हैदराबाद के जायके में जुड़ा सेहत का तड़का, जानिए मिलेट से बनी स्वादिष्ट तहरी की रेसिपी हैदराबाद में मटन और बीफ तहरी के पारंपरिक स्वाद के साथ ही अब सेहतमंद 'कंगनी की तहरी' की मांग बढ़ रही है। फाइबर से भरपूर यह मिलेट डिश डायबिटीज और हाई बीपी के मरीजों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है। हैदराबाद का नाम सुनते ही लज़ीज़ पकवानों, मसालेदार जायकों और पारंपरिक मटन व बीफ की तहरी का ख्याल जेहन में आता है। हालांकि, आधुनिक दौर में बदलती जीवनशैली और स्वास्थ्य के प्रति लोगों की बढ़ती संवेदनशीलता ने खानपान की आदतों में बड़ा बदलाव लाया है। शहर के प्रसिद्ध मांसाहारी व्यंजनों के बीच अब 'कंगनी की तहरी' (Foxtail Millet Tehri) ने अपनी खास पहचान बना ली है। स्वाद और सेहत के अनूठे मेल के कारण यह डिश लोगों की रसोई में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। स्थानीय पहचान और सेहत के लिए कंगनी के फायदे दक्षिण भारत के खानपान में मिलेट्स का हमेशा से महत्व रहा है। स्थानीय भाषा की बात करें तो कंगनी को तेलुगु में 'कोर्रा बिय्यम' और उर्दू-दकनी बोली में 'राल्ला' के नाम से जाना जाता है। चिकित्सा विशेषज्ञों और पोषण शास्त्रियों के अनुसार, डायबिटीज (शुगर), हाई ब्लड प्रेशर (BP) और पेट या पाचन से जुड़ी बीमारियों का सामना कर रहे व्यक्तियों के लिए कंगनी किसी वरदान से कम नहीं मानी जाती। पोषक तत्वों का भंडार मानी जाने वाली कंगनी प्रचुर मात्रा में फाइबर से भरपूर होती है। यह न केवल शरीर में ग्लूकोज के स्तर को धीरे-धीरे रिलीज करने में मदद करती है, बल्कि लंबे समय तक पेट भरा होने का अहसास भी कराती है। यही वजह है कि पारंपरिक मांसाहारी व्यंजनों के दीवाने हैदराबादी भी अब अपने सुबह के नाश्ते और दोपहर के भोजन में इस मिलेट तहरी को तरजीह दे रहे हैं। कंगनी की तहरी बनाने के लिए जरूरी सामग्री यदि आप अपने घर पर 100 ग्राम कंगनी के साथ यह स्वादिष्ट तहरी तैयार करना चाहते हैं, तो आपको निम्नलिखित सामग्रियों की आवश्यकता होगी • मुख्य घटक: 100 ग्राम कंगनी (फॉक्सटेल मिलेट), जिसे बनाने से पहले अच्छी तरह धोकर साफ कर लिया गया हो। • सब्जियां: 1 बारीक कटा हुआ प्याज, 2 कटे हुए टमाटर, साथ में थोड़ी कटी हुई गाजर, बीन्स और हरी मटर। • मसाले और स्वाद: अदरक-लहसुन का पेस्ट, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और स्वादानुसार नमक। • ताजी जड़ी-बूटियां: कढ़ी पत्ता, बारीक कटा हरा धनिया और ताजा पुदीना की पत्तियां। • अन्य आवश्यकताएं: तड़के के लिए थोड़ा तेल, आधा नींबू का रस और कुल 2 से 2.5 गिलास पानी। प्रेशर कुकर में तहरी तैयार करने की आसान विधि कंगनी की तहरी को प्रेशर कुकर में बनाना बेहद आसान है। सबसे पहले कुकर में थोड़ा सा तेल डालकर गर्म करें। तेल गर्म होने पर उसमें बारीक कटा प्याज डालें और हल्की सुनहरी रंगत आने तक भून लें। इसके बाद कुकर में कढ़ी पत्ता, कटा हुआ हरा धनिया और ताजा पुदीना डालकर मिलाएं। अब इसमें हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, अदरक-लहसुन का पेस्ट, नमक और कटे हुए टमाटर शामिल करें। सभी मसालों और सामग्रियों को अच्छी तरह भूनने के बाद कुकर में आधा गिलास पानी डालें और ढक्कन बंद करके 3 सीटी आने तक पकाएं। इससे टमाटर पूरी तरह से गल जाएंगे और एक बेहतरीन ग्रेवी तैयार हो जाएगी। सीटी निकलने के बाद कुकर का ढक्कन खोलें और तैयार ग्रेवी में 2 गिलास पानी