जमशेदपुर के बाराद्वारी मैदान के पास 30 साल से सजती है 30 रुपये वाली खास आलू टिकिया चाट, शाम 4 बजते ही उमड़ती है भीड़ जमशेदपुर के बाराद्वारी मैदान के पास स्थित शिव शंभू चाट भंडार पर पिछले तीन दशकों से जायके का जादू बरकरार है, जहां महज 30 रुपये में खास सामग्रियों से तैयार गरमा-गरम आलू टिकिया चाट परोसी जाती है। झारखंड का औद्योगिक शहर जमशेदपुर अपने लजीज स्ट्रीट फूड और खान-पान की अनोखी संस्कृति के लिए खूब पहचाना जाता है। सुबह के पारंपरिक नाश्ते से लेकर देर रात के भोजन तक, यहां हर कोने पर स्वाद के शौकीनों के लिए बेहतरीन विकल्प मौजूद रहते हैं। अगर शाम ढलते ही किसी चटपटे और गरमा-गरम नाश्ते की चाह हो, तो बाराद्वारी मैदान के समीप सजने वाला स्वाद का एक पुराना ठिकाना लोगों का पसंदीदा केंद्र बन चुका है। यहां शाम के ठीक 4 बजते ही आलू की टिकिया चाट की सौंधी खुशबू हवा में तैरने लगती है और देखते ही देखते ग्राहकों का तांता लग जाता है। तीन दशकों से कायम है स्वाद की धाक इस प्रसिद्ध ठिकाने का नाम शिव शंभू चाट भंडार है, जिसकी देखरेख संचालक मनीष करते हैं। मनीष पिछले करीब 30 वर्षों से लगातार इस दुकान के जरिए लोगों को वही पुराना और प्रामाणिक स्वाद परोस रहे हैं। पिछले तीन दशकों के दौरान जमशेदपुर शहर के भीतर दर्जनों नए रेस्तरां और आधुनिक कैफे खुले, मगर इस साधारण सी चाट दुकान का आकर्षण जरा भी कम नहीं हुआ। कई पुराने ग्राहक तो ऐसे हैं जो शहर के दूर-दराज इलाकों से केवल इस खास चाट का लुत्फ उठाने यहां पहुंचते हैं। उनके लिए शाम के समय मनीष की चाट खाए बिना दिन पूरा ही नहीं माना जाता। घर के मसालों और चटनी से बनता है नायाब जायका इस चाट को तैयार करने का सलीका भी बेहद खास और सधा हुआ है। सबसे पहले आलू से तैयार की गई बेहद नरम और कुरकुरी टिकिया को प्लेट में रखा जाता है। इसके फौरन बाद उस पर खौलती हुई गरमा-गरम मटर डाली जाती है। चाट को असली पहचान देती है यहां की खास खट्टी-मीठी चटनी, जो पूरे स्वाद को एक अलग स्तर पर पहुंचा देती है। इसके अलावा दुकान पर घर में ही तैयार किए जाने वाले चार से पांच तरह के चुनिंदा गरम मसालों का विशेष छिड़काव किया जाता है, जो इसकी खुशबू और तीखेपन को संतुलित रखते हैं। अनारदाना और पापड़ी से सजती है 30 रुपये की प्लेट चाट की सजावट और सामग्री का तालमेल भी ग्राहकों को खूब आकर्षित करता है। मसालों और चटनी के ऊपर बारीक बेसन का सेव, बेहद कुरकुरी पापड़ी, ताजा अनारदाना, बारीक कटा प्याज और हरी धनिया पत्ती डालकर प्लेट तैयार की जाती है। जब यह सजी हुई प्लेट सामने आती है, तो नरम टिकिया, गरम मटर और पापड़ी के कुरकुरेपन का अनूठा संगम हर निवाले को बेहद स्वादिष्ट बना देता है। इसी संतुलित बनावट और स्वाद की वजह से ज्यादातर लोग एक प्लेट खत्म करते ही दूसरी प्लेट की मांग करने लगते हैं। इस पूरे जायके की सबसे बड़ी खूबी इसका बेहद किफायती होना है। इतनी सारी ताजी सामग्रियों, विशेष मसालों और पारंपरिक तैयारी के बावजूद एक प्लेट टिकिया चाट की कीमत केवल 30 रुपये रखी गई है। शाम 4 बजे से शुरू होने वाला यह जायका दोस्तों और परिवार के साथ शाम बिताने वालों के लिए एक बेहतरीन और सस्ता विकल्प बना हुआ है। इसका आप पर असर यह खबर जमशेदपुर के निवासियों और स्ट्रीट फूड प्रेमियों के लिए किफायती और प्रामाणिक खान-पान का बेहतरीन विकल्प पेश करती है। • जमशेदपुर में: शहर के लोग बाराद्वारी मैदान के पास