# मधुबनी के अरेर चौक पर शाम ढलते ही क्यों जुटती है भारी भीड़? जानिए 100 साल पुराने बैजू बम का ज़ायका

> बिहार के मधुबनी में 100 साल पुरानी बैजू साह की दुकान का 'बैजू बम' आज भी बेहद लोकप्रिय है, जिसे खाने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं।

**Type:** article · **Category:** खानपान · **Published:** 2026-08-17 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/madhubani-ke-arer-chauka-para-shama-dhalate-hi-kyon-jutati-hai-bhari-bhira-janie-100-sala-purane-baiju-bam-ka-zayaka-17667 · **Language:** Hindi
**Tags:** बैजू बम, मधुबनी, बिहार स्ट्रीट फूड, आलू बम, मिथिला व्यंजन, स्ट्रीट फूड रेसिपी

बिहार के मधुबनी जिले में शाम होते ही खाद्य प्रेमियों का रुख एक खास चौराहे की तरफ हो जाता है। अरेर बीचला छला चौक पर बनी एक छोटी सी दुकान में मिलने वाला 'बैजू बम' या 'आलू बम' अपने तीखे स्वाद और अनोखी रेसिपी के लिए पूरे क्षेत्र में प्रसिद्ध है। आम आलू चोप या पकोड़ों से अलग, इस खास पकवान को बनाने का तरीका काफी पारंपरिक है। इसे चखने के लिए लोग घंटों इंतजार करने को तैयार रहते हैं और दूर-दूर से इस दुकान का पता पूछते हुए पहुंचते हैं।

## सैकड़ों साल पुरानी परंपरा और बैजू साह की विरासत
इस ऐतिहासिक दुकान की शुरुआत लगभग 100 साल पहले बैजू साह ने की थी। उनके बनाए आलू बम के अनोखे स्वाद की वजह से स्थानीय लोगों ने प्यार से इस दुकान का नाम ही 'बैजू बम' रख दिया। समय के साथ यह दुकान तीन पीढ़ियों से सफलता के साथ चलाई जा रही है। बैजू साह के बाद उनके बेटे ने इसे संभाला और अब उनके पोते उसी पुरानी जगह पर आगे से झोपड़ीनुमा दुकान में इस परंपरा को जीवित रखे हुए हैं। इस पकवान का नाम मिथिला की संस्कृति में इतना रच-बस चुका है कि मैथिली भाषा के कई लोकगीतों में भी इसका जिक्र देखने को मिलता है। लगभग 70 से 80 किलोमीटर दूर से लोग विशेष रूप से इसे खाने और अपने साथ पैक करवा कर ले जाने आते हैं।

## चना दाल और लहसुन के मसाले का खास ज़ायका
आम तौर पर आलू के नमकीन पकवानों में आलू के अंदर साधारण मसाले मिलाए जाते हैं और फिर बेसन में लपेटकर तला जाता है। हालांकि, बैजू बम की असल पहचान इसके आलू के अंदर भरी जाने वाली गुप्त मसालेदार सामग्री है। इस सीक्रेट मसाले को तैयार करने के लिए सबसे पहले चना दाल को भिगोया जाता है। फिर इसमें प्रचुर मात्रा में लहसुन, नमक, मिर्च, हल्दी, धनिया और गरम मसाला मिलाकर अच्छी तरह फ्राई किया जाता है। जब यह चटपटा मसाला तैयार हो जाता है, तब इसे उबले आलू के बीच में भरा जाता है। इसके बाद बेसन का घोल चढ़ाकर इसे पकाया जाता है, जो इसे बेजोड़ स्वाद देता है।

