# इस आसान ट्रिक से बनेगी परफेक्ट साबूदाना खिचड़ी, चिपचिपेपन की समस्या होगी दूर

> सही तरीके से भिगोकर और सही तकनीक से पकाकर साबूदाना खिचड़ी को हल्का, खिला-खिला और स्वादिष्ट बनाया जा सकता है, जानिए पूरी रेसिपी और काम की टिप्स.

**Type:** article · **Category:** खानपान · **Published:** 2026-07-17 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/isa-asana-trika-se-banegi-paraphekta-sabudana-khichari-chipachipepana-ki-samasya-hogi-dura-8377 · **Language:** Hindi
**Tags:** साबूदाना खिचड़ी, व्रत रेसिपी, नाश्ता रेसिपी, साबूदाना रेसिपी, फलाहारी नाश्ता, इंडियन रेसिपी

सुबह के नाश्ते में कुछ हल्का लेकिन पेट भरने वाला बनाना हो तो साबूदाना खिचड़ी एक भरोसेमंद विकल्प बन जाती है. यह डिश घर के हर सदस्य को पसंद आती है, चाहे वह बच्चा हो या बुजुर्ग, और बनाने में ज़्यादा समय भी नहीं लगता. सही तरीके से पकाई जाए तो साबूदाना खिचड़ी का हर दाना अलग-अलग और नरम बनता है, यही वजह है कि यह अब सिर्फ व्रत के दिनों तक सीमित नहीं रही बल्कि रोज़ के नाश्ते की थाली में भी जगह बना चुकी है.

कई लोग सुबह ऑफिस निकलने से पहले या बच्चों के टिफिन के लिए भी यह खिचड़ी बनाना पसंद करते हैं क्योंकि यह जल्दी तैयार हो जाती है और देर तक पेट भरा रहने का एहसास देती है. हालांकि एक शिकायत अक्सर सुनने को मिलती है कि साबूदाना पकाते वक्त चिपचिपा हो जाता है और दाने आपस में चिपक जाते हैं. असल में इसकी वजह भिगोने का तरीका, पानी की मात्रा और पकाने का तरीका होती है. इन तीन बातों का ध्यान रखा जाए तो खिचड़ी हल्की, खिली-खिली और स्वादिष्ट बनती है.

## नाश्ते में साबूदाना खिचड़ी इतनी लोकप्रिय क्यों है
साबूदाना खिचड़ी को हल्का माना जाता है, लेकिन यह शरीर को झट से ऊर्जा भी दे देती है, इसलिए सुबह की भागदौड़ में यह एक व्यावहारिक विकल्प बन जाती है. इसमें डाला गया आलू, मूंगफली और घी इसके स्वाद को और गहरा बना देते हैं. कई घरों में इसे दही के साथ परोसने का चलन है, जिससे खट्टे-मीठे स्वाद का एक अलग ही मेल बन जाता है. सुबह जब समय कम हो और कुछ पौष्टिक और झटपट बनाना हो, तो यह रेसिपी काम आ सकती है.

## किन चीज़ों की ज़रूरत पड़ती है
इस खिचड़ी को बनाने के लिए भीगा हुआ साबूदाना, घी, जीरा, हरी मिर्च और उबले आलू मुख्य सामग्री हैं. इसके अलावा 1/4 कप भुनी हुई मूंगफली, जिसे दरदरा कूटा गया हो, स्वाद और बनावट दोनों में फर्क डालती है. स्वाद बढ़ाने के लिए 8 से 10 करी पत्ते डाले जा सकते हैं, हालांकि इन्हें डालना ज़रूरी नहीं, यह वैकल्पिक है. आखिर में स्वाद को ताज़गी देने के लिए नमक, नींबू का रस और करीब 2 टेबल स्पून बारीक कटी हुई धनिया पत्ती इस्तेमाल की जाती है.

## साबूदाना भिगोने का सही तरीका
खिचड़ी का पूरा स्वाद इस बात पर टिका होता है कि साबूदाना कैसे भिगोया गया है. सबसे पहले साबूदाने को अच्छी तरह पानी से धो लेना चाहिए ताकि उसमें मौजूद अतिरिक्त स्टार्च निकल जाए. इसके बाद इतना ही पानी डालें कि वह साबूदाने की सतह को बस छू ले, ज़्यादा पानी डालने से दाने आपस में चिपक सकते हैं. इसे ढककर 5 से 6 घंटे या पूरी रात के लिए रख देना चाहिए. भीगने के बाद बचा हुआ पानी पूरी तरह निकाल देना ज़रूरी है. साबूदाना तभी पकाने लायक माना जाता है जब उसे उंगलियों से हल्का सा दबाने पर वह आसानी से दब जाए.

