कुणाल कपूर की हरी मूंग दाल मुगलई रेसिपी से साधारण डिनर में घोलें शाही जायका रोजमर्रा की साधारण दाल की जगह इस आसान रेसिपी से बनाएं साबुत हरी मूंग की मुगलई दाल। भुने प्याज, मक्खन और घी-लौंग के तड़के से मिलेगा बेहतरीन शाही स्वाद। अगर आप रोज़ाना बनने वाली साधारण दाल-रोटी के जायके से ऊब चुके हैं और डिनर में कुछ नया तथा बेहद स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो यह खास रेसिपी आपके बहुत काम आ सकती है। साबुत हरी मूंग से तैयार होने वाली यह मुगलई दाल खाने में जितनी शाही और स्वाद से भरपूर होती है, इसे बनाना उतना ही आसान है। आमतौर पर भारतीय घरों में हरी मूंग की दाल को बहुत ही सामान्य और हल्के मसालों के साथ पकाया जाता है। हालांकि, अगर इसमें थोड़ा सा शाही तड़का और खास कुकिंग तकनीक जोड़ दी जाए, तो यही सादा व्यंजन किसी खास दावत की मुख्य डिश बन सकता है। प्रसिद्ध सेलिब्रिटी शेफ कुणाल कपूर ने साबुत मूंग से हरी मूंग दाल मुगलई बनाने की एक बेहतरीन और आसान विधि साझा की है। इस रेसिपी की मुख्य खासियत इसमें इस्तेमाल होने वाले भुने प्याज की खुशबू, देसी घी का तड़का, लौंग और सूखी लाल मिर्च का अनूठा मेल है। अंत में डाला गया नींबू का रस और मक्खन इसके स्वाद में बेहतरीन संतुलन पैदा करता है। सामग्री की पूरी सूची शाही अंदाज वाली इस दाल को तैयार करने के लिए सबसे पहले मुख्य घटक के रूप में साबुत हरी मूंग की आवश्यकता होगी। इसके अतिरिक्त, ग्रेवी और मसाले का आधार तैयार करने के लिए प्याज, बारीक कटी हरी मिर्च, कसा हुआ या बारीक कटा अदरक, हल्दी पाउडर, स्वाद अनुसार नमक और मक्खन की जरूरत पड़ेगी। दाल का मुख्य आकर्षण इसका तड़का है, जिसके लिए आपको शुद्ध देसी घी, साबुत सूखी लाल मिर्च और साबुत लौंग की आवश्यकता होगी। पकाने के बिल्कुल अंत में स्वाद को निखारने के लिए ताजा नींबू का रस और ऊपर से मिलाने के लिए अतिरिक्त मक्खन तैयार रखें। मूंग भिगोने और पकाने की सही प्रक्रिया साबुत हरी मूंग को पकाने से पूर्व उसकी सही तैयारी बेहद महत्वपूर्ण होती है। दाल बनाने से पहले साबुत मूंग को साफ पानी से दो-तीन बार अच्छी तरह धो लें। इसके बाद इसे कम से कम 1 घंटे के लिए पर्याप्त पानी में भिगोकर रख दें। यदि आपके पास पहले से योजना बनाने का समय हो, तो मूंग को रातभर के लिए भिगोना सबसे उत्तम माना जाता है। पर्याप्त समय तक भीगने से मूंग के दाने सॉफ्ट हो जाते हैं, जिससे पकने का समय काफी कम हो जाता है और दाल का टेक्सचर भी बहुत बढ़िया आता है। भीगने के बाद मूंग को एक बार फिर साफ पानी से धोकर छान लें। अब इसे पकाने के लिए रख दें। यदि आप घर में प्रेशर कुकर का उपयोग कर रहे हैं, तो उसमें थोड़ा पानी डालकर मूंग को आसानी से उबाला जा सकता है। ध्यान रखें कि उबालते समय पानी की मात्रा संतुलित रहे ताकि दाल बहुत अधिक पतली न बने। धीमी आँच पर प्याज भूनने की कला इस रेसिपी में मुगलई स्वाद का असली राज प्याज को भूनने के तरीके में छुपा होता है। एक अलग पैन में थोड़ा सा घी गर्म करें और उसमें पतले कटे हुए प्याज डालें। प्याज भूनते समय आँच का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। शुरुआत में प्याज को मध्यम आँच पर पकाएं और जैसे ही प्याज हल्का नर्म होने लगे, आँच को बिल्कुल धीमा कर दें। अब प्याज को धीरे-धीरे सुनहरा-भूरा होने तक पकने दें। प्याज को जल्दी पकाने के चक्कर में कभी भी तेज आँच का इस्तेमाल न करें। तेज आँच पर भूनने से प्याज ऊपर से तो काला या जल सकता है, लेकिन अंदर से कच्चा रह जाता है, जिससे दाल में कड़वाहट आ सकती है। जब प्याज अच्छी तरह से एकसमान सुनहरा और भूरा हो जाए, तो उसे पैन से निकालकर एक प्लेट में अलग रख लें। यही भुना हुआ प्याज बाद में दाल को गहरा और शाही मुगलई स्वाद प्रदान करता है। दाल को धीमी आँच पर पकाना और गाढ़ा करना जब उबली हुई मूंग तैयार हो जाए, तो इसे धीमी से मध्यम आँच पर पकने के लिए रखें। अब इसमें पहले से तैयार करके रखा गया भुना प्याज, हल्दी पाउडर, बारीक कटी हरी मिर्च, कटा हुआ अदरक और स्वादानुसार नमक डालें। इसके साथ ही दाल में थोड़ा