## मिट्टी का चूल्हा और हर शाम 10 हजार पीस की बिक्री
आज के आधुनिक युग में भी इस दुकान पर बनाने की तकनीक पूरी तरह पारंपरिक है। बैजू बम को मिट्टी के चूल्हे पर कोयले की आग जलाकर लोहे की भारी कढ़ाई में तेल डालकर डीप फ्राई किया जाता है। चूल्हे की आंच और लोहे की कढ़ाई का यह संयोजन इसे एक खास देसी फ्लेवर प्रदान करता है। यह दुकान शाम 4:00 बजे खुलती है और रात 8:00 बजे तक यानी केवल 4 घंटे ही संचालित होती है। इन 4 घंटों के भीतर ही 10,000 पीस से अधिक बैजू बम बिक जाते हैं। त्यौहारों और खास मौकों पर तो बिक्री का यह आंकड़ा और भी बढ़ जाता है, जहाँ लोग पहले से ऑर्डर देकर इसे मंगवाते हैं।

## सस्ता, स्वादिष्ट और पेट भरने वाला नाश्ता
एक बैजू बम की कीमत केवल ₹20 रखी गई है। इसके साथ प्लेट में थोड़ा सा कुरकुरा मुढ़ी (मुरमुरा या भुना हुआ चावल) परोसा जाता है। केवल एक पीस खाने से ही शाम का नाश्ता पूरा हो जाता है और पेट भर जाता है। इसका तीखा और चटपटा स्वाद ऐसा है कि एक बार चखने के बाद लोग बार-बार यहाँ खींचे चले आते हैं। यही कारण है कि यह सिर्फ एक नाश्ता नहीं, बल्कि मधुबनी के खान-पान का एक ऐतिहासिक हिस्सा बन चुका है।

## इसका आप पर असर
**स्थानिक असर (मधुबनी/बिहार):** अरेर बीचला छला चौक पर शाम 4 बजे से रात 8 बजे के बीच जाकर मात्र ₹20 में 100 साल पुराना पारंपरिक बैजू बम और मुढ़ी का आनंद लिया जा सकता है।

**व्यापक असर:** भारत भर के भोजन प्रेमी और पर्यटक जब भी मिथिला या उत्तर बिहार की यात्रा करें, तो वे इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक व्यंजन का स्वाद चख सकते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. बैजू बम क्या है और यह कहाँ मिलता है?
बैजू बम बिहार के मधुबनी जिले में अरेर बीचला छला चौक पर स्थित एक प्रसिद्ध 100 साल पुरानी दुकान का खास आलू पकवान है।

### 2. बैजू बम के अंदर कौन सा सीक्रेट मसाला भरा जाता है?
इसके अंदर भिगोई हुई चना दाल, बहुत सारा लहसुन, नमक, मिर्च, हल्दी, धनिया और गरम मसाला फ्राई करके आलू के बीच में भरा जाता है।

### 3. बैजू बम दुकान की टाइमिंग क्या है और एक दिन में कितने पीस बिकते हैं?
यह दुकान शाम 4:00 बजे से रात 8:00 बजे तक सिर्फ 4 घंटे खुलती है, जिसमें 10,000 से अधिक पीस बिक जाते हैं।

### 4. एक बैजू बम की कीमत कितनी है और इसके साथ क्या मिलता है?
एक बैजू बम की कीमत ₹20 है और इसके साथ थोड़ा सा मुरही (मुढ़ी) खाने को मिलता है।

## प्रेरणा और सबक
**परंपरा की रक्षा:** तीन पीढ़ियों से उसी मिट्टी के चूल्हे और पारंपरिक लोहे की कढ़ाई वाली झोपड़ी में पकवान बनाकर मौलिक स्वाद को बचाए रखा गया है।

**गुणवत्ता पर ध्यान:** गुप्त लहसुन-चना दाल मसाले जैसी विशिष्टता के कारण ग्राहकों का विश्वास दशक दर दशक बना रहता है।

**किफायती मूल्य:** ₹20 जैसे किफायती दाम में गुणवत्तायुक्त नाश्ता देकर आम लोगों से गहरा जुड़ाव कायम रखा गया है।

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