# महंगाई को मात: पलामू में आज भी मिल रहा है सिर्फ दो रुपये में गर्मागर्म मिनी समोसा

> पलामू के मेदिनीनगर में सुदना पुलिस लाइन रोड स्थित आजाद नगर के पास एक अनोखी दुकान आज भी केवल 2 रुपये में स्वादिष्ट और गर्मागर्म मिनी समोसा परोस रही है।

**Type:** article · **Category:** खानपान · **Published:** 2026-07-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/mahngai-ko-mata-palamu-men-aja-bhi-mila-raha-hai-sirpha-do-rupaye-men-garmagarma-mini-samosa-6155 · **Language:** Hindi
**Tags:** पलामू समाचार, मेदिनीनगर, स्ट्रीट फूड, मिनी समोसा, झारखंड पर्यटन, अनोखी दुकान

आज के इस दौर में जब महंगाई चरम पर है और एक साधारण समोसा भी कम से कम पांच से दस रुपये या उससे अधिक में मिलता है, झारखंड के पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में एक ऐसी दुकान है जो इस नियम को चुनौती दे रही है। सुदना पुलिस लाइन रोड पर आजादनगर के नजदीक स्थित यह छोटी सी दुकान आज भी अपने ग्राहकों को मात्र 2 रुपये में गर्मागर्म और बेहद स्वादिष्ट मिनी समोसे खिला रही है। अपने बेमिसाल स्वाद और बेहद कम दाम की वजह से यह दुकान पिछले कई दशकों से स्थानीय लोगों के दिलों पर राज कर रही है।

 

## एक रुपये के सफर से शुरू हुई कहानी

इस मिनी समोसे की दुकान की शुरुआत आज से लगभग 26 साल पहले अनिल जायसवाल ने की थी। उन्होंने एक छोटे से ठेले पर इस कारोबार को शुरू किया था, जहां वे शुरुआत में केवल 1 रुपये में एक समोसा बेचते थे। बढ़ती महंगाई के बावजूद उन्होंने लंबे समय तक इस दाम को नहीं बदला। हालांकि, कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण साल 2026 में पहली बार इस समोसे की कीमत बढ़ाकर 2 रुपये की गई, जो आज के समय में भी अविश्वसनीय रूप से बेहद सस्ती है।

 

## पिता की विरासत को संभाल रहे हैं डब्लू

वर्तमान में इस दुकान को अनिल जायसवाल के बेटे डब्लू जायसवाल चला रहे हैं। डब्लू पिछले आठ सालों से अपने पिता के इस पारंपरिक कारोबार को पूरी लगन के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। इस दुकान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सभी समोसे आज भी घर पर ही पूरी साफ-सफाई के साथ तैयार किए जाते हैं। इन छोटे समोसों का लाजवाब स्वाद और उनका कुरकुरापन ही वह मुख्य वजह है जो ग्राहकों को बार-बार यहां खींच लाती है।

 

## हर दिन बिकते हैं हजार समोसे और खास चटनियों का स्वाद

दुकान पर ग्राहकों का तांता दोपहर से ही लगना शुरू हो जाता है। डब्लू जायसवाल के मुताबिक, वे हर रोज लगभग 1000 मिनी समोसे बेच देते हैं। यह दुकान रोजाना दोपहर 3 बजे खुलती है और रात 8 बजे तक ग्राहकों की सेवा में हाजिर रहती है। शाम के समय तो यहां तिल रखने की भी जगह नहीं होती और लोग अपनी बारी का इंतजार करने के लिए कतारों में खड़े रहते हैं। यहां समोसे के साथ मिलने वाली चटनी भी बेहद खास है, आम दिनों में ग्राहकों को ताजी हरी धनिया की चटनी दी जाती है, जबकि बारिश के दिनों में चना और मूंगफली को मिलाकर एक विशेष स्वादिष्ट चटनी तैयार की जाती है। इसके अलावा, दुकान पर 20 रुपये में पांच मिनी समोसों से बनी लाजवाब चाट और 15 रुपये में दो ब्रेड चॉप भी बेचे जाते हैं।

 