शाम 4 बजे से केवल 30 रुपये में शुद्ध और पारंपरिक आलू टिकिया चाट का स्वाद ले सकते हैं। बिना ज्यादा पैसे खर्च किए दोस्तों और परिजनों के साथ शाम का नाश्ता करने के लिए यह एक भरोसेमंद स्थान है। • भारत में: देशभर के स्ट्रीट फूड प्रेमियों के लिए यह खबर दर्शाती है कि तीन दशकों पुरानी पारंपरिक रेसिपी आज भी आधुनिक कैफे संस्कृति को टक्कर दे रही है। शहर घूमने आने वाले पर्यटक कम बजट में स्थानीय स्वाद की सूची में इसे शामिल कर सकते हैं। • किफायती खान-पान: महंगाई के दौर में भी 30 रुपये की मामूली दर पर ताजी सामग्री और अनारदाने से युक्त पौष्टिक नाश्ता उपलब्ध है। छात्र और कामकाजी युवा बजट बिगड़े बिना नियमित रूप से इसका आनंद ले सकते हैं। • समय और योजना: यह दुकान शाम को ठीक 4 बजे खुलती है, इसलिए ताजी और गरमा-गरम टिक्की खाने के लिए समय पर पहुंचना बेहतर रहता है। शाम ढलते ही भीड़ बढ़ने के कारण ग्राहकों को समय का ध्यान रखकर योजना बनानी चाहिए। ऐसा क्यों हुआ बाराद्वारी मैदान के समीप स्थित इस चाट की दुकान की तीन दशकों से चली आ रही लोकप्रियता के पीछे पारंपरिक स्वाद, भरोसेमंद गुणवत्ता और बेहद कम कीमत जैसे प्रमुख कारण शामिल हैं। • स्वादिष्ट और सधी हुई रेसिपी: मनीष आलू की नरम टिकिया पर गरमा-गरम मटर, घर में पीसे गए चार से पांच तरह के मसाले और खट्टी-मीठी चटनी का संतुलित मिश्रण डालते हैं। यह विशेष संयोजन स्वाद को अनोखा बनाता है जिसे ग्राहक लंबे समय तक याद रखते हैं। • कुरकुरेपन और ताजी सामग्री का संगम: चाट के ऊपर बेसन का बारीक सेव, कुरकुरी पापड़ी, अनारदाना और बारीक कटा प्याज डाला जाता है। यह सजावट हर निवाले में अलग-अलग बनावट और ताजा स्वाद देती है जिससे ग्राहक बार-बार खिंचे चले आते हैं। • अत्यंत किफायती दाम: शहर में तरह-तरह के महंगे खान-पान विकल्प आने के बावजूद इस दुकान ने टिकिया चाट की कीमत केवल 30 रुपये रखी है। सस्ता होने के कारण सभी वर्गों के लोग नियमित रूप से यहां आते हैं। • विश्वसनीयता और निरंतरता: मनीष लगभग 30 वर्षों से एक ही जगह पर निश्चित समय यानी शाम 4 बजे से सेवाएं दे रहे हैं। स्वाद और सेवा में आए इसी स्थायित्व ने दशकों से पुराने ग्राहकों का भरोसा बांधे रखा है। सवाल-जवाब 1. यह प्रसिद्ध चाट भंडार जमशेदपुर में किस स्थान पर स्थित है? यह दुकान झारखंड के जमशेदपुर में बाराद्वारी मैदान के समीप स्थित है और इसका नाम शिव शंभू चाट भंडार है। 2. शिव शंभू चाट भंडार पर एक प्लेट टिकिया चाट की कीमत कितनी है? इस दुकान पर मिलने वाली विशेष आलू टिकिया चाट की एक प्लेट की कीमत मात्र 30 रुपये है। 3. यह दुकान कितने वर्षों से संचालित हो रही है और इसके संचालक कौन हैं? इस दुकान का संचालन मनीष कर रहे हैं और वह पिछले करीब 30 वर्षों से लगातार यह चाट भंडार चला रहे हैं। 4. चाट की दुकान शाम को किस समय खुलती है? बाराद्वारी मैदान के पास यह दुकान रोजाना शाम ठीक 4 बजे खुलती है। 5. इस टिकिया चाट को तैयार करने में कौन-कौन सी मुख्य सामग्रियां शामिल हैं? इसमें नरम आलू टिकिया, गरम मटर, खट्टी-मीठी चटनी, 4-5 घर के बने गरम मसाले, बारीक सेव, कुरकुरी पापड़ी, अनारदाना, प्याज और हरा धनिया डाला जाता है। https://trendkia.com/food/jamshedpur-ke-baradwari-maidana-ke-pasa-30-sala-se-sajati-hai-30-rupaye-vali-khasa-alu-tikiya-chata-shama-4-bajate-hi-umarati-hai--57862 TrendKia — Har trend, sabse pehle.