## खिचड़ी बनाने की पूरी विधि
सबसे पहले एक कड़ाही में घी गर्म किया जाता है. इसमें जीरा डालकर चटकने दिया जाता है, फिर हरी मिर्च और करी पत्ते डाले जाते हैं. कुछ सेकंड तक भूनने से इनकी खुशबू घी में अच्छी तरह घुल जाती है.

इसके बाद उबले हुए आलू के छोटे टुकड़े डाले जाते हैं और दो से तीन मिनट तक उन्हें हल्का सुनहरा होने दिया जाता है, इससे आलू का स्वाद और बनावट दोनों निखर जाते हैं.

अगले चरण में भीगा और अच्छी तरह निथारा हुआ साबूदाना कड़ाही में डाला जाता है. इसके साथ दरदरी कुटी मूंगफली और नमक मिलाया जाता है. इसे मध्यम आंच पर हल्के हाथों से चलाते हुए 4 से 5 मिनट तक पकाया जाता है. यहां एक बात का खास ध्यान रखना ज़रूरी है, ज़्यादा देर तक पकाने पर साबूदाना चिपचिपा हो सकता है, इसलिए समय का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी है.

आखिर में गैस बंद करने के बाद नींबू का रस और बारीक कटी धनिया पत्ती मिलाई जाती है. इससे खिचड़ी हल्की और ताज़ा महसूस होती है. इसे दही, मूंगफली या नारियल की चटनी के साथ गरमागरम परोसा जा सकता है.

## दाना-दाना खिला-खिला बनाने के लिए काम की टिप्स
अगर हर दाना अलग-अलग दिखे, यह चाहते हैं तो साबूदाना भिगोते समय पानी की मात्रा ज़्यादा न रखें. मूंगफली को पहले भूनकर फिर दरदरा पीसने से स्वाद में फर्क साफ महसूस होता है. कुछ लोग स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें हल्की काली मिर्च या सेंधा नमक भी मिलाते हैं. अगर यह खिचड़ी बच्चों के लिए बनाई जा रही है, तो हरी मिर्च की मात्रा कम रखी जा सकती है ताकि तीखापन उन्हें ज़्यादा महसूस न हो, इससे बच्चे भी इसे आसानी से खा पाते हैं.

## इसका आप पर असर
**घर के लिए:** सही भिगोने और पकाने का तरीका अपनाकर रोज़ सुबह जल्दी में भी हल्का और पौष्टिक नाश्ता बनाया जा सकता है, खासकर ऑफिस जाने वालों और बच्चों के टिफिन के लिए यह तरीका समय भी बचाता है और खिचड़ी चिपचिपी भी नहीं होती.

## सवाल-जवाब

### 1. साबूदाना खिचड़ी चिपचिपी क्यों हो जाती है?
ज़्यादा पानी में भिगोने और ज़्यादा देर तक पकाने से साबूदाना आपस में चिपक जाता है.

### 2. साबूदाना कितनी देर भिगोना चाहिए?
साबूदाने को 5 से 6 घंटे या रातभर भिगोकर रखना चाहिए.

### 3. साबूदाना कब पकाने के लिए तैयार माना जाता है?
जब उसे उंगलियों से हल्का दबाने पर वह आसानी से दब जाए, तब वह पकाने के लिए तैयार होता है.

### 4. खिचड़ी में कौन-कौन सी सामग्री डाली जाती है?
घी, जीरा, हरी मिर्च, करी पत्ते, उबले आलू, भुनी मूंगफली, नमक, नींबू का रस और धनिया पत्ती इस्तेमाल होती है.

### 5. खिचड़ी को किसके साथ परोसा जा सकता है?
इसे दही, मूंगफली या नारियल की चटनी के साथ गरमागरम परोसा जा सकता है.

### 6. बच्चों के लिए खिचड़ी बनाते समय क्या ध्यान रखें?
बच्चों के लिए बनाते वक्त हरी मिर्च की मात्रा कम रखी जा सकती है ताकि तीखापन कम महसूस हो.

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