गोरखपुर के नुस्खे से घर पर बनाएं स्वादिष्ट मुरब्बा, गर्मियों में लंबे समय तक रहेगा सुरक्षित गोरखपुर की 70 साल पुरानी दुकान के नुस्खे अपनाकर गर्मियों में बेल, आम, आंवला और अमरूद जैसे मौसमी फलों से आसानी से स्वादिष्ट मुरब्बा तैयार किया जा सकता है। गर्मियों का मौसम शुरू होते ही बाजार में आम, बेल, आंवला, अमरूद और पपीता जैसे अनगिनत मौसमी फल अपनी मौजूदगी दर्ज कराने लगते हैं। इन फलों को केवल कच्चा खाने या जूस पीने तक ही सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि इनसे लजीज मुरब्बे और अचार भी तैयार किए जाते हैं। पारंपरिक तरीकों से बनाए गए ये व्यंजन न केवल खाने का स्वाद बढ़ाते हैं, बल्कि फलों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने का बेहतरीन जरिया भी साबित होते हैं। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर में स्थित लगभग 70 साल पुरानी एक प्रसिद्ध दुकान पर गर्मियों के दिनों में तरह-तरह के फलों से बने मुरब्बे और अचार ग्राहकों को खूब आकर्षित करते हैं। इसी दुकान पर बैठने वाले प्राणनाथ का कहना है कि अगर सही तरीका मालूम हो, तो मौसम के मुताबिक घर पर ही विभिन्न प्रकार के मुरब्बे आसानी से बनाए जा सकते हैं। बेल का मुरब्बा बनाने की विधि बेल के सेवन से पेट को ठंडक मिलती है और गर्मियों में यह काफी फायदेमंद माना जाता है। बेल का मुरब्बा तैयार करने के लिए सबसे पहले बेल को अच्छी तरह छीलकर उसके गूदे को अलग कर लिया जाता है। इसके बाद इस गूदे को हल्का सा उबालकर नरम किया जाता है ताकि यह चाशनी को अच्छी तरह सोख सके। अब एक अलग बर्तन में चीनी की गाढ़ी चाशनी तैयार की जाती है और उसमें उबले हुए बेल के टुकड़े मिला दिए जाते हैं। स्वाद और महक को और अधिक बढ़ाने के लिए इस मिश्रण में इलायची पाउडर या थोड़ा सा केसर भी मिलाया जा सकता है। जब यह पूरी तरह ठंडा हो जाए, तब इसे किसी एयरटाइट जार में भरकर लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है। कच्चे आम का स्वादिष्ट मुरब्बा कच्चे आम का खट्टा-मीठा स्वाद हर किसी को पसंद आता है और गर्मियों में यह लू से बचाने में भी मदद करता है। आम का मुरब्बा बनाने के लिए सबसे पहले सख्त और कच्चे आमों को अच्छी तरह छीलकर मनचाहे टुकड़ों में काट लिया जाता है। इसके बाद एक कांटे की सहायता से इन टुकड़ों में हल्के छेद किए जाते हैं ताकि चाशनी अंदर तक जा सके। इन कटे हुए टुकड़ों को चीनी की चाशनी में धीमी आंच पर पकाया जाता है। पारंपरिक स्वाद और खुशबू के लिए इसमें सौंफ, इलायची और थोड़ा सा केसर मिलाया जा सकता है। जब मिश्रण अच्छी तरह पक जाता है और ठंडा हो जाता है, तो आम का मुरब्बा बनकर तैयार हो जाता है जिसे गरमागरम रोटी या पराठे के साथ परोसा जा सकता है। आंवले का मुरब्बा तैयार करने का तरीका आंवला स्वास्थ्य के लिए वरदान माना जाता है और सर्दियों के साथ-साथ गर्मियों में भी इसका सेवन बहुत लाभकारी होता है। सबसे पहले ताजे आंवलों को पानी से अच्छी तरह धोने के बाद हल्का सा उबाल लिया जाता है। इसके बाद एक कांटे की मदद से उबले हुए आंवलों में छोटे-छोटे छेद किए जाते हैं ताकि मिठास अंदर तक उतर सके। अब आंवलों को चीनी की चाशनी में धीमी आंच पर पकाया जाता है। जब चाशनी पूरी तरह गाढ़ी हो जाती है और आंवले का रंग बदल जाता है, तब इसे आंच से उतारकर ठंडा किया जाता है और अंत में कांच के साफ जार में भर दिया जाता है। अमरूद और पपीते के मुरब्बे की रेसिपी केवल आम और आंवला ही नहीं, बल्कि अमरूद और पपीते से भी बेहतरीन मुरब्बे तैयार किए जा