जन्माष्टमी और सावन में घर पर तैयार करें मावा-खरबूजा बीज की मलाईदार बर्फी, यूं बनेगी परफेक्ट सावन और जन्माष्टमी के मौके पर घर पर आसानी से बनाई जा सकने वाली मावा और खरबूजे के बीज की बर्फी की पूरी रेसिपी, जो स्वाद में लाजवाब और झटपट तैयार होने वाली है। सावन का महीना शुरू होते ही घरों में पूजा-पाठ और व्रत के साथ मिठाइयां बनाने की तैयारी भी शुरू हो जाती है, और कुछ ही हफ्तों बाद श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भगवान को खास भोग चढ़ाने की परंपरा निभाई जाती है। ऐसे मौकों पर ज्यादातर परिवार बाजार से मिठाई मंगवा लेते हैं, लेकिन मिलावट की लगातार आती खबरों की वजह से कई लोग अब घर पर ही शुद्ध मिठाई बनाना पसंद कर रहे हैं। अगर आप भी इस बार कुछ अलग और स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं तो मावा और खरबूजे के बीज से तैयार होने वाली बर्फी एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। मावा की मलाईदार मिठास और खरबूजे के बीजों की हल्की कुरकुराहट मिलकर ऐसा जायका बनाती है कि एक बार चखने के बाद हर कोई तारीफ किए बिना नहीं रहता। इस मिठाई को बनाने में न तो ज्यादा मेहनत लगती है और न ही बहुत लंबा समय, यही वजह है कि यह सावन, जन्माष्टमी या किसी भी खास मौके पर घर में झटपट तैयार की जा सकती है। अगर आप चाहते हैं कि इस बार मेहमान आपके हाथ की बनी मिठाई की तारीफ करते रह जाएं, तो यह आसान रेसिपी एक बार जरूर आजमाकर देखें। बर्फी बनाने के लिए क्या चाहिए इस बर्फी को बनाने के लिए मुख्य सामग्री में खरबूजे के बीज, करीब 1.5 कप यानी लगभग 250 ग्राम मावा या खोया, आधा छोटा चम्मच हरी इलायची पाउडर, चीनी, पानी, देसी घी और सजावट के लिए पिस्ता की कतरन शामिल हैं। चाहें तो स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए थोड़ा केसर भी डाला जा सकता है। खरबूजे के बीजों को सही तरीके से भूनना सबसे पहले एक भारी तले की कढ़ाई को हल्का गर्म कर लें। इसमें बिना घी डाले सीधे खरबूजे के बीज डाल दें और धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए 2 से 3 मिनट तक भूनें। जैसे ही बीज हल्के फूलने लगें और उनसे खुशबू उठने लगे, उन्हें तुरंत कढ़ाई से निकालकर अलग प्लेट में रख दें। इस स्टेप में जरा सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है, क्योंकि ज्यादा भूनने पर बीजों का स्वाद कड़वा हो जाता है और पूरी बर्फी का जायका बिगड़ सकता है। मावा को भूनकर तैयार करना अब उसी कढ़ाई में दो चम्मच देसी घी डालें और गैस धीमी रखें। इसमें कद्दूकस किया हुआ मावा डालकर 4 से 5 मिनट तक लगातार चलाते हुए भूनें। जब मावा का रंग हल्का सुनहरा होने लगे और कढ़ाई से अच्छी खुशबू आने लगे, तो समझ लें कि यह तैयार है। इस स्टेज पर गैस बंद कर दें और मावे को थोड़ी देर के लिए ठंडा होने दें। एक तार की चाशनी बनाने का तरीका एक अलग बर्तन में चीनी और आधा कप पानी डालकर मध्यम आंच पर पकने के लिए रख दें। जब चाशनी थोड़ी गाढ़ी होने लगे, तब इसकी जांच करने के लिए उंगली और अंगूठे के बीच थोड़ी सी चाशनी लेकर चिपकाएं, अगर उनके बीच एक पतला तार बनता है तो समझ लीजिए कि चाशनी बर्फी के लिए एकदम सही तैयार हो चुकी है। मिश्रण को पकाकर जमाने की विधि तैयार चाशनी में