उनका पानी सूख जाता है और वजन घटकर लगभग 100 ग्राम रह जाता है। इस 100 ग्राम भुनी हुई सहजन की पत्तियों से ही पूरी चटनी तैयार की जाती है।\n\nचटनी बनाने के लिए जरूरी सामग्री का सही माप इस प्रकार है\n• 100 ग्राम भुनी हुई सहजन की कोमल पत्तियां (250 ग्राम कच्ची पत्तियों से तैयार)\n• 4 चम्मच मूंगफली के दाने\n• 2 चम्मच सफेद तिल\n• 4 से 5 लहसुन की कलियां\n• स्वादानुसार हरी या लाल मिर्च\n• खटास के लिए अमचूर पाउडर या नींबू का रस\n• स्वादानुसार काला नमक और सफेद नमक\n\nपत्तियों को भूनने और तैयार करने का तरीका\nचटनी बनाने की शुरुआत सहजन की पत्तियों की सही सफाई से होती है। लगभग 250 ग्राम कोमल पत्तियों को डंठल से अलग करके अच्छी तरह धोकर साफ कर लें। इसके बाद एक साफ कढ़ाई को गैस पर गर्म करें और उसमें पत्तियों को डालकर हल्का भून लें। पत्तियों को सूखा भूनने से उनका कच्चापन पूरी तरह खत्म हो जाता है और चटनी का स्वाद भी बेहद लाजवाब हो जाता है। जब पत्तियां हल्की सिक जाएं, तो उन्हें कढ़ाई से बाहर निकालकर किसी बर्तन में ठंडा होने के लिए रख दें। भुनने के बाद यह करीब 100 ग्राम रह जाती हैं।\n\nमसालों और बीजों की सिकाई\nपत्तियों के बाद बाकी सामग्रियों को भूनने की बारी आती है। उसी कढ़ाई में 4 चम्मच मूंगफली के दाने डालें और गैस की आंच को धीमा रखें। धीमी आंच पर मूंगफली को हल्का भूनते समय ही उसमें 4 से 5 लहसुन की कलियां, स्वादानुसार हरी या लाल मिर्च और 2 चम्मच सफेद तिल मिला दें। इन सभी सामग्रियों को एक साथ हल्का भून लेने से तिल और मूंगफली का सोंधापन उभरकर आता है। साथ ही लहसुन और मिर्च का तीखापन भी संतुलित हो जाता है, जिससे चटनी का स्वाद काफी समृद्ध बनता है।\n\nमिक्सर में पीसकर ऐसे बनाएं परफेक्ट चटनी\nजब भुनी हुई मूंगफली, तिल, लहसुन और मिर्च ठंडे हो जाएं, तो उन्हें मिक्सर जार में डाल दें। इसके साथ ही पहले से भूनकर ठंडी की गई 100 ग्राम सहजन की पत्तियों को भी जार में मिला दें। इसके बाद इसमें खटास के लिए थोड़ा अमचूर पाउडर या ताजे नींबू का रस डालें। साथ ही स्वाद को दोगुना करने के लिए काला नमक और सफेद नमक दोनों मिला लें। अब मिक्सर चलाकर सभी चीजों को बारीक और अच्छी तरह पीस लें। यदि आपको थोड़ी पतली चटनी पसंद है, तो पीसते समय आवश्यकतानुसार थोड़ा सा पानी मिला सकते हैं और एक बार फिर मिक्सर चला लें। इससे चटनी का गाढ़ापन ठीक हो जाएगा और यह आसानी से खाने योग्य बन जाएगी।\n\nकिन व्यंजनों के साथ परोसें यह चटनी\nडॉ. ममता त्रिपाठी के अनुसार, यह पौष्टिक और चटपटी चटनी कई तरह के भारतीय व्यंजनों के साथ परोसी जा सकती है। इसे गरमा-गरम रोटी, सादे या भरवां पराठे, दाल-चावल और पूरी-सब्जी के साथ थाली में शामिल किया जा सकता है। सहजन में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जिससे यह भोजन की पौष्टिकता को भी बढ़ाती है। इस रेसिपी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें इस्तेमाल होने वाला सारा सामान हर घर की रसोई में सामान्य रूप से पहले से मौजूद रहता है।\n\nइसका आप पर असर\nसहजन की पत्तियों की यह चटनी भोजन का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ दैनिक आहार में पोषक तत्व जोड़ने का आसान और किफायती तरीका प्रदान करती है।