जमशेदपुर के कदमा गणेश पूजा मैदान में खुला क्रिकेट थीम वाला फूड स्टॉल टेस्टी टंग, धोनी और विराट के नाम पर हैं लजीज व्यंजन समस्तीपुर जिले के पूर्व क्रिकेट कप्तान पुष्पराज सिंह ने जमशेदपुर में 'टेस्टी टंग' नाम से क्रिकेट थीम वाला फूड स्टॉल शुरू किया है, जहां दिग्गजों के नाम पर व्यंजन परोसे जाते हैं। जमशेदपुर शहर में खेल प्रेमियों की कोई कमी नहीं है, लेकिन कदमा गणेश पूजा मैदान में लगने वाला एक नया खानपान का ठिकाना लोगों के बीच विशेष चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यहां खेल का रोमांच और जायके का स्वाद एक साथ परोसा जा रहा है। इस अनोखे फूड स्टॉल का नाम 'टेस्टी टंग' है, जिसे समस्तीपुर जिले के पूर्व क्रिकेट कप्तान पुष्पराज सिंह चलाते हैं। लंबे समय तक मैदान पर खेलने वाले पुष्पराज ने क्रिकेट के प्रति अपने जुनून को अब खाने की थाली में उतार दिया है। उनके इस अनूठे विचार ने शहर के खाने-पीने के शौकीनों और खेल प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। क्रिकेट के जुनून से जन्मा अनोखा बिजनेस आइडिया पुष्पराज सिंह के जीवन में क्रिकेट हमेशा से एक खास मुकाम रखता आया है। वह बिहार के समस्तीपुर जिले की क्रिकेट टीम के कप्तान के रूप में मैदान पर सक्रिय रह चुके हैं। खेल के मैदान से दूर होने के बाद भी उनका यह लगाव कभी कम नहीं हुआ। जब उन्होंने खानपान के क्षेत्र में कदम रखने की योजना बनाई, तो उन्होंने साधारण भोजनालय खोलने के बजाय अपने जुनून को इसमें शामिल करने का निर्णय लिया। उनका मानना है कि जब किसी व्यवसाय को अपनी व्यक्तिगत पसंद से जोड़ा जाता है, तो उसमें एक अलग ही ऊर्जा आ जाती है। इसी सोच के तहत उन्होंने अपने फूड स्टॉल के पूरे मेनू को ही भारतीय क्रिकेट के दिग्गजों के नाम पर तैयार कर दिया। मेनू कार्ड देखकर चौंक जाते हैं ग्राहक हर शाम करीब 5 बजे कदमा गणेश पूजा मैदान में 'टेस्टी टंग' स्टॉल सज जाता है। जैसे ही लोग यहां पहुंचते हैं, सबसे पहले उनकी नजर वहां रखे मेनू कार्ड पर पड़ती है। आम तौर पर स्टालों पर साधारण व्यंजनों के नाम लिखे होते हैं, लेकिन यहां का मेनू पूरी तरह अलग है। लोग मेनू देखकर न सिर्फ हैरान होते हैं, बल्कि अपने मोबाइल से उसकी तस्वीरें भी लेने लगते हैं। खाने का ऑर्डर तय करते समय कई लोग स्वाद से ज्यादा अपने पसंदीदा खिलाड़ी के नाम को प्राथमिकता देते हैं और उसी डिश का स्वाद चखना पसंद करते हैं। मेनू में शामिल प्रमुख स्पेशल डिशेज इस स्पेशल मेनू में हर किसी के स्वाद का ध्यान रखा गया है। शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह के भोजन प्रेमियों के लिए मशहूर खिलाड़ियों के नाम पर लजीज विकल्प मौजूद हैं • पंड्या का पनीर पराठा: पनीर और मसालों से भरपूर पराठा जो युवा वर्ग के बीच काफी लोकप्रिय है। • शुभमन गिल का सत्तू पराठा: पारंपरिक सत्तू की भरावन के साथ तैयार किया गया सेहतमंद पराठा। • विराट का कढ़ाई चिकन: तीखे और चटपटे स्वादों से सजा खास चिकन व्यंजन। • सचिन की प्योर वेज थाली: शुद्ध शाकाहारी भोजन करने वालों के लिए एक संतुलित और पूरा खाना। • धोनी की मटन थाली: झारखंड के चहेते स्टार के नाम पर परोसी जाने वाली खास मटन थाली। लाइव कुकिंग और हाइजीन का पूरा ध्यान टेस्टी टंग की बढ़ती लोकप्रियता का कारण सिर्फ इसका अनोखा मेनू नहीं है, बल्कि यहां खाने की गुणवत्ता और सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। ग्राहक जब अपना ऑर्डर देते हैं, तो उनके सामने ही खाना तैयार किया जाता है। इस लाइव कुकिंग व्यवस्था से ग्राहकों को शुद्धता का भरोसा मिलता है। वे खुद देख सकते हैं कि उनका खाना किन सामग्रियों से और किस तरह बनाया जा रहा है। इसके साथ ही बेहद किफायती दाम में पेट भर भोजन उपलब्ध कराए जाने के कारण यहां हर शाम युवाओं, परिवारों और खेल प्रेमियों का जमावड़ा लगा रहता है। 