घर पर मिनटों में बनाएं तीखा हरी मिर्च का अचार, धूप में सुखाने का झंझट भी नहीं पतली हरी मिर्च और चुनिंदा खड़े मसालों की मदद से घर पर तुरंत तैयार होने वाला तीखा और चटपटा अचार आसानी से बनाया जा सकता है, जिसे धूप दिखाए बिना सीधे परोसा जा सकता है। भारतीय भोजन की थाली में अचार का स्थान हमेशा से बेहद खास रहा है। दोपहर का दाल-चावल हो, सुबह का सादा या भरा हुआ पराठा, पूड़ी, कचौड़ी या फिर रोज़मर्रा की साधारण रोटी-सब्जी, एक चम्मच चटपटा अचार पूरे भोजन के स्वाद को कई गुना निखार देता है। विशेष रूप से पतली वाली हरी मिर्च का अचार उन लोगों को खूब भाता है जो तीखा, मसालेदार और जायकेदार खाना पसंद करते हैं। यूं तो बाज़ार में डिब्बाबंद अचारों के अनगिनत विकल्प आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन घर की रसोई में ताज़ी सामग्री से तैयार किए गए अचार का अलग ही ताज़ा स्वाद और सुगंध होती है। यदि आपके फ्रिज या रसोई में थोड़ी सी ताज़ी पतली हरी मिर्च रखी है, तो आप बुनियादी मसालों के मेल से महज कुछ ही मिनटों में एक बेहतरीन अचार तैयार कर सकते हैं। इस घरेलू विधि की सबसे बड़ी खूबी यह है कि पारंपरिक अचारों की तरह इसमें मिर्चियों को हफ्तों तक धूप में सुखाने या गलने का लंबा इंतज़ार नहीं करना पड़ता। इसे बनाते ही तुरंत ताज़ा परोसा जा सकता है। हालांकि, अगर आप इसे कई दिनों या हफ्तों तक सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो नमी से बचाव, तेल का सही संतुलन और साफ-सफाई पर ध्यान देना अनिवार्य हो जाता है। सामग्री और मसालों का सही अनुपात इस झटपट अचार को बनाने के लिए किसी विशेष या दुर्लभ सामग्री की आवश्यकता नहीं पड़ती। कुकिंग एक्सपर्ट किरन के अनुसार, इस नुस्खे के लिए लगभग 250 से 300 ग्राम ताज़ी पतली हरी मिर्च लेनी चाहिए। इसके साथ ही तड़के और आधार के लिए दो से तीन बड़े चम्मच शुद्ध सरसों का तेल लें। मसालों में एक से डेढ़ चम्मच राई अथवा पीली-काली सरसों, एक चम्मच सौंफ और आधा चम्मच मेथी दाना शामिल करें। रंग और बुनियादी स्वाद के लिए आधा चम्मच हल्दी पाउडर, एक से डेढ़ चम्मच अमचूर पाउडर, स्वादानुसार नमक और बघार के लिए एक चुटकी हींग की आवश्यकता होती है। यदि आपको अचार में तीखेपन के साथ खटास ज्यादा पसंद है, तो मिश्रण में ताज़ा नींबू का रस भी मिलाया जा सकता है। इसके अलावा कुछ लोग अचार का टिकाऊपन बढ़ाने और खट्टापन जोड़ने के लिए थोड़ा सा सिरका भी इस्तेमाल करते हैं, हालांकि इसे डालना पूरी तरह वैकल्पिक है। मिर्च की तीखी किस्म और अपनी व्यक्तिगत पसंद के अनुसार मसालों और खटाई की मात्रा को घटाया या बढ़ाया जा सकता है। मिर्च की तैयारी और सफाई का तरीका अचार बनाने की प्रक्रिया में सबसे पहला और अहम पड़ाव मिर्च की उचित सफाई है। सबसे पहले सभी हरी मिर्चियों को साफ बहते पानी से अच्छी तरह धो लें। धोने के तुरंत बाद इन्हें एक साफ सूखे सूती कपड़े या किचन टॉवल पर फैलाकर पूरी तरह पोंछ लें ताकि