# घर पर ढाबा स्टाइल स्पंजी भटूरे बनाने का आसान तरीका, सही खमीर के लिए मैदा में मिलाएं 6 खास चीजें

> बाजार के छोले-भटूरे स्वादिष्ट तो होते हैं लेकिन बार-बार इस्तेमाल तेल सेहत बिगाड़ सकता है। जानिए मैदा में सूजी, दही और बेकिंग सोडा का सही संतुलन बनाकर घर पर ही रुई जैसे नरम और फूले हुए भटूरे तैयार करने का परफेक्ट तरीका।

**Type:** article · **Category:** खानपान · **Published:** 2026-09-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/ghara-para-dhaba-staila-spnji-bhature-banane-ka-asana-tarika-sahi-khamira-ke-lie-maida-men-milaen-6-khasa-chijen-30135 · **Language:** Hindi
**Tags:** भटूरा रेसिपी, छोले भटूरे, कुकिंग टिप्स, इंडियन फूड, सॉफ्ट भटूरे, होममेड रेसिपी

बाजार के गरमा-गरम छोले-भटूरे देखते ही मुंह में पानी आ जाता है। इसका जायका ऐसा होता है कि इसके सामने घर का साधारण खाना भी फीका लगने लगता है। हालांकि, व्यावसायिक दुकानों पर भटूरों को तलने के लिए एक ही तेल को बार-बार गर्म किया जाता है, जो सेहत के नजरिए से काफी नुकसानदायक साबित हो सकता है। घर पर छोले बनाना तो बेहद आसान माना जाता है, लेकिन जब बात बिल्कुल बाजार जैसे फूले हुए और मुलायम भटूरे बनाने की आती है, तो अच्छे-अच्छे रसोइयों के पसीने छूट जाते हैं। सही जानकारी और थोड़ी सी प्रैक्टिस के साथ आप रसोई में ही हलवाई स्टाइल भटूरे आसानी से तैयार कर सकते हैं।

## सामग्री का सही अनुपात और शुरुआती तैयारी
परफेक्ट भटूरा बनाने का सबसे पहला और जरूरी नियम मैदा और सूजी का सही तालमेल बैठाना है। इसके साथ ही खमीर को सही तरीके से उठाने के लिए सही सामग्री की आवश्यकता होती है। आटा गूंथने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले एक गहरे और बड़े बर्तन में मैदा निकाल लें। अब इसमें थोड़ी सूजी, स्वादानुसार नमक, चुटकी भर चीनी, बेकिंग पाउडर और बेकिंग सोडा को एक साथ डालकर अच्छी तरह मिला लें। इन सूखी सामग्रियों का सही मिश्रण आटे को स्पंजी और हल्का बनाने में मदद करता है।

## दही और पानी से आटा गूंथने की सही तकनीक
सूखी चीजें मिक्स करने के बाद बर्तन में फ्रेश दही और थोड़ा सा तेल डालें। ध्यान रखें कि दही ज्यादा खट्टा न हो, क्योंकि अत्यधिक खट्टी दही भटूरे के स्वाद को बिगाड़ सकती है। अगर किसी कारणवश आपके पास दही उपलब्ध नहीं है, तो आप दही के स्थान पर ताजी छाछ का इस्तेमाल भी बेझिझक कर सकते हैं। दही और तेल को मैदे के साथ अच्छी तरह मिलाने के बाद, हल्का गुनगुना पानी लें। पानी को एक साथ डालने के बजाय धीरे-धीरे थोड़ा-थोड़ा करके मिलाएं। आटा गूंथते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आटा न तो बहुत अधिक गीला हो और न ही बहुत ज्यादा सख्त हो। इसे बिल्कुल मध्यम और नरम गूंथना चाहिए।

## खमीर उठाना और तलने का तरीका
आटा अच्छी तरह गूंथ लेने के बाद उसे ढककर कमरे के सामान्य तापमान पर लगभग 2 से 3 घंटे के लिए रख दें। यह 2-3 घंटे का आराम आटे में बेहतरीन खमीर उठाने के लिए बेहद जरूरी है, जिससे भटूरे तलते समय रूई की तरह नरम बनते हैं। तय समय के बाद हाथों पर हल्का सा तेल लगाएं और आटे की मध्यम आकार की लोइयां बना लें। भटूरा बेलते समय सूखे मैदे या आटे का इस्तेमाल न करें, बल्कि बेलन और चकले पर तेल लगाकर इसे थोड़ा मोटा बेलें। इसके बाद कढ़ाई में तेल को तेज आंच पर अच्छी तरह गर्म करें। बेले हुए भटूरे को गर्म तेल में डालें और कलछी से हल्का सा दबाते हुए गुब्बारे की तरह फूलने तक तलें। तैयार गरमा-गरम फूले भटूरों को मसालेदार छोले के साथ परोसें।

