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  "type": "article",
  "title": "लौकी न खाने वालों को भी पसंद आएगा यह नाश्ता, सूजी और बेसन से यूं बनाएं कुरकुरे पकोड़े",
  "summary": "अगर परिवार में लोग लौकी की सब्जी से कतराते हैं, तो कद्दूकस की हुई लौकी, सूजी और बेसन से झटपट तैयार करें शाम की चाय के लिए लाजवाब करारे पकोड़े.",
  "content": "घर के खाने में लौकी का नाम आते ही अक्सर बच्चों से लेकर बड़ों तक के चेहरे उतर जाते हैं। पौष्टिकता से भरपूर होने के बावजूद सादी सब्जी के तौर पर इसे खाने में लोग हिचकिचाते हैं। ऐसे में अगर उसी लौकी को एक नए और चटपटे अंदाज में पेश किया जाए, तो वही लोग इसे बड़े चाव से खाने लगेंगे। कद्दूकस की हुई ताजी लौकी को बेसन, सूजी, प्याज और रोजमर्रा के पिसे मसालों के साथ मिलाकर बनाए जाने वाले पकोड़े शाम के नाश्ते के लिए बेहतरीन विकल्प साबित होते हैं। यह बाहर से बेहद कुरकुरे और अंदर से एकदम मुलायम बनते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि इस स्वादिष्ट व्यंजन को तैयार करने के लिए बाजार से कोई अलग या महंगी सामग्री लाने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि रसोई में मौजूद आम चीजों से ही यह झटपट बनकर तैयार हो जाता है।\n\nमौसम जब ठंडा हो या शाम के समय रिमझिम बारिश हो रही हो, तब गरमागरम चाय की चुस्कियों के साथ कुछ तला-भुना और करारा खाने की इच्छा हर किसी की होती है। ऐसे मौकों पर यह खास नाश्ता आपकी शाम का मजा दोगुना कर सकता है। जिन बच्चों को लौकी की पारंपरिक सब्जी बिल्कुल पसंद नहीं है, उन्हें यह पौष्टिक सब्जी खिलाने का यह एक असरदार और मजेदार तरीका है। हरी चटनी और भाप उड़ती चाय के साथ जब आप इन पकोड़ों को परोसेंगे, तो प्लेट देखते ही देखते खाली हो जाएगी।\n\nपकोड़े तैयार करने के लिए जरूरी सामग्री\nइस आसान और स्वादिष्ट नाश्ते को तैयार करने के लिए बहुत कम चीजों की आवश्यकता होती है। इसके लिए मुख्य सामग्री के रूप में एक कप कद्दूकस की हुई ताजी लौकी, आधा कप बारीक कटा हुआ प्याज, आधा कप बेसन और दो बड़े चम्मच सूजी की जरूरत होगी। स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए दो बारीक कटी हरी मिर्च, थोड़ा बारीक कटा हरा धनिया, दो चम्मच सादा दही, एक चम्मच लाल मिर्च पाउडर और एक चम्मच धनिया पाउडर तैयार रखें। इसके साथ ही आधा चम्मच ऑरिगैनो, आधा चम्मच चिली फ्लेक्स और स्वादानुसार नमक भी शामिल करें। पकोड़ों को अच्छी तरह तलने के लिए आवश्यकतानुसार कुकिंग ऑयल की व्यवस्था कर लें।\n\nइस पूरी सामग्री में दो चम्मच सूजी का इस्तेमाल बेहद अहम माना जाता है, इसलिए इसे नजरअंदाज बिल्कुल न करें। सूजी की मौजूदगी से पकोड़ों की ऊपरी परत में एक शानदार और हल्का कुरकुरापन आता है, जो लंबे समय तक बना रहता है। अगर आपके घर में बच्चे हैं या कोई सदस्य अधिक तीखा खाना पसंद नहीं करता, तो आप अपनी पसंद और जरूरत के हिसाब से हरी मिर्च और चिली फ्लेक्स की मात्रा कम भी कर सकते हैं।