# लसोड़े का पारंपरिक अचार: दादी-नानी के नुस्खे से घर पर तैयार करें जायकेदार रेसिपी

> गर्मी के मौसम में मिलने वाले लसोड़े का अचार स्वाद और सेहत का बेहतरीन मेल है। इस सरल विधि से आप साल भर चलने वाला स्वादिष्ट अचार घर पर आसानी से बना सकते हैं।

**Type:** article · **Category:** खानपान · **Published:** 2026-07-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/lasoda-ka-parnparika-achara-dadi-nani-ke-nuskhe-se-ghara-para-taiyara-karen-jayakedara-resipi-5921 · **Language:** Hindi
**Tags:** लसोड़े का अचार, भारतीय अचार रेसिपी, पारंपरिक रेसिपी, गर्मियों की रेसिपी, होममेड अचार

लसोड़ा, जिसे कुछ इलाकों में गोंदा या निसोरा के नाम से भी जाना जाता है, एक छोटे आकार का हरा फल है जो जंगली पेड़ों पर उगता है। वनस्पति विज्ञान की भाषा में इसे Cordia dichotoma कहा जाता है। भारत के राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में यह खूब पाया जाता है। गर्मी के महीनों में जब इन फलों की पैदावार अधिक होती है, तभी इनसे पारंपरिक अचार बनाने का सही समय होता है।

## अचार की खासियत और बनावट
इस अचार की सबसे बड़ी विशेषता इसका अनूठा टेक्सचर है। लसोड़े के फल के भीतर एक हल्का चिपचिपा गूदा होता है, जो मसालों को अपने भीतर समा लेने में मदद करता है। यही कारण है कि मसालों का स्वाद फल के अंदर तक गहराई से पहुंच जाता है, जिससे हर निवाले में जबरदस्त स्वाद मिलता है।

## सामग्री और जरूरी तैयारी
राजस्थान से लेकर पंजाब और गुजरात तक, घरों में लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं। इसके तीखे, खट्टे और मसालेदार स्वाद को बनाए रखने के लिए सही सामग्री का चयन बहुत जरूरी है। अचार में इस्तेमाल होने वाली मुख्य सामग्री इस प्रकार है: 500 ग्राम लसोड़े, 1 कप सरसों का तेल, 2 बड़े चम्मच नमक (स्वादानुसार), 2 बड़े चम्मच दरदरी पिसी हुई राई, 1 बड़ा चम्मच हल्का भुना और दरदरा कुटा हुआ मेथी दाना, 2 बड़े चम्मच दरदरी कुटी सौंफ, 1 बड़ा चम्मच हल्दी, 2 बड़े चम्मच लाल मिर्च पाउडर, आधा छोटा चम्मच हींग, 1 बड़ा चम्मच साबुत कलौंजी और यदि आप चाहें तो 2-3 बड़े चम्मच नींबू का रस या सफेद सिरका।

## अचार बनाने की चरणबद्ध विधि
सबसे पहले लसोड़ों को साफ पानी में अच्छी तरह धो लें। एक बर्तन में थोड़ा पानी और नमक डालकर इसे 5 से 7 मिनट तक उबालें। सावधानी बरतें कि इन्हें ज्यादा न उबालें, अन्यथा ये अत्यधिक गल जाएंगे। उबलने के बाद पानी छान लें और लसोड़ों को किसी छलनी में फैला दें। इन्हें तब तक सूखने दें जब तक कि इनका पानी पूरी तरह खत्म न हो जाए। नमी की एक बूंद भी अचार को खराब कर सकती है।

एक गहरे बर्तन में राई, मेथी, सौंफ, हल्दी, हींग, कलौंजी, लाल मिर्च और नमक डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें। यह मिश्रण ही अचार की आत्मा है। इसके बाद, एक कड़ाही में सरसों का तेल तब तक गर्म करें जब तक कि वह धुआं छोड़ने लगे और उसका कच्चापन पूरी तरह दूर न हो जाए। तेल को आंच से उतारकर बिल्कुल ठंडा कर लें।

जब तेल ठंडा हो जाए, तो सूखे हुए लसोड़ों पर तैयार मसाले डालें। ऊपर से ठंडा सरसों का तेल डालकर अच्छी तरह मिलाएं ताकि प्रत्येक फल पर मसालों और तेल की एक समान परत चढ़ जाए। इस अवस्था में आप स्वाद के लिए नींबू का रस या सिरका डाल सकते हैं। अब इसे एक सूखे कांच के जार में भर दें। जार को ढक्कन से बंद करके लगातार 4 से 5 दिनों तक रोजाना 3 से 4 घंटे की धूप दिखाएं। अचार को हिलाते रहने के लिए हमेशा साफ और सूखी चम्मच का ही उपयोग करें। करीब एक सप्ताह में यह पूरी तरह खाने के लिए तैयार हो जाएगा।

## सेहत के लिए लसोड़े के लाभ
लसोड़ा न केवल स्वाद बढ़ाता है, बल्कि पोषण भी देता है। इसमें विटामिन C, नेचुरल फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स की प्रचुर मात्रा होती है। फाइबर पाचन शक्ति को दुरुस्त रखता है, जबकि एंटीऑक्सीडेंट्स ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करते हैं। हालांकि, अचार में नमक और तेल का इस्तेमाल अधिक होता है, इसलिए जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर, किडनी से जुड़ी समस्याएं हैं या जो लोग लो-सॉल्ट डाइट पर हैं, उन्हें इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।

## परिवेश और उपयोग
लसोड़े का अचार बहुमुखी है। इसे पराठे, पूरी, दाल-चावल, खिचड़ी या बाजरे और मिस्सी रोटी के साथ परोसा जा सकता है। अपनी लंबी सेल्फ-लाइफ के कारण लोग इसे यात्राओं के दौरान भी साथ ले जाना पसंद करते हैं, क्योंकि यह सामान्य भोजन का स्वाद भी दोगुना कर देता है।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** यह अचार लंबे समय तक खराब नहीं होता, जिससे बिना फ्रिज के भी इसे महीनों तक इस्तेमाल किया जा सकता है।

**सावधानी:** हाई ब्लड प्रेशर या किडनी की बीमारी वाले लोगों को इसमें मौजूद नमक और तेल की अधिकता के कारण इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए।

## सवाल-जवाब

### 1. लसोड़े का अचार खराब होने से कैसे बचाएं?
अचार को खराब होने से बचाने के लिए लसोड़ों को उबालने के बाद पूरी तरह सुखाना जरूरी है ताकि उनमें नमी न रहे। हमेशा सूखे और साफ कांच के जार का उपयोग करें और अचार निकालते समय सूखी चम्मच का इस्तेमाल करें।

### 2. लसोड़े को उबालते समय किन बातों का ध्यान रखें?
लसोड़े को केवल 5 से 7 मिनट तक ही उबालें। ज्यादा देर उबालने से वे बहुत नरम हो जाएंगे और उनका टेक्सचर बिगड़ जाएगा।

### 3. अचार में राई का क्या महत्व है?
राई अचार को एक खास खटास और तीखापन देती है, जो लसोड़े के चिपचिपे गूदे के साथ मिलकर इसे संतुलित स्वाद प्रदान करती है।

### 4. क्या लसोड़े का अचार स्वास्थ्य के लिए अच्छा है?
हां, लसोड़े में विटामिन C, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। हालांकि, नमक और तेल की अधिकता के कारण इसका सेवन सीमित मात्रा में करना ही उचित है।

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