# जन्माष्टमी पर घर में बिना गैस जलाएं ऐसे तैयार करें चार तरह की मिठाइयां

> श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर बिना गैस का इस्तेमाल किए सिर्फ एक ही बेस डो से चार अलग-अलग तरह की स्वादिष्ट मिठाइयां आसानी से बनाई जा सकती हैं।

**Type:** article · **Category:** खानपान · **Published:** 2026-09-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/janmashtami-par-ghar-mein-bina-gas-jalaye-aise-tyar-karein-char-tarah-ki-mithaiyan-27398 · **Language:** Hindi
**Tags:** जन्माष्टमी, मिठाई, काजू कतली, व्रत रेसिपी, लड्डू गोपाल, त्योहार

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व नजदीक आते ही घरों में तरह-तरह के पकवानों और मिठाइयों की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। इस उत्सव में लड्डू गोपाल को माखन-मिश्री के अलावा विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाने की पुरानी परंपरा है। त्योहार के इस खास सीजन में हलवाई की दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ती है और मिठाइयों में मिलावट होने का अंदेशा भी काफी बढ़ जाता है। ऐसे में स्वास्थ्य और शुद्धता का ध्यान रखते हुए घर पर ही कम समय के भीतर बेहतरीन मिठाइयां तैयार करना एक बेहतरीन विकल्प साबित होता है। सबसे खास बात यह है कि इन लजीज व्यंजनों को बनाने के लिए आपको गैस चूल्हा जलाने की भी आवश्यकता नहीं पड़ेगी। एक ही मुख्य मिश्रण या बेस से मटकी बर्फी, अमरूद बर्फी, रंग-बिरंगे पेड़े और काजू कतली जैसी बेहतरीन चीजें बनाई जा सकती हैं। इस आसान रेसिपी को शेफ शालू तिवारी ने तैयार किया है, जिनके अनुसार यह भोग न केवल स्वाद में लाजवाब है बल्कि दिखने में भी बेहद मनमोहक है और इसे तैयार करने में बच्चे भी आसानी से हाथ बंटा सकते हैं।

## एक ही डो से कैसे बनाएं चार अलग-अलग मिठाइयां
इस पूरी प्रक्रिया को शुरू करने के लिए कुछ बुनियादी और घर में आसानी से मिलने वाली सामग्रियों की जरूरत होती है। आपको एक कटोरी काजू, एक कटोरी डेसीकेटेड नारियल का बुरादा, एक कटोरी मिल्क पाउडर और अपनी पसंद या स्वाद के अनुसार पिसी हुई चीनी यानी बूरा लेना होगा। पूरे मिश्रण को गूंथकर एक ठोस डो बनाने के लिए लगभग तीन से चार चम्मच दूध की आवश्यकता पड़ेगी। इसके अलावा सजावट के लिए हरा, पीला और नारंगी फूड कलर, चांदी का वर्क और हाथों में लगाने के लिए थोड़ा सा घी पास में रख लें। सबसे पहले मिक्सी के जार में काजू, मिल्क पाउडर, नारियल का बुरादा और पिसी हुई चीनी को एक साथ डालकर अच्छी तरह से बारीक पीस लें। इस पिसे हुए सूखे मिश्रण को एक बर्तन में निकाल लें और फिर इसमें थोड़ा-थोड़ा करके दूध मिलाते जाएं। इसे हल्के हाथों से गूंथते हुए एक चिकना और ठोस डो तैयार कर लें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि दूध एक ही बार में ज्यादा मात्रा में न डालें, अन्यथा मिश्रण जरूरत से ज्यादा नरम हो सकता है और आकार बिगड़ सकता है।

## मटकी बर्फी और अमरूद बर्फी बनाने की आसान विधि
तैयार किए गए मुख्य डो का थोड़ा सा हिस्सा अलग निकालकर उसमें नारंगी रंग अच्छी तरह से मिला लें। अब इस नारंगी हिस्से की एक छोटी सी लोई बनाकर उसे अंगूठे की मदद से कटोरी जैसा आकार दें। इसके बीच में सफेद डो की एक छोटी सी गोली रखें और इसे एक सुंदर मटकी का रूप दें। इसके बाद एक टूथपिक की सहायता से इस मटकी पर मनचाहा डिजाइन उकेर लें। हरे और पीले रंग की बेहद पतली स्ट्रिप्स बनाकर इस पर चिपकाने से यह मटकी दिखने में और भी ज्यादा आकर्षक लगने लगती है। इसी प्रकार अमरूद बर्फी तैयार करने के लिए पीले रंग के डो की एक छोटी गोली बनाएं और उसे चारों तरफ से हरे रंग के डो की परत से ढक दें। अब ऊपर से चाकू की हल्की सी नोक से चार कट लगा दें, जिससे यह बिल्कुल कटे हुए ताजे अमरूद की तरह दिखाई देने लगे। जो सफेद डो बाकी बचा है, उससे छोटे-छोटे सुंदर पेड़े तैयार किए जा सकते हैं और उन्हें अलग-अलग रंगों से सजाया जा सकता है।