मिलाएं। इसके साथ ही कटी हुई गाजर, बीन्स, मटर और थोड़ा सा हरा धनिया डालकर पानी को अच्छी तरह उबलने दें। जैसे ही पानी में उबाल आने लगे, उसमें 100 ग्राम धुली हुई कंगनी और आधा नींबू का रस डाल दें। अब कुकर का ढक्कन दोबारा बंद करें और मध्यम आंच पर 3 सीटी आने तक इसे पकने दें। परोसने का अंदाज और स्वास्थ्य लाभ कुकर का दबाव स्वाभाविक रूप से खत्म होने के बाद ढक्कन हटाएं। आपकी गरमा-गरम और खुशबूदार कंगनी की तहरी बनकर पूरी तरह तैयार है। हैदराबाद की पारंपरिक खानपान संस्कृति में इसे सुबह के नाश्ते या दोपहर के खाने के वक्त परोसा जाता है। लोग इसे उबले हुए अंडे, लहसुन की आंबील या फिर दही-प्याज के ठंडे रायते के साथ खाना पसंद करते हैं। यह डिश कम कैलोरी और उच्च फाइबर से भरपूर होती है, जो इसे वजन घटाने के मिशन में लगे लोगों के लिए एक आदर्श आहार बनाती है। संतुलित डाइट फॉलो करने वाले लोगों के लिए यह हल्का, सुपाच्य और पौष्टिक भोजन का एक बेहतरीन विकल्प साबित होता है। इसका आप पर असर क्या पड़ेगा असर: सेहत के प्रति जागरूक लोगों और डायबिटीज या बीपी से पीड़ित मरीजों के लिए यह मिलेट आधारित व्यंजन स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन का एक नया और आसान विकल्प प्रदान करता है। • भारत में: देश भर में मिलेट्स के प्रति बढ़ते रुझान के बीच यह डिश घर पर आसानी से पौष्टिक भोजन तैयार करने का बेहतरीन जरिया है। इससे दैनिक खानपान में फाइबर और आवश्यक पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ाई जा सकती है। • हैदराबाद में: निजामों के शहर में पारंपरिक मटन और बीफ तहरी के शौकीनों के पास अब एक सेहतमंद और हल्का विकल्प उपलब्ध है। स्थानीय बाजारों में आसानी से मिलने वाली कंगनी से लोग घर पर ही इसे नाश्ते या दोपहर के खाने में तैयार कर सकते हैं। • स्वास्थ्य देखभाल: उच्च फाइबर और कम कैलोरी वाले इस आहार से शुगर और ब्लड प्रेशर के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। सही खानपान से पाचन संबंधी विकारों में भी राहत पाई जा सकती है। • वजन प्रबंधन: जो लोग वजन घटाने या संतुलित डाइट चार्ट का पालन कर रहे हैं, वे इसे बिना अतिरिक्त कैलोरी की चिंता के अपनी दैनिक डाइट में शामिल कर सकते हैं। सवाल-जवाब 1. कंगनी को तेलुगु और उर्दू में किस नाम से जाना जाता है? कंगनी को तेलुगु में 'कोर्रा बिय्यम' और उर्दू-दकनी में 'राल्ला' कहा जाता है। 2. कंगनी की तहरी बनाने के लिए कुल कितने पानी की जरूरत होती है? 100 ग्राम कंगनी के साथ तहरी बनाने के लिए कुल 2 से 2.5 गिलास पानी की आवश्यकता होती है। 3. प्रेशर कुकर में कुल कितनी बार सीटी लगानी पड़ती है? पहले टमाटर गलाने के लिए आधा गिलास पानी डालकर 3 सीटी और फिर कंगनी व सब्जियां मिलाने के बाद मध्यम आंच पर 3 सीटी लगानी होती है। 4. यह डिश किन स्वास्थ्य समस्याओं में ज्यादा फायदेमंद मानी जाती है? यह डायबिटीज (शुगर), हाई ब्लड प्रेशर (BP) और पाचन संबंधी दिक्कतों का सामना कर रहे लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है। 5. हैदराबाद में इसे आमतौर पर किन चीजों के साथ परोसा जाता है? इसे हैदराबाद में पारंपरिक रूप से उबले अंडे, लहसुन की आंबील या दही-प्याज के रायते के साथ परोसा जाता है। https://trendkia.com/food/hyderabad-ke-jayake-men-jura-sehata-ka-taraka-janie-mileta-se-bani-svadishta-tahari-ki-resipi-26080 TrendKia — Har trend, sabse pehle.