हरी मूंग दाल और पालक की खस्ता पूरी से बनाएं बच्चों का टिफिन पौष्टिक शेफ संजीव कपूर की तकनीक पर आधारित यह हरी पूरी बच्चों के लिए स्वाद और सेहत का बेहतरीन मेल है, जिसे घर पर बेहद आसानी से तैयार किया जा सकता है। सुबह के नाश्ते या स्कूल के लंच बॉक्स में हर दिन वही घिसे-पिटे पराठे और सादी सब्जियां देखकर अक्सर बच्चे खाना खाने से कतराने लगते हैं। छोटी उम्र में बच्चों को पोषण से भरपूर भोजन खिलाना माता-पिता के लिए हमेशा से एक बड़ा इम्तिहान रहा है। रसोई में थोड़ी सी समझदारी और नया प्रयोग अपनाकर साधारण भोजन को भी रंग-रूप और स्वाद के लिहाज से काफी आकर्षक बनाया जा सकता है। प्रसिद्ध शेफ संजीव कपूर की पाक कला तकनीक पर आधारित मूंग दाल और पालक की यह खास पूरी ऐसा ही एक पौष्टिक विकल्प पेश करती है, जो अपने चटक हरे रंग के कारण नन्हे बच्चों का ध्यान तुरंत अपनी ओर खींच लेती है। तैयारी के लिए जरूरी सामग्री इस स्वादिष्ट और सेहतमंद पूरी को बनाने के लिए घर की रसोई में आसानी से मिलने वाली चीजों की आवश्यकता होती है। रेसिपी के अनुसार सामग्री का माप इस तरह रखें • मूंग दाल: 1 कप (अच्छी तरह भीगी हुई अथवा अंकुरित साबुत मूंग दाल) • पालक: आधा कप (साफ पानी से धुली हुई हरी पत्तियां) • सूजी: 2 बड़े चम्मच (पूरियों को कुरकुरा और खस्ता बनाने के लिए) • हरी मिर्च: 2 (बच्चों के खाने की आदत और पसंद के मुताबिक मात्रा घटाई या बढ़ाई जा सकती है) • अजवाइन: आधा छोटा चम्मच • तेल: 1 बड़ा चम्मच मोयन और आटा तैयार करने के लिए, साथ ही पूरियों को तलने के वास्ते पर्याप्त तेल • अन्य मसाले: आवश्यकतानुसार गेहूं का आटा, थोड़ी सी हल्दी पाउडर, बारीक कटा अदरक और स्वादानुसार नमक पालक और मूंग दाल का पेस्ट बनाने की विधि पूरी तैयार करने की शुरुआत दाल और पालक को सही तरीके से पीसने से होती है। सबसे पहले एक कप मूंग दाल को साफ पानी से दो-तीन बार धोकर पर्याप्त समय के लिए भिगो लें। इसके बाद ताजी पालक को साफ करके डंठल अलग करें और पत्तियों को उबलते गर्म पानी में डालकर हल्का सा ब्लांच कर लें। थोड़ी देर बाद पालक को बाहर निकालें और उसका सारा अतिरिक्त पानी पूरी तरह निथार लें। अब मिक्सर के ग्राइंडर जार में भीगी हुई मूंग दाल, उबली हुई पालक की पत्तियां, अदरक का टुकड़ा और हरी मिर्च एक साथ डालें। इसमें बहुत थोड़ा सा पानी मिलाकर मिक्सी चलाएं और एक महीन व गाढ़ा हरा पेस्ट बना लें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि यह पेस्ट जरूरत से ज्यादा गीला या पतला न बने, क्योंकि मिश्रण अधिक तरल होने पर बाद में आटा गूंथने में काफी परेशानी आ सकती है। आटा गूंथने और सेट करने का तरीका तैयार किए गए महीन हरे पेस्ट को मिक्सी से निकालकर एक गहरे और खुले बर्तन में फैला लें। अब इसी बर्तन में गेहूं का आटा, 2 बड़े चम्मच सूजी, आधा छोटा चम्मच अजवाइन, थोड़ी सी हल्दी और नमक डालें। सभी सामग्रियों को हाथों से आपस में अच्छी तरह मिलाते हुए सख्त आटा गूंथ लें। अगर आवश्यकता महसूस हो, तभी थोड़ा सा पानी छिड़कें। जब आटा बंधने लगे, तब उसके ऊपर 1 बड़ा चम्मच तेल डालें और एक बार फिर अच्छी तरह से मसलते हुए चिकना कर लें। इसके बाद आटे को किसी साफ और हल्के गीले सूती कपड़े से ढककर 10 से 15 मिनट के लिए अलग रख दें। इस प्रक्रिया से सूजी नमी सोखकर पूरी तरह फूल जाएगी और आटा पूरियां बेलने के लिए एकदम सही सेट हो जाएगा। पूरियों को बेलने और तलने का सही तरीका तय समय बाद कपड़े को हटाएं और सेट हो चुके आटे की एक समान आकार की छोटी-छोटी लोइयां तोड़ लें। चकले और बेलन पर हल्का सा तेल लगाकर लोई को रखें और मध्यम मोटाई में बेलें। पूरी को बहुत अधिक पतला बेलने से बचें, अन्यथा गर्म तेल में जाते ही उसका टेक्सचर खराब हो सकता है और वह सही तरीके से फूलेगी नहीं। दूसरी तरफ एक गहरी कढ़ाई