# जौ, खजूर और केसर से बनी यह हैदराबादी मिठाई नाश्ते में देती है सेहत और स्वाद दोनों

> हैदराबाद की शाही तल्बीना रेसिपी जौ, खजूर, केसर और मेवों से बनती है और इसे सेहत तथा सुन्नत का बेहतरीन कॉम्बिनेशन माना जाता है, जो गर्मियों में नाश्ते के लिए खासतौर पर बनाई जाती है.

**Type:** article · **Category:** खानपान · **Published:** 2026-07-14 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/jau-khajura-aura-kesara-se-bani-yaha-hyderabadi-mithai-nashte-men-deti-hai-sehata-aura-svada-donon-7537 · **Language:** Hindi
**Tags:** हैदराबादी तल्बीना, जौ का दलिया, खजूर रेसिपी, सेहतमंद नाश्ता, केसर रेसिपी, हैदराबादी मिठाई

हैदराबाद के नाश्ते और मिठास का अंदाज हमेशा से बाकी शहरों से अलग रहा है, और शाही तल्बीना इसी परंपरा की एक खास मिसाल है. यह डिश सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे सेहत और सुन्नत का शानदार मेल भी माना जाता है. हैदराबाद की तेज गर्मी और वहां के लोगों की पसंद को ध्यान में रखते हुए इस रेसिपी में जौ के साथ सूखे मेवे और असली खजूर का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे यह डिश हल्की भी रहती है और पौष्टिक भी.

इस शाही तल्बीना को बनाने के लिए मुख्य सामग्री जौ का दलिया है, जिसकी मात्रा 4 बड़े चम्मच रखी जाती है. इस दलिया को रातभर या कम से कम 2 घंटे पानी में भिगोकर रखना जरूरी है, ताकि पकते समय यह जल्दी और अच्छी तरह गल जाए. इसके अलावा दूध, कटे हुए खजूर, भीगा हुआ जाफरान यानी केसर, इलायची पाउडर, आधे कटे हुए मेवे और शहद भी इस रेसिपी का जरूरी हिस्सा हैं.

## बनाने का तरीका
सबसे पहले एक भारी तले वाले बर्तन में दूध गर्म करने के लिए रखें. जैसे ही दूध में उबाल आ जाए, भीगे हुए जौ के दलिए का पानी छानकर इसे दूध में डाल दिया जाता है. इसके बाद धीमी आंच पर इसे 15 से 20 मिनट तक पकाया जाता है. इस दौरान बीच-बीच में चम्मच चलाते रहना जरूरी है, ताकि जौ अच्छी तरह गल जाए और दूध रबड़ी जैसा गाढ़ा होने लगे. जब मिश्रण गाढ़ा हो जाए, तब इसमें कटे हुए खजूर और भीगा हुआ जाफरान मिलाया जाता है. इससे तल्बीना को शाही रंगत के साथ एक हल्की खुशबू भी मिलती है. इसके बाद इसे 5 मिनट और पकने दिया जाता है. अगले चरण में इलायची पाउडर और आधे कटे हुए मेवे डालकर अच्छी तरह मिलाया जाता है और उसके बाद गैस बंद कर दी जाती है. तल्बीना को थोड़ा गुनगुना होने दिया जाता है और फिर ऊपर से शहद मिलाया जाता है. शहद को हमेशा हल्का ठंडा होने के बाद ही डाला जाता है, ताकि उसका स्वाद और उसके गुण दोनों बरकरार रहें.

## हैदराबादी अंदाज़ में सर्विंग
हैदराबाद की शादियों में परोसे जाने वाले शाही मीठे पकवानों की तरह ही इस तल्बीना को भी मिट्टी के कुल्हड़ या कांच के बाउल में परोसा जाता है. इसके ऊपर पिस्ता और बादाम की कतरन डालकर सजाया जाता है, और चाहें तो चांदी के वर्क का इस्तेमाल भी किया जा सकता है. गर्मियों के मौसम में इसे 2 घंटे के लिए फ्रिज में ठंडा करके भी परोसा जा सकता है. सुबह के नाश्ते में ठंडा-ठंडा हैदराबादी शाही तल्बीना न सिर्फ स्वाद देता है, बल्कि दिनभर ताजगी और ऊर्जा का एहसास भी बनाए रखता है.

## इसका आप पर असर
यह रेसिपी खासतौर पर सेहत के प्रति जागरूक लोगों और घर पर नया नाश्ता आजमाने वालों के लिए उपयोगी है.

- **घर के रसोइयों के लिए:** जौ, खजूर, केसर और मेवों जैसी आसानी से मिलने वाली चीजों से यह डिश घर पर बनाई जा सकती है, जिसमें ज्यादा मेहनत या महंगी सामग्री नहीं लगती.
- **गर्मियों के नाश्ते के लिए:** इसे फ्रिज में ठंडा करके परोसा जा सकता है, जिससे गर्मी के मौसम में यह हल्का और ताजगी देने वाला विकल्प बन जाता है.

## सवाल-जवाब

### 1. हैदराबादी शाही तल्बीना बनाने में मुख्य सामग्री क्या है?
इसकी मुख्य सामग्री जौ का दलिया है, जिसे रातभर या कम से कम 2 घंटे भिगोया जाता है, साथ ही दूध, खजूर, केसर, इलायची पाउडर, मेवे और शहद का इस्तेमाल होता है.

### 2. जौ का दलिया कितनी देर भिगोना चाहिए?
जौ के दलिए को रातभर या कम से कम 2 घंटे पानी में भिगोकर रखना चाहिए ताकि यह अच्छी तरह गल सके.

### 3. तल्बीना को पकाने में कितना समय लगता है?
दूध में जौ डालने के बाद इसे धीमी आंच पर 15 से 20 मिनट तक पकाया जाता है, और खजूर व केसर डालने के बाद 5 मिनट और पकाया जाता है.

### 4. शहद कब मिलाना चाहिए?
शहद हमेशा तब मिलाना चाहिए जब तल्बीना हल्का ठंडा हो जाए, ताकि उसका स्वाद और गुण दोनों बने रहें.

### 5. हैदराबादी अंदाज़ में इसे कैसे परोसा जाता है?
इसे मिट्टी के कुल्हड़ या कांच के बाउल में परोसा जाता है और ऊपर से पिस्ता, बादाम की कतरन और चाहें तो चांदी का वर्क लगाया जाता है.

### 6. क्या इसे ठंडा करके भी परोसा जा सकता है?
हां, गर्मियों में इसे 2 घंटे के लिए फ्रिज में ठंडा करके भी परोसा जा सकता है.

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._