# केरल का प्रसिद्ध पुलिश्शेरी घर पर बनाने की आसान विधि, जानें खट्टे मीठे जायके का सही तरीका

> दही, ताजा नारियल और दक्षिण भारतीय मसालों से बनी पारंपरिक पुलिश्शेरी ओणम साद्या का मुख्य आकर्षण है। जानिए इस स्वादिष्ट करी को सही टेक्सचर के साथ बनाने का आसान तरीका।

**Type:** article · **Category:** खानपान · **Published:** 2026-08-23 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/kerala-ka-prasiddha-pulissery-ghara-para-banane-ki-asana-vidhi-janen-khatte-mithe-jayake-ka-sahi-tarika-20598 · **Language:** Hindi
**Tags:** केरल पुलिश्शेरी रेसिपी, ओणम साद्या, दक्षिण भारतीय व्यंजन, दही नारियल करी, केरल फूड

दक्षिण भारत के पारंपरिक खानपान में केरल के व्यंजनों की अपनी एक अलग पहचान है। सादगी, खुशबूदार मसालों और नारियल के समृद्ध स्वाद से भरपूर ये व्यंजन स्वाद और सेहत दोनों में बेहतरीन होते हैं। पारंपरिक ओणम साद्या यानी भव्य दावत की बात हो या फिर रोज़मर्रा के हल्के भोजन की, पुलिश्शेरी का स्थान हमेशा खास रहता है। ताजे फेंटे हुए दही और पिसे हुए नारियल के मेल से तैयार होने वाली यह करी हल्की खट्टी, बेहद स्वादिष्ट और पाचक होती है। इसे मुख्य रूप से गरमा गरम उबले चावल के साथ परोसा जाता है। सही विधि अपनाकर इसे बहुत ही कम समय में घर पर बिल्कुल पारंपरिक स्वाद के साथ तैयार किया जा सकता है।

## पुलिश्शेरी के लिए जरूरी सामग्री
प्रामाणिक पुलिश्शेरी बनाने के लिए बुनियादी और ताजा सामग्रियों का सही अनुपात में इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है। इसके मुख्य आधार के लिए 2 कप खट्टा दही, 1 कप ताजा कद्दूकस किया हुआ नारियल, 1 से 2 हरी मिर्च, आधा छोटा चम्मच जीरा, आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, स्वादानुसार नमक और आवश्यकतानुसार पानी की जरूरत होती है। इस करी का स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें पके हुए केले, कच्चे आम या कद्दू के टुकड़े मिलाए जा सकते हैं। तड़का तैयार करने के लिए 1 बड़ा चम्मच शुद्ध नारियल तेल, आधा छोटा चम्मच राई, एक चुटकी मेथी दाना, 2 सूखी लाल मिर्च और कुछ ताजी करी पत्तियां चाहिए होती हैं।

## मसाला और मुख्य सामग्री की तैयारी
सबसे पहले कद्दूकस किए हुए नारियल, हरी मिर्च और जीरे को एक मिक्सर जार में डालें। इसमें बहुत थोड़ा सा पानी मिलाकर एक बेहद बारीक और चिकना पेस्ट तैयार कर लें। ध्यान रखें कि पेस्ट को ज्यादा पतला या पानी जैसा न करें। यदि आप केले या कच्चे आम के साथ पुलिश्शेरी बना रहे हैं, तो फल के छोटे टुकड़ों को एक पैन में थोड़ा पानी, चुटकी भर हल्दी पाउडर और हल्का नमक डालकर नरम होने तक पका लें। फल या सब्जी को केवल इतना ही पकाएं कि वे मुलायम हो जाएं और उनका आकार न बिगड़े। जब फल पक जाएं, तो तैयार किया गया नारियल का पेस्ट उसमें मिलाएं और धीमी आंच पर दो से तीन मिनट के लिए पकने दें। इस चरण में मिश्रण में उफान या तेज उबाल नहीं आने देना चाहिए।

## दही मिलाने और धीमी आंच पर पकाने का सही तरीका
एक अलग बर्तन में दही को अच्छी तरह से फेंट लें ताकि उसमें कोई गुठली न रहे। आंच को बिल्कुल धीमा कर दें और पैन में फेंटा हुआ दही डालें। दही डालते ही लगातार चमचे से चलाते रहें ताकि मिश्रण एकसार बना रहे। दही डालने के बाद आंच को तेज न करें, क्योंकि तेज गर्मी से दही फट सकता है जिससे करी का टेक्सचर पूरी तरह खराब हो जाता है। मिश्रण को धीमी आंच पर केवल हल्का सा गर्म होने दें, स्वादानुसार नमक मिलाएं और तुरंत गैस बंद कर दें।

## नारियल तेल का पारंपरिक तड़का और परोसने का अंदाज
एक छोटे तड़का पैन में एक बड़ा चम्मच नारियल तेल गर्म करें। तेल गर्म होते ही राई डालें और उन्हें चटकने दें। इसके बाद मेथी दाना, सूखी लाल मिर्च और ताजी करी पत्तियां डालकर कुछ सेकंड के लिए भूनें। इस खुशबूदार तड़के को तुरंत तैयार पुलिश्शेरी के ऊपर उड़ेल दें और पैन को थोड़ी देर के लिए ढक दें ताकि तड़के की महक पूरी करी में समा जाए। इस पारंपरिक पुलिश्शेरी को चावल के साथ परोसा जाता है। ओणम साद्या के दौरान इसे केले के पत्ते पर अन्य दक्षिण भारतीय सब्जियों के साथ परोसने की परंपरा है।

## इसका आप पर असर
- **स्वास्थ्य लाभ:** घर पर बनी पुलिश्शेरी पाचन तंत्र के लिए बेहद फायदेमंद है क्योंकि इसमें दही के प्रोबायोटिक्स और नारियल के सेहतमंद फैट्स मौजूद होते हैं।
- **आसान कुकिंग:** कम सामग्री और बिना प्याज-लहसुन के बनने के कारण यह कम समय में तैयार होने वाला पौष्टिक विकल्प है।

## सवाल-जवाब

### 1. पुलिश्शेरी बनाते समय दही को फटने से कैसे बचाएं?
दही डालने से पहले आंच को बिल्कुल धीमा कर दें और दही मिलाने के बाद करी को लगातार चलाते रहें। दही डालने के बाद मिश्रण को उबलने न दें।

### 2. क्या पुलिश्शेरी में फल या सब्जी डालना जरूरी है?
नहीं, आप चाहें तो बिना किसी फल या सब्जी के केवल नारियल और दही के बेस से भी प्लेन पुलिश्शेरी बना सकते हैं। हालांकि पका केला या कच्चा आम इसका स्वाद बढ़ा देता है।

### 3. तड़के के लिए नारियल तेल का इस्तेमाल करना क्यों जरूरी है?
केरल के पारंपरिक व्यंजनों में नारियल तेल से ही असली स्वाद और महक आती है, हालांकि आप चाहें तो सामान्य रिफाइंड तेल का प्रयोग भी कर सकते हैं।

### 4. पुलिश्शेरी के लिए कैसा दही सबसे अच्छा होता है?
पुलिश्शेरी में हल्का या मध्यम खट्टा दही सबसे बढ़िया स्वाद देता है, क्योंकि नारियल की मिठास और खट्टा दही मिलकर सही संतुलन बनाते हैं।

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