करौली में तैयार हो रही बॉर्नविटा बर्फी ने बनाई अनोखी पहचान, दो दशक से बच्चों की बनी पहली पसंद राजस्थान के करौली में एक पारंपरिक मिष्ठान भंडार पिछले करीब 20 वर्षों से बॉर्नविटा के स्वाद वाली खास बर्फी बना रहा है, जिसे ताजा बनाकर 480 रुपये प्रति किलो के भाव से बेचा जाता है। बचपन में गर्म दूध के गिलास में बॉर्नविटा का स्वाद अधिकांश लोगों की पसंदीदा यादों का हिस्सा रहा है। राजस्थान के करौली में इसी स्वाद को एक अनोखे पारंपरिक रूप में ढालकर मिठाई के शौकीनों के सामने पेश किया जा रहा है। यहां की एक प्रसिद्ध दुकान में सामान्य पारंपरिक मिठाइयों से हटकर बॉर्नविटा के विशेष स्वाद वाली बर्फी बनाई जाती है। पिछले करीब दो दशक से लगातार तैयार हो रही इस अनूठी मिठाई ने शहर के खानपान में अपनी एक अलग जगह बना ली है और इसे खाने के लिए खासतौर पर बच्चों का हुजूम देखने को मिलता है। बीकानेर स्वीट होम में दो दशकों से तैयार हो रही विशेष रेसिपी करौली स्थित बीकानेर स्वीट होम में यह अनोखी मिठाई पिछले 20 साल से बनाई जा रही है। दुकान संचालक नरपत सिंह के अनुसार जब इस बर्फी की शुरुआत की गई थी, तभी से ग्राहकों ने इसके स्वाद को हाथों-हाथ लिया। समय बीतने के साथ यह मिठाई दुकान की सबसे प्रमुख पहचान बन चुकी है। इस स्वादिष्ट बर्फी को बनाने के लिए एक तय और खास रेसिपी का पालन किया जाता है, जिससे इसका अनूठा स्वाद हमेशा एक जैसा बना रहता है। दूध, मावा और शुद्ध घी के मेल से बनती है यह मिठाई इस मिठाई की बनावट और स्वाद को बेहतर बनाने के लिए उच्च गुणवत्ता वाली सामग्रियों का इस्तेमाल होता है। नरपत सिंह बताते हैं कि इसे बनाने की प्रक्रिया में शुद्ध घी, ताजा दूध, मिल्क पाउडर और पारंपरिक मावे का उपयोग किया जाता है। बॉर्नविटा का फ्लेवर इसमें मिलते ही यह पारंपरिक मावा बर्फी से बिल्कुल अलग और चॉकलेटी अहसास देने लगती है। इस बर्फी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे किसी पुराने स्टॉक के रूप में नहीं रखा जाता, बल्कि रोज दुकान में ताजा ही पकाया जाता है। दुकान पहुंचते ही बच्चों की पहली पसंद बनती है यह बर्फी मिठाइयों की दुकान पर अमूमन तरह-तरह के विकल्प मौजूद रहते हैं, लेकिन यहां आने वाले परिवारों के बच्चे सबसे पहले इसी मिठाई की मांग करते हैं। नरपत सिंह का कहना है कि बच्चे दूसरी पारंपरिक मिठाइयों की तुलना में बॉर्नविटा बर्फी लेने की जिद करते हैं। बॉर्नविटा का जाना-पहचाना स्वाद बच्चों को तुरंत आकर्षित कर लेता है। केवल बच्चे ही नहीं, बल्कि कई पुराने ग्राहक जो वर्षों से इसका स्वाद ले रहे हैं, जब भी करौली आते हैं तो इस मिठाई को पैक कराकर ले जाना नहीं भूलते हैं। प्रतिदिन 8 से 10 किलो की बिक्री और 480 रुपये प्रति किलो भाव दुकान संचालक के अनुसार इस विशेष बर्फी को रोजाना करीब 8 से 10 किलो की मात्रा में तैयार किया जाता है। खास बात यह है कि जितनी बर्फी हर सुबह ताजा बनती है, शाम तक लगभग उतनी ही पूरी बिक जाती है। इस वजह से ग्राहकों को लगभग हर समय बिल्कुल ताजा बनी बर्फी ही मिलती है। वर्तमान समय में इस बॉर्नविटा बर्फी की कीमत 480 रुपये प्रति किलो तय है। करौली शहर के निवासियों के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और दूर-दराज से आने वाले मुसाफिर भी इस 20 साल पुरानी अनोखी मिठाई का स्वाद चखने जरूर