\n\n• भारत में: देश भर के लोग अपने सामान्य भोजन में हरी पत्तियों के पोषण को बेहद सरल और स्वादिष्ट तरीके से शामिल कर सकते हैं। यह महंगी सामग्री खरीदे बिना घरेलू रसोई में मौजूद बुनियादी चीजों से स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन बनाने में मदद करता है।\n• गोंडा में: स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सहजन के पेड़ों और ताजी पत्तियों का उपयोग करके स्थानीय परिवार पारंपरिक व्यंजनों को नया रूप दे सकते हैं। कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों के इस सुझाव से क्षेत्रीय लोगों को स्थानीय प्राकृतिक उपज का सही उपयोग करने की प्रेरणा मिलती है।\n• दैनिक खानपान: दाल-चावल, रोटी या पराठे के साथ इस चटनी को आसानी से परोसा जा सकता है। इसे भोजन में शामिल करने से बच्चों और बड़ों दोनों को हरी पत्तियों के प्राकृतिक गुण बिना किसी झंझट के मिल जाते हैं।\n• रसोई का बजट: इस नुस्खे के लिए केवल मूंगफली, तिल, लहसुन और सामान्य मसालों की जरूरत होती है जो पहले से घर पर उपलब्ध रहते हैं। ऐसे में बिना किसी अतिरिक्त खर्च के कुछ ही मिनटों में एक नया और पौष्टिक साइड डिश तैयार हो जाता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह आसान घरेलू नुस्खा सहजन की कोमल पत्तियों के पौष्टिक गुणों को रोजमर्रा के भोजन में शामिल करने और पत्तियों के प्राकृतिक कच्चेपन को संतुलित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।\n\n• पत्तियों का कड़वापन दूर करना: कच्ची सहजन की पत्तियों में हल्का कसैलापन और कच्चा स्वाद होता है जिसे सीधे खाना कई लोगों को पसंद नहीं आता। पत्तियों को हल्का भूनने से उनका यह कच्चापन समाप्त हो जाता है और उनका स्वाद बेहतर हो जाता है।\n• सोंधेपन का संतुलन: मूंगफली, तिल और लहसुन को हल्का भूनने से उनमें मौजूद प्राकृतिक तेल सक्रिय हो जाते हैं। इन सामग्रियों का सोंधा स्वाद पत्तियों के स्वाद को संतुलित करके चटनी को स्वादिष्ट और चटपटा बनाता है।\n• पोषक तत्वों का समावेश: सहजन की पत्तियां कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं जिन्हें नियमित खानपान में शामिल करना फायदेमंद होता है। चटनी के रूप में इसका सेवन करना सबसे सरल और सुलभ तरीका माना जाता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सहजन की चटनी बनाने के लिए कितनी कच्ची पत्तियों की जरूरत होती है?\nचटनी के लिए लगभग 250 ग्राम ताजी और कोमल पत्तियां ली जाती हैं, जो भुनने के बाद घटकर करीब 100 ग्राम रह जाती हैं।\n\n2. पत्तियों को पीसने से पहले भूनना क्यों जरूरी है?\nपत्तियों को हल्का भूनने से उनका प्राकृतिक कच्चापन दूर हो जाता है और चटनी का स्वाद काफी बेहतर हो जाता है।\n\n3. इस चटनी में कौन-कौन से मुख्य मसाले और बीज डाले जाते हैं?\nइसमें 4 चम्मच मूंगफली, 2 चम्मच सफेद तिल, 4 से 5 लहसुन की कलियां, मिर्च, अमचूर पाउडर या नींबू का रस और दोनों प्रकार के नमक डाले जाते हैं।\n\n4. सहजन की पत्तियों की चटनी को किन चीजों के साथ खाया जा सकता है?\nइसे रोटी, पराठे, दाल-चावल और पूरी-सब्जी के साथ परोसा जा सकता है।",
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  "category": "खानपान",
  "publishedAt": "2026-10-03",
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