कम तेल और मसालों में बनाएं स्वादिष्ट छत्तीसगढ़ी चिकन करी, जानिए आसान विधि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक चिकन करी अपने अनूठे देसी स्वाद और सादगी के लिए जानी जाती है। इसे घर में मौजूद कम सामग्री और कम तेल के साथ बहुत कम समय में आसानी से तैयार किया जा सकता है। छत्तीसगढ़ के व्यंजनों की सबसे बड़ी पहचान उनकी सादगी और ठेठ देसीपन में छिपी होती है, जो बेहद कम तेल और मसालों के इस्तेमाल के बावजूद खाने में लाजवाब स्वाद देते हैं। यहां के पारंपरिक खानपान में हर एक पकवान का अपना अनूठा जायका होता है, और जब बात नॉन-वेज व्यंजनों में चिकन करी की आती है, तो छत्तीसगढ़ी अंदाज में तैयार की गई यह रेसिपी बेहद खास मानी जाती है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे पकाने में न तो बहुत ज्यादा घंटों की मेहनत लगती है और न ही किसी महंगी या दुर्लभ सामग्री की आवश्यकता होती है। आपकी रसोई में पहले से मौजूद बुनियादी चीजें जैसे प्याज, लहसुन, टमाटर, हरी मिर्च और रोजमर्रा के मसालों की मदद से इसे बहुत ही आसानी से बनाकर तैयार किया जा सकता है। सबसे पहले चिकन को धोकर करें साफ इस लजीज रेसिपी की शुरुआत करने के लिए सबसे पहले कच्चे चिकन को साफ पानी से अच्छी तरह धोकर बिल्कुल शुद्ध कर लें और फिर उसे एक साफ बाउल में निकालकर रख लें। इसके बाद करी के लिए जरूरी मसालों की तैयारी करनी होती है, जिसमें प्याज, लहसुन, टमाटर और हरी मिर्च को बारीक टुकड़ों में काट लेना शामिल है ताकि वे पकाने के दौरान आसानी से मिल सकें। गर्म तेल में लगाएं सरसों और जीरे का तड़का तैयारी पूरी होने के बाद चूल्हे पर कड़ाही चढ़ाएं और उसमें तेल डालकर उसे अच्छी तरह गर्म करें। तेल गर्म होने के बाद उसमें राई या सरसों और जीरे का छौंक लगाएं। जब तड़का अच्छे से चटक जाए, तब कटी हुई प्याज, लहसुन और हरी मिर्च को कड़ाही में डालें और उन्हें लगातार चलाते हुए तब तक भूनें जब तक उनका रंग हल्का सुनहरा या लाल न हो जाए। चिकन को अच्छे से भूनना है जरूरी अब समय आता है मुख्य सामग्री यानी चिकन को कड़ाही में डालने का, जिसे प्याज और मसालों के साथ ही अच्छी तरह भूनना होता है। चिकन को तब तक मध्यम आंच पर पकाना चाहिए जब तक कि मांस से निकलने वाला सारा अतिरिक्त पानी पूरी तरह सूख न जाए। इस प्रक्रिया से चिकन मसालों के साथ गहराई तक रच-बस जाता है और इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है। जब चिकन का सारा पानी सूख जाए, तब उसमें कटे हुए टमाटर मिला दें। साथ ही, टमाटर को जल्दी और अच्छी तरह गलाने के लिए अपनी पसंद के अनुसार नमक डालें और फिर उनके पूरी तरह नरम होने का इंतजार करें। टमाटरों के अच्छी तरह गल जाने से चिकन करी की ग्रेवी और भी ज्यादा स्वादिष्ट और गाढ़ी बन जाती है। अब डालें चिकन मसाला और बाकी मसाले टमाटरों के पूरी तरह गल जाने के बाद इसमें बाजार का चिकन मसाला, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और धनिया पाउडर