# घर पर तैयार करें तीखी और चटपटी स्ट्रीट स्टाइल सरसों की चटनी, स्वाद ऐसा कि याद रह जाए

> सर्दियों में शरीर को गर्म रखने और खाने का जायका बढ़ाने के लिए स्ट्रीट स्टाइल सरसों की चटनी एक बेहतरीन विकल्प है। जानिए इसे बनाने की आसान विधि और जरूरी सामग्री।

**Type:** article · **Category:** खानपान · **Published:** 2026-09-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/ghara-para-taiyara-karen-tikhi-aura-chatapati-strita-staila-sarason-ki-chatani-svada-aisa-ki-yada-raha-jae-38335 · **Language:** Hindi
**Tags:** सरसों की चटनी, स्ट्रीट स्टाइल रेसिपी, सर्दियों की रेसिपी, लिट्टी चोखा चटनी, चटनी रेसिपी, देसी खाना

भारतीय खानपान में चटनी का स्थान हमेशा से बेहद खास रहा है। दोपहर का भोजन हो या रात का खाना, थाली के किनारे रखी थोड़ी सी चटनी पूरे भोजन का स्वाद कई गुना बढ़ा देती है। अमूमन लोग अपने घरों में धनिया, पुदीना या आंवले की चटनी तैयार करते हैं। हालांकि, उत्तर भारत और खासतौर पर बिहार तथा उत्तराखंड के पारंपरिक खानपान में सरसों की चटनी का विशेष महत्व है। सड़क किनारे मिलने वाले नाश्ते की दुकानों पर मिलने वाली यह चटपटी सरसों की चटनी न केवल स्वाद में अनोखी होती है, बल्कि सेहत के लिहाज से भी काफी फायदेमंद मानी जाती है।

सरसों की तासीर गर्म प्रकृति की होती है, जिसकी वजह से ठंड के मौसम में इसका सेवन शरीर को अंदरूनी गर्माहट देने में मदद करता है। यही कारण है कि सर्दियों के दिनों में लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं। बिहार में तो इसे खासतौर पर गरमा-गरम समोसे या पारंपरिक लिट्टी-चोखे के साथ परोसा जाता है। इसका तीखा और चटपटा स्वाद ऐसा होता है कि एक बार चखने के बाद लोग धनिया और पुदीने की चटनी का जायका भी भूल जाते हैं। इस स्वादिष्ट और गुणकारी चटनी को घर पर ही ठेले जैसी शैली में बड़ी आसानी से बनाया जा सकता है।

## सरसों की चटनी बनाने के लिए जरूरी सामग्री
घर पर शुद्ध और स्वादिष्ट सरसों की चटनी तैयार करने के लिए रसोई में मौजूद बुनियादी सामग्रियों की आवश्यकता होती है। इसके लिए नीचे दी गई मात्रा में चीजें एकत्रित करें

- **सरसों के दाने:** 4 बड़े चम्मच (पीली या काली सरसों में से कोई भी चुन सकते हैं)
- **लहसुन:** 8 से 10 कलियां
- **हरी मिर्च:** 3 से 4 पीस
- **अदरक:** 1 इंच का टुकड़ा
- **नींबू का रस:** 2 बड़े चम्मच
- **सरसों का तेल:** 2 बड़े चम्मच (शुद्ध कच्चा तेल)
- **हल्दी पाउडर:** आधा छोटा चम्मच
- **नमक:** स्वादानुसार (सादा सफेद नमक और काला नमक)

## बनाने की आसान चरणबद्ध विधि
इस चटनी को तैयार करना बेहद सरल है, बस सामग्री को सही क्रम में पीसना और मिलाना जरूरी होता है।

**सरसों के दानों को भिगोना:** सबसे पहले 4 बड़े चम्मच सरसों के दानों को अच्छी तरह बीनकर साफ कर लें ताकि धूल या कंकड़ निकल जाएं। इसके बाद इन दानों को हल्के गुनगुने पानी में लगभग 1 से 2 घंटे के लिए भिगोकर रख दें। पानी में भिगोने से सरसों के बीज पूरी तरह नरम हो जाते हैं और उनका अत्यधिक कड़वा तीखापन भी संतुलित हो जाता है।

**मिश्रण को बारीक पीसना:** तय समय बाद भीगी हुई सरसों का अतिरिक्त पानी पूरी तरह निथार लें और दानों को मिक्सी के जार में डालें। अब जार में 8 से 10 लहसुन की कलियां, 3 से 4 हरी मिर्च, 1 इंच अदरक का टुकड़ा, आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, स्वादानुसार सफेद नमक और थोड़ा काला नमक शामिल करें। इसमें बहुत थोड़ा सा पानी मिलाएं और मिक्सी चलाकर एकदम बारीक पेस्ट बना लें।

**खटास और कच्चे तेल का मेल:** जब चटनी का पेस्ट बारीक पिस जाए, तब इसमें 2 बड़े चम्मच ताजा नींबू का रस और 2 बड़े चम्मच कच्चा सरसों का तेल डालें। इसके बाद मिक्सी को दोबारा कुछ सेकंड के लिए चलाएं, जिससे कच्चा तेल और नींबू का खट्टापन चटनी के साथ पूरी तरह एकसार हो जाए। कच्चे सरसों के तेल की खुशबू ही इस चटनी को असली पारंपरिक स्वाद देती है।

