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  "title": "Har Ki Pauri के पास इन 6 दुकानों का स्वाद चखे बिना हरिद्वार की यात्रा अधूरी है",
  "summary": "हरिद्वार में हर की पौड़ी के करीब 6 ऐसी मशहूर दुकानें हैं जो दशकों से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को लाजवाब खाना परोसती आ रही हैं, जिनमें एक दुकान की लस्सी इतनी गाढ़ी है कि उसे पिया नहीं बल्कि खाया जाता है।",
  "content": "हरिद्वार में हर साल करोड़ों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। हर की पौड़ी पर गंगा स्नान और आरती के बाद जब भूख लगती है, तो यह शहर अपने खाने-पीने के खजाने से उनका स्वागत करता है। हरिद्वार की गलियों में ऐसी दुकानें हैं जो दशकों से, कई तो अंग्रेजों के जमाने से, अपना जायका और अपनी पहचान बनाए हुए हैं। मोती बाजार की तंग गलियों से लेकर अपर रोड तक, यहां की 6 मशहूर दुकानें हर यात्री की सूची में होनी चाहिए।\n\nगोपाल जी पेड़े वाले: 1954 से मिठास का सफर\nहर की पौड़ी के पास राम गिरि की हवेली के करीब बड़े बाजार में गोपाल जी पेड़े वाले की दुकान 1954 से खड़ी है। शुद्ध दूध को धीमी आंच पर घंटों पकाकर तैयार होते हैं ये पेड़े। इनकी खास बात यह है कि फ्रिज के बिना भी ये 20 दिन तक ताजे रहते हैं। जो पुराने तीर्थयात्री बार-बार हरिद्वार आते हैं, वे गोपाल जी के पेड़े लिए बिना वापस नहीं जाते।\n\nप्राचीन मथुरा वाले: अंग्रेजी दौर का स्वाद आज भी जिंदा\nमोती बाजार में ठंडे कुएं के पास यह दुकान अंग्रेजों के जमाने से चल रही है। हर की पौड़ी से सिर्फ 10 मिनट पैदल चलने पर यहां पहुंचा जा सकता है और दुकान के बाहर लगी भीड़ खुद इसकी सिफारिश करती है। दुकान संचालक का कहना है कि यहां का स्वाद आज भी वैसा ही है जैसा शुरुआत में था। आलू पुरी, समोसे, मलाई समोसे और शुद्ध मावे की मिठाइयां यहां की जान हैं। एक बार आने वाला दोबारा जरूर लौटता है।\n\nभगवती छोले भंडार: अपर रोड का सबसे लोकप्रिय ठिकाना\nअपर रोड पर नगर कोतवाली के पास भगवती छोले भंडार सालों से श्रद्धालुओं और पर्यटकों का पसंदीदा खाने का अड्डा बना हुआ है। यहां के छोले भटूरे और पूरी छोले की बात ही अलग है। साथ में चने का सूप और ताजा सलाद भी मिलता है। नियमित ग्राहकों का कहना है कि वे सालों से यहीं आते हैं और यहां का स्वाद कभी निराश नहीं करता।\n\nचौहान दूध भंडार: 1940 से दूध और मिठास की दुकान\nहर की पौड़ी के पास कुशा घाट के चौक पर बड़े बाजार की गलियों में चौहान दूध भंडार 1940 से अपनी सेवाएं दे रहा है। यह दुकान भी अंग्रेजी हुकूमत के दौर की है। गर्म दूध, लस्सी, बर्फी और दूध से बनी तरह-तरह की मिठाइयां यहां मिलती हैं। पुराने जमाने में यहां दूध पीने वालों की भारी भीड़ रहती थी और आज भी यहां का दूध पीकर लोग तारीफ किए बिना नहीं रह पाते।