## दूसरे जिलों तक फैली इस दुकान की ख्याति

इस दुकान की प्रसिद्धि अब सिर्फ मेदिनीनगर या पलामू तक ही सीमित नहीं रह गई है। पड़ोस के गढ़वा जिले से भी बड़ी संख्या में लोग इन कुरकुरे समोसों का लुत्फ उठाने के लिए यहां पहुंचते हैं। कई लोग तो अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों के लिए बड़े पैकेटों में इन समोसों को पैक करवाकर घर ले जाते हैं। ढाई दशक से अधिक समय तक ग्राहकों का अटूट भरोसा बनाए रखना इस दुकान की सबसे बड़ी कामयाबी है, जो यह साबित करती है कि अगर कारोबार में ईमानदारी और गुणवत्ता बनी रहे तो ग्राहक कभी साथ नहीं छोड़ते।

## इसका आप पर असर
- **भारत भर में:** यह कहानी साबित करती है कि कम कीमत और उच्च गुणवत्ता वाले पारंपरिक व्यापार मॉडल आज के आधुनिक महंगाई के दौर में भी बड़े ब्रांड्स को टक्कर दे सकते हैं।
- **पलामू (झारखंड) में:** स्थानीय निवासियों और यात्रियों को आज भी बेहद किफायती दरों पर स्वच्छ, स्वादिष्ट और पारंपरिक स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लेने का अवसर मिल रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. पलामू की यह प्रसिद्ध मिनी समोसा दुकान कहां स्थित है?
यह प्रसिद्ध दुकान पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर के सुदना पुलिस लाइन रोड पर आजादनगर के पास स्थित है।

### 2. इस दुकान की शुरुआत कब और किसने की थी?
इस दुकान की शुरुआत करीब 26 साल पहले अनिल जायसवाल ने एक छोटे से ठेले पर की थी, जहां शुरुआती दिनों में एक समोसा मात्र 1 रुपये में मिलता था।

### 3. वर्तमान में इस दुकान का संचालन कौन कर रहा है?
वर्तमान में संस्थापक अनिल जायसवाल के बेटे डब्लू जायसवाल इस दुकान का संचालन कर रहे हैं, जो पिछले आठ वर्षों से अपने पिता के काम को संभाल रहे हैं।

### 4. इस दुकान की टाइमिंग क्या है और हर दिन कितने समोसे बिकते हैं?
यह दुकान दोपहर 3 बजे से रात 8 बजे तक खुली रहती है और यहां हर दिन करीब 1000 मिनी समोसों की बिक्री होती है।

### 5. यहां मिलने वाली चटनी में क्या खास बात है?
सामान्य दिनों में यहां ताजी धनिया की चटनी मिलती है, जबकि बरसात के मौसम में चना और मूंगफली को मिलाकर विशेष स्वादिष्ट चटनी बनाई जाती है।

### 6. दुकान पर समोसे के अलावा कौन-कौन से व्यंजन मिलते हैं?
यहां 20 रुपये में पांच मिनी समोसों से बनी स्वादिष्ट चाट और 15 रुपये में दो ब्रेड चॉप भी ग्राहकों को परोसे जाते हैं।

## प्रेरणा और सबक
- **गुणवत्ता से समझौता नहीं:** कच्चे माल के दाम बढ़ने पर भी दुकानदारों ने अपने समोसे के घरेलू स्वाद और कुरकुरेपन को बनाए रखा।
- **अटूट ग्राहक संबंध:** 26 सालों तक ईमानदारी से व्यापार करने के कारण दुकान ने ग्राहकों का ऐसा भरोसा जीता है कि लोग दूर-दराज से खींचे चले आते हैं।
- **विरासत का सम्मान:** दूसरी पीढ़ी के उद्यमी डब्लू जायसवाल ने आधुनिक नौकरियों के पीछे भागने के बजाय अपने पिता के पारंपरिक काम को गर्व के साथ अपनाया।
- **बदलाव के साथ अनुकूलन:** मौसम के हिसाब से अपनी चटनी की रेसिपी में बदलाव करना और चाट जैसे विकल्प जोड़ना यह सिखाता है कि ग्राहकों की पसंद का हमेशा ख्याल रखना चाहिए।

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