उन पर पानी की एक भी बूंद न रहे। यदि मिर्च पर ज़रा सी भी नमी या पानी की बूंदें छूट गईं, तो अचार बहुत जल्द फफूंद पकड़ सकता है या खराब हो सकता है। जब मिर्चियां पूरी तरह सूख जाएं, तो उनके ऊपरी डंठल को अलग कर दें। इसके बाद पतली मिर्चियों को अपनी पसंद के अनुसार बीच से चीरा लगाकर या छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। जिन लोगों को बहुत अधिक तीखापन बर्दाश्त नहीं होता, वे मिर्च काटते समय अंदर के कुछ बीज निकाल सकते हैं, जिससे स्वाद संतुलित रहता है और तीखापन हल्का हो जाता है। मसाला भूनना और छौंक तैयार करना किसी भी पारंपरिक अचार का मुख्य जादू उसके मसालों की भुनाई और सुगंध पर निर्भर करता है। इसके लिए सबसे पहले एक छोटी कड़ाही को गैस चूल्हे पर रखकर धीमी आंच पर गर्म करें। इसमें राई, सौंफ और मेथी दाना डालें और धीमी आंच पर हल्का सा भूनें। मसालों को बहुत ज्यादा देर तक भूनने से बचना चाहिए, क्योंकि अत्यधिक आंच पर मेथी या राई के जलने से उनका स्वाद कड़वा हो सकता है। जैसे ही मसालों से भीनी खुशबू आने लगे, गैस बंद कर दें और उन्हें एक अलग प्लेट में निकाल लें। ठंडा होने के बाद इन्हें मिक्सी या सिलबट्टे पर दरदरा पीस लें। इसके बाद कड़ाही में दो से तीन चम्मच सरसों का तेल डालकर अच्छी तरह गर्म करें। जब तेल से हल्का धुआं निकलने लगे, तो गैस की आंच बिल्कुल धीमी कर दें। अब तेल में चुटकी भर हींग डालें। इसके तुरंत बाद तैयार किया गया दरदरा मसाला, हल्दी पाउडर और नमक डालकर कुछ सेकंड के लिए कलछी से चलाएं ताकि मसालों का कच्चापन दूर हो जाए। मिर्च पकाने और लंबे समय तक सुरक्षित रखने के नियम मसाला भुनते ही कड़ाही में कटी हुई हरी मिर्च डाल दें। मिर्च को कलछी की मदद से चलाते हुए मसाले के साथ अच्छी तरह लपेटें ताकि हर टुकड़े पर तेल और मसाले की समान परत चढ़ जाए। इस प्रक्रिया में मिर्च को तेज आंच पर पकाने के बजाय धीमी अथवा मध्यम आंच पर बस कुछ मिनट तक ही अलट-पलट करना चाहिए, जिससे मिर्च का प्राकृतिक कुरकुरापन बना रहे और वह ज़रूरत से ज्यादा न गले। यदि इस अचार को तुरंत खत्म करने के बजाय आने वाले दिनों के लिए सुरक्षित रखना है, तो इसके रखरखाव पर विशेष ध्यान देना चाहिए। अनुपम के अनुसार, अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए हमेशा एक साफ और पूरी तरह सूखे कांच के जार या मर्तबान का ही इस्तेमाल करना चाहिए। जार को पहले गर्म पानी और साबुन से अच्छी तरह धोएं, फिर धूप या पंखे की हवा में सुखाएं ताकि उसमें नमी बिल्कुल न बचे। गीले चम्मच के इस्तेमाल से बचें ताकि घरेलू हरी मिर्च का यह तीखा अचार हफ्तों तक अपने ताज़ा स्वाद और महक के साथ सुरक्षित बना रहे। इसका आप पर असर घर पर झटपट हरी मिर्च का अचार बनाने से बाज़ार के प्रिजर्वेटिव युक्त अचार पर निर्भरता कम होती है और भोजन का स्वाद तुरंत बढ़ जाता है। • पैसे और समय की बचत: घर पर रखी कुछ मिर्चियों और बुनियादी मसालों से यह अचार पांच से दस