भुना हुआ मावा, भुने हुए खरबूजे के बीज और हरी इलायची पाउडर मिला दें। अब गैस चालू रखते हुए इस मिश्रण को लगातार चलाते हुए पकाएं, जब यह गाढ़ा होकर कढ़ाई की सतह छोड़ने लगे, तब समझ जाइए कि मिश्रण तैयार हो चुका है और गैस बंद कर दें। इसके बाद किसी थाली या बर्फी ट्रे में हल्का घी लगाकर उसे चिकना कर लें और तैयार मिश्रण उसमें डाल दें। चम्मच या स्पैटुला की मदद से इसे बराबर मोटाई में फैलाएं और ऊपर से पिस्ता की कतरन डालकर हल्के हाथों से दबा दें। अब इसे 1 से 2 घंटे के लिए यूं ही सेट होने दें। जब यह पूरी तरह जम जाए, तब चाकू की मदद से इसे मनचाहे आकार के टुकड़ों में काट लें। बेहतर स्वाद के लिए इन बातों का रखें ध्यान • बर्फी बनाने के लिए हमेशा ताजा मावा ही इस्तेमाल करें। • चाशनी को कभी भी एक तार से ज्यादा गाढ़ा न होने दें, वरना बर्फी की बनावट बिगड़ सकती है। • चाहें तो थोड़ा केसर मिलाकर इसका स्वाद और खुशबू और बढ़ाई जा सकती है। • एयरटाइट डिब्बे में रखने पर यह बर्फी 4 से 5 दिन तक बिल्कुल ताजा बनी रहती है। त्योहारों के लिए क्यों है यह खास सावन, जन्माष्टमी या रक्षाबंधन जैसे किसी भी शुभ मौके पर यह बर्फी एक शानदार विकल्प बन सकती है। इसे भगवान श्रीकृष्ण को भोग के तौर पर भी अर्पित किया जा सकता है। घर पर बनी होने की वजह से इसमें शुद्धता और ताजगी दोनों बनी रहती हैं, यही वजह है कि यह बाजार में मिलने वाली कई मिठाइयों के मुकाबले कहीं बेहतर साबित होती है। इसका आप पर असर • घर पर मिठाई बनाने वालों के लिए: मिलावट की चिंता से बचकर सावन और जन्माष्टमी पर परिवार के लिए घर पर ही शुद्ध, सस्ती और स्वादिष्ट बर्फी तैयार की जा सकती है, जो सिर्फ डेढ़-दो घंटे में बनकर तैयार हो जाती है और एयरटाइट डिब्बे में 4 से 5 दिन तक ताजा रहती है। सवाल-जवाब 1. मावा और खरबूजे के बीज की बर्फी बनाने में कितना समय लगता है? बीज और मावा भूनने से लेकर बर्फी जमने तक कुल मिलाकर करीब 1.5 से 2 घंटे का समय लगता है, जिसमें ज्यादातर समय बर्फी को सेट होने में जाता है। 2. इस बर्फी के लिए कितना मावा चाहिए? करीब 1.5 कप यानी लगभग 250 ग्राम मावा या खोया इस्तेमाल किया जाता है। 3. चाशनी सही तैयार हुई है या नहीं, यह कैसे पता चलेगा? चाशनी को उंगली और अंगूठे के बीच चिपकाकर देखें, अगर एक पतला तार बनता है तो चाशनी बर्फी के लिए तैयार है। 4. खरबूजे के बीज भूनते समय किस बात का ध्यान रखना चाहिए? बीजों को बिना घी डाले धीमी आंच पर सिर्फ 2 से 3 मिनट तक भूनना चाहिए, ज्यादा भूनने पर उनका स्वाद कड़वा हो सकता है। 5. यह बर्फी कितने दिनों तक ताजा रहती है? एयरटाइट डिब्बे में रखने पर यह बर्फी 4 से 5 दिन तक ताजा बनी रहती है। 6. क्या इस बर्फी में स्वाद बढ़ाने के लिए कुछ और डाला जा सकता है? हां, चाहें तो थोड़ा केसर डालकर इसका स्वाद और खुशबू और बढ़ाई जा सकती है। 7. यह बर्फी किन मौकों पर बनाई जा सकती है? यह सावन, जन्माष्टमी, रक्षाबंधन या किसी भी शुभ मौके पर बनाई जा सकती है और भगवान श्रीकृष्ण को भोग के रूप में भी चढ़ाई जा सकती है। https://trendkia.com/food/janmashtami-aura-savana-men-ghara-para-taiyara-karen-mava-kharabuja-bija-ki-malaidara-barphi-yun-banegi-paraphekta-8592 TrendKia — Har trend, sabse pehle.