## झटपट तैयार करें शानदार काजू कतली
बचे हुए सारे सफेद डो को एक साफ प्लेट या समतल सतह पर रखें और बेलन की सहायता से हल्के हाथों से पतला बेल लें। इसके ऊपर सावधानी से चांदी का वर्क लगाएं ताकि पारंपरिक लुक मिल सके और फिर चाकू की मदद से इसे करीने से डायमंड शेप यानी बर्फी के आकार में काट लें। इस तरह से बिना किसी झंझट के घर पर ही बिल्कुल बाजार जैसी काजू कतली बनकर तैयार हो जाती है। इन सभी मिठाइयों को बनाने में गैस जलाने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं पड़ती है और समय भी बहुत कम लगता है। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर घर पर बनी इन शुद्ध मिठाइयों को लड्डू गोपाल को समर्पित करें और फिर प्रसाद के रूप में सभी को वितरित करें। बाजार की मिलावटी मिठाइयों से दूर रहने का यह तरीका स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिहाज से भी बहुत खास रहता है और त्योहार के आनंद को कई गुना बढ़ा देता है।

## इसका आप पर असर
बिना गैस जलाए घर पर शुद्ध मिठाइयां तैयार करने से त्योहारी सीजन में बाजार की मिलावट से बचाव होता है और स्वास्थ्य बेहतर रहता है।

- **भारत में:** देशभर के परिवारों को त्योहारों के दौरान बाजार की महंगी और मिलावटी मिठाइयों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है।
- **रसोई और बजट पर असर:** घर पर कम लागत में आसानी से बनने वाली इन मिठाइयों से समय की बचत होती है और घरेलू बजट भी संतुलित रहता है।
- **शुद्धता की गारंटी:** खुद सामग्री चुनकर घर पर ही भोग तैयार करने से धार्मिक अनुष्ठानों में पूर्ण पवित्रता और शुद्धता बनी रहती है।
- **बच्चों की भागीदारी:** आसान विधियों के कारण परिवार के छोटे बच्चे भी इस रचनात्मक प्रक्रिया में आसानी से हिस्सा ले सकते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. जन्माष्टमी पर बिना गैस जलाए कौन-कौन सी मिठाइयां बनाई जा सकती हैं?
एक ही बेस मिश्रण से मटकी बर्फी, अमरूद बर्फी, रंग-बिरंगे पेड़े और काजू कतली बनाई जा सकती है।

### 2. इस रेसिपी के लिए मुख्य सामग्रियां क्या हैं?
इसके लिए एक कटोरी काजू, एक कटोरी नारियल बुरादा, एक कटोरी मिल्क पाउडर और पिसी हुई चीनी की आवश्यकता होती है।

### 3. डो तैयार करने के लिए किस चीज का इस्तेमाल किया जाता है?
मिश्रण को गूंथकर चिकना डो बनाने के लिए लगभग तीन से चार चम्मच दूध की जरूरत पड़ती है।

### 4. मटकी बर्फी को आकर्षक कैसे बनाया जाता है?
नारंगी डो से मटकी का आकार देकर टूथपिक से डिजाइन बनाई जाती है और रंगीन स्ट्रिप्स जोड़ी जाती हैं।

### 5. अमरूद बर्फी कैसे तैयार की जाती है?
पीले रंग की गोली को हरे रंग के डो से ढककर चाकू से चार कट लगाकर अमरूद जैसा रूप दिया जाता है।

### 6. काजू कतली को कौन सा आकार दिया जाता है?
सफेद डो को पतला बेलकर चांदी का वर्क लगाया जाता है और चाकू से डायमंड शेप में काटा जाता है।

## प्रेरणा और सबक
यह रेसिपी दिखाती है कि सीमित सामग्री और बिना किसी जटिल उपकरण के भी पारंपरिक और आकर्षक मिठाइयां सफलतापूर्वक बनाई जा सकती हैं।

- **स्मार्ट कुकिंग:** एक ही बेस डो का उपयोग करके अलग-अलग प्रकार की कई मिठाइयां तैयार करना समय और मेहनत बचाता है।
- **रचनात्मकता:** खाद्य रंगों और आसान आकारों का उपयोग करके साधारण सामग्री को भी बेहद आकर्षक रूप दिया जा सकता है।
- **घरेलू स्वच्छता:** घर पर चीजें तैयार करने से गुणवत्ता पर पूरा नियंत्रण रहता है और पारंपरिक उत्सव का आनंद भी बढ़ जाता है।

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