मानसून में दाल खराब होने से रोकने के 5 कारगर तरीके, फफूंद और कीड़ों से मिलेगी राहत बारिश के मौसम में हवा की नमी बढ़ने से दालों में फफूंद लगने और कीड़े पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। एयरटाइट कंटेनर, धूप में सुखाना और तेजपत्ता जैसे आसान उपाय अपनाकर दाल को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। बारिश का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन घर की रसोई के लिए यह सिरदर्द भी लेकर आता है। हवा में बढ़ी नमी की वजह से दालें, मसाले और अनाज बहुत तेजी से खराब होने लगते हैं। सही तरीके से स्टोर न करने पर दालों में फफूंद लग जाती है या उनमें कीड़े पड़ जाते हैं, और ऐसी दाल खाना पेट के लिए खतरनाक हो सकता है। थोड़ी सी सावधानी और कुछ आसान घरेलू तरीके अपनाकर मानसून के महीनों में भी दाल को महीनों तक ताज़ा और सुरक्षित रखा जा सकता है। नमी है दालों की सबसे बड़ी दुश्मन मानसून में हवा में मौजूद पानी की मात्रा बढ़ जाती है, और यही नमी किचन के डिब्बों के अंदर पहुंचकर दाल को गीला कर देती है। हल्की सी भी सीलन दाल में फफूंद बनने की प्रक्रिया शुरू कर देती है, इसलिए इस मौसम में स्टोरेज का तरीका बदलना जरूरी हो जाता है। अच्छी क्वालिटी का एयरटाइट कंटेनर चुनें दाल को हमेशा मजबूत और अच्छी क्वालिटी वाले एयरटाइट कंटेनर में रखें, जिससे बाहर की नमी अंदर न पहुंच पाए। इससे दाल लंबे समय तक ताज़ा बनी रहती है। प्लास्टिक के डिब्बों के मुकाबले कांच या स्टील के कंटेनर ज्यादा भरोसेमंद माने जाते हैं, क्योंकि ये नमी को बेहतर तरीके से रोकते हैं। धूप मिले तो दाल को जरूर सुखाएं बारिश के दिनों में जब भी धूप निकले, इस मौके का फायदा उठाकर दाल को 2 से 3 घंटे के लिए हल्की धूप में फैला दें। ऐसा करने से दाल में जमा एक्स्ट्रा नमी बाहर निकल जाती है, जिससे फफूंद और कीड़े लगने का खतरा काफी कम हो जाता है। तेजपत्ता या नीम की सूखी पत्तियों का देसी नुस्खा दाल के डिब्बे में 2 से 3 सूखे तेजपत्ते या नीम की सूखी पत्तियां डालना एक पुराना और आसान घरेलू उपाय है, जिसे बरसों से कई घरों में अपनाया जाता रहा है। इससे दाल में कीड़े लगने की संभावना कम हो जाती है। दाल निकालते वक्त हाथ और चम्मच सूखे रखें बारिश के मौसम में दाल के डिब्बे को खोलते और उसमें से दाल निकालते समय हमेशा सूखे चम्मच और सूखे हाथों का ही इस्तेमाल करें। डिब्बे में जरा सी भी पानी की बूंद चली जाए तो उससे फफूंद लगने की शुरुआत हो सकती है। ज्यादा स्टॉक जमा करने से बचें मानसून के दौरान एक साथ बहुत ज्यादा मात्रा में दाल खरीदकर लंबे समय के लिए स्टोर करने से बचना चाहिए। इसके बदले कम मात्रा में दाल खरीदें और समय-समय पर स्टॉक दोबारा भरते रहें। इससे न सिर्फ खराब होने का खतरा घटता है, बल्कि घर में हमेशा ताज़ा दाल ही मौजूद रहती है। फफूंद या अजीब गंध दिखे तो दाल फेंक दें अगर दाल में फफूंद, खराब गंध या असामान्य रंग नज़र आए, तो उसे किसी भी हाल में खाने की कोशिश न करें। ऐसी दाल खाने से पेट खराब होने और फूड पॉइज़निंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। सेहत की सुरक्षा के लिहाज से ऐसी दाल को फौरन फेंक देना ही सबसे सही फैसला है। इसका आप पर असर • इन आसान उपायों को अपनाकर आम घरों में बारिश के मौसम में दाल खराब होने और पैसे की बर्बादी से बचा जा सकता है, साथ ही फफूंद लगी दाल खाने से होने वाली फूड पॉइज़निंग जैसी सेहत संबंधी समस्याओं का खतरा भी कम होता है। सवाल-जवाब 1. बारिश के मौसम में दाल में फफूंद क्यों लग जाती है? हवा में नमी बढ़ने से दाल के डिब्बे में सीलन आ जाती है, जिससे फफूंद बनने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। 2. दाल को नमी से बचाने के लिए किस तरह का कंटेनर सबसे अच्छा है? कांच या स्टील का एयरटाइट कंटेनर सबसे बेहतर माना जाता है, क्योंकि यह प्लास्टिक के मुकाबले नमी को ज्यादा अच्छे से रोकता है। 3. दाल में कीड़े लगने से रोकने का घरेलू उपाय क्या है? दाल के डिब्बे में 2-3 सूखे तेजपत्ते या नीम की सूखी पत्तियां डालना एक असरदार घरेलू तरीका है। 4. क्या मानसून में एक बार में ज्यादा दाल खरीदकर रखनी चाहिए? नहीं, इस मौसम में कम मात्रा में दाल खरीदकर बार-बार स्टॉक भरना ज्यादा सुरक्षित रहता है। 5. अगर दाल में फफूंद या अजीब गंध दिखे तो क्या करना चाहिए? ऐसी दाल को खाने की कोशिश न करें और उसे तुरंत फेंक दें, क्योंकि इससे पेट खराब होने और फूड पॉइज़निंग का खतरा हो सकता है। https://trendkia.com/food/manasuna-men-dala-kharaba-hone-se-rokane-ke-5-karagara-tarike-phaphunda-aura-kiron-se-milegi-rahata-5187 TrendKia — Har trend, sabse pehle.