## इसका आप पर असर
**घर पर सेहतमंद तरीके से बाजार जैसा स्वाद पाने का असर:** इस आसान रेसिपी को अपनाकर आप बाहर का अस्वास्थ्यकर खाना छोड़ सकते हैं।

- **स्वास्थ्य सुरक्षा:** व्यावसायिक दुकानों पर इस्तेमाल होने वाले री-यूज्ड तेल से शरीर को होने वाले नुकसान से बचाव होता है। घर पर ताजा तेल इस्तेमाल करने से हृदय और पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है।
- **किफायती विकल्प:** बाजार से महंगे छोले-भटूरे खरीदने के बजाय घर में बहुत कम खर्च में पूरा परिवार खाना खा सकता है। इससे महीने के फूड बजट में सीधी बचत होती है।
- **परफेक्ट कुकिंग स्किल्स:** सही खमीर उठाने की विधि से भटूरे हर बार गुब्बारे की तरह फूलेंगे और सख्त नहीं होंगे। बार-बार असफल होने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी।
- **सामग्री की शुद्धता:** घर में बनी चीजें मिलावट से मुक्त होती हैं और आप अपनी जरूरत के अनुसार सामग्री की मात्रा तय कर सकते हैं। इससे बच्चों और बुजुर्गों के लिए पौष्टिक खाना तैयार होता है।

## ऐसा क्यों हुआ
भटूरे को गुब्बारे की तरह फुलाने और रुई जैसा नरम बनाने के पीछे रासायनिक खमीरीकरण और आटे का सही मॉइस्चर जिम्मेदार होता है। जब मैदा में दही, बेकिंग पाउडर और बेकिंग सोडा का मिश्रण मिलता है, तो यह कार्बन डाइऑक्साइड गैस उत्पन्न करता है।

- **बेकिंग सोडा और दही की प्रतिक्रिया:** दही में मौजूद लैक्टिक एसिड बेकिंग सोडा के साथ मिलकर तुरंत गैस के बुलबुले बनाता है। यही गैस तलते समय भटूरे के भीतर दबाव बनाकर उसे फुलाती है।
- **सूजी का योगदान:** सूजी आटे के अतिरिक्त मॉइस्चर को सोखकर भटूरे को बाहरी तरफ से हल्का कुरकुरा और अंदर से जालीदार बनाती है। इससे भटूरा तलने के तुरंत बाद पिचकता नहीं है।
- **गुनगुने पानी और विश्राम का महत्व:** गुनगुना पानी रासायनिक तत्वों की गतिविधि को तेज करता है। 2 से 3 घंटे ढककर रखने से ग्लूटन नेटवर्क मजबूत होता है और गैस आटे के अंदर ट्रैप हो जाती है।
- **तेज आंच पर तलने का विज्ञान:** गर्म तेल में डालते ही भाप और गैस तेजी से फैलती है। धीमी आंच पर तलने से भटूरा तेल सोख लेता है और फूलने के बजाय कड़ा हो जाता है।

## सवाल-जवाब

### 1. भटूरे के आटे में बेकिंग सोडा और बेकिंग पाउडर दोनों डालना क्यों जरूरी है?
दही के साथ मिलकर बेकिंग सोडा तुरंत खमीर उठाता है, जबकि बेकिंग पाउडर तलते समय भटूरे को जालीदार और नरम बनाए रखने में मदद करता है।

### 2. अगर दही उपलब्ध न हो तो भटूरे का आटा गूंथने के लिए किसका इस्तेमाल करें?
यदि दही न हो तो आप ताजी छाछ का उपयोग कर सकते हैं, जिससे आटे में सही खमीर और स्वाद मिल जाता है।

### 3. भटूरे के आटे को गूंथने के बाद कितनी देर तक रखना चाहिए?
आटे को गूंथकर कमरे के तापमान पर 2 से 3 घंटे के लिए ढककर रखना चाहिए ताकि खमीर अच्छी तरह उठ सके।

### 4. भटूरा बेलते समय सूखे आटे की जगह तेल का इस्तेमाल क्यों किया जाता है?
सूखा आटा लगाने से तलते समय कढ़ाई का तेल जलकर काला हो जाता है और भटूरा कड़ा हो सकता है, इसलिए तेल लगाकर बेलना बेहतर होता है।

### 5. भटूरे तलते समय आंच कैसी होनी चाहिए?
भटूरे हमेशा तेज आंच पर अच्छी तरह गर्म तेल में तले जाने चाहिए ताकि वे तुरंत गुब्बारे की तरह फूल जाएं।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._