सा मक्खन भी मिला दें। अब इन सभी सामग्रियों को एक साथ धीमी आँच पर तब तक धीरे-धीरे पकने दें, जब तक कि साबुत मूंग के दाने पूरी तरह से नर्म और सुपाच्य न हो जाएं। जब दाल अच्छी तरह से गल जाए, तो एक बड़े चम्मच की सहायता से दाल के कुछ दानों को हल्का सा दबा दें। ऐसा करने से दाल का गाढ़ापन बढ़ता है और उसमें एक प्राकृतिक क्रीमी टेक्सचर आ जाता है। ध्यान रखें कि पूरी दाल को मैश या पेस्ट नहीं बनाना है। साबुत मूंग के कुछ दाने साबुत दिखाई देने चाहिए, क्योंकि दानेदार बनावट ही इस व्यंजन के स्वाद और देखने में इसके आकर्षण को बनाए रखती है। शाही घी का तड़का और परोसने का तरीका दाल जब पूरी तरह पककर सही गाढ़ी हो जाए, तो इसमें अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण तड़का लगाया जाता है। इसके लिए एक छोटे तड़का पैन में शुद्ध देसी घी गर्म करें। जब घी हल्का गर्म हो जाए, तो इसमें साबुत सूखी लाल मिर्च और लौंग डालें। धीमी आँच पर मसालों को तब तक तड़कने दें जब तक कि लौंग और लाल मिर्च की भीनी-भीनी खुशबू घी में न समा जाए। जैसे ही मसालों की मनभावन सुगंध आने लगे, गैस बंद कर दें। इस गर्म और सुगंधित तड़के को तुरंत तैयार दाल के ऊपर डाल दें और बर्तन को कुछ सेकंड के लिए ढक दें ताकि खुशबू अंदर ही रहे। अंत में, दाल में थोड़ा सा ताजा नींबू का रस निचोड़ें और अपनी पसंद के अनुसार ऊपर से मक्खन मिलाएं। आपकी गरमा-गरम और स्वादिष्ट हरी मूंग दाल मुगलई बनकर पूरी तरह तैयार है। इसे आप डिनर में गरमा-गरम रोटी, तंदूरी नान, पराठे या फिर जीरा राइस के साथ परोस सकते हैं। इसका आप पर असर यह शाही मूंग दाल रेसिपी रोज़मर्रा के भोजन को बिना किसी अतिरिक्त जटिलता के एक विशेष व्यंजन में बदलने का आसान उपाय प्रदान करती है। • किफायती शाही खाना: साधारण साबुत हरी मूंग और रसोई के बुनियादी मसालों से आप घर पर ही ढाबा या रेस्तरां जैसा स्वाद तैयार कर सकते हैं। इससे बाहर से खाना ऑर्डर करने का खर्च बचता है। • बेहतर पाचन और पोषण: मूंग को एक घंटे या रातभर भिगोने से यह सुपाच्य बनती है और पकाने का समय भी काफी कम हो जाता है। यह शरीर को भरपूर प्रोटीन और पोषण देती है। • समय की बचत: प्रेशर कुकर के सही इस्तेमाल से यह व्यंजन कम समय में तैयार हो जाता है, जिससे व्यस्त दिनचर्या में भी झटपट डिनर बनाया जा सकता है। • विविधता और नया स्वाद: रोज़ की एक जैसी दाल से ऊबे परिवार के सदस्यों को यह नया मुगलई स्वाद बेहद पसंद आता है। बच्चे और बड़े दोनों इसे चाव से खाते हैं। • परोसने के लचीले विकल्प: इस दाल को गरमा-गरम रोटी, नान, पराठे या चावल के साथ आसानी से परोसा जा सकता है, जिससे डिनर का मेनू तुरंत खास बन जाता है। सवाल-जवाब 1. हरी मूंग दाल मुगलई बनाने के लिए मूंग को कितनी देर भिगोना चाहिए? साबुत हरी मूंग को बनाने से पहले अच्छी तरह धोकर कम से कम 1 घंटे के लिए पानी में भिगोना चाहिए। अगर समय हो तो इसे रातभर भिगोकर रखना और भी बेहतर होता है। 2. इस रेसिपी में प्याज को भूनते समय क्या सावधानी रखनी चाहिए? प्याज को पहले मध्यम आँच पर पकाएं और फिर आँच धीमी करके धीरे-धीरे सुनहरा-भूरा होने तक भूनें। इसे तेज आँच पर न भूनें, वरना प्याज ऊपर से जल सकता है और अंदर से कच्चा रह जाएगा। 3. दाल को गाढ़ा और क्रीमी बनाने के लिए क्या करना पड़ता है? दाल अच्छी तरह गल जाने के बाद चम्मच की मदद से कुछ दानों को हल्का दबा देना चाहिए। इससे दाल बिना पूरी तरह मैश हुए स्वाभाविक रूप से गाढ़ी और क्रीमी हो जाती है। 4. हरी मूंग दाल मुगलई के तड़के में किन मसालों का इस्तेमाल होता है? तड़के के लिए एक छोटे पैन में घी गर्म करके उसमें सूखी लाल मिर्च और लौंग डाली जाती है। खुशबू आने पर इसे तैयार दाल के ऊपर डाला जाता है। 5. इस शाही दाल को किन चीजों के साथ परोसा जा सकता है? इस तैयार हरी मूंग दाल मुगलई को गरमा-गरम रोटी, नान, पराठे या चावल के साथ परोसा जा सकता है। https://trendkia.com/food/kunal-kapoor-ki-hari-munga-dala-mugalai-resipi-se-sadharana-dinara-men-gholen-shahi-jayaka-26312 TrendKia — Har trend, sabse pehle.