# मानसून में चाय के साथ बनाएं चंबल की फेमस बेसन पकौड़ी, सिर्फ 5 मिनट का काम

> मध्य प्रदेश के चंबल इलाके में बारिश के मौसम में हर घर में बनने वाली बेसन की पारंपरिक पकौड़ी सिर्फ पांच मिनट में तैयार हो जाती है और चाय के साथ लोगों की पसंदीदा बन चुकी है.

**Type:** article · **Category:** खानपान · **Published:** 2026-07-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/manasuna-men-chaya-ke-satha-banaen-chambal-ki-phemasa-besana-pakauri-sirpha-5-minata-ka-kama-8893 · **Language:** Hindi
**Tags:** चंबल पकौड़ी, बेसन पकौड़ी रेसिपी, शिवपुरी रेसिपी, मानसून रेसिपी, बारिश का नाश्ता, मध्य प्रदेश फूड, पकौड़ी बनाने की विधि

मध्य प्रदेश के शिवपुरी इलाके में जैसे ही मानसून के बादल घिरते हैं, गली-गली से एक जानी-पहचानी खुशबू आनी शुरू हो जाती है, वह है गरमागरम पकौड़ी की. चंबल अंचल में बरसात के मौसम में यह पकौड़ी लगभग हर घर की रसोई में बनती नजर आती है और चाय के कप के साथ इसका साथ पीढ़ियों पुराना बन चुका है.

## बारिश के मौसम में क्यों इतनी लोकप्रिय है यह पकौड़ी
चंबल क्षेत्र में जैसे ही मानसून दस्तक देता है, इस पारंपरिक पकौड़ी का क्रेज हर तरफ नजर आने लगता है. इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे बनाने में न तो ज्यादा सामान चाहिए और न ही ज्यादा वक्त, महज पांच मिनट में यह तैयार हो जाती है. इसका स्वाद कुछ ऐसा होता है कि जो एक बार चख ले, वह इसका दीवाना हो जाता है. घर के बुजुर्ग हों, जवान हों या फिर छोटे बच्चे, हर उम्र के लोग इस गरमागरम पकौड़ी के मुरीद हैं. रिमझिम बारिश के बीच चाय की चुस्कियों के साथ इस पकौड़ी का मजा लेना यहां की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. अचानक हुई बारिश में जब कुछ चटपटा खाने का मन करे, तो यह पकौड़ी बिना किसी लंबी तैयारी के झटपट बन जाती है, इसलिए स्थानीय लोग इसे सबसे आसान मानसूनी नाश्ता मानते हैं.

## घोल तैयार करने में लगेंगी सिर्फ ये चीजें
यह पकौड़ी बनाने के लिए घर में मौजूद रोजमर्रा की चीजें ही काफी हैं. इसके लिए बेसन, बारीक कटी हरी मिर्च, हरा धनिया, बारीक कटा प्याज और आलू के टुकड़े चाहिए होते हैं. इसके अलावा स्वाद और पाचन को बेहतर बनाने के लिए सौंफ और अजवाइन का इस्तेमाल किया जाता है, जो इसे असली देसी टच देते हैं.

## बेसन का घोल कैसे तैयार करें
सबसे पहले एक बर्तन में जरूरत के हिसाब से बेसन निकाल लें. इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए हाथों या चम्मच की मदद से अच्छी तरह मथ लें. इस बात का खास ध्यान रखें कि घोल न तो बहुत ज्यादा गाढ़ा हो और न ही बहुत ज्यादा पतला, तभी पकौड़ी की बनावट सही आएगी.

## मसाले मिलाकर मिश्रण को दें आखिरी टच
जब बेसन अच्छी तरह मथ जाए, तब इसमें बारीक कटी हरी मिर्च, हरा धनिया, प्याज और आलू के टुकड़े मिला दें. इसके बाद सौंफ और अजवाइन डाल दें, ये दोनों चीजें न सिर्फ स्वाद बढ़ाती हैं बल्कि पचाने में भी मदद करती हैं. अब सामग्री का पूरा मिश्रण पकौड़ी तलने के लिए तैयार हो जाता है.

## तेल में तलकर सिर्फ पांच मिनट में बनकर तैयार
गैस पर कढ़ाही में तेल गर्म होने के लिए रख दें. तेल जब अच्छी तरह गर्म हो जाए, तो तैयार मिश्रण से छोटी-छोटी पकौड़ियां सीधे कढ़ाही में डालना शुरू करें. धीमी से मध्यम आंच पर इन्हें सुनहरा होने तक तला जाता है. महज पांच मिनट के भीतर कुरकुरी और स्वादिष्ट पकौड़ियां बनकर तैयार हो जाती हैं. इन्हें कढ़ाही से निकालकर तीखी चटनी या गरमागरम चाय के साथ परोसा जा सकता है.

## इसका आप पर असर
यह रेसिपी उन लोगों के काम की है जो बारिश के मौसम में घर पर झटपट कुछ चटपटा बनाना चाहते हैं.

- **देशभर में:** चाय के साथ हल्का नाश्ता ढूंढने वाले लोग घर में मौजूद बेसन, प्याज और आलू से सिर्फ पांच मिनट में यह पकौड़ी बना सकते हैं.
- **चंबल और शिवपुरी में:** यह पकौड़ी स्थानीय खानपान और सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है, जो मानसून के मौसम में हर उम्र के लोगों के बीच लोकप्रिय बनी रहती है.

## सवाल-जवाब

### 1. यह पकौड़ी सबसे ज्यादा किस इलाके में बनाई जाती है?
मध्य प्रदेश के चंबल अंचल, खासकर शिवपुरी इलाके में मानसून के दौरान इसे सबसे ज्यादा बनाया जाता है.

### 2. पकौड़ी बनाने में कितना समय लगता है?
महज पांच मिनट में यह पकौड़ी बनकर तैयार हो जाती है.

### 3. घोल में कौन-कौन सी सामग्री डाली जाती है?
बेसन, हरी मिर्च, हरा धनिया, प्याज, आलू के टुकड़े, सौंफ और अजवाइन डाली जाती है.

### 4. बेसन का घोल कैसा होना चाहिए?
घोल न तो बहुत ज्यादा गाढ़ा होना चाहिए और न ही बहुत ज्यादा पतला.

### 5. सौंफ और अजवाइन डालने की क्या वजह है?
ये दोनों चीजें स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ पाचन में मदद करती हैं.

### 6. पकौड़ी को किसके साथ परोसा जाता है?
इसे तीखी चटनी या गरमागरम चाय के साथ परोसा जाता है.

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