\n\nमोहन जी पूरी वाले: हर की पौड़ी गेट के सामने साल भर लगती है लाइन\nहर की पौड़ी के बड़े गेट के ठीक सामने मोहन जी पूरी वाले की दुकान है। साल के 365 दिन यहां खाने वालों की लाइन लगी रहती है। मेनू बिल्कुल सीधा है, करारी पूरी और मसालेदार आलू की सब्जी। लेकिन इस सादे से खाने का स्वाद ऐसा है कि हर की पौड़ी से लौटते वक्त यहां रुकना जरूरी लगने लगता है।\n\nप्रकाश लोक लस्सी: पीते नहीं, खाते हैं\nमोती बाजार में ठंडे कुएं के पास प्रकाश लोक लस्सी का नाम पूरे देश में जाना जाता है। यहां की लस्सी इतनी गाढ़ी होती है कि इसे गिलास से पिया नहीं जाता, चम्मच से खाया जाता है। भारत के हर राज्य के लोग इसका स्वाद ले चुके हैं। इसकी तारीफ खुद दुकानदार नहीं करता, बल्कि यहां आने वाले ग्राहक दूसरों को इसके बारे में बताते हैं और यही इस दुकान की सबसे बड़ी पहचान है।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: हरिद्वार जाने की योजना बना रहे श्रद्धालु और पर्यटक अब इन 6 ऐतिहासिक दुकानों की जानकारी से अपनी यात्रा को और यादगार बना सकते हैं।\n• हरिद्वार में: हर की पौड़ी के आसपास ही प्रकाश लोक लस्सी, गोपाल जी के पेड़े और चौहान दूध भंडार जैसी दुकानें मिलती हैं, जिससे घाट से ज्यादा दूर जाए बिना हरिद्वार का असली जायका मिल जाता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. गोपाल जी पेड़े वाले कब से चल रही है और यह किस चीज के लिए मशहूर है?\nगोपाल जी पेड़े वाले 1954 से बड़े बाजार में राम गिरि की हवेली के पास चल रही है और शुद्ध दूध से बने पेड़ों के लिए मशहूर है, जो बिना फ्रिज के 20 दिन तक ताजे रहते हैं।\n\n2. चौहान दूध भंडार कब से चल रहा है और वहां क्या मिलता है?\nचौहान दूध भंडार 1940 से कुशा घाट पर चल रहा है और यहां गर्म दूध, लस्सी, बर्फी और दूध से बनी मिठाइयां मिलती हैं।\n\n3. प्रकाश लोक लस्सी इतनी अनोखी क्यों मानी जाती है?\nयहां की लस्सी इतनी गाढ़ी होती है कि इसे गिलास से पिया नहीं जाता बल्कि चम्मच से खाया जाता है।\n\n4. भगवती छोले भंडार कहां है और वहां क्या मिलता है?\nभगवती छोले भंडार अपर रोड पर नगर कोतवाली के पास है, जहां छोले भटूरे, पूरी छोले, चने का सूप और ताजा सलाद मिलता है।\n\n5. प्राचीन मथुरा वाले हर की पौड़ी से कितनी दूर है?\nप्राचीन मथुरा वाले मोती बाजार में ठंडे कुएं के पास है और हर की पौड़ी से करीब 10 मिनट पैदल की दूरी पर स्थित है।\n\n6. मोहन जी पूरी वाले की दुकान कहां है और वहां क्या खाने को मिलता है?\nमोहन जी पूरी वाले की दुकान हर की पौड़ी के बड़े गेट के ठीक सामने है और यहां करारी पूरी और मसालेदार आलू की सब्जी मिलती है।\n\n7. गोपाल जी के पेड़े बिना फ्रिज के कितने दिन ताजे रहते हैं?\nगोपाल जी के पेड़े बिना फ्रिज के 20 दिन तक ताजे रहते हैं।\n\n8. इन 6 दुकानों में से कौन सी दुकानें अंग्रेजों के जमाने से चल रही हैं?\nप्राचीन मथुरा वाले और चौहान दूध भंडार दोनों अंग्रेजी दौर से चली आ रही हैं, जिनमें चौहान दूध भंडार 1940 से चल रही है।",
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  "category": "खानपान",
  "publishedAt": "2026-06-19",
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