जूस के लिए लौकी कद्दूकस करने पर बचता है गूदा, इससे बनाएं कुरकुरा और स्वादिष्ट पराठा लौकी का जूस निकालने के बाद बचने वाले गूदे को फेंकने की बजाय इससे कुरकुरा और फाइबर से भरपूर पराठा बनाया जा सकता है, जानिए दोनों आसान तरीके। लौकी सेहत के लिए एक ऐसी सब्ज़ी है, जो पेट और पाचन दोनों को दुरुस्त रखती है। इसमें पानी की मात्रा भी खूब होती है और फाइबर भी भरपूर मिलता है। यही वजह है कि लोग लौकी की सब्जी के अलावा इसका रायता और जूस भी बड़े शौक से पीते हैं। आयुर्वेद में लौकी के जूस को सेहत के लिए वरदान माना गया है। लेकिन जब भी लौकी का जूस निकाला जाता है तो कद्दूकस की गई लौकी का काफी सारा गूदा बच जाता है, जिसे ज्यादातर लोग बिना सोचे-समझे कूड़े में फेंक देते हैं। जबकि यही बचा हुआ गूदा एक बेहद स्वादिष्ट और सेहतमंद पराठा बनाने के काम आ सकता है। इस पराठे को खाने से रोज़ के खाने में फाइबर की मात्रा भी अपने आप बढ़ जाती है। आइए जानते हैं कि घर पर बिना मिक्सी के लौकी का जूस कैसे निकाला जाए और उसके बाद बचे गूदे से पराठा किन-किन आसान तरीकों से तैयार किया जा सकता है। पहले जान लें, ताजी लौकी कैसे चुनें पराठे और जूस दोनों के लिए सबसे पहली शर्त है ताजी और अच्छी लौकी का इस्तेमाल। बाजार से लौकी खरीदते वक्त उसे एक बार काटकर जरूर चेक कर लें। अगर लौकी में किसी भी तरह का कड़वापन नहीं है, तभी इसका जूस निकालें और पराठे में इस्तेमाल करें। कड़वी लौकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है, इसलिए यह जांच बेहद जरूरी है। बिना मिक्सी के लौकी का जूस कैसे निकालें लौकी का जूस निकालने के लिए सबसे पहले लौकी को अच्छी तरह से पानी से धो लें और फिर चाकू की मदद से इसका छिलका उतार दें। इसके बाद एक कद्दूकस लें और पूरी लौकी को कद्दूकस कर लें। ध्यान रखें कि लौकी को मीडियम या बारीक साइड वाले छेद से ही कद्दूकस करें, इससे लौकी में से ज्यादा जूस निकलता है। सारी लौकी कद्दूकस कर लेने के बाद एक मलमल का कपड़ा या कोई भी पतला सूती कपड़ा लें। इस कपड़े को किसी बाउल के ऊपर फैला दें और उसमें कद्दूकस की गई लौकी डाल दें। अब कपड़े को चारों तरफ से बंद करके लौकी को अच्छी तरह निचोड़ लें। कुछ ही मिनटों में लौकी का सारा जूस बाहर निकल आएगा। कपड़े को जितना टाइट करके निचोड़ेंगे, जूस उतना ही ज्यादा निकलेगा। तैयार जूस को सुबह-सुबह खाली पेट पिया जा सकता है। बचे हुए गूदे से पराठा बनाने का पहला तरीका जूस निकालने के बाद कपड़े में जो लौकी का फाइबर यानी गूदा बचता है, उसे किसी प्लेट में निकाल लें। अब इसमें बारीक कटा हरा धनिया, बारीक कटी हरी मिर्च, स्वादानुसार नमक, धनिया पाउडर, चाट मसाला और थोड़ा-सा बारीक पिसा लाल मिर्च पाउडर मिला लें। इस तरह पराठे की स्टफिंग बनकर तैयार हो जाती है। इसके बाद पराठे के लिए नरम आटा गूंथ लें। आटे की एक लोई लेकर उसे हल्का-सा बड़ा करें और उसमें तैयार की गई लौकी की स्टफिंग भरकर बंद कर दें। अब इस भरी हुई लोई को धीरे-धीरे बेल लें। बेले हुए पराठे को गरम तवे पर डालकर दोनों तरफ से अच्छी तरह गोल्डन ब्राउन होने तक सेंक लें। इसी तरीके से बची हुई पूरी स्टफिंग और आटे से एक-एक करके सारे