में तलने के लिए तेल डालकर मध्यम आंच पर अच्छी तरह गर्म करें। तेल जब पर्याप्त गर्म हो जाए, तब उसमें एक-एक करके बेली हुई पूरी सावधानी से डालें। कड़छी से हल्का सा दबाते ही पूरी तेल के ऊपर आकर गोल-मटोल फूलने लगेगी। इसे उलट-पुलट कर दोनों तरफ से तब तक तलें जब तक कि वह हल्की सुनहरी और कुरकुरी न हो जाए। तली हुई पूरियों को कढ़ाई से बाहर निकालकर पेपर टॉवल पर रखें, जिससे उनका अतिरिक्त तेल पूरी तरह सोख लिया जाए। थाली में किस तरह परोसें गरमा-गरम फूली हुई मूंग दाल-पालक की पूरियों को गरमा-गरम आलू की रसेदार सब्जी, ताजे गाढ़े दही, चटपटे अचार अथवा ताजी हरी चटनी के साथ खाने की मेज पर सजाया जा सकता है। छोटे बच्चों को टिफिन में देने के लिए हल्के मसालों वाली सूखी सब्जी या सादे दही का साथ सबसे मुफीद साबित होता है। अपनी मनपसंद प्लेट में यह अनोखा हरा रंग देखकर बच्चे बिना किसी आनाकानी के पूरा भोजन खुशी-खुशी समाप्त कर लेते हैं। इसका आप पर असर सुबह की भागदौड़ में बच्चों के लिए पौष्टिक और आकर्षक नाश्ता बनाना अब बेहद आसान हो गया है। • माता-पिता के लिए: यह रेसिपी टिफिन में बिना किसी अतिरिक्त तामझाम के दाल और हरी सब्जियों का पोषण शामिल करने की सुविधा देती है। इसके नियमित इस्तेमाल से बच्चों के नखरे कम होते हैं और वे घर का बना संतुलित खाना चाव से खाते हैं। • बच्चों की सेहत पर: पालक और मूंग दाल का यह संयोजन बच्चों को पर्याप्त प्रोटीन, फाइबर और जरूरी खनिज प्रदान करता है। इससे दिनभर पढ़ाई और खेलकूद के लिए उनकी ऊर्जा का स्तर बेहतर बना रहता है। • रसोई के बजट पर: यह नाश्ता घर पर मौजूद बुनियादी अनाज, दाल और मौसमी हरी सब्जियों से ही तैयार हो जाता है। बाहर के महंगे और प्रोसेस्ड पैकेज्ड स्नैक्स पर होने वाला अतिरिक्त खर्च आसानी से बचाया जा सकता है। • समय की बचत: दाल को पहले से भिगोकर रखने पर यह पूरी केवल 15 से 20 मिनट के भीतर बनकर तैयार हो जाती है। कामकाजी अभिभावक सुबह के व्यस्त समय में भी इसे तेजी से बनाकर पैक कर सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ पारंपरिक नाश्ते से बच्चों के ऊब जाने और हरी सब्जियों के प्रति उनकी अनिच्छा को दूर करने के लिए इस खास संयोजन को विकसित किया गया है। • स्वाद और सेहत का संतुलन: बच्चे अक्सर सादी उबली सब्जियां या दाल खाने से मना कर देते हैं। आटे में दाल और पालक का गाढ़ा पेस्ट गूंथने से पोषण सीधे पूरी का हिस्सा बन जाता है और उसका स्वाद भी बढ़ जाता है। • आकर्षक प्राकृतिक रंग: साधारण भोजन के मुकाबले चटख रंग बच्चों की भूख और उत्सुकता को तुरंत जगाते हैं। पालक का प्राकृतिक गहरा हरा रंग किसी भी कृत्रिम रंग के बिना पूरी को अनोखा रूप प्रदान करता है। • कुरकुरेपन की आवश्यकता: पूरियां ठंडी होने के बाद अक्सर नरम या गीली पड़ जाती हैं। आटे में 2 बड़े चम्मच सूजी मिलाने से तलने के बाद पूरियों में लंबे समय तक खस्तापन और क्रंच बना रहता है। सवाल-जवाब 1. मूंग दाल-पालक पूरी बनाने के लिए कितनी दाल और पालक चाहिए? इस रेसिपी के लिए 1 कप भीगी हुई मूंग दाल और आधा कप धुली हुई पालक की जरूरत होती है। 2. पूरियों को अधिक खस्ता बनाने के लिए आटे में क्या मिलाया जाता है? आटे में 2 बड़े चम्मच सूजी (रवा) मिलाने से पूरियां बेहद खस्ता और कुरकुरी बनती हैं। 3. आटा गूंथने के बाद उसे कितनी देर तक रेस्ट करने के लिए रखना चाहिए? आटे को गीले सूती कपड़े से ढककर 10 से 15 मिनट के लिए रेस्ट पर रखना जरूरी होता है। 4. यह पूरी किन चीजों के साथ सबसे स्वादिष्ट लगती है? यह पूरी आलू की सब्जी, ताजे दही, अचार अथवा हरी चटनी के साथ बेहद स्वादिष्ट लगती है। https://trendkia.com/food/green-moong-dal-aura-palak-ki-khasta-puri-se-banaen-bachchon-ka-tiphina-paushtika-37631 TrendKia — Har trend, sabse pehle.