\n\nबैटर बनाने का सही तरीका\nपकोड़े बनाने की शुरुआत लौकी की सही तैयारी से होती है। सबसे पहले लौकी को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें, फिर उसका छिलका उतारकर उसे कद्दूकस की बारीक जाली से घिस लें। कद्दूकस करने के बाद यदि लौकी बहुत अधिक पानी छोड़ रही हो, तो उसे हल्के हाथों से दबाकर अतिरिक्त पानी निकाल लें। ऐसा करने से मिश्रण गीला नहीं होता और तलते समय पकोड़े तेल कम सोखते हैं।\n\nइसके बाद एक फैले हुए बड़े बर्तन में कद्दूकस की हुई लौकी, बारीक कटा प्याज, बेसन, सूजी, कटी हुई हरी मिर्च, बारीक कटा हरा धनिया और दही डालें। इन सभी को आपस में अच्छी तरह मिला लें। अब इसमें लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, ऑरिगैनो, चिली फ्लेक्स और नमक डालें। सूखे मसालों को मिश्रण में मिलाने के बाद जरूरत के मुताबिक थोड़ा-थोड़ा पानी डालें। ध्यान रहे कि पानी एक साथ न डालें, ताकि घोल अत्यधिक पतला न हो जाए। पकोड़े का बैटर इतना गाढ़ा होना चाहिए कि जब आप उसे चम्मच से उठाएं, तो वह बिना बिखरे आसानी से नीचे गिरे।\n\nतलने की सही विधि और ध्यान रखने योग्य बातें\nकड़ाही में पर्याप्त तेल डालें और उसे मध्यम आंच पर अच्छी तरह गर्म होने दें। जब तेल सही तापमान पर आ जाए, तब हाथ से या एक चम्मच की सहायता से मिश्रण का थोड़ा-थोड़ा हिस्सा तेल में डालें। यहां इस बात का खास ख्याल रखें कि कड़ाही में एक साथ बहुत सारे पकोड़े न भरें, क्योंकि आपस में चिपक जाने से वे समान रूप से नहीं सिक पाते और उनका आकार भी बिगड़ जाता है।\n\nपकोड़ों को कड़ाही में डालने के बाद शुरुआत में मध्यम आंच पर ही धीरे-धीरे पकने दें। जब उनकी निचली सतह सुनहरी और सख्त होने लगे, तब उन्हें सावधानी से पलट दें। दोनों तरफ से हल्का सुनहरा और पूरी तरह कुरकुरा होने तक इन्हें तलें। जब पकोड़े दोनों ओर से अच्छी तरह सिक जाएं, तो उन्हें जालीदार करछी से कड़ाही से बाहर निकाल लें और किसी टिश्यू पेपर पर रखें, जिससे उनका अतिरिक्त तेल पूरी तरह सोख लिया जाए।\n\nचाय और चटनी के साथ करें परोसने की तैयारी\nतैयार गरमागरम लौकी के पकोड़ों को ताजे हरे धनिए और पुदीने की तीखी चटनी, मीठी टमाटर की चटनी या फिर अपनी पसंदीदा डिप के साथ मेज पर सजाएं। अदरक वाली कड़क चाय के साथ इनका मेल लाजवाब लगता है। अक्सर घरों में किसी सब्जी को केवल इसलिए छोड़ दिया जाता है क्योंकि उसका रोजमर्रा का तरीका उबाऊ हो जाता है। ऐसे में सब्जी बदलने के बजाय उसे पकाने का सलीका बदल देना पूरे परिवार का स्वाद बदल सकता है। शाम के नाश्ते में यह छोटा सा बदलाव न सिर्फ हर किसी को पसंद आएगा, बल्कि यह साबित करेगा कि सही तकनीक से साधारण लौकी भी बेहद लजीज बन सकती है। बस बैटर के गाढ़ेपन और लौकी के पानी की मात्रा पर सही ध्यान देना जरूरी है।\n\nइसका आप पर असर\nयह आसान घरेलू रेसिपी रोजमर्रा के भोजन में पौष्टिक सब्जियों को शामिल करने और शाम के समय रसोई का बजट संतुलित रखने में मदद करती है।