शामिल करें। इसके बाद इन सभी सूखे मसालों को चिकन के साथ मिलाते हुए अच्छी तरह भूनें। मसालों को चिकन के साथ धीमी आंच पर पकाने से इसकी खुशबू और स्वाद दोनों में जबरदस्त बढ़ोतरी होती है। मसालों से जब तेल अलग होने लगे और वे अच्छी तरह भुन जाएं, तब इसमें आवश्यकतानुसार हल्का सा पानी मिला दें और पकने के लिए छोड़ दें। कुछ देर तक इसे मध्यम आंच पर उबलने दें, जिसके बाद आपकी बिल्कुल पारंपरिक छत्तीसगढ़ी स्टाइल चिकन करी बनकर पूरी तरह तैयार हो जाती है। यह रेसिपी कम समय और कम तेल में बेहतरीन स्वाद देती है, जिसे गरमा-गरम चावल, सादी रोटियों या गरमा-गरम पूरियों के साथ परोसा जा सकता है। इसका आप पर असर यह पारंपरिक रेसिपी उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है जो कम तेल और मसालों के साथ घर पर स्वादिष्ट और झटपट मांसाहारी भोजन तैयार करना चाहते हैं। • समय की बचत: यह रेसिपी बहुत कम समय में तैयार हो जाती है, जिससे व्यस्त दिनों में खाना बनाने की भागदौड़ कम होती है। • कम सामग्री लगने के कारण आपको बाजार से विशेष सामान लाने की जरूरत नहीं पड़ती है। • स्वास्थ्य लाभ: कम तेल का उपयोग करने से यह सामान्य रेस्टोरेंट शैली की करी की तुलना में स्वास्थ्य के लिए अधिक अनुकूल होती है। • घर के ताजे मसालों का प्रयोग पाचन और दैनिक पोषण के लिहाज से बेहतर साबित होता है। ऐसा क्यों हुआ इस छत्तीसगढ़ी रेसिपी की लोकप्रियता इसके पारंपरिक और सरल पकाने के तरीकों पर टिकी हुई है, जो स्वाद से समझौता किए बिना खाना बनाना आसान बनाते हैं। • पारंपरिक शैली: छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में मसालों का संतुलित उपयोग और कम तेल में भोजन पकाने की पुरानी परंपरा रही है। • सब्जियों और मांस को उनके अपने प्राकृतिक रस और बुनियादी मसालों के साथ पकाने से असली स्वाद उभरकर आता है। • सामग्री की उपलब्धता: प्याज, लहसुन और टमाटर जैसे बुनियादी घटक हर रसोई में आसानी से मिल जाते हैं। • जटिल प्रक्रियाओं के बिना सीधा भूनने का तरीका खाना पकाने की प्रक्रिया को सरल बनाता है। सवाल-जवाब 1. इस छत्तीसगढ़ी चिकन करी को बनाने में किन मुख्य सामग्रियों की जरूरत होती है? इसे बनाने के लिए चिकन, प्याज, लहसुन, टमाटर, हरी मिर्च, सरसों, जीरा, चिकन मसाला, हल्दी, मिर्च और धनिया पाउडर की आवश्यकता होती है। 2. क्या इस रेसिपी में ज्यादा तेल का इस्तेमाल किया जाता है? नहीं, यह पारंपरिक रेसिपी कम तेल और कम मसालों के साथ तैयार की जाती है। 3. चिकन को मसालों के साथ कब तक भूनना चाहिए? चिकन को तब तक भूनना चाहिए जब तक उसका सारा पानी पूरी तरह सूख न जाए और मसाले अच्छी तरह मिल जाएं। 4. इस चिकन करी को किसके साथ परोसा जा सकता है? इस करी को गरमा-गरम चावल, सादी रोटी या पूरियों के साथ परोसा जा सकता है। https://trendkia.com/food/kama-tela-aura-masalon-men-banaen-svadishta-chhattisgarh-i-chikana-kari-janie-asana-vidhi-38664 TrendKia — Har trend, sabse pehle.