खजूर की प्राकृतिक मिठास से तैयार करें मूंग दाल लड्डू, सेहतमंद स्नैक का आसान तरीका मीठे की चाहत पूरी करने के लिए चीनी और गुड़ के बिना मूंग दाल और खजूर से पौष्टिक लड्डू बनाए जा सकते हैं, जो शाम की भूख मिटाने के लिए मुफीद हैं। शाम के वक्त हल्की भूख लगने पर अक्सर मीठा खाने का मन करने लगता है, लेकिन सेहत को लेकर सजग लोग रिफाइंड चीनी और यहां तक कि गुड़ के अधिक सेवन से भी दूरी बनाना पसंद करते हैं। ऐसे में पोषण से भरपूर मूंग दाल के लड्डू एक शानदार विकल्प बनकर उभरते हैं। मूंग दाल शरीर के लिए प्रोटीन का एक प्रमुख स्रोत मानी जाती है, जिससे बने ये लड्डू न केवल स्वाद देते हैं बल्कि शरीर को जरूरी ऊर्जा भी प्रदान करते हैं। खास बात यह है कि इस पारंपरिक व्यंजन को पारंपरिक मिठास के विकल्पों के बिना, खजूर या किसी अन्य प्राकृतिक स्वीटनर की मदद से आसानी से पौष्टिक बनाया जा सकता है। दाल की तैयारी और भूनने की सही विधि इस पौष्टिक मिठाई को तैयार करने की शुरुआत मूंग दाल की सही सफाई से होती है। दाल को अच्छी तरह साफ करके पानी से धो लें और उसका सारा अतिरिक्त पानी निकाल दें। इसके बाद दाल को कुछ देर सूखने के लिए छोड़ दें ताकि उसमें नमी न रहे। जब दाल सूख जाए, तो एक कड़ाही को आंच पर गर्म करें और उसमें सूखी दाल डालकर धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए सूखा भूनें। दाल को तब तक भूनते रहना चाहिए जब तक उसका रंग हल्का सुनहरा न हो जाए और उसमें से भीनी-भीनी सौंधी महक न उठने लगे। इस प्रक्रिया के दौरान लगातार चलाना जरूरी है ताकि दाल तले पर चिपककर जले नहीं। पाउडर बनाना और घी में सिकाई जब दाल अच्छी तरह भून जाए, तो आंच बंद करके उसे पूरी तरह सामान्य तापमान पर ठंडा होने दें। इसके बाद भुनी दाल को ग्राइंडर जार में डालकर एकदम महीन पीस लें। अब उसी कड़ाही में थोड़ा सा घी डालकर गर्म करें और उसमें पिसी हुई मूंग दाल का पाउडर मिला दें। इसे धीमी आंच पर कुछ मिनटों तक फिर से भूनें। जैसे ही दाल के मिश्रण से घी की सौंधी खुशबू आने लगे, गैस बंद कर दें और कड़ाही को नीचे उतार लें। खजूर का पेस्ट और मेवों का मिश्रण मिठास तैयार करने के लिए बीज निकाले हुए खजूर को छोटे टुकड़ों में काट लें और मिक्सर में पीसकर पेस्ट बना लें। यदि खजूर सख्त लग रहे हों या पीसने में परेशानी आ रही हो, तो जरूरत के अनुसार बिल्कुल थोड़ा सा दूध या पानी मिलाया जा सकता है। इसके साथ ही, एक दूसरे पैन में कटे हुए मेवे और सफेद तिल डालकर हल्का सा सूखा भून लें। अब भुनी हुई मूंग दाल के मिश्रण में खजूर का तैयार पेस्ट, भुने हुए मेवे, तिल और सुगंध के लिए इलायची पाउडर डालें। सभी चीजों को एक साथ तब तक मिलाएं जब तक कि पूरा मिश्रण एकसार न हो जाए। लड्डू बांधना और पोषण संबंधी सावधानियां तैयार मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने के लिए रख दें ताकि उसे हाथों से आसानी से संभाला जा सके। जब मिश्रण गुनगुना रह जाए, तो दोनों हथेलियों पर थोड़ा सा घी लगाएं और मिश्रण से गोल आकार के लड्डू तैयार कर लें। मूंग दाल से मिलने वाला प्रोटीन, फाइबर और जरूरी पोषक तत्व शरीर को दुरुस्त रखते हैं, वहीं मेवों से स्वास्थ्यवर्धक फैट्स प्राप्त होते हैं। खजूर से मिलने वाली मिठास प्राकृतिक होती है, लेकिन चूंकि इसमें प्राकृतिक शुगर मौजूद रहती है, इसलिए डायबिटीज के मरीजों या खास कैलोरी डाइट का पालन करने वाले लोगों को इसके सेवन की मात्रा पर ध्यान रखना चाहिए। इसका आप पर असर इस पौष्टिक रेसिपी से दैनिक खानपान में रिफाइंड चीनी की खपत घटाने और प्राकृतिक पोषक तत्वों को शामिल करने में मदद मिलती है। • दैनिक खानपान: शाम की चाय के साथ रिफाइंड चीनी वाले बिस्कुट और तली चीजों के स्थान पर यह एक पौष्टिक विकल्प बनता है। इससे शरीर को खाली कैलोरी के बजाय जरूरी प्रोटीन और फाइबर मिलता है। • किचन बजट: घर में मौजूद साधारण मूंग दाल, खजूर और सामान्य मेवों की मदद से इसे तैयार किया जा सकता है। बाजार की महंगी बिना चीनी वाली मिठाइयों पर अतिरिक्त खर्च करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। • डायबिटीज मरीज: इसमें कृत्रिम चीनी नहीं है फिर भी खजूर में प्राकृतिक मिठास मौजूद होती है। ब्लड शुगर के उतार-चढ़ाव से बचने के लिए ऐसे मरीजों को एक बार में सीमित मात्रा ही खानी चाहिए। • बच्चों का पोषण: बच्चों के टिफिन या खेलकूद के बाद इंस्टेंट एनर्जी देने के लिए यह लड्डू उपयुक्त हैं। बिना नुकसानदेह मिठास के उनके आहार में प्रोटीन की मात्रा आसानी से बढ़ाई जा सकती है। सवाल-जवाब 1. क्या इस लड्डू में चीनी या गुड़ का उपयोग किया जाता है? नहीं, इसमें चीनी या गुड़ की जगह मिठास के लिए केवल खजूर के पेस्ट या अन्य प्राकृतिक स्वीटनर का इस्तेमाल होता है। 2. दाल को पीसने से पहले भूनना क्यों आवश्यक है? दाल को धीमी आंच पर हल्का सुनहरा होने तक भूनने से उसका कच्चापन दूर हो जाता है और लड्डू में सौंधी महक आती है। 3. खजूर को पीसते समय यदि दिक्कत हो तो क्या करें? यदि खजूर ज्यादा सख्त हों तो पीसते वक्त उसमें बहुत थोड़ा सा दूध या पानी मिलाया जा सकता है। 4. क्या डायबिटीज के मरीज यह लड्डू खा सकते हैं? खजूर में प्राकृतिक शुगर पाई जाती है, इसलिए डायबिटीज के मरीजों को इसके सेवन की मात्रा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। https://trendkia.com/food/khajura-ki-prakritika-mithasa-se-taiyara-karen-moong-dal-laddu-sehatamnda-snaika-ka-asana-tarika-34438 TrendKia — Har trend, sabse pehle.