किचन के आम मसालों और पत्तियों से बनाएं ताजी हर्बल चाय, कैफीन घटाने में मिलेगी मदद दूध वाली रोजमर्रा की चाय से हटकर तुलसी, लेमनग्रास, सोंठ और रसोई के मसालों से घर पर ही सुगंधित हर्बल टी मिक्स तैयार किए जा सकते हैं। सुबह सवेरे गर्म प्याली की चुस्की कई लोगों की दिनचर्या की सबसे मजबूत शुरुआत मानी जाती है। जब रोजाना एक ही ढर्रे की कड़क दूध वाली चाय पीते-पीते मन भर जाए या फिर सेहत के लिहाज से कैफीन की मात्रा घटाने की जरूरत महसूस हो, तब रसोई के सामान्य डिब्बों में रखे मसाले और औषधीय पत्तियां एक बेहतरीन विकल्प बनकर सामने आते हैं। इस बदलाव के लिए बाजार के महंगे टी बैग्स या खास पैकेज्ड पाउडर खरीदने का कोई झंझट नहीं होता, बल्कि घर पर मौजूद साधारण चीजों से ही ताजा और सुगंधित हर्बल काढ़ा तैयार किया जा सकता है। हर्बल पत्तियों को सुखाने और सहेजने का सही तरीका हर्ब्स और मसालों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए सबसे बुनियादी नियम नमी को पूरी तरह खत्म करना है। यदि पत्तियों या बीजों में तनिक भी गीलापन रह जाए, तो पूरा मिश्रण बहुत जल्द फफूंद या दुर्गंध का शिकार होकर खराब हो सकता है। तुलसी, पुदीना, लेमनग्रास, अदरक, सौंफ और दालचीनी को ठीक से साफ करके सुखा लेने के बाद महीनों तक काम में लिया जा सकता है। जब भी चाय पीने की इच्छा हो, बस खौलते पानी में एक चुटकी मिश्रण डालकर छानना होता है। हालांकि इस बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि घरेलू जड़ी बूटियों को अत्यधिक मात्रा में लेना सेहत के लिए ठीक नहीं होता। लेमनग्रास से पाएं ताजी खट्टी महक नींबू जैसी हल्की खुशबू देने वाली लेमनग्रास ताजगी का अहसास कराने में सबसे आगे रहती है। इसके हरे पत्तों को चाकू से छोटे-छोटे कतरनों में काट लें और फिर धूप या हवा में अच्छी तरह सुखा लें। सूख जाने के बाद इन कतरनों को किसी एयरटाइट डिब्बे में बंद करके रख दें। एक कप उबलते पानी में थोड़ी सी सूखी लेमनग्रास डालकर कुछ मिनट तक पकाएं और छलनी से छान लें। इसकी प्राकृतिक सुगंध सुस्ती भगाने और स्वाद को एकदम नया रूप देने का काम करती है। तुलसी और पुदीने का सुगंधित मेल तुलसी और पुदीना भारतीय घरों में आसानी से मिल जाते हैं। इन दोनों की हरी पत्तियों को साफ पानी से अच्छी तरह धोकर किसी कपड़े पर फैलाकर पूरी तरह सुखा लें। सूखने के बाद पत्तियों को हाथों से हल्का सा मसल लें ताकि वे छोटे टुकड़ों में बदल जाएं, फिर जार में भर लें। चाय तैयार करते वक्त उबलते पानी में इस मिश्रण की सीमित मात्रा डालें। अधिक ताजगी और तीखे स्वाद के लिए कप में छानने के बाद ऊपर से नींबू के रस की कुछ बूंदें भी मिलाई जा सकती हैं। खड़े मसालों का देसी मसाला टी ब्लेंड यदि आपको तीखा और मसालेदार काढ़ा ज्यादा भाता है, तो रसोई के खड़े मसालों का संयोजन तैयार किया जा सकता है। इसके लिए सौंफ, साबुत धनिया, जीरा और थोड़ी सी दालचीनी लें। इन सभी को तवे पर हल्का सा भून लें जिससे उनकी नमी निकल जाए और भीनी सुगंध आने लगे। इसके बाद इन्हें मिक्सी या ओखली में दरदरा पीसकर किसी बंद डिब्बे में सुरक्षित रख लें। पानी में थोड़ी मात्रा डालकर खौलाने और छानने पर एक लाजवाब सुगंधित मसाला चाय बनकर तैयार हो जाती है। सोंठ, दालचीनी और मुलेठी का गर्माहट भरा मेल सूखी अदरक जिसे सोंठ कहा जाता है, उसे दालचीनी के टुकड़ों के साथ मिलाकर रखना एक असरदार विकल्प है। इस फॉर्मूले में मिठास और गले को आराम देने के लिए थोड़ी मुलेठी भी शामिल की जाती है, परंतु मुलेठी का अनुपात बहुत कम रखना जरूरी है। इस मिश्रण को गर्म पानी