पराठे बनाकर तैयार किए जा सकते हैं। दूसरा तरीका, जब पराठे फटने लगें कई बार स्टफिंग वाले लौकी के पराठे बेलते वक्त फटने लगते हैं और सही तरीके से भर नहीं पाते। ऐसे में परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि लौकी के गूदे को सीधे आटे में मिलाकर भी पराठे बनाए जा सकते हैं। इसके लिए 1 कप आटा लें और उसमें लौकी का जूस निकालने के बाद बचा हुआ मिश्रण डाल दें। अब अपने स्वाद के हिसाब से नमक, लाल मिर्च, बारीक कटा हरा धनिया, हरी मिर्च और बाकी मसाले मिला लें। इन सारी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर नरम आटा गूंथ लें। इस आटे से चाहें तो तिकोने पराठे बनाएं या गोल, दोनों तरह से पराठे बनाए जा सकते हैं। खास बात यह है कि इस तरीके से बनाए गए पराठे बिल्कुल भी नहीं फटते और सेंकने में भी आसान रहते हैं। क्यों खास है यह पराठा लौकी के जूस निकालने के बाद बचने वाला गूदा वैसे तो अक्सर बेकार समझकर फेंक दिया जाता है, लेकिन असल में इसमें फाइबर भरपूर मात्रा में मौजूद रहता है। इसी गूदे से बना पराठा न सिर्फ स्वाद में लाजवाब लगता है, बल्कि रोज़मर्रा के खाने में फाइबर की मात्रा भी बढ़ा देता है। इस तरह एक ही लौकी से जूस भी मिल जाता है और साथ ही स्वादिष्ट पराठे के रूप में सब्जी का भी पूरा इस्तेमाल हो जाता है, यानी लौकी का कोई भी हिस्सा बेकार नहीं जाता। इसका आप पर असर यह रेसिपी उन लोगों के लिए खास काम की है जो सेहत का ख्याल रखते हुए लौकी का जूस पीते हैं। • जूस निकालने के बाद बचने वाला गूदा फेंकने की बजाय पराठे में इस्तेमाल करने से एक ही लौकी से दो चीजें बन जाती हैं, यानी सब्जी का पूरा इस्तेमाल हो जाता है और पैसे की भी बचत होती है। • रोज़ के खाने में फाइबर की मात्रा बढ़ने से पाचन दुरुस्त रहता है, जो पेट संबंधी दिक्कतों से जूझ रहे लोगों के लिए फायदेमंद है। सवाल-जवाब 1. लौकी का जूस निकालने के बाद बचे गूदे का क्या किया जा सकता है? इससे स्वादिष्ट पराठा बनाया जा सकता है, जिससे खाने में फाइबर की मात्रा बढ़ जाती है। 2. लौकी का जूस बिना मिक्सी के कैसे निकाला जा सकता है? लौकी को कद्दूकस करके मलमल या पतले सूती कपड़े में डालकर निचोड़ने से जूस निकल आता है। 3. लौकी के पराठे की स्टफिंग में कौन-कौन से मसाले डाले जाते हैं? हरा धनिया, हरी मिर्च, नमक, धनिया पाउडर, चाट मसाला और लाल मिर्च पाउडर डाले जाते हैं। 4. अगर लौकी का पराठा बेलते वक्त फट जाए तो क्या करें? ऐसे में लौकी के गूदे को सीधे आटे में गूंथकर पराठा बनाया जा सकता है, इससे पराठा नहीं फटता। 5. दूसरे तरीके में कितना आटा और कौन-सी सामग्री इस्तेमाल होती है? 1 कप आटे में लौकी का बचा मिश्रण, नमक, लाल मिर्च, हरा धनिया और हरी मिर्च मिलाई जाती है। 6. लौकी का जूस कब पीना चाहिए? तैयार जूस को सुबह-सुबह खाली पेट पिया जा सकता है। 7. लौकी खरीदते वक्त किस बात का ध्यान रखना चाहिए? लौकी को एक बार काटकर चेक कर लेना चाहिए कि उसमें कड़वापन तो नहीं है। https://trendkia.com/food/jusa-ke-lie-lauki-kaddukasa-karane-para-bachata-hai-guda-isase-banaen-kurakura-aura-svadishta-paratha-8299 TrendKia — Har trend, sabse pehle.