## परोसने और सुरक्षित रखने का तरीका
तैयार तीखी और जायकेदार स्ट्रीट स्टाइल सरसों की चटनी को आप किसी भी नाश्ते, पराठे, कचौरी या समोसे के साथ परोस सकते हैं। यदि आप इसे कुछ दिनों तक इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो इसे किसी साफ कांच के जार या एयरटाइट शीशी में भरकर फ्रिज में रख दें। फ्रिज में रखने पर यह चटनी कई दिनों तक एकदम ताजी और स्वादिष्ट बनी रहती है।

## इसका आप पर असर
यह पारंपरिक चटनी सर्दियों में सेहत को दुरुस्त रखने और रोजमर्रा के भोजन को अधिक पौष्टिक व स्वादिष्ट बनाने में सीधे मदद करती है।

- **बिहार और उत्तराखंड में:** यह चटनी स्थानीय खानपान जैसे लिट्टी-चोखा और गर्म नाश्ते का अभिन्न हिस्सा है। ठंड के महीनों में स्थानीय लोग मौसमी बीमारियों से बचाव और शरीर को गर्म रखने के लिए इसका नियमित सेवन करते हैं।
- **भारत के अन्य हिस्सों में:** जो लोग रोजमर्रा के नाश्ते में केवल धनिया-पुदीने की चटनी खाते हैं, वे इसे घर पर आसानी से आजमा सकते हैं। सरसों, लहसुन और अदरक का यह संयोजन सर्दी-जुकाम के मौसम में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक साबित होता है।
- **रसोई के बजट पर:** इसे तैयार करने में केवल रसोई में मौजूद सामान्य मसालों और बीजों की आवश्यकता होती है। बिना किसी महंगे सॉस या बाहरी सामग्री के घर पर ही रेस्तरां जैसा स्वाद मिल जाता है।
- **भंडारण और उपयोग:** कांच के जार में भरकर फ्रिज में रखने से यह कई दिनों तक खराब नहीं होती। व्यस्त कामकाजी लोग एक ही बार में इसे बनाकर पूरे हफ्ते नाश्ते या पराठों के साथ खा सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
सरसों की चटनी का विशेष रूप से सर्दियों के मौसम में और कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में व्यापक रूप से सेवन किए जाने के पीछे मौसम और स्वास्थ्य से जुड़े ठोस कारण हैं।

- **तासीर की गर्माहट:** सरसों के दानों की प्राकृतिक तासीर गर्म होती है। ठंड के दौरान इसका सेवन शरीर के तापमान को संतुलित रखने और ठंड के असर को कम करने में मदद करता है।
- **पाचन और रोग प्रतिरोधक क्षमता:** इस विधि में लहसुन, अदरक, कच्चा तेल और नींबू का प्रयोग किया जाता है। ये सभी सामग्रियां मिलकर पाचन तंत्र को सक्रिय करती हैं और मौसमी संक्रमण से लड़ने में मदद करती हैं।
- **पारंपरिक क्षेत्रीय खानपान:** बिहार और उत्तराखंड जैसे राज्यों में सरसों का उत्पादन प्रचुर मात्रा में होता है और वहां के व्यंजनों में इसका उपयोग सदियों से होता आ रहा है। लिट्टी-चोखे और समोसे के साथ तीखा संतुलन बैठाने के लिए यह चटनी समय के साथ एक लोकप्रिय विकल्प बन गई।

## सवाल-जवाब

### 1. सरसों की चटनी बनाने के लिए कौन सी सरसों बेहतर होती है?
इस चटनी को बनाने के लिए आप पीली या काली सरसों में से किसी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। दोनों से ही चटनी का स्वाद बेहतरीन बनता है।

### 2. सरसों के दानों को गुनगुने पानी में भिगोना क्यों जरूरी है?
दानों को एक से दो घंटे गुनगुने पानी में भिगोने से वे अच्छी तरह नरम हो जाते हैं। इससे उनका अत्यधिक कड़वापन भी कम हो जाता है और वे आसानी से बारीक पिस जाते हैं।

### 3. सरसों की चटनी का सेवन सर्दियों में अधिक क्यों किया जाता है?
सरसों की तासीर गर्म होती है, जो सर्दियों में शरीर को अंदरूनी गर्माहट प्रदान करती है। इसी वजह से ठंड के दिनों में लोग इसका सेवन ज्यादा पसंद करते हैं।

### 4. तैयार सरसों की चटनी को कितने समय तक स्टोर किया जा सकता है?
इस चटनी को कांच के साफ जार में भरकर फ्रिज में रख दें। ऐसा करने से यह कई दिनों तक एकदम ताजी और खाने योग्य बनी रहती है।

### 5. बिहार में सरसों की चटनी किन व्यंजनों के साथ प्रमुख रूप से खाई जाती है?
बिहार में लोग इस चटपटी चटनी को खासतौर पर समोसे और पारंपरिक लिट्टी-चोखे के साथ खाना पसंद करते हैं।

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