सकते हैं। अमरूद को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर चीनी की चाशनी में पकाया जाता है जिससे इसका अनूठा स्वाद उभरकर आता है। वहीं दूसरी ओर, पपीते के सख्त टुकड़ों को पहले हल्का सा उबाला जाता है और उसके बाद उन्हें चाशनी में पकाया जाता है। इन दोनों ही मुरब्बों के स्वाद को और अधिक स्वादिष्ट बनाने के लिए इनमें इलायची, सौंफ या नींबू की कुछ बूंदें मिलाई जा सकती हैं, जो इसकी शेल्फ लाइफ को भी बेहतर बनाती हैं। साफ-सफाई और लंबे समय तक सुरक्षित रखने के उपाय दुकान चलाने वाले प्राणनाथ के अनुसार, गर्मियों के मौसम में गुलकंद, बेल, आंवला, आम, अमरूद और पपीते जैसे विकल्पों के जरिए घर पर ही अलग-अलग स्वाद के मुरब्बे आसानी से तैयार किए जा सकते हैं। हालांकि, मुरब्बा बनाते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है ताकि यह लंबे समय तक खराब न हो। तैयार किए गए मुरब्बे को हमेशा पूरी तरह सूखे और साफ एयरटाइट कंटेनर में ही स्टोर करना चाहिए। इस प्रकार पारंपरिक तरीकों को अपनाकर मौसमी फलों को एक बिल्कुल नए और लजीज स्वाद में लंबे समय तक सुरक्षित रखने का बेहतरीन विकल्प मिल जाता है। इसका आप पर असर घर पर मौसमी फलों का मुरब्बा तैयार करने से आप बाजार में मिलने वाले मिलावटी प्रोडक्ट्स से बचकर शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक चीजें अपने परिवार को परोस सकते हैं। • भारत में: गर्मियों के दिनों में मौसमी फलों का अधिक उत्पादन होता है और इस विधि से आप बिना किसी केमिकल के फलों को लंबे समय तक सुरक्षित रखकर उनका आनंद ले सकते हैं। • गोरखपुर में: स्थानीय निवासियों और पारंपरिक खानपान के शौकीनों के लिए यह पुरानी दुकानों के आजमाए हुए नुस्खे अपनाकर घर पर ही शुद्ध अचार और मुरब्बे बनाने का एक शानदार अवसर है। ऐसा क्यों हुआ गर्मियों के मौसम में मौसमी फलों की प्रचुरता होती है और वे जल्दी खराब होने लगते हैं, इसलिए उन्हें पारंपरिक तरीकों से संरक्षित करना जरूरी हो जाता है। • फलों की उपलब्धता: गर्मियों में आम, बेल, आंवला और अमरूद जैसे फल प्रचुर मात्रा में मिलते हैं, जिन्हें चीनी की चाशनी में पकाकर लंबे समय तक चलाया जा सकता है। • परंपरागत नुस्खे: दशकों पुरानी दुकानों के अनुभव बताते हैं कि सही तापमान और साफ-सफाई के साथ चीनी की चाशनी में पकाने से फल खराब नहीं होते हैं। • स्वास्थ्य लाभ: आंवला और बेल जैसे फलों के गुण गर्मियों में शरीर को ठंडक और पोषण प्रदान करते हैं। सवाल-जवाब 1. गोरखपुर की दुकान कितने साल पुरानी है? यह दुकान करीब 70 साल पुरानी है जहाँ गर्मियों में विभिन्न प्रकार के मुरब्बे और अचार मिलते हैं। 2. बेल का मुरब्बा बनाने के लिए क्या किया जाता है? बेल को छीलकर उसका गूदा अलग किया जाता है, हल्का उबाला जाता है और फिर इलायची या केसरयुक्त चीनी की चाशनी में पकाया जाता है। 3. आम के मुरब्बे में कौन से मसाले मिलाए जा सकते हैं? आम के मुरब्बे में स्वाद बढ़ाने के लिए सौंफ, इलायची और थोड़ा सा केसर मिलाया जा सकता है। 4. तैयार मुरब्बे को कैसे स्टोर करना चाहिए? तैयार मुरब्बे को हमेशा सूखे और साफ एयरटाइट कंटेनर या कांच के जार में रखना चाहिए। 5. कौन-कौन से फलों से मुरब्बा बनाया जा सकता है? गर्मियों में बेल, आम, आंवला, अमरूद और पपीते जैसे फलों से मुरब्बा तैयार किया जा सकता है। https://trendkia.com/food/gorakhapura-ke-nuskhe-se-ghara-para-banaen-svadishta-murabba-garmiyon-men-lnbe-samaya-taka-rahega-surakshita-30988 TrendKia — Har trend, sabse pehle.