में पकाकर पीने से विशेष रूप से ठंडे मौसम में शरीर को भीतर से गर्माहट मिलती है और सुस्ती दूर होती है। संयम और डॉक्टर की सलाह का महत्व कुदरती चीजों से तैयार होने का यह अर्थ कतई नहीं है कि हर्बल पेय को दिनभर असीमित मात्रा में पिया जाए। मुलेठी जैसी जड़ी बूटियों का ज्यादा इस्तेमाल शरीर पर विपरीत असर डाल सकता है। यदि कोई व्यक्ति किसी पुरानी बीमारी से ग्रसित है, नियमित दवाइयां ले रहा है या किसी विशेष तत्व से एलर्जी की शिकायत रखता है, तो किसी भी हर्बल मिश्रण को अपनी नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाने से पहले हमेशा चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए। इसका आप पर असर किचन में मौजूद प्राकृतिक मसालों से चाय तैयार करने से रोजमर्रा के कैफीन और बाजार के महंगे पेय पदार्थों पर होने वाले खर्च में कमी आती है। • कैफीन की कटौती: दिनभर में बार-बार दूध और चीनी वाली चाय पीने की आदत कम होती है। इससे पाचन तंत्र को राहत मिलती है और शरीर में अतिरिक्त कैफीन का स्तर नहीं बढ़ता। • रसोई बजट की बचत: महंगे पैकेज्ड हर्बल टी बैग्स खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती। घर में मौजूद तुलसी, पुदीना, सोंठ और मसालों से महीनों का मिश्रण बेहद कम लागत में तैयार हो जाता है। • भंडारण और इस्तेमाल: एक बार पत्तियों और मसालों को सुखाकर रखने के बाद रोज नई तैयारी नहीं करनी होती। केवल खौलते पानी में चुटकी भर मिश्रण डालकर मिनटों में पेय तैयार किया जा सकता है। • सेहत के प्रति सावधानी: अधिक मात्रा में मुलेठी या सोंठ का काढ़ा पीने से बचना चाहिए। यदि आप किसी बीमारी की दवा ले रहे हैं, तो इसे नियमित करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। ऐसा क्यों हुआ यह घरेलू नुस्खा उन लोगों के लिए सामने आया है जो रोजमर्रा की पारंपरिक चाय से ऊब चुके हैं और कैफीन सेवन को सीमित करना चाहते हैं। • कैफीन से दूरी की चाहत: कई लोग पाचन और सेहत संबंधी कारणों से दूध और कैफीन युक्त चाय का सेवन कम करना पसंद करते हैं। इस वजह से प्राकृतिक हर्बल विकल्पों की तलाश बढ़ती है। • पैकेज्ड उत्पादों की अधिक कीमत: बाजार में मिलने वाले हर्बल टी बैग्स आम चाय की तुलना में काफी महंगे होते हैं। रसोई के सामान्य मसालों को भूनकर और सुखाकर वही काम सस्ते में हो जाता है। • आसान घरेलू उपलब्धता: भारतीय घरों में तुलसी, पुदीना, अदरक, सौंफ और दालचीनी हर वक्त मौजूद रहते हैं। इन्हें सुखाकर रखना बेहद आसान होता है जिससे हर बार ताजा सामग्री तोड़ने का झंझट खत्म हो जाता है। सवाल-जवाब 1. हर्बल टी मिक्स को खराब होने से बचाने के लिए सबसे जरूरी क्या है? मिश्रण को तैयार करते समय पत्तियों और मसालों को पूरी तरह सुखाना जरूरी है ताकि नमी की वजह से फफूंद न लगे। 2. लेमनग्रास की चाय कैसे तैयार की जाती है? सूखे हुए लेमनग्रास के टुकड़ों को एक कप खौलते पानी में कुछ मिनट उबालकर छान लिया जाता है। 3. मसाला टी मिक्स में किन मसालों का इस्तेमाल किया जा सकता है? सौंफ, साबुत धनिया, जीरा और थोड़ी दालचीनी को हल्का भूनकर दरदरा पीसने से मसाला टी तैयार होती है। 4. मुलेठी और सोंठ का सेवन करते समय क्या सावधानी बरतनी चाहिए? मुलेठी की मात्रा बहुत सीमित रखनी चाहिए और नियमित सेवन शुरू करने से पहले किसी बीमारी की स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। https://trendkia.com/food/kichana-ke-ama-masalon-aura-pattiyon-se-banaen-taji-harbala-chaya-kaiphina-ghatane-men-milegi-madada-34528 TrendKia — Har trend, sabse pehle.