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  "title": "गाजियाबाद के नवयुग मार्केट में मिलती है मशहूर पंडित जी की पकौड़ी, जानिए तीन दशक पुरानी इस दुकान का इतिहास",
  "summary": "उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्थित नवयुग मार्केट की पुरानी पकौड़ी दुकान आज भी अपने पारंपरिक स्वाद के लिए जानी जाती है, जहां कई पीढ़ियों से लोगों को गर्मागर्म व्यंजन परोसे जा रहे हैं।",
  "content": "उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद शहर के पारंपरिक बाजारों में केवल खरीदारी के लिए ही नहीं, बल्कि दशकों पुराने लजीज व्यंजनों के लिए भी भारी भीड़ जुटती है। नवयुग मार्केट इलाके में स्थित ‘पंडित जी की पकौड़ी’ अपनी खास पहचान रखती है, जहां क्रिस्पी और गर्मागर्म पकौड़ियों का लुत्फ उठाने के लिए दूर-दराज से लोग आते हैं। बाजार आने वाले खरीदार भी इस मशहूर दुकान पर रुककर स्वाद चखना नहीं भूलते हैं और वर्षों बीत जाने के बाद भी यहां की सादगी में कोई बदलाव नहीं आया है।\n\nतीन दशकों से संभाल रहे हैं दुकान की कमान\nदुकान संचालक प्रवीण शर्मा ने बताया कि उन्हें इस खानदानी कारोबार को संभालते हुए लगभग 30 साल का वक्त बीत चुका है। हालांकि इस प्रतिष्ठान का इतिहास और भी पुराना है क्योंकि उनके पिता और दादाजी भी इसी काम से जुड़े हुए थे। इस प्रकार कई पीढ़ियों से परिवार के सदस्यों ने इस स्वाद को जीवित रखा है और वर्तमान संचालक के लिए यह काम केवल आजीविका का साधन नहीं बल्कि अमूल्य पारिवारिक विरासत है।\n\nमहंगाई के दौर में भी बरकरार है स्वाद की गुणवत्ता\nदुकान के पुराने दिनों को याद करते हुए संचालक बताते हैं कि दादाजी के कार्यकाल में पकौड़ियां करीब 10 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बिकती थीं और एक रुपये में ग्राहकों को लगभग 100 ग्राम पकौड़ी मिल जाती थी। वक्त के साथ हालात बदले और आज साधारण पकौड़ी की कीमत बढ़कर 400 रुपये प्रति किलोग्राम हो चुकी है, जबकि पनीर पकौड़ी 600 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बेची जाती है। इस काउंटर पर आलू, प्याज, पालक, गोभी, बैंगन और मिर्च समेत तमाम वैरायटी तैयार की जाती हैं, जबकि मूंग दाल और चने की दाल से बनने वाली वैराइटी भी लोगों को बहुत भाती है। इसके साथ दी जाने वाली तीखी हरी चटनी और सॉस इस पूरे जायके को और भी शानदार बना देते हैं।\n\nदूर-दूर से खिंचे चले आते हैं जायके के शौकीन\nकेवल स्थानीय निवासी ही नहीं बल्कि आसपास के अन्य क्षेत्रों से भी खाने के शौकीन नवयुग मार्केट का रुख करते हैं। सुबह होते ही दुकान सज जाती है और कड़ाही में सिंक रही पकौड़ियों की महक आसपास के माहौल को महका देती है। यहां पकौड़ियों के अलावा कचौड़ी का विकल्प भी मिलता है जिसे उबलती हुई आलू की सब्जी के साथ ग्राहकों को परोसा जाता है। बाजार में घूमने आने वाले लोग इस दुकान पर आए बिना वापस नहीं लौटते हैं।\n\nखास चटनी और पुरानी परंपरा का अनूठा मेल\nयहां मिलने वाली चटनी इस दुकान की एक और बड़ी खासियत है जिसे बनाने में इमली का उपयोग बिल्कुल नहीं किया जाता है। इसकी जगह पर आम की खटाई और अमचूर का इस्तेमाल करके इसका जायका तैयार किया जाता है और संचालक का मानना है कि यदि खाने की गुणवत्ता और शुद्धता बेहतरीन हो तो ग्राहक खुद-ब-खुद खिंचे चले आते हैं। पुराने बस स्टैंड के पास स्थित यह दुकान आज भी शहर की पुरानी तहजीब और स्वाद को सहेजे हुए है। करीब तीन दशक से लगातार पकौड़ी बना रहे प्रवीण शर्मा इस परंपरा को पूरी ईमानदारी से आगे बढ़ा रहे हैं, जिसकी वजह से यह जगह आज भी शहर भर में लोकप्रिय बनी हुई है।\n\nइसका आप पर असर\nखानपान की यह पारंपरिक दुकान स्थानीय निवासियों और बाजार आने वाले लोगों को किफायती और पारंपरिक स्वाद प्रदान करती है।\n\n• गाजियाबाद में: नवयुग मार्केट जाने वाले ग्राहकों को पारंपरिक पकौड़ियों और कचौड़ियों का ताजा जायका मिलता है।\n• दाम और बजट: सामान्य पकौड़ी 400 रुपये प्रति किलो और पनीर पकौड़ी 600 रुपये प्रति किलो के भाव पर उपलब्ध है।\n• खानपान अनुभव: खरीदारों को बिना इमली वाली खास आम की खटाई से बनी चटनी का स्वाद चखने को मिलता है।\n• पारंपरिक विरासत: यह दुकान शहर के पुराने सांस्कृतिक और culinary जायके को जीवंत रखती है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह दुकान कई दशकों से चली आ रही पारिवारिक परंपरा और गुणवत्तापूर्ण स्वाद के कारण लोकप्रिय बनी हुई है।\n\n• खानदानी व्यवसाय: प्रवीण शर्मा के दादा और पिता के समय से यह कार्य पीढ़ियों से आगे बढ़ रहा है।\n• गुणवत्ता पर ध्यान: शुद्ध सामग्री और पारंपरिक अमचूर वाली चटनी का उपयोग स्वाद को बनाए रखता है।\n• ग्राहकों का भरोसा: दशकों पुरानी सादगी और निरंतरता के कारण लोग बार-बार इस दुकान पर पहुंचते हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. पंडित जी की पकौड़ी दुकान कहां स्थित है?\nयह दुकान उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद शहर में नवयुग मार्केट के पुराने बस स्टैंड के पास स्थित है।\n\n2. साधारण और पनीर पकौड़ी की कीमत क्या है?\nसाधारण पकौड़ी 400 रुपये प्रति किलो और पनीर पकौड़ी 600 रुपये प्रति किलो मिलती है।\n\n3. इस दुकान को कितने साल हो चुके हैं?\nवर्तमान संचालक प्रवीण शर्मा को इस दुकान को संभालते हुए लगभग 30 साल हो चुके हैं और उनके परिवार की कई पीढ़ियां इससे जुड़ी हैं।\n\n4. चटनी बनाने में किस चीज का इस्तेमाल होता है?\nचटनी में इमली के बजाय आम की खटाई और अमचूर का उपयोग किया जाता है।",
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  "category": "खानपान",
  "publishedAt": "2026-10-21",
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