8 महिलाओं की टीम संभालती है स्टॉल की कमान पुष्पराज सिंह का यह उद्यम केवल स्वाद और खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सरोकार की भी एक मिसाल पेश कर रहा है। उन्होंने अपने इस कारोबार के जरिए स्थानीय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया है। उनके स्टॉल पर करीब 8 महिलाएं काम करती हैं, जो रसोई की जिम्मेदारी से लेकर पूरे स्टॉल के प्रबंधन का काम संभालती हैं। पुष्पराज का कहना है कि अपने व्यवसाय के साथ दूसरों को रोजगार के अवसर प्रदान करना बेहद संतोषजनक होता है। महिलाओं की यह टीम ग्राहकों के लिए गरमा-गरम खाना बनाने से लेकर स्टॉल की व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने तक का हर काम बखूबी निभा रही है। स्वाद और क्रिकेट प्रेम का बेहतरीन संगम कदमा गणेश पूजा मैदान में शाम 5 बजे के बाद का माहौल काफी खुशनुमा रहता है। अगर कोई व्यक्ति खाने के साथ-साथ क्रिकेट के माहौल का आनंद लेना चाहता है, तो यह स्टॉल उसके लिए एक आदर्श जगह बन चुका है। कम बजट में गुणवत्तापूर्ण खाना, स्वच्छ वातावरण, लाइव कुकिंग और पसंदीदा खिलाड़ियों के नाम से जुड़ी डिशेज इसे शहर के अन्य फूड स्टालों से अलग बनाती हैं। यही कारण है कि 'टेस्टी टंग' बहुत जल्द जमशेदपुर की एक लोकप्रिय खाने-पीने की जगह के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। इसका आप पर असर यह पहल दिखाती है कि कैसे व्यक्तिगत जुनून को अनोखे व्यावसायिक विचार में बदलकर स्थानीय स्तर पर रोजगार और बेहतर स्वाद दोनों दिए जा सकते हैं। • भारत में: अन्य शहरों के नए उद्यमी और खेल प्रेमी इस मॉडल से सीख लेकर अपने क्षेत्रों में थीम-आधारित फूड वेंचर शुरू कर सकते हैं। इससे माइक्रो-एंटरप्राइज को बढ़ावा मिलता है। • जमशेदपुर में: स्थानीय निवासी और क्रिकेट प्रेमी कदमा गणेश पूजा मैदान में शाम 5 बजे के बाद बेहद कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण और हाइजीनिक लाइव भोजन का आनंद ले सकते हैं। • महिला रोजगार: स्थानीय स्तर पर करीब 8 महिलाओं को सम्मानजनक काम मिला है, जिससे वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में सक्षम हुई हैं। • पारदर्शिता और स्वास्थ्य: ग्राहकों के सामने लाइव कुकिंग होने से भोजन की ताजगी और सफाई की चिंता खत्म हो जाती है, जो बाहर खाने वालों के लिए बड़ी राहत है। सवाल-जवाब 1. कहां स्थित है यह क्रिकेट थीम वाला फूड स्टॉल? यह फूड स्टॉल झारखंड के जमशेदपुर स्थित कदमा गणेश पूजा मैदान में लगता है। 2. स्टॉल के मालिक कौन हैं और उनका खेल से क्या संबंध है? इस स्टॉल को पुष्पराज सिंह चलाते हैं, जो बिहार के समस्तीपुर जिले की क्रिकेट टीम के कप्तान रह चुके हैं। 3. टेस्टी टंग स्टॉल पर कौन-कौन सी खास डिशेज मिलती हैं? यहां 'पंड्या का पनीर पराठा', 'शुभमन गिल का सत्तू पराठा', 'विराट का कढ़ाई चिकन', 'सचिन की प्योर वेज थाली' और 'धोनी की मटन थाली' मिलती हैं। 4. इस स्टॉल की टाइमिंग क्या है? यह स्टॉल हर शाम लगभग 5 बजे से जमशेदपुर के कदमा गणेश पूजा मैदान में सज जाता है। 5. इस फूड स्टॉल में खाना बनाने और प्रबंधन की क्या खासियत है? यहां ग्राहकों के सामने लाइव कुकिंग की जाती है और करीब 8 महिलाओं की टीम मिलकर खाना बनाने से लेकर स्टॉल की व्यवस्था संभालती है। 6. स्टॉल का नाम क्या है? इस क्रिकेट थीम वाले फूड स्टॉल का नाम 'टेस्टी टंग' है। प्रेरणा और सबक पुष्पराज सिंह की यह कहानी बताती है कि अपने जुनून को किसी नए व्यवसाय में ढालकर कैसे सफलता और सामाजिक बदलाव दोनों पाए जा सकते हैं। • जुनून को व्यवसाय में बदलें: अपनी पसंद या खेल के प्रति लगाव को नए बिजनेस आइडिया में शामिल करने से पहचान जल्दी मिलती है। • रचनात्मक मार्केटिंग का इस्तेमाल: साधारण मेनू के बजाय यूनिक और थीम-आधारित नाम रखने से ग्राहक स्वाभाविक रूप से आकर्षित होते हैं। • दूसरों को साथ लेकर आगे बढ़ें: अपने काम के साथ-साथ समाज की महिलाओं को रोजगार देकर आत्मनिर्भर बनाना वास्तविक सफलता की निशानी है। • पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर: ग्राहकों के सामने लाइव कुकिंग और सफाई का ध्यान रखना लंबे समय तक ग्राहकों का भरोसा बनाए रखता है। https://trendkia.com/food/jamshedpur-ke-kadma-ganesh-puja-maidan-men-khula-kriketa-thima-vala-phuda-stola-tasty-tongue-dhoni-aura-virat-ke-nama-para-hain-la-26134 TrendKia — Har trend, sabse pehle.