पहुंचते हैं। इसका आप पर असर करौली की यह अनोखी मिठाई स्थानीय खानपान और मिष्ठान प्रेमियों के लिए एक नया अनुभव प्रस्तुत करती है। • करौली में: स्थानीय निवासियों और आगंतुकों को बीकानेर स्वीट होम पर रोज ताजा बनी अनोखी बॉर्नविटा बर्फी मिल रही है। ग्राहक 480 रुपये प्रति किलो के हिसाब से इस दो दशक पुरानी खास मिठाई को खरीद सकते हैं। • मिष्ठान प्रेमियों के लिए: पारंपरिक मावा और दूध की मिठाइयों से हटकर नए फ्लेवर तलाशने वालों को एक अलग स्वाद मिलता है। बच्चों के लिए यह चॉकलेटी माल्ट का परिचित स्वाद मिठाई के रूप में आजमाने का बेहतरीन विकल्प है। • आसपास के यात्रियों के लिए: करौली और आसपास के क्षेत्रों से गुजरने वाले लोग इसे एक विशिष्ट स्थानीय उपहार के रूप में ले जा सकते हैं। ताजा तैयारी के कारण ग्राहक उसी दिन तैयार किया गया ताजा स्टॉक आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। • स्थानीय कारीगरों के लिए: परंपरागत मिष्ठान व्यवसाय में अभिनव प्रयोगों के माध्यम से दशकों तक निरंतर मांग बनाए रखने का यह अच्छा उदाहरण है। रोजाना 8 से 10 किलो की स्थिर बिक्री से स्थानीय स्तर पर लगातार व्यापार बना रहता है। ऐसा क्यों हुआ करौली में यह अनोखी मिठाई पारंपरिक मिष्ठान व्यवसाय में स्वाद के नए प्रयोग और बच्चों की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर शुरू की गई थी। • नवाचार की पहल: सामान्य दूध और मावे की पारंपरिक मिठाइयों से अलग कुछ नया स्वाद देने के उद्देश्य से करीब 20 साल पहले बॉर्नविटा की बर्फी बनाने का प्रयोग किया गया। शुरुआती दौर में ही ग्राहकों से मिली जबरदस्त सकारात्मक प्रतिक्रिया ने इसे नियमित मेनू का हिस्सा बना दिया। • पहचाने हुए स्वाद का आकर्षण: बचपन से दूध में बॉर्नविटा पीने वाले बच्चों के बीच इसके स्वाद की गहरी पहचान थी। जब वही फ्लेवर मावे और घी के साथ मिठाई के रूप में पेश किया गया, तो बच्चों ने इसे तुरंत अपनी पसंदीदा मिठाई बना लिया। • दैनिक ताजा निर्माण की नीति: दुकान संचालक ने हर दिन 8 से 10 किलो बर्फी ताजी तैयार करने का नियम बनाए रखा। रोजाना बनने और तुरंत बिक जाने की इस व्यवस्था से बर्फी की ताजगी और गुणवत्ता ग्राहकों के बीच लंबे समय तक बनी रही। सवाल-जवाब 1. बॉर्नविटा बर्फी करौली में किस दुकान पर मिलती है? यह खास बर्फी करौली स्थित बीकानेर स्वीट होम नामक मिठाई की दुकान पर तैयार की जाती है। 2. इस बर्फी को बनाने की शुरुआत कब हुई थी? दुकान संचालक नरपत सिंह के अनुसार यह बर्फी पिछले करीब 20 साल से लगातार बनाई जा रही है। 3. बॉर्नविटा बर्फी को बनाने में किन सामग्रियों का उपयोग किया जाता है? इसे तैयार करने के लिए बॉर्नविटा के अलावा शुद्ध घी, ताजा दूध, मिल्क पाउडर और मावे का इस्तेमाल होता है। 4. वर्तमान में इस बर्फी की कीमत क्या है? दुकान पर यह बॉर्नविटा बर्फी वर्तमान में 480 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध है। 5. दुकान पर रोजाना कितनी बर्फी तैयार की जाती है? बीकानेर स्वीट होम में प्रतिदिन लगभग 8 से 10 किलो ताजा बर्फी तैयार की जाती है, जो उसी दिन बिक जाती है। https://trendkia.com/food/karauli-men-taiyara-ho-rahi-bournvita-barphi-ne-banai-anokhi-pahachana-do-dashaka-se-bachchon-ki-bani-pahali-pasnda-34261 TrendKia — Har trend, sabse pehle.