\n\n• रसोई का बजट: घर में पहले से मौजूद बेसन, सूजी और प्याज जैसी सामान्य चीजों से यह नाश्ता तैयार हो जाता है। बाहर से महंगे पैक्ड स्नैक्स मंगाने के मुकाबले यह काफी किफायती और सुरक्षित विकल्प है।\n• बच्चों का खानपान: जो बच्चे सामान्य तौर पर लौकी की सब्जी खाने से मना करते हैं, वे इसे शौक से खा लेते हैं। बिना किसी मशक्कत के उन्हें हरी सब्जियों के जरूरी पोषक तत्व आसानी से मिल जाते हैं।\n• समय की बचत: शाम की चाय तैयार होने के समय में ही यह नाश्ता कुछ ही मिनटों में बनकर तैयार हो जाता है। कामकाजी लोगों और व्यस्त गृहिणियों के लिए यह झटपट नाश्ता बनाने की बेहतरीन तरकीब है।\n• कम तेल की खपत: लौकी का अतिरिक्त पानी निचोड़ देने और सूजी मिलाने से पकोड़े अधिक तेल नहीं पीते हैं। इस वजह से यह पारंपरिक तले हुए पकवानों की तुलना में पेट पर भारी नहीं पड़ते।\n\nऐसा क्यों हुआ\nअक्सर घरों में सादी हरी सब्जियों का एक जैसा स्वाद लोगों को उबाऊ लगने लगता है, जिसके चलते वे इसे खाने से कतराते हैं। पकाने का तरीका बदलकर उसी सब्जी को आकर्षक और कुरकुरे स्नैक में ढाला जा सकता है।\n\n• सब्जी का एक जैसा स्वाद: रोज एक ही मसाले और ग्रेवी में पकी लौकी देखकर परिवार के सदस्यों की रुचि खत्म हो जाती है। जब उसी सब्जी को कद्दूकस करके बेसन और मसालों के साथ तला जाता है, तो उसका स्वाद बिल्कुल बदल जाता है।\n• सूजी का वैज्ञानिक उपयोग: बेसन के घोल में केवल सब्जियां मिलाने पर अक्सर पकोड़े अंदर से गीले या नरम रह जाते हैं। मिश्रण में सूजी मिलाने से नमी संतुलित होती है और तलने पर बाहरी सतह पर बेहतर कुरकुरापन आता है।\n• अतिरिक्त पानी की समस्या: लौकी में स्वाभाविक रूप से जल तत्व की मात्रा बहुत अधिक होती है। यदि घिसने के बाद उसे हल्का न निचोड़ा जाए, तो नमक मिलते ही बैटर पतला हो जाता है और पकोड़े आकार नहीं ले पाते।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. लौकी के पकोड़े कुरकुरे बनाने के लिए क्या मिलाना जरूरी है?\nपकोड़ों में कुरकुरापन लाने के लिए बैटर में दो बड़े चम्मच सूजी मिलाना बेहद जरूरी है, इससे पकोड़े बाहर से क्रिस्पी बनते हैं।\n\n2. लौकी कद्दूकस करने के बाद पानी निचोड़ना क्यों जरूरी है?\nलौकी में अधिक पानी होने से बैटर पतला हो सकता है, इसलिए अतिरिक्त पानी निचोड़ लेने से पकोड़े सही आकार में बनते हैं और कम तेल सोखते हैं।\n\n3. पकोड़े तलते समय आंच कैसी रखनी चाहिए?\nपकोड़ों को मध्यम आंच पर तलना चाहिए ताकि वे अंदर से अच्छी तरह पक जाएं और बाहर से सुनहरे व कुरकुरे बनें।\n\n4. अगर तीखा कम पसंद हो तो क्या बदलाव करें?\nकम तीखा पसंद करने वाले लोग अपनी पसंद के अनुसार हरी मिर्च और चिली फ्लेक्स की मात्रा कम कर सकते हैं।",
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  "category": "खानपान",
  "publishedAt": "2026-09-19",
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    "लौकी के पकोड़े",
    "शाम का नाश्ता",
    "चाय स्नैक्स",
    "सूजी के पकोड़े",
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