मिनट में तैयार हो जाता है। इससे बाज़ार से महंगे डिब्बाबंद अचार खरीदने का खर्च बचता है और ताज़ा भोजन मिलता है। • स्वाद और तीखेपन पर नियंत्रण: आप अपनी पसंद के अनुसार बीजों को हटाकर या मसालों को घटा-बढ़ाकर तीखापन नियंत्रित कर सकते हैं। यह उन परिवारों के लिए आदर्श है जहां हर सदस्य के खाने की पसंद अलग होती है। • धूप की जरूरत नहीं: बिना धूप के बनने के कारण फ्लैट या अपार्टमेंट में रहने वाले लोग भी इसे बिना किसी असुविधा के तुरंत बना सकते हैं। अचानक घर आए मेहमानों के लिए यह तुरंत परोसने का सबसे बेहतरीन विकल्प है। • सुरक्षित रखरखाव की सीख: नमी से बचाव और सूखे कांच के जार का प्रयोग करके आप बिना किसी रासायनिक प्रिजर्वेटिव के इसे हफ्तों तक ताज़ा रख सकते हैं। इससे खाने की बर्बादी रुकती है और रसोई में स्वच्छता की अच्छी आदत बनती है। ऐसा क्यों हुआ पारंपरिक अचारों में हफ्तों तक धूप दिखाना और तेल में गलाना पड़ता है, जबकि इस त्वरित रेसिपी को तुरंत खाने और बनाने के लिए तैयार किया गया है। • सीधे पकाने का तरीका: खड़े मसालों को हल्का भूनकर और गर्म सरसों के तेल में मिर्च को कुछ सेकंड चलाकर पकाने से मिर्च तुरंत खाने लायक मुलायम हो जाती है। इसी कारण इसे धूप में सुखाने या दिनों तक गलाने की आवश्यकता नहीं होती। • नमी से खराबी का खतरा: ताज़ी मिर्च में मौजूद प्राकृतिक पानी और धोने के बाद बची नमी फफूंद पैदा करने वाले बैक्टीरिया को बढ़ावा देती है। यही वजह है कि मिर्च को काटने से पहले पूरी तरह सुखाने और सूखे कांच के बर्तन में रखने पर इतना ज़ोर दिया जाता है। • मसालों का संतुलन: सौंफ मिठास देती है, राई खटास लाती है और मेथी दाना पाचन व स्वाद को संतुलित करता है। इन मसालों को दरदरा पीसने से मिर्च के हर टुकड़े पर मसाले का स्वाद समान रूप से चिपक जाता है। सवाल-जवाब 1. इस झटपट हरी मिर्च के अचार के लिए कितनी मिर्च की आवश्यकता होती है? इस रेसिपी के अनुसार लगभग 250 से 300 ग्राम पतली हरी मिर्च की आवश्यकता होती है। 2. क्या इस अचार को धूप में सुखाने की ज़रूरत है? नहीं, इस अचार को धूप में रखने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है और इसे बनते ही तुरंत परोसा जा सकता है। 3. अचार में कड़वाहट से बचने के लिए मसालों को कैसे भूनना चाहिए? राई, सौंफ और मेथी दाने को धीमी आंच पर केवल हल्का सा भूनना चाहिए ताकि वे जलकर कड़वे न हों। 4. यदि तीखापन कम करना हो तो क्या उपाय किया जा सकता है? मिर्च काटते समय उसके अंदर मौजूद कुछ बीजों को बाहर निकालकर तीखापन कम किया जा सकता है। 5. अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए किस बर्तन का इस्तेमाल करना चाहिए? अचार को साफ, सूखे और पूरी तरह नमी-मुक्त कांच के जार में ही रखना चाहिए। https://trendkia.com/food/ghara-para-minaton-men-banaen-tikha-green-chilli-pickle-dhupa-men-sukhane-ka-jhnjhata-bhi-nahin-